Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 3 श्रम साधना

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 3 श्रम साधना Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 3 श्रम साधना

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 3 श्रम साधना Textbook Questions and Answers

कृति

(कृतिपत्रिका के प्रश्न 1 (अ) तथा प्रश्न 1 (आ) के लिए 

*सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
उत्तर लिखिए:
१. व्यापारी और उद्योगपतियों के लिए अर्थशास्त्र द्वारा बनाए गए नये नियम –
२. संपत्ति के दो मुख्य साधन –
३. समाप्त हुईं दो प्रथाएँ –
४. कल्याणकारी राज्य का अर्थ –
उत्तर:
कल्याणकारी राज्य का अर्थ – सब तरह के दुर्बलों को राजसत्ता द्वारा मदद दिया जाना।

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 44
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 35

प्रश्न 3.
तुलना कीजिए:
बुद्धिजीवी – श्रमजीवी
1. …………………. 2. ………………….
1. …………………. 2. ………………….
उत्तर:
बुद्धिजीवी – श्रमजीवी
1. बौद्धिक काम करना। -1. शारीरिक श्रम करना।
2. अधिक आमदनी, प्रतिष्ठित एवं सुखमय जीवन। – 2. आमदनी कम, प्रतिष्ठा नहीं, कष्टमय जीवन।

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प्रश्न 4.
लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 454
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 39

प्रश्न 5.
पाठ में प्रयुक्त ‘इक’ प्रत्यययुक्त शब्दों को ढूँढ़कर लिखिए तथा उनमें से किन्हीं चार का स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 6.
पाठ में कुछ ऐसे शब्द हैं, जिनके विलोम शब्द भी पाठ में ही प्रयुक्त हुए हैं, ऐसे शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:
(i) हाड़ × माँस
(ii) प्रत्यक्ष × अप्रत्यक्ष
(iii) देश × विदेश
(iv) हाथ × पैर
(v) स्वार्थ × परार्थ
(vi) अमीर × गरीब।

अभिव्यक्ति
‘समाज परोपकार वृत्ति के बल पर ही ऊँचा उठ सकता है’, इस कथन से संबंधित अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
हमारे शास्त्रों में परोपकार को बहुत महत्त्व दिया गया है। पेड़ों में फल लगना, नदियों के जल का बहना परोपकार का ही एक रूप है। इसी तरह सज्जन व्यक्तियों की संपत्ति और इस शरीर को भी परोपकार में लगा देने के लिए कहा गया है। हमारे समाज में गरीब-अमीर हर प्रकार के व्यक्ति होते हैं। अनेक लोग ऐसे हैं जिन्हें भरपेट भोजन भी नहीं मिलता और कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके पास इतनी संपत्ति है कि उन्हें स्वयं इसकी पूरी जानकारी नहीं है। मनुष्य में परोपकार की प्रवृत्ति जन्मजात होती है। प्यासे को पानी पिलाना और किसी भूखे को खाना खिला देना कौन नहीं चाहता।

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यही परोपकार भावना है। हमारे देश में अनेक अस्पताल, अनेक शिक्षा संस्थाएँ परोपकार करने वाले लोगों के धन से चल रही हैं। समाज के कमजोर वर्ग के लिए तरह-तरह की संस्थाएँ काम कर रही हैं। इनका संचालन दान अथवा सहायता के रूप में प्राप्त धन से हो रहा है। हर युग में समाज के उत्थान के लिए परोपकारियों का सहयोग प्राप्त होता रहा है। यह सहयोग इसी तरह मिलता रहना चाहिए तभी हमारे समाज का उत्थान होगा।

भाषा बिंदु

प्रश्न 1.
निम्न वाक्यों में अधोरेखांकित शब्द समूह के लिए कोष्ठक में दिए गए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए:
[इज्जत उतारना, हाथ फेरना, काँप उठना, तिलमिला जाना, दुम हिलाना, बोलबाला होना]

१. करामत अली हौले-से लक्ष्मी से स्नेह करने लगा।
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: करामत अली हौले-से लक्ष्मी पर हाथ फेरने लगा।

२. सार्वजनिक अस्पताल का खयाल आते ही मैं भयभीत हो गया ।
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: सार्वजनिक अस्पताल का ख्याल आते ही मैं काँप उठा।

३. क्या आपने मुझे अपमानित करने के लिए यहाँ बुलाया था ?
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: क्या आपने मेरी इज्जत उतारने के लिए यहाँ बुलाया था?

४. सिरचन को बुलाओ, चापलूसी करता हुआ हाजिर हो जाएगा।
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: सिरचन को बुलाओ, दुम हिलाता हुआ हाजिर हो जाएगा।

५. पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही क्रोध में आ गए।
वाक्य = ………………………………………
उत्तर:
वाक्य: पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही तिलमिला उठे।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर उनका अर्थपूर्ण वाक्यों में प्रयोग कीजिए
१. गुजर-बसर करना: ………………………………………
२. गला फाड़ना: ………………………………………
३. कलेजे में हूक उठना: ………………………………………
४. सीना तानकर खड़े रहना: ………………………………………
५. टाँग अड़ाना: ………………………………………
६. जेब ढीली होना: ………………………………………
७. निजात पाना: ………………………………………
८. फूट-फूटकर रोना: ………………………………………
९. मन तरंगायित होना: ………………………………………
१०. मुँह लटकाना: ………………………………………
उत्तर:
(i) गुजर-बसर करना।
अर्थ: जीविका चलाना।
वाक्य: पंडित घनश्याम किसी तरह गुजर-बसर कर लेते हैं।

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(ii) गला फाड़ना।
अर्थ: ऊँची आवाज में बोलना।
वाक्य: बेटे ने पिता से कहा, “मैं आपकी बात सुन रहा हूँ,आप
नाहक गला फाड़ रहे हैं।”

(iii) कलेजे में हूक उठना।
अर्थ: कसक होना।
वाक्य: सेठ लक्खूमल जब भी जवान बेटे की हत्या की बात याद करते हैं, उनके कलेजे में हूक उठती है।

(iv) सीना तानकर खड़े रहना।
अर्थ: दृढ़तापूर्वक अड़े रहना।।
वाक्य: वह समाजसेवक निर्दोष लोगों की सहायता के लिए सीना तानकर खड़ा रहता हैं।

(v) टाँग अड़ानां।
अर्थ: कार्य में बाधा डालना।
वाक्य: किसी के बनते हुए काम में टाँग अड़ाना अच्छी बात नहीं है।

(vi) जेब ढीली होना।
अर्थ: काफी खर्च होना।
वाक्य: मरीज की बीमारी तो ठीक हो गई, पर अस्पताल का बिल भरने में जेब ढीली हो गई।

(vii) निजात पाना।
अर्थ: मुक्त होना।
वाक्य: आखिरकार लंबे अरसे बाद सेठजी लेन-देन के मुकदमे से निजात पा गए।

(viii) फूट-फूटकर रोना।
अर्थ: बिलखते हुए रोना।
वाक्य: बेटे के गायब हो जाने पर माँ फूट-फूटकर रोई थी।

(ix) मन तरंगित होना।
अर्थ: मौज में आना।
वाक्य: बेटे की अच्छे वेतनवाली नौकरी लग जाने की बात सुनकर पिता का मन तरंगित हो गया।

(x) मुँह लटकाना।
अर्थ: चिंता, दुख से सिर नीचा कर लेना।
वाक्य: पिता जब निकम्मे बेटे को फटकारता है, तो वह मुँह लटकाकर सुनता रहता है।

प्रश्न 3.
पाठ्यपुस्तक में आए मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
(इसके लिए विद्यार्थी ‘नवनीत हिंदी (LL) उपयोजित लेखन, कक्षा दसवीं’ पुस्तक देखें।)

उपयोजित लेखन

निम्न शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए
मिट्टी, चाँद, खरगोश, कागज।
उत्तर:
एक छोटा-सा गाँव था। गाँव के लोग खेती-बारी से अपना गुजारा करते थे। लोगों के पास छोटे-छोटे खेत थे। वे अपने खेतों में साल में दो फसलें उगाते थे। खेतों में उत्पन्न अनाज से साल भर बड़ी मुश्किल से उनका काम चलता था। इस गाँव के लोगों में आपस में बहुत प्रेम-भाव था। गाँव में कुछ लोग ऐसे थे, जिनके पास खेत भी नहीं थे। उनका जीवन बहुत कष्टमय था। इन्हीं में से एक था आत्माराम। आत्माराम गाँव के किसानों के खेत में काम करके कुछ कमा लिया करता था।

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एक दिन गाँव में एक साधु महाराज आए। आत्माराम ने साधु के सामने अपनी समस्या रखते हुए कहा, “महाराज कुछ ऐसा उपाय बताइए, जिसमें मैं चार पैसे कमाकर अपना और अपने परिवार का पेट पाल सकूँ।” साधु महाराज ने कहा, “ले यह मिट्टी। यह मिट्टी तेरे लिए सोना बनेगी।” आत्माराम बोला, “मैं समझा नहीं, महाराज। ऐसी मिट्टी तो गाँव में बहुत है, क्या करूँ इसका?” साधु ने कहा, “मिट्टी खोद। उससे खिलौने बना और बाजार में बेच। तेरा भला होगा।” आत्माराम ने साधु को धन्यवाद दिया।

वह मिट्टी से खरगोश, चूहा, तोता, गुड़िया, गुड्डा बनाता और बाजार में बेच आता। इससे उसे अच्छी आय होने लगी। अब उसकी जिंदगी आराम से चलने लगी।

एक दिन बाजार में एक लड़के ने उससे चाँद के खिलौने की माँग की। यह खिलौना तो उसने कभी बनाया ही नहीं था। बात आई-गई हो गई।

एक दिन आत्माराम ने चाँद की शक्ल का पतंग आकाश में उड़ते हुए देखा। फिर क्या था! अब आत्माराम ने मिट्टी के खिलौने बनाने बंद कर दिए और कागज के पतंग, खरगोश, तोते, बिल्ली, गुड़िया, गुड्डा आदि बनाने लगा। अब उसके खिलौनों का वजन हल्का हो गया और उसकी कमाई भारी हो गई।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 3 श्रम साधना Additional Important Questions and Answers

गद्यांश क्र.1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 1
(स्वाध्याय में दिए गए ‘उत्तर लिखिए’ प्रश्न को कृतिस्वरूप में दिया गया है।)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 2
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 4
(ii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 5
(iii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 6

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कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
(i) संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 7
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 13

(ii) लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 8
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 14

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प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 9
(ii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 10
(iii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 11
(iv)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 12
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 15

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) प्रथा =
(ii) युद्ध =
(iii) हुकूमत =
(iv) गुलामी =
उत्तर:
(i) प्रथा = रिवाज
(ii) युद्ध = लड़ाई
(iii) हुकूमत = शासन
(iv) गुलामी = दासता।

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प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) गौण x
(ii) अनेक x
(iii) अप्राकृतिक x
(iv) बादशाह x
उत्तर:
(i) गौण x मुख्य
(ii) अनेक x एक
(iii) अप्राकृतिक x कृत्रिम
(iv) बादशाह x भिखारी।

प्रश्न 3.
लिंग पहचान कर लिखिए:
(i) मकान – ………………………
(i) संपत्ति – …………………………
उत्तर:
(i) मकान – पुल्लिग
(ii) संपत्ति – स्त्रीलिंग।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘राजाओं और बादशाहों का राज’ के बारे में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
स्वतंत्रता प्राप्ति के पहले हमारे देश में छोटी-बडी अनेक रियासतें थीं। राजा, बादशाह और तालुकेदार इन रियासतों के मालिक थे। इनके राज में रहने वाली जनता इनकी प्रजा कहलाती थी। राजा और बादशाह जनता से तरह-तरह के कर वसूल करते थे और कर अदा न कर पाने पर जनता पर तरह-तरह के अत्याचार करते थे। एक तरह से जनता को ये अपना गुलाम समझते थे और उसका शोषण करने में जरा भी नहीं झिझकते थे। जनता इनसे त्रस्त थी।

इसके अलावा ये राजा और बादशाह अपने स्वार्थ के लिए आपस में लड़ते-भिड़ते थे और मौका मिलने पर एक-दूसरे की रियासतों पर कब्जा कर जनता में लूटपाट किया करते थे। असहाय जनता की कोई सुनने वाला नहीं था। आजादी मिलने के बाद इन छोटी-छोटी रियासतों को खत्म कर भारत संघ में मिला लिया गया। इसके बाद इन राजाओं और बादशाहों का राज खत्म हो गया। इसके साथ ही समाप्त हो गया जनता पर इनका अत्याचार। फिर तो प्रजातंत्र में न कोई किसी का राजा रहा न कोई किसी की प्रजा। सबको समान अधिकार उपलब्ध हो गए।

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गद्यांश क्र. 2
प्रश्न निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 16
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 18
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 19

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

प्रश्न 2.
अकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 17
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 20

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 21
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 23

प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए:
(i) जो संपत्ति का निर्माण करते हैं, वे – [ ]
(ii) धन इकट्ठा होता है इनके पास – [ ]
(iii) बौद्धिक काम से अपना भरण-पोषण करने वाले लोग – [ ]
(iv) समाज के लिए ये दोनों जरूरी हैं – [ ]
उत्तर:
(i) जो संपत्ति का निर्माण करते हैं, वे माण – [मजदूर]
(ii) धन इकट्ठा होता है इनके पास – [व्यवस्था करने वाले]
(iii) बौद्धिक काम से अपना भरण-पोषण करने वाले लोग – [मंत्री, राज्य के कर्मचारी, क्लर्क, न्यायाधीश, वकील, डॉक्टर, अध्यापक, व्यापारी]
(iv) समाज के लिए ये दोनों जरूरी है – [श्रमजीवी और बुद्धिजीवी]

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प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i)Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 22
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 24

(ii) दो ऐसे प्रश्न बनाकर लिखिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(1) अन्न
(2) श्रम जीवियों पर
उत्तर:
(1) वर्षभर मेहनत कर किसान क्या पैदा करता है?
(2) बुद्धिजीवियों का जीवन किन लोगों पर आधारित है?

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
गद्यांश में आए शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
(i) ……………………..
(ii) ……………………..
(iii) ……………………..
(iv) ……………………..
उत्तर:
(i) लेन – देन
(ii) राज – काज
(iii) ऊँचे – ऊँचे
(iv) भरण – पोषण।

प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) प्रत्यक्ष × ……………………..
(ii) धनवान × ……………………..
(iii) ऊँचा × ……………………..
(iv) दुर्भाग्य × ……………………..
उत्तर:
(i) प्रत्यक्ष × परोक्ष
(ii) धनवान × निर्धन
(iii) ऊँचा × नीचा
(iv) दुर्भाग्य × सौभाग्य।

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कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘शारीरिक श्रम का महत्त्व’ विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
श्रम दो प्रकार का होता है। शारीरिक श्रम और बौद्धिक श्रम। पुराने जमाने में पढ़े-लिखे लोगों की संख्या कम थी, इसलिए लोगों को शारीरिक श्रम का ही सहारा था। वे जीवन-यापन के लिए छोटा-मोटा काम करके अपना गुजारा कर लेते थे। शिक्षा की समुचित व्यवस्था हो जाने के बाद पढ़े-लिखे लोगों की संख्या में अंधाधुंध वृद्धि हुई है। हर शिक्षित व्यक्ति चाहता है कि उसे ऐसी नौकरी मिले, जिसमें उसे शारीरिक श्रम न करना पड़े। शारीरिक श्रम वाला काम कोई करना नहीं चाहता। इसलिए देश में लाखों नवयुवक बेरोजगार हैं। यह लोगों के शारीरिक श्रम से परहेज रखने का परिणाम है।

लोगों को शारीरिक श्रम का महत्त्व समझना जरूरी है। बुद्धि के बल पर बड़ीबड़ी योजनाएँ बनाई जा सकती हैं, पर उनका कार्यान्वयन करने के लिए शारीरिक श्रम की ही आवश्यकता होती है। छोटी-छोटी चीजों से लेकर बड़ी-बड़ी चीजों का निर्माण केवल शारीरिक श्रम से ही हो सकता है। जो व्यक्ति इस रहस्य को समझते हैं, वे शारीरिक श्रम को महत्त्व देते हैं। अनेक पढ़े-लिखे लोग अपना व्यवसाय अथवा छोटा-मोटा काम शुरू करके अपना जीवन-यापन कर रहे हैं और बौद्धिक श्रम के साथ शारीरिक श्रम उनका साथ दे रहा है। स्वरोजगार के द्वारा वे स्वयं भी काम कर रहे हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

गद्यांश क्र. 3
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 25
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 26
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 27
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 28
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 30
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 31

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कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i)Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 32
(ii)Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 33
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 34
(ii)

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) आम = …………………….
(ii) श्रम = …………………….
(iii) हिस्सा = …………………….
(iv) जगत = …………………….
उत्तर:
(i) आम = सामान्य
(ii) श्रम = मेहनत
(iii) हिस्सा = भाग
(iv) जगत = संसार।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय और मूल शब्द अलग करके लिखिए:
(i) योग्यता
(i) अल्पतम
(ii) बुनियादी
(iv) सामाजिक
उत्तर:
(i) योग्य + ता (ता)
(ii) अल्प + तम (तम)
(iii) बुनियाद + ई (ई)
(iv) समाज + इक (इक)।

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कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘समाज परोपकार वृत्ति के बल पर ही ऊँचा उठ सकता है’- इस कथन से संबंधित अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।

गद्यांश क्र.4
प्रश्न. निम्नलिखित पठिक अट्यार पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 36
(iii) Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 37
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 38

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 40
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 41

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) अर्थशास्त्रियों के अनुसार उत्पादन की प्रेरणा के लिए यह करना होगा – [ ]
(ii) पूँजी के बारे में अनुभव यह बताता है – [ ]
(iii) लेखक के अनुसार स्वार्थ का अर्थ – [ ]
(iv) समाज इस वृत्ति के बल पर ऊँचा उठ सकता है – [ ]
उत्तर:
(i) अर्थशास्त्रियों के अनुसार उत्पादन की प्रेरणा के लिए यह करना होगा – [व्यक्ति को स्वार्थ के लिए अवसर देने होंगे।
(ii) पूँजी के बारे में अनुभव यह बताता है – [पूँजी गरीबी या बेकारी की समस्या हल नहीं कर सकी है]
(iii) लेखक के अनुसार स्वार्थ का अर्थ – [परार्थ की हानि]
(iv) समाज इस वृत्ति के बल पर ऊँचा उठ सकता है – [परोपकार की वृत्ति]

प्रश्न 3.
गद्यांश के वाक्यों को उचित क्रम से लिखिए:
(i) देखना है कि समाज का कल्याण किस वृत्ति से होगा।
(ii) बिना शरीर श्रम किए उस सामग्री का उपयोग करने का न्यायोचित अधिकार हमें नहीं मिलता।
(iii) आजीविका की साधन-सामग्री किसी-न-किसी के श्रम के बिना हो ही नहीं सकती।
(iv) नैतिक दृष्टि से स्वार्थवृत्ति का पोषण करना योग्य नहीं है।
उत्तर:
(i) आजीविका की साधन-सामग्री किसी-न-किसी के श्रम के बिना हो ही नहीं सकती।
(ii) बिना शरीर श्रम किए उस सामग्री का उपयोग करने का न्यायोचित अधिकार हमें नहीं मिलता।
(iii) नैतिक दृष्टि से स्वार्थवृत्ति का पोषण करना योग्य नहीं है।
(iv) देखना है कि समाज का कल्याण किस वृत्ति से होगा।

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्द समूह के लिए गद्यांश से चुनकर एक-एक शब्द लिखिए:
(i) वह दौलत, जो किसी के अधिकार में हो और जो खरीदी या बेची जा सकती हो-
(ii) दूसरों के उपकार या भलाई का काम’ –
(iii) ऐसी बात-जिसमें केवल अपना हित हो –
(iv) वह धन-जिससे कोई व्यवसाय आरंभ किया गया हो –
उत्तर:
(i) संपत्ति
(ii) परोपकार
(iii) स्वार्थ
(iv) पूँजी।

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प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) थोड़ा × ……………………
(ii) दोषपूर्ण × ……………………
(iii) योग्य × ……………………
(iv) गरीबी × ……………………
उत्तर:
(i) थोड़ा × बहुत
(ii) दोषपूर्ण × निर्दोष
(iii) योग्य × अयोग्य
(iv) गरीबी × अमीरी।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘मेवे फलते श्रम की डाल’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपनी लिखित अभिव्यक्ति दीजिए।
उत्तर:
श्रम दो प्रकार का होता है। एक शारीरिक श्रम और दूसरा बौद्धिक श्रम। दोनों प्रकार के श्रम का अपना-अपना महत्त्व है। श्रम को सदा महत्त्व दिया गया है। श्रम करने वाला व्यक्ति परिश्रम करके अपना भरण-पोषण करता है और शान से रहता है। जो श्रम करता है, वह स्वयं अपने भाग्य का निर्माण करता है। वह अपना खून-पसीना एक कर मेहनत की पवित्र रोटी खाता है। मेहनत की जिंदगी ही सच्ची जिंदगी है।

श्रम करने वाला व्यक्ति काम से कभी नहीं घबराता। उसके सामने जैसा भी काम आता है, उसे वह लगन और मेहनत से पूरा करता है। विद्यार्थी श्रम द्वारा ही परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हैं। मजदूर, किसान, इंजीनियर, वैज्ञानिक, व्यापारी, खिलाड़ी आदि सबकी प्रगति में श्रम का ही हाथ होता है। हमें याद रखना चाहिए कि श्रम कभी बेकार नहीं जाता। ईमानदारी से किए गए श्रम का तुरंत लाभ भले न मिले, पर कभी-न-कभी उसका फल मिलकर ही रहता है। श्रम करने वाले ही मेवों का स्वाद चखते हैं।

गद्यांश क्र. 5
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 42
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना 43

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
(i) शरीर श्रम के लिए क्या जरूरी है?
(ii) श्रम की प्रतिष्ठा बढ़ाना किसके हाथ है?
उत्तर:
(i) शरीर श्रम के लिए जरूरी है दिल में प्रीति होना।
(ii) श्रम की प्रतिष्ठा बढ़ाना श्रमिक के हाथ है।

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) गांधीजी की मान्यता के अनुसार। हर व्यक्ति को यह करना चाहिए – [ ]
(ii) अब कुछ समय से जगत के सामने दया की जगह यह विचार आया है – [ ]
(iii) महात्माजी द्वारा दी गई प्रसिद्ध विचारधारा – [ ]
(iv) अहिंसा के मार्ग से यह प्रश्न हल हो सकता है – [ ]
उत्तर;
(i) गांधीजी की मान्यता के अनुसार हर व्यक्ति को यह करना चाहिए – [उत्पादक श्रम]
(ii) अब कुछ समय से जगत के सामने दया की जगह यह विचार आया है – [समता का]
(iii) महात्माजी द्वारा दी गई गई प्रसिद्ध विचारधारा – [अहिंसा]
(iv) अहिंसा के मार्ग से यह प्रश्न हल हो सकता है – [विषमता का]

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों के आधार पर प्रश्न बनाइए:
(i) गांधीजी ने श्रम और श्रमिक की प्रतिष्ठा स्थापित करने के लिए ही रचनात्मक कार्यों को लोक चेतना का माध्यम बनाया।
(ii) कानून से मानवोचित गुणों का विकास नहीं हो सकता?
(iii) अहिंसा के प्रभाव का कुछ अनुभव भी हम कर सकते हैं।
(iv) आर्थिक सामाजिक समता का प्रश्न अहिंसा के मार्ग से सुलझेगा।
उत्तर:
(i) गांधीजी ने किन बातों की प्रतिष्ठा स्थापित करने के लिए रचनात्मक कार्यों को लोक चेतना का माध्यम बनाया?
(ii) कानून से किन गुणों का विकास नहीं हो सकता?
(iii) किसके प्रभाव का अनुभव हम कर सकते हैं?
(iv) आर्थिक सामाजिक समता का प्रश्न किस मार्ग से सुलझेगा?

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचान कर लिखिए:
(i) बच्चा – ………………….
(ii) विषमताएँ – ………………….
(iii) पैसे – ………………….
(iv) धनिक – ………………….
उत्तर:
(i) बच्चा – एकवचन
(ii) विषमताएँ – बहुवचन
(ii) पैसे – बहुवचन
(iv) धनिक – एकवचन।

प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त ‘इक’ प्रत्यययुक्त शब्दों को ढूँढ़कर स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) ………………….
(ii) ………………….
(iii) ………………….
(iv) ………………….
(v) ………………….
(vi) ………………….
उत्तर:
(i) आर्थिक
(ii) प्राकृतिक
(iii) श्रमिक
(iv) सामाजिक
(v) प्राथमिक
(vi) बौद्धिक

(i) आर्थिक: किसानों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए कुछ करो।
(ii) प्राकृतिक: कश्मीर की घाटी प्राकृतिक दृश्यों से भरी पड़ी है।
(iii) श्रमिक: कारखाने में काम करने वाले श्रमिक का काम बहुत मेहनत का होता है।
(iv) सामाजिक: मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।
(v) प्राथमिक: घायल व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा की जरूरत होती है।
(vi) बौद्धिक: हर व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता भिन्न-भिन्न होती है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
शारीरिक श्रम स्वास्थ के लिए अति उत्तम’ विषय पर अपने। विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
शारीरिक श्रम का अर्थ है, वह मेहनत, जिसमें हाथ-पैर के सहयोग से काम संपन्न हो। किसान, मजदूर, क्ली, ठेलेवाले, शारीरिक मेहनत करते हैं। वैसे हर व्यक्ति जाने-अनजाने थोड़ी बहुत शारीरिक मेहनत करता ही है। अपने घर की सफाई करना, खाना बनाना, बरतन धोना और बाजार-हाट से सामान-सब्जी लाना भी श्रम है। कुछ शारीरिक काम करने वाले लोग धूप में खेतों में काम करते हैं।

कुछ कारखानों में पसीना बहाकर मेहनत करते हैं। कुछ अनाज के बोरे ३ गाड़ियों पर चढ़ाते-उतारते हैं। कुछ सड़कों पर हथौड़े लेकर पत्थर तोड़ते ३ या खुदाई करते हैं। ये मोटा खाते और मोटा पहनते हैं, पर शारीरिक ३ रूप से स्वस्थ होते हैं। दूसरी ओर वे लोग हैं, जो कोई शारीरिक श्रम ३ नहीं करते। वे पौष्टिक भोजन करते हैं, नर्म गद्देदार बिछौनों पर सोते B हैं, पर बीमारी के कारण उन्हें नींद नहीं आती। भोजन नहीं पचता।

डॉक्टर इन्हें कम भोजन करने और ज्यादा दवाइयाँ लेने के लिए कहते हैं। शारीरिक श्रम के अभाव में इनका जीवन कष्टप्रद बन जाता है।

डॉक्टर इन्हें हाथ-पैर चलाने और व्यायाम करने की सलाह देते हैं। ऐसे 3 लोगों को शारीरिक श्रम करने वालों से सबक लेना चाहिए, जो

अपनी मेहनत के बल पर भले-चंगे बने रहते हैं। इस प्रकार शारीरिक , श्रम अच्छे स्वाथ्य की कुंजी है।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न, सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

1. शब्द भेद:

प्रश्न.
अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
(i) गांधीजी ने यह काम श्रम और श्रमिक की प्रतिष्ठा कायम करने के लिए किया।
(ii) विषमता दूर करने के लिए प्रभावशाली उपाय करना चाहिए।
उत्तर:
(1) गांधीजी – व्यक्तिवाचक संज्ञा।
(ii) प्रभावशाली – गुणवाचक विशेषण।

2. अव्यय:

प्रश्न.
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) फिर
(ii) कभी-कभी।
उत्तर:
(i) संपत्ति रूपी ये सब चीजें फिर कैसे बनती हैं?
(ii) बुद्धिजीवियों को भी कभी-कभी शरीर श्रम करना पड़ता है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

3. संधि:

प्रश्न.
कृति पूर्ण कीजिए:

संधि शब्द संधि विच्छेद संधि भेद
…………………… स्व + अर्थ ……………………
 अथवा
 …………………… सम् + पूर्ण……………………

उत्तर:

संधि शब्द संधि विच्छेदसंधि भेद
स्वार्थ स्व + अर्थस्वर संधि
 अथवा
सपूर्ण सम् + पूर्णव्यंजन संधि

4. सहायक क्रिया:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) प्रतिदिन समय पर अपना काम किया करो।
(ii) वह अपनी जमा-पूँजी भी गंवा बैठा।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) करो – करना
(ii) बैठा – बैठना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:

प्रश्न.
निम्नलिखित- क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) खौलना
(ii) डूबना।
उत्तर:
क्रिया – प्रथम प्रेरणार्थक रूप – दवितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) खौलना – खौलाना – खौलवाना
(ii) डूबना – डुबाना – डुबवाना

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6. मुहावरे:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(i) मुंह फेरना
(ii) रट लगाना।
उत्तर:
(i) मुँह फेरना।
अर्थ: उपेक्षा करना।
वाक्य: कर्मचारी अपनी माँग लेकर सेठ जी के पास जाते तो वे उनसे बात करने के बजाय मुँह फेर लेते।

(ii) रट लगाना।
अर्थ: एक ही बात बार-बार कहना।
वाक्य: मुर्गा बहुत सबेरे ‘कुकड़-फूं’ की रट लगाता है।

प्रश्न 2.
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए: (फूला न समाना, भार होना, कान में डालना)
(i) मुनीम जी ने बड़े बाबू को बात पहुँचाई।
(ii) मेडिकल में प्रवेश मिल जाने पर नकुल बहुत प्रसन्न हुआ।
उत्तर:
(i) मुनीम जी ने बात बड़े बाबू के कान में डाल दी।
(ii) मेडिकल में प्रवेश मिल जाने पर नकुल फूला न समाया।

7. कारक:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
(i) गुलामी की प्रथा संसार भर में हजारों वर्षों तक चलती रही।
(ii) गांधीजी ने श्रम और श्रमिकों की प्रतिष्ठा स्थापित करने का काम किया।
उत्तर:
(i) गुलामी की-संबंध कारक
(ii) गांधीजी ने-कर्ता कारक।

8. विरामचिह्न:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) आम तौर से माना जाता है कि रुपया नोट और सोना-चाँदी का सिक्का ही संपत्ति है
(ii) अर्थशास्त्र ने यह नियम बताया है कि खरीद सस्ती से सस्ती हो और बिक्री महँगी से महँगी
उत्तर:
(i) आम तौर से माना जाता है कि रुपया, नोट और सोना-चाँदी का सिक्का ही संपत्ति है।
(ii) अर्थशास्त्र ने यह नियम बनाया है कि खरीद सस्ती-से-सस्ती हो और बिक्री महँगी से महँगी।

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9. काल परिवर्तन:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) बहुत से लोग अपनी आजीविका शरीर श्रम से चलाते हैं। (अपूर्ण भूतकाल)
(ii) जिनके पास संपत्ति है, वे आराम से रह रहे हैं। (सामान्य भविष्यकाल)
उत्तर:
(i) बहुत से लोग अपनी आजीविका शरीर श्रम से चला रहे थे।
(ii) जिनके पास संपत्ति है, वे आराम से रहेंगे।

10. वाक्य भेद:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
(i) हमारी विचारधारा में बड़ा भारी दोष है।
(ii) लोग शरीर श्रम करना नहीं चाहते और इसे हीन दृष्टि से देखते हैं।
(iii) जिस श्रम में समाज को जिंदा रखने की क्षमता है, उस श्रम का सही मूल्य श्रमिक जान लेगा तो देश में आर्थिक क्रांति होने में देर नहीं लगेगी।
(iv) सामाजिक समता का प्रश्न अहिंसा के मार्ग से सुलझेगा।
उत्तर:
(i) सरल वाक्य
(ii) संयुक्त वाक्य
(iii) मिश्र वाक्य
(iv) सरल वाक्य।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों का दी गई सूचना के अनुसार अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए:
(i) गरीब भूख की लाचारी से श्रम करता है। (संदेहवाचक वाक्य)
(ii) अब राजप्रथा मिट गई। (आज्ञावाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) शायद गरीब भूख की लाचारी से श्रम करता है।
(ii) अब’राजप्रथा मिटा दो। 11. वाक्य शुद्धिकरण:

प्रश्न 3.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) इस सम्बन्ध में कुछ भाई अमेरिका का उदाहरण पेस करते हैं।
(ii) वही आधार पे भारत को कल्याणकारी राज्य बनाने की बात चली है
उत्तर:
(i) इस संबंध में कुछ भाई अमेरिका का उदाहरण पेश करते हैं।
(ii) उसी आधार पर भारत को कल्याणकारी राज्य बनाने की बात चली है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 श्रम साधना

उपक्रम/कृति/परियोजना

पठनीय
महात्मा गांधी के श्रमप्रतिष्ठा और अहिंसा संबंधी विचार पढ़कर चर्चा कीजिए।

श्रवणीय
आर्थिक विषमता को दूर करने वाले उपायों के बारे में सुनकर कक्षा में सुनाइए।

संभाषणीय
‘वर्तमान युग में सभी बच्चों के लिए खेल-कूद और शिक्षा के समान अवसर प्राप्त हैं’ विषय पर चर्चा करते हुए अपना मत प्रस्तुत कीजिए।

श्रम साधना Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : प्राचीन काल से आज तक सामाजिक और राजनैतिक व्यवस्था में अनेक परिवर्तन हुए हैं। इसके साथ ही संपत्ति तथा उसके निर्माण में लगने वाली शक्तियों के बीच तरह-तरह की असमानताएँ भी रही हैं। श्रमजीवियों तथा व्यापारियों की आर्थिक स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर रहा है। प्रस्तुत निबंध में लेखक ने मानवीय जीवन, संपत्ति, संपत्ति के स्वामित्व, मनुष्य की प्राथमिक आवश्यकताओं तथा शारीरिक एवं बौद्धिक श्रम आदि का विस्तृत विवेचन किया है। प्रस्तुत वैचारिक निबंध में श्रम की प्रतिष्ठा स्थापित करते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता पर बल दिया गया है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 8 गजल

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 8 गजल Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 8 गजल

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 8 गजल Textbook Questions and Answers

सूचना के अनयुार कृहत्‍ँ कीहजए:

(1) गजल की पंक्तियों का तातप्‍:
a. नीं के अंदर हदिाे ————
b. आईना बनकर हदिो ————
उत्तर:
(i) हमें प्रशंसा और वाहवाही का लोभ त्यागकर नींव की ईंटों के समान कुछ अच्छा और सुदृढ़ काम करना चाहिए।
(ii) हमें ऐसी शख्सियत बनना चाहिए कि कैसी भी प्रतिकूल परिस्थिति क्यों न हो, हम विचलित न हों। बिना टूटे, बिना बिखरे हर परिस्थिति का डटकर सामना करें। अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।

(2) कृति पूण् कीहजए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 7
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 5

(3) हजनके उततर हनम् शब् हों ऐसे प्र तै्‍र कीहजए:
1. भीड़
2. जुगनू
3. हततली
4. आसमान
उत्तर:
1. कवि अक्सर किसी शक्ल को कहाँ देखना चाहता है?
2. वक्त की धुंध में साथ रहने को किसने कहा?
3. कवि खिलते फूल के स्थान पर कहाँ दिखने को कहता है?
4. गर्द बनकर कहाँ लिखना चाहिए?

(4) हनम्हलखखत पंक्तियों से प्र तीिनमूल् हलखखए:
१. आपको मिसूस ……………………………………….. भीतर हदिो।
२. कोई ऐसी श्‍ ……………………………………….. मुझे अ्‍र हदिो।.
उत्तर:
(ii) हे ईश्वर, मैं चाहता हूँ कि मैं जिसे भी देखू, मुझे उसी में तुम नजर आओ। अर्थात मानव मात्र ईश्वर का अंश है।

(5) कृहत पूण् कीहजए:
गजल मे प्रयुक्त प्कृहतक घ‍ट
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 8
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 6

(6) कहि के अनयुार ऐसे हदखो:

यदि मेरा घर अंतररक में होता,’ हिष् पर अससी से सौ शब्दों मे हनबंध लेखन कीहजए।
उत्तर:
पिछले कई वर्षों में अंतरिक्ष विज्ञान में जो प्रगति हुई है, वह सराहनीय है। पहले अंतरिक्ष यात्रा कल्पना से अधिक कुछ नहीं थी लेकिन आज अंतरिक्ष यात्रा के सपने सच हो गए हैं। रूस ने अंतरिक्ष यान के द्वारा अपने अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन को पहली बार अंतरिक्ष में भेजा था। फिर तो अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग और एडविन एल्ड्रिन सबसे पहले चंद्रमा पर पहुचनेवाले अंतरिक्ष यात्री हो गए।

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अब तो ऐसा लगता है कि कभी-न-कभी हम को भी अंतरिक्ष में जाने का मौका मिल सकता है। लेकिन यह कब संभव होगा, कहा नहीं जा सकता। काश, मेरा घर अंतरिक्ष में होता…. यदि सच में मेरा घर अंतरिक्ष में होता तो कितना अच्छा होता। जिस आसमान को दूर से देखा करते हैं, हम उसकी खूब सैर करते। चाँद, सितारों को नजदीक से देखते। बादलों के बीच लुका-छिपी खेलते। परियों के देश में जाते।

वे किस तरह रहती हैं, जानने-देखने का अवसर पाते। हम अंतरिक्ष से अपनी सुंदर धरती को देखते। अपने प्यारे भारत को देखते। आकाशगंगा के विभिन्न ग्रहों-उपग्रहों को देखते। सौरमंडल के सबसे सुंदर ग्रह शनि और उसके वलयों को देखते। उनके जितना निकट जा सकते, अवश्य जाते। स्पेस वॉक करते। वहाँ फैली शांति का अनुभव करते। वहाँ के प्रदूषणरहित वातावरण में रहने का मौका मिलता, जिससे हमारा स्वास्थ्य बहुत बढ़िया हो जाता। काश ऐसा हो पाता…

प्रयु गजल की अपनी पसंदीदा हकनिी चार पंक्तियों का केंद्रीय भाव सपष् कीहजए।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 8 गजल Additional Important Questions and Answers

पद्यांश क्र.1

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)
(1) आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 8 गजल 2

(2) विधानों के सामने सत्य / असत्य लिखिए:
(i) स्वर्णिम शिखर बनकर जीना ही जीना है।
(ii) मील का पत्थर बनकर जीना अच्छा नहीं है।
(iii) मोमबत्ती के धागे जैसा जीवन जियो।
(iv) जिंदगी टूटकर नहीं बिखरनी चाहिए।
उत्तर:
(i) असत्य
(ii) असत्य
(iii) सत्य
(iv) सत्य।

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(3) उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

 आ
(i) शिखर गर्द
(ii) आस्मान जिंदगी
(iii) पत्थर स्वर्णिम
(iv) शक्ल मील
 नींव

उत्तर:

 आ
(i) शिखर स्वर्णिम
(ii) आस्मान गर्द
(iii) पत्थर मील
(iv) शक्ल जिंदगी

(4) दो ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(i) आईना
उत्तर:
(i) पत्थरों के शहर में क्या बनकर दिखना चाहिए?

(5) एक शब्द में उत्तर लिखिए:
(i) पत्थर के शहर में यह बनकर दिखना है –
(ii) दिखने का शौक है तो यह बनो –
उत्तर:
(i) आईना।
(ii) नींव।

कृति 2: (शब्द संपदा)

(1) निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) शक्ल = ……………………
(ii) शिखर = ……………………
(iii) गर्द = ……………………
(iv) पत्थर = ……………………
उत्तर:
(i) शक्ल = चेहरा
(ii) शिखर = शीर्ष
(ii) गर्द = धूल
(iv) पत्थर = पाषाण।

(2) निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) आदमी x
(ii) शहर x
(ii) आसमान x
(iv) टूटना x
उत्तर:
(i) आदमी x जानवर
(ii) शहर x गाँव
(iii) आसमान x जमीन
(iv) टूटना x जुड़ना।

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कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
उपयुक्त पदयांश की आरंभ की चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
किसी भी अट्टालिका के चमचमाते शिखरों को सभी देखते हैं। उनकी शान की प्रशंसा भी करते हैं। लोग समाज में इन शिखरों के समान ही सम्मान पाना चाहते हैं। परंतु वास्तव में देखा जाए तो इन शिखरों से अधिक महत्व है उन ईंटों और पत्थरों का, जिनके कारण ये शिखर बन सके। यदि नींव की ईंटों ने गुमनामी के अंधेरे में रहना स्वीकार न किया होता, तो इन शिखरों का अस्तित्व ही न होता। यदि हम समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो हमें प्रशंसा और जैं सुदृढ़ काम करना चाहिए।

पद्यांश क्र. 2
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन):

(1) सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:
(i) वक्त की इस धुंध में तुम …………………………….. बनकर दिखो। (सितारा/चिराग/रोशनी)
(ii) हम सभी के लिए एक …………………………….. है। (दुनिया/मर्यादा/मंच)
(iii) कोई …………………………….. कली फूल बनने से डर जाए। (छोटी/सुंदर/नाजुक)
(iv) कोई ऐसी शक्ल तो मुझको दिखे इस …………………………….. में। (भीड़/संसार/घर)
उत्तर:
(i) वक्त की इस धुंध में तुम रोशनी बनकर दिखो।
(ii) हम सभी के लिए एक मर्यादा है।
(iii) कोई नाजुक कली फूल बनने से डर जाए।
(iv) कोई ऐसी शक्ल तो मुझको दिखे इस भीड़ में।

(2) निम्नलिखित पंक्तियों से प्राप्त जीवनमूल्य लिखिए:
(i) एक जुगनू ने …………………………….. रोशनी बनकर दिखो।
उत्तर:
(i) जब वक्त साथ न दे रहा हो। हर तरफ असफलता और निराशा का साम्राज्य हो। ऐसे समय में एक छोटी-सी आशा की किरण भी बहुत बड़ा सहारा बन सकती है। हमें निराश, हताश लोगों के मन में आशा की किरण जगाना चाहिए।

(3) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(iv) मोती।
उत्तर:
(iv) मोती को किसके अंदर दिखना चाहिए?

(4) जोड़ियाँ मिलाइए:

‘अ’ ‘आ’
(i) धुंध सीप
(ii) मर्यादा तितली
(iii) मोती रोशनी
(iv) फूल मनुष्य

उत्तर:

‘अ’ ‘आ’
(i) धुंध रोशनी
(ii) मर्यादा मनुष्य
(iii) मोती सीप
(iv) फूल तितली

कृति 2: (शब्द संपदा)

निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:
(i) जुगनू – ……………………….
(ii) रोशनी – ……………………….
(iii) मोती – ……………………….
(iv) सीप – ……………………….
उत्तर
(i) जुगनू – पुल्लिंग
(ii) रोशनी – स्त्रीलिंग
(iii) मोती – पुल्लिंग
(iv) सीप – स्त्रीलिंग

Maharashtra Board Solutions

कृति 3: (सरल अर्थ):

प्रश्न.
उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
जब वक्त हमारा साथ न दे रहा हो। हर तरफ असफलताएँ धुंध के समान छाई हों। निराशा रूपी अंधकार का साम्राज्य हो। ऐसे: समय में एक छोटी-सी आशा की किरण भी बहुत बड़ा सहारा बन सकती है। ठीक उसी प्रकार, जैसे घने अंधकार में चमकता हुआ जुगनू । तुम्हें भी निराश, हताश लोगों के मन में आशा की किरण जगाना चाहिए।

सभी मनुष्यों के लिए समाज में रहने के लिए कुछ सीमाएँ हैं, जिनका हमें पालन करना होता है। तभी समाज हमें और हमारे व्यवहार को स्वीकार करता है। अगर तुम चाहते हो कि लोगों में तुम्हारी कोई पहचान बने तो जिस प्रकार सीप के अंदर मूल्यवान मोती छिपा होता है, उसी प्रकार तुम्हें समाज के कल्याण के लिए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न.
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

1. शब्द भेद:
अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानिए:
(i) मैं दिल्ली में अच्छा घर ढूँढ़ रहा हूँ।
(ii) वे तेजी के साथ बगीचे की ओर चल पड़े।
(iii) तुम अब पढ़ने बैठ जाओ।
उत्तर:
(i) अच्छा – गुणवाचक विशेषण।
(ii) बगीचे – जातिवाचक संज्ञा।
(iii) तुम – पुरुषवाचक सर्वनाम।

2. अव्यय:
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) के मारे.
(ii) या
(iii) पर।
उत्तर:
(i) के मारे – लड़का डर के मारे काँप रहा था।
(ii) या – वे खेलने या घूमने गए होंगे।
(iii) पर – गाड़ी थी, पर पर्याप्त पेट्रोल नहीं था।

3. संधि:
कृति पूर्ण कीजिए:

संधि शब्दसंधि विच्छेदसंधि भेद
नरेश……………………………………
अथवा
…………………दिक् + अंबर…………………

उत्तर:

संधि शब्दसंधि विच्छेदसंधि भेद
नरेशनर + ईशस्वर संधि
अथवा Maharashtra Board Solutions
दिगंबरदिक् + अंबरव्यंजन संधि

4. सहायक क्रिया:
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) वे गरीबों को फल बाँटते रहे।
(ii) देरी करने को मेरा मन गवारा नहीं कर पाया।
(iii) उनके शब्द मेरे कानों में गूंजने लगे।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) रहे – रहना
(ii) पाया – पाना
(iii) लगे – लगना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) छोड़ना –
(ii) डूबना –
(iii) सूखना। –
उत्तर:

क्रिया प्रथम प्रेरणार्थक रूप द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) छोड़ना छुड़ाना छुड़वाना
(ii) डूबना डुबाना डुबवाना
(iii) सूखना सुखाना सुखवाना

6. मुहावरे:
(1) निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग किजिए:
(i) नाम-निशान न रहना
(ii) रटता जाना।
उत्तर:
(i) नाम-निशान न रहना।
अर्थ: अस्तित्व मिट जाना।
वाक्य: भूकंप के कारण पुराने कार्यालय का नाम-निशान नहीं रहा

(ii) रटते जाना।
अर्थ: बार-बार कहते जाना।
वाक्य: विजय गाँव जाने की बात रटता जा रहा है

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(2) अधोरेखांकित वाक्यांशों के लिए कोष्ठक में दिए गए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए: (तोलकर बोलना, तीर की तरह निकल जाना, कानों में गूंजना, ठहाका लगाना)
(i) पाकिटमार महिला का बटुआ छीनकर बहुत तेजी से निकल गया
(ii) माता-पिता द्वारा दी गई सीख जीवनभर ध्वनित होती रहती है
(iii) सज्जन हमेशा सोच-समझकर बोलता है
उत्तर:
(i) पाकिटमार महिला का बटुआ छीनकर तीर की तरह निकल गया
(ii) माता-पिता द्वारा दी गई सीख जीवनभर कानों में गूंजती रहती है
(iii) सज्जन हमेशा तौलकर बोलते हैं

7. कारक:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारक पहचानकर उनका भेद लिखिए:
(i) ईश्वर की प्राप्ति आसानी से नहीं होती।
(ii) एक बच्चा कुर्सी पर चढ़ा तो दूसरा नाचने लगा।
(iii) मैंने तय किया कि आज किसी से नहीं मिलूँगा।
उत्तर:
(i) की – संबंध कारक।
(ii) पर – अधिकरण कारक।
(iii) से – करण कारक।

8. विरामचिह्न:
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) “गरम गरम भूनकर मसाला लगाकर दूंगा’
(ii) आदमी ने आकर पूछा-अभी भोजन तैयार होने में कितना विलंब है
(iii) हाँ, सूर ने एक जगह लिखा है-मैं दसों दिशाओं में देख लेता हूँ
उत्तर:
(i) “गरम-गरम भूनकर मसाला लगाकर दूंगा।”
(ii) आदमी ने आकर पूछा – “अभी भोजन तैयार होने में कितना विलंब है?”
(iii) हाँ, सूर ने एक जगह लिखा है- ‘मैं दसों दिशाओं में देख लेता हूँ।’

9. काल परिवर्तन:
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) ठीक ग्यारह बजे प्रधानमंत्री बाहर आते हैं। (सामान्य भूतकाल)
(ii) मुझे भाई का जला हुआ चेहरा याद आता है। (सामान्य भविष्यकाल)
(iii) गुरुदेव अपने समय पर स्नान करते हैं। (पूर्ण भूतकाल)
उत्तर:
(i) ठीक ग्यारह बजे प्रधानमंत्री बाहर आए।
(ii) मुझे भाई का जला हुआ चेहरा याद आएगा।
(iii) गुरुदेव ने अपने समय पर स्नान किया था।

10. वाक्य भेद:
(1) निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
(i) ईश्वर ने हमें मनुष्य जीवन दिया है।
(ii) हमारा उद्देश्य, सजना, सँवरना ही नहीं है, बल्कि हमारे द्वारा किए गए कार्य सुंदर होने चाहिए।
उत्तर:
(i) सरल वाक्य
(ii) संयुक्त वाक्य।

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(2) निम्नलिखित वाक्यों को अर्थ के आधार दी गई सूचना के अनुसार वाक्य परिवर्तन कीजिए:
(i) चाची जली-भुनी रहती थी। (संदेहवाचक वाक्य)
(ii) मन अब सुकून अनुभव कर रहा था। (निषेधवाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) शायद चाची जली-भुनी रहती थी।
(ii) मन अब सुकून अनुभव नहीं कर रहा था।

11. वाक्य शुद्धिकरण:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:
(i) इस मंदिर में अनेकों बूध की मूर्तियाँ हैं।
(ii) माँ को यहाँ से गए बस एक मिनेट हुई है।
(iii) मेरा घर तुमसे अच्छा है।
उत्तर:
(i) इस मंदिर में बुद्ध की अनेक मूर्तियाँ हैं।
(ii) माँ को यहाँ से गए बस एक मिनट हुआ है।
(iii) मेरा घर तुम्हारे घर से अच्छा है।

गजल Summary in Hindi

गजल विषय-प्रवेश :
प्रस्तुत गजल में माणिक वर्मा ने हमें निरंतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी है। कवि का मानना है कि बाहरी रंग-रूप तो। अस्थायी होता है। सुंदरता हमारे विचारों में, हमारे कामों में होनी चाहिए।

गजल कविता का सरल अर्थ

1. आपसे किसने ………………………… भीतर देखो।

किसी भी अट्टालिका के चमचमाते शिखरों को सभी देखते हैं। उनकी शान की प्रशंसा भी करते हैं। लोग समाज में इन शिखरों के समान ही सम्मान पाना चाहते हैं। परंतु वास्तव में देखा जाए तो इन शिखरों से अधिक महत्व है उन ईंटों और पत्थरों का, जिनके कारण ये शिखर बन सके। यदि नींव की ईंटों ने गुमनामी के अंधेरे में रहना स्वीकार न किया होता, तो इन शिखरों का अस्तित्व ही न होता। यदि हम समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो हमें प्रशंसा और वाहवाही का लोभ त्यागकर नींव की ईंटों के समान कुछ अच्छा और सुदृढ़ काम करना चाहिए।

यदि आप मंजिल की ओर अग्रसर हैं तो अपने अच्छे कर्मों के कारण उसी प्रकार आसमानों तक छा जाइए, जैसे आँधी आने पर पृथ्वी से आकाश तक धूल-ही-धूल दृष्टिगोचर होती है। अर्थात आपके द्वारा किए गए अच्छे कामों का प्रभाव और चर्चा हर तरफ हो। और यदि आप मंजिल की ओर बढ़ते हुए मार्ग में कहीं बैठ जाते हो तो मील के पत्थर के समान बनो। मील का पत्थर जिस प्रकार एक पथिक को अपनी मंजिल की ओर बढ़ते समय सहायता करता है, उसी प्रकार क्रियाशील न होते हुए भी आप दूसरों की मदद करें।

ईश्वर ने हमें मनुष्य जीवन दिया है। हमारा उद्देश्य केवल सजना, सँवरना और सुंदर दिखना ही नहीं होना चाहिए। हमारे द्वारा किए गए काम सुंदर होने चाहिए। ईश्वर द्वारा प्रदत्त इस श्रेष्ठ मानव जीवन में हमें मानवीय गुणों को अपनाना चाहिए। हमारा कोई भी काम ऐसा न हो, जो मानवता के दायरे से बाहर हो। समाज में सभी के प्रति हमारा व्यवहार ऐसा हो कि सारा संसार हमें एक अच्छे मनुष्य के रूप में जाने। हमें ऐसी शख्सियत बनना चाहिए कि कैसी भी प्रतिकूल परिस्थिति क्यों न हों, हम विचलित न हों। बिना टूटे, बिना बिखरे हर परिस्थिति का डटकर सामना करें। अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।

हमें प्रत्येक मानव से सहानुभूति रखनी चाहिए। यह तभी संभव हो सकेगा, जब हम उनके हर दुख-तकलीफ को समझें। जैसे मोमबत्ती का धागा सदा उसके साथ रहता है। उसके साथ जलता है। उसी प्रकार जब हम दीन-दुखियों की पीड़ा को समझेंगे, तो उसे दूर करने का यथासंभव प्रयास करेंगे। इस प्रकार हम अपना मानव-धर्म निभा पाएँगे।

2. एक जुगनू ………………………… अक्सर देखो।

जब वक्त हमारा साथ न दे रहा हो; हर तरफ असफलताएँ धुंध के समान छाई हों; निराशा रूपी अंधकार का साम्राज्य हो; ऐसे समय में एक छोटी-सी आशा की किरण भी बहुत बड़ा सहारा बन सकती है। ठीक उसी प्रकार, जैसे घने अंधकार में चमकता हुआ जुगनू। तुम्हें भी निराश, हताश लोगों के मन में आशा की किरण जगाना चाहिए।

सभी मनुष्यों के लिए समाज में रहने के लिए कुछ सीमाएँ हैं, जिनका हमें पालन करना होता है। तभी समाज हमें और हमारे व्यवहार को स्वीकार करता है। अगर तुम चाहते हो कि लोगों में तुम्हारी कोई पहचान बने तो जिस प्रकार सीप के अंदर मूल्यवान मोती छिपा होता है, उसी प्रकार तुम्हें समाज के कल्याण के लिए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। तुम्हारी यह कल्याण-भावना तुम्हें एक पहचान देगी, सम्मान देगी।

यदि कोई कोमल कली फूल बनने से डर रही हो। कली जानती है कि उसके खिलते ही तितली उसका रस चूसने के लिए आएगी और फूल बनी कली को परेशान करेगी। तुम फूल को तितली से बचाने का प्रयास करो। अर्थात उसके डर को दूर करने में उसकी मदद करो।

यह संसार मनुष्यों का एक सागर है। भीड़ में जाने-अनजाने अनगिनत चेहरे हर तरफ दिखाई देते हैं। हे ईश्वर, मैं चाहता हूँ कि मैं जिसे भी देखू, मुझे उसी में तुम नजर आओ। तुम तो सर्वव्यापक हो।

Maharashtra Board Class 10 Marathi Kumarbharti Solutions Chapter 1 जय जय हे भारत देशा

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Marathi Solutions Kumarbharti Chapter 1 जय जय हे भारत देशा Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Marathi Kumarbharti Chapter 1 जय जय हे भारत देशा

शब्दार्थ

तपोवन – तपस्व्यांचे वास्तव्य असणारे वन. उजळली – प्रकाशमय झाली. उपनिषदे – वेदांचे सार. नररत्ने – वीरपुरुष, देशभक्त. खाण – भांडार. युग – काही शतकांचा कालखंड. धैर्य – धाडस, हिंमत. छळ – जुलूम. नच – नाहीच. वाकल्या माना – शरणागत. कापरे – भीती. अभिमान – सार्थ गर्व. आत्मशक्ती – स्वबळ, मनाची शक्ती. त्याग – सोडणे. श्रम – कष्ट, मेहनत. धुंद – आनंदाने बेभान. हरित क्रांती – धनधान्याची विपुलता. विश्वशांती – जगामध्ये शांतता नांदणे. कंगाल – दरिद्री. थरारल्या – शहारल्या. झळकत – प्रकाशत. मशाल – मोठी ज्योत. लोकशक्ती – लोकांची एकजूट, एकता. दलितमुक्ती – पीडितांची शोषणापासून सुटका.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 1 जय जय हे भारत देशा

कवितेचा (गीताचा) भावार्थ

हे माझ्या प्रिय भारत देशा, तुझा जयजयकार असो! तू नवीन जगाची आशा आहेस.

तपोवनातून उपनिषदांतील तत्त्वज्ञानाची भाषा प्रकाशमय झाली. तुझ्या मातृभूमीत शूरवीर पुरुषांच्या खाणी जन्माला आल्या; उदयाला आल्या. युगानुयुगे तू जगाला धैर्याची शिकवण दिली आहेस. तू नवीन सूर्याचा तेजस्वी देश आहेस. तू नवीन जगाची प्रेरणा आहेस. तुझा जयजयकार असो.

जुलूम-जबरदस्तीपुढे, मारक शक्तीपुढे आणि छळ करणाऱ्या व्यवस्थेपुढे तू कधी वाकला नाहीस, शरण आला नाहीस. तुझा शूर पराक्रमी स्वाभिमान पाहून अन्यायालाही भीतीचे कापरे भरते. अन्यायाला धडकी भरते. हे आत्मबळाच्या देशा, हे त्यागाच्या नि भक्तीच्या देशा, तुझा विजय असो. तू नवीन जगाची आस आहेस, तुझा जयजयकार असो.

घाम गाळून, कष्ट करून पिकलेली शेते आनंदाने बेहोश होऊन डोलत आहेत. घामाच्या थेंबांतून शेतकऱ्याच्या हृदयातील आनंद ओसंडतो आहे. तू हरितक्रांतीचा देश आहेस, तू विश्वामध्ये शांती नांदवणारा देश आहेस, तुझा विजय असो. तू नवीन जगाची आशा आहेस. हे भारत देशा, तुझा जयजयकार असो.

दैन्य-दारिद्र्याच्या घोर अन्यायाला जाळणाऱ्या मशाली आता पेटून झळाळत आहेत. त्यामुळे भोवताली भुकेकंगालांच्या झोपड्या आनंदाने शहारत आहेत. जनतेची एकजूट असलेल्या, हे लोकशक्तीच्या देशा, तुझा विजय असो. सर्व शोषित-पीडित जनांच्या मुक्तीचा तू देश आहेस. तू नव्या जगाची एकमेव आशा आहेस. हे भारत देशा, तुझा बुलंद जयजयकार असो.

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 1 बरषहिं जलद Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 1 बरषहिं जलद

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 1 बरषहिं जलद Textbook Questions and Answers

कृति

कृतिपत्रिका के प्रश्न 2 (अ) तथा प्रश्न 2 (आ) के लिए।

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 5

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 2.
निम्न अर्थ को स्पष्ट करने वाली पंक्तियाँ लिखिए:
a. संतों की सहनशीलता …………………………….
b. कपूत के कारण कुल की हानि …………………………….
उत्तर:
a. खल के बचन संत सह जैसे।
b. कपूत के कारण कुल की हानि – जिमि कपूत के उपजे, कुल सदधर्म नसाहिं।।

प्रश्न 3.
तालिका पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 2
उत्तर:
इन्हें – यह कहा है
(i) नदी के जल का समुद्र में मिलना – ईश्वर को प्राप्त कर स्थिर हुआ जीव
(ii) सज्जनों के सद्गुण – तालाब में जल भरना

प्रश्न 4.
जोड़ियाँ मिलाइए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 3
उत्तर:
(i) नव पल्लव से भरा वृक्ष -साधक के मन का विवेक
(ii) उपकारी की संपत्ति -ससि संपन्न पृथ्वी
(iii) मेढक की ध्वनि -बटुक समुदाय द्वारा वेद-पाठ
(iv) कलियुग में धर्म का पलायन – चक्रवाक पक्षी का न दिखना कर जाना

प्रश्न 5.
इनके लिए पद्यांश में प्रयुक्त शब्द:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 4
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 13

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 6.
प्रस्तुत पद्यांश से अपनी पसंद की किन्हीं चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।

उपयोजित लेखन

कहानी लेखन: ‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई इस सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद Additional Important Questions and Answers

पद्यांश क्र.1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) मन डर रहा है इनका – [ ]
(ii) बिजली की तुलना की गई है इससे – [ ]
(iii) भूमि के पास आए बादल ऐसे लगते हैं – [ ]
(iv) विद्यार्थी जिसे पाने के लिए पढ़ाई करते हैं – [ ]
उत्तर:
(i) मन डर रहा है इनका – [श्रीराम का]
(ii) बिजली की तुलना की गई है इससे [दुष्ट की प्रीति से]
(iii) भूमि के पास आए बादल ऐसे लगते हैं – [विद्वान की तरह]
(iv) विद्यार्थी जिसे पाने के लिए पढ़ाई करते हैं – [विद्या]

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 6
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 10

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 3.
जोड़ियाँ मिलाइए:
(i) दमकती बिजली – दुष्टों के वचन
(ii) भूमि पर गिरा पानी – राम का डरना
(iii) बूंदों का प्रहार – दुष्ट की मित्रता
(iv) बादलों की गर्जना – माया से लिपटा जीव
उत्तर:
(i) दमकती बिजली – दुष्ट की मित्रता
(ii) भूमि पर गिरा पानी – माया से लिपटा जीव
(iii) बूंदों का प्रहार – दुष्टों के वचन
(iv) बादलों की गर्जना – राम का डरना

प्रश्न 4.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 8
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 12

प्रश्न 5.
निम्नलिखित अर्थ को स्पष्ट करने वाली पंक्तियाँ लिखिए:
(i) संतों की सहनशीलता।
(ii) जीव की निश्चिंतता।
(iii) रास्तों का अदृश्य हो जाना।
(iv) विद्वानों की विनम्रता
उत्तर:
(i) खल के बचन संत सह जैसे।
(ii) होई अचल जिमि जिव हरि पाई।
(iii) हरित भूमि तृन संकुल, समुझि परहि नहिं पंथ।
(iv) जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

कृति 2: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखिए:
(i) थिर – ………………………………………..
(ii) जथा – ………………………………………..
(iii) सदगुन – ………………………………………..
(iv) अघात – ………………………………………..
उत्तर:
(i) थिर -स्थिर
(ii) जथा – यथा
(iii) सदगुन – सद्गुण
(iv) अघात – आघात।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) जलनिधि = ……………………
(ii) गिरि = ……………………
(iii) नदी = ……………………
(iv) जल = ……………………
उत्तर:
(i) जलनिधि = समुद्र
(ii) गिरि = पहाड़
(iii) नदी = सरिता
(iv) जल = पानी।

कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
प्रस्तुत पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
बादल आकाश में उमड़-घुमड़कर भयंकर गर्जना कर रहे हैं। श्रीराम जी कह रहे हैं कि ऐसे में सीता जी के बिना उनका मन भयभीत हो रहा है। बिजली आकाश में ऐसे चमक रही है, जैसे दुष्ट व्यक्ति की मित्रता स्थिर नहीं रहती । कभी वह बनी रहती है और कभी टूटने के कगार पर पहुँच जाती है। बादल धरती के नजदीक आकर बरस रहे हैं। उनका यह व्यवहार ठीक उसी प्रकार लगता है, जैसे विद्वान व्यक्ति विद्या पाकर विनम्र हो जाते हैं। बादल भी जल के भार से झुक गए हैं और पृथ्वी के नजदीक आकर अपने जल से प्राणियों को तृप्त कर रहे हैं। पहाड़ों पर वर्षा की बूदों की चोट पड़ रही है, पर पहाड़ चुपचाप शांत भाव से यह आघात उसी प्रकार सहते जा रहे हैं, जैसे संत लोग दुष्टों के कटुवचन सह लेते हैं और उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं करते।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

पदयांश क्र. 2
प्रश्न. निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आका

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 14
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 1 बरषहिं जलद 15

प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए:
इनकी तुलना की गई है, इनसे –
(i) रात के अंधकार में जुगनू – [ ]
(ii) ससि (अनाज) से भरपूर घरती – [ ]
(iii) कृषि को निराने वाले किसान – [ ]
(iv) दिखाई न देने वाला चक्रवाक – [ ]
उत्तर:
(i) रात के अंधकार में जुगनू – [घमंडियों के समाज से]
(ii) ससि (अनाज) से भरपूर धरती – [उपकारी की संपति से]
(iii) कृषि को निराने वाले किसान – [मोह-मद-मान त्यागने वाले विद्वान से]
(iv) दिखाई न देने वाला चक्रवाक – [कलियुग पाकर भाग जाने वाले धर्म से]

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त शब्द खोजकर लिखिए:
(i) ग्रह – [ ]
(ii) पेड़ – [ ]
(iii) पत्ते – [ ]
(iv) उपग्रह – [ ]
(v) पौधा – [ ]
उत्तर:
(i) ग्रह – [पतंग (सूर्य)]
(ii) पेड़ – [बिटप]
(iii) पत्ते – [पात]
(iv) उपग्रह – [महि]
(v) पौधा – [अर्क-जवास]

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प्रश्न 4.
तालिका पूर्ण कीजिए:
इन्हें – यह कहा है
(i) ………………….. – बटु समुदाय
(ii) (नव पल्लव वाले) वृक्ष – …………………..
(iii) (लुप्त हुई) धूल – …………………..
(iv) ………………….. – ज्ञान उत्पन्न हुआ
उत्तर:
इन्हे – यह कहा है
(i) दादुर – बटु समुदाय
(ii) (नव पल्लव वाले) वृक्ष – ज्ञान प्राप्त कर प्रफुल्लित होने वाला साधक
(iii) (लुप्त हुई) धूल – क्रोध के कारण लुप्त हुआ धर्म
(iv) (विषयों से विरक्त) मनुष्य – ज्ञान उत्पन्न हुआ।

प्रश्न 5.
उत्तर लिखिए:
पद्यांश में आया –
(i) एक प्रसिद्ध धर्मग्रंथ – [ ]
(ii) चित्त का मनोविकार या उग्र भाव – [ ]
(iii) एक प्रसिद्ध पक्षी – [ ]
(iv) वह शब्द, जिसके दो अर्थ हैं, जिनमें से एक का अर्थ सूर्य है – [ ]
उत्तर:
(i) एक प्रसिद्घ धर्मग्रंथ – [वेद]
(ii) चित्त का मनोविकार या उग्र भाव – [क्रोध]
(iii) एक प्रसिद्ध पक्षी – [चक्रवाक (चकवा)]
(iv) वह शब्द, जिसके दो अर्थ हैं, जिनमें से एक का अर्थ सूर्य है – [पतंग]

प्रश्न 6.
निम्न अर्थ को स्पष्ट करने वाली पंक्तियाँ लिखिए:
(i) कुसंग से ज्ञान नष्ट होना और सुसंग से ज्ञान उत्पन्न होना। – [ ]
उत्तर:
(i) कुसंग से ज्ञान नष्ट होना और सुसंग से ज्ञान उत्पन्न होना। – बिनसइ-उपजइ म्यान जिमि, पाइ कुसंग-सुसंग

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ वाले शब्द पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए:
(i) हुए – ……………………….
(ii) जैसे – ……………………….
(iii) कहीं – ……………………….
(iv) की – ……………………….
उत्तर:
(i) हुए – भए, भयऊ।
(ii) जैसे – जनु, जस।
(iii) कहीं – कतहुँ।
(iv) की – कै।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:
(i) दादुर
(ii) धूरी (धूल)
(iii) धर्म
(iv) प्रजा
उत्तर:
(i) दादुर – पुल्लिग
(ii) धूरी (धूल) – स्त्रीलिंग
(iii) धर्म – पुल्लिग
(iv) प्रजा – स्त्रीलिंग।

कृति 3 : (सरल अर्थ)
प्रश्न.
उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों (दोहा) का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर :
कभी-कभी वायु बहुत तेज गति से चलने लगती है। इससे बादल यहाँ-वहाँ गायब हो जाते हैं। यह दृश्य उसी प्रकार लगता है जैसे परिवार में कुपुत्र के उत्पन्न होने से कुल के उत्तम धर्म (श्रेष्ठ आचरण) नष्ट हो जाते हैं। कभी (बादलों के कारण) दिन में घोर अंधकार छा जाता है और कभी सूर्य प्रकट हो जाता है। तब लगता है, जैसे बुरी संगति पाकर ज्ञान नष्ट हो गया हो और अच्छी संगति पाकर ज्ञान उत्पन्न हो गया हो।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न. सूचनाओं के अनुसार कृतियों कीजिए :

1. शब्द भेद :

प्रश्न.
अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानकर लिखिए :
(i) भूमि परत भा ढाबर पानी।
(i) नव पल्लव भए बिटप अनेका।
उत्तर:
(i) पानी-द्रव्यवाचक संज्ञा
(ii) नव-गुणवाचक विशेषण।

2. अव्यय:

प्रश्न.
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
(i) नहीं
(i) इसलिए।
उत्तर :
(i) जनक कॉलेज नहीं जाता।
(ii) बेचन बिजली का बिल अदा नहीं कर पाया, इसलिए बिजली आपूर्ति खंडित हो गई।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

3. संधि :

प्रश्न.
कृति पूर्ण कीजिए:
संधि शब्द – संधि विच्छेद – संधि भेद
…………………… – विद्या + अर्थी – ……………………
अथवा
जगन्नाथ – …………………… – ……………………
उत्तर:
संधिशब्द – संधि विच्छेद – संधि भेद
विद्यार्थी – विद्या + अर्थी – स्वर संधि
अथवा
जगन्नाथ – जगत् + नाथ – व्यंजन संधि

4. सहायक क्रिया:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में सहायक क्रिया पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) बादल पृथ्वी के नजदीक आकर बरस रहे हैं।
(ii) दुष्ट लोग थोड़ा धन पाकर भी इतराने लगते हैं।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) रहे – रहना
(ii) लगने – लगना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:

प्रश्न.
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) सहना
(ii) गिरना।
उत्तर:
क्रिया – प्रथम प्रेरणार्थक रूप – द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) सहना – सहाना – सहवाना
(ii) गिरना – गिराना – गिरवाना

6. मुहावरे:

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प्रश्न 1.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(i) आँखें फाड़कर देखना
(ii) रुआँसा होना।
उत्तर:
(i) आँखें फाड़कर देखना।
अर्थ: आश्चर्य से देखना।
वाक्य: मनीष सर्कस के कलाकारों के करतब आँखें फाड़कर देख रहा था।

(ii) रुआँसा होना।
अर्थ: उदास होना।
वाक्य: मालिक की झिड़कियाँ खाकर नौकर रुआँसा हो गया।

प्रश्न 2.
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए: (हामी भरना, करवट बदलना)
आखिरकार रंजन ने शादी करने के लिए स्वीकृति दी।
उत्तर:
आखिरकार रंजन ने शादी करने के लिए हामी भरी।

7. कारक:
प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्य में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
(i) छोटी-छोटी नदियाँ वर्षा के जल से भर जाती हैं।
(ii) नदी अपने किनारों को तोड़ती हुई आगे बढ़ जाती है।
उत्तर:
(i) वर्षा के-संबंध कारक
(ii) किनारों को-कर्म कारक ।

8. विरामचिह्न:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्न लगाकर वाक्य फिर से लिखिए:
(i) पृथ्वी घास से परिपूर्ण होकर हरी हो गई है जिससे रास्तों का पता नहीं चलता
(ii) हरी भरी फसलों से युक्त पृथ्वी कैसी लग रही है
उत्तर:
(i) पृथ्वी घास से परिपूर्ण होकर हरी हो गई है, जिससे रास्तों का पता नहीं चलता।
(ii) हरी-भरी फसलों से युक्त पृथ्वी कैसी लग रही है?

9. काल परिवर्तन:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) प्रियाहीन मेरा मन डरता है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
(ii) बादल पृथ्वी के नजदीक आकर बरस रहे हैं। (सामान्य भविष्यकाल)
उत्तर:
(i) प्रियाहीन मेरा मन डरा है।
(ii) बादल पृथ्वी के नजदीक आकर बरसेंगे।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

10. वाक्य भेद:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
(i) बादल गरज रहे हैं और बिजली चमक रही है।
(ii) अनेक वृक्षों में नई-नई कोंपलें आ गई हैं, जिससे वे हरे-भरे तथा सुशोभित हो गए हैं।
उत्तर:
(i) संयुक्त वाक्य
(ii) मिश्र वाक्य।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
(i) कलियुग में धर्म पलायन कर जाता है। (प्रश्नवाचक वाक्य)
(ii) संत पुरुष दुष्टों के वचन सहते हैं। (निषेधवाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) क्या कलियुग में धर्म पलायन कर जाता है?
(ii) संत पुरुष दुष्टों के वचन नहीं सहते।

11. वाक्य शुद्धिकरण:

प्रश्न.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए:
(i) एक-एक करके सद्गुण सज्जन के पास चला आते है।
(ii) धूल खोजने पे भी कहीं नहीं मिलता है।
उत्तर:
(i) एक-एक कर सद्गुण सज्जन के पास चले आते हैं।
(ii) धूल खोजने पर भी कहीं नहीं मिलती है।

उपयोजित लेखन

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
एक महानुभाव की कल्पना – विश्वविद्यालय स्थापना का प्रण – दान से घन एकत्र करना – एक सेठ के पास जाना – सेठ का दिन भर बिठाए रखना – महानुभाव निराश – शाम को सात लाख रुपए का चेक पाना – आश्चर्य और खुशी।
उत्तर:
बात आजादी मिलने के बहुत पहले की है। तब देश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए बहुत कम विश्वविद्यालय थे। विद्यार्थियों को दूर-दूर स्थानों पर जाकर शिक्षा प्राप्त करनी पड़ती थी और उन्हें वही टिककर पढ़ना पड़ता था। विद्यार्थियों की इस परेशानी को दर करने के लिए एक महानुभाव ने अपने शहर में विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रण किया।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 दो लघुकथाएँ

इसके लिए उन्होंने सारे देश का दौरा किया और जहाँ से जो भी धन मिला, एकत्र किया। एक बार किसी व्यक्ति ने उन्हें बताया कि आप कलकत्ता के फलाँ सेठ के पास जाइए। वहाँ आपको अवश्य कुछ धन मिलेगा। वे पहुँच गए उनके पास। उन्होंने सेठ जी से अपना उद्देश्य बताया। सेठ जी ने उन्हें कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा और वे अपने काम में लग गए। दोपहर से शाम हो गई। सेठ जी ने उन्हें नहीं बुलाया।

वे निराश हो गए थे। इतने में सेठ जी अपने केबिन से बाहर आए। वे सज्जन खड़े हो गए और बोले, “सेठ जी मुझे आज्ञा दीजिए, मैं चलूँ।” सेठ जी ने कहा, “बैठिए भाई, बैठिए! मैं आपका ही काम कर रहा था। ये लीजिए अपने परोपकार के काम में मेरा छोटा-सा सहयोग! इस समय मैं और कुछ नहीं दे पाऊँगा।” सेठ जी ने एक चेक उन सज्जन के हाथ में थमा दिया।

उन महाशय ने चेक पर नजर डाली- ‘सात लाख रुपए।’ उनके मुँह से निकला, “सेठ जी, मुझे तो लगा था, मुझे यहाँ से खाली हाथ जाना पड़ेगा, पर आपने तो…।” “बस… बस!” उन्होंने उन सज्जन की बात काटते हुए कहा, “आप परोपकार का काम कर रहे हैं, मुझसे जो बन पड़ा, मैंने भी सहयोग दे दिया।” इस धन से विश्वविद्यालय के कई काम पूरे हुए।

विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए यह धन एकत्र करने वाले व्यक्ति थे महामना मदनमोहन मालवीय और उन्होंने जिस विश्वविद्यालय का निर्माण किया, वह था ‘बनारस हिंदू विश्वविद्यालय।

सीख: परोपकार सबसे बड़ा धर्म है।

बरषहिं जलद Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : अवधी बोली में लिखा गया ‘रामचरितमानस’ विश्व के अमूल्य ग्रंथों में से एक है। प्रस्तुत काव्य खंड इसी ग्रंथ से लिया गया है। चौपाई और दोहों जैसे लोकप्रिय छंदों में प्रस्तुत इस काव्य खंड में तुलसीदासजी ने वर्षा ऋतु का सुंदर वर्णन किया है। इस काव्य खंड में उन्होंने वर्षा ऋतु से संबंधित विभिन्न वस्तुओं को जीवन से जोड़कर देखा है।

यह काव्य खंड सीता हरण के पश्चात का है। श्रीराम और लक्ष्मण जी सीता जी की खोज में वन में भटक रहे हैं। बरसात की ऋत आ चुकी है पर सीता जी का पता नहीं चल सका है। कवि ने इस काव्य खंड में श्रीराम के मन की व्याकुलता का चित्रण किया है।

बरषहिं जलद चौपाइयों और दोहों का सरल अर्थ

1. घन घमंड नभ …………………………… जिमि जिव हरि पाई।। (चौपाई)

कवि कहते हैं कि आकाश में बादल उमड़-घुमड़कर भयंकर गर्जना कर रहे हैं। (श्रीरामजी कह रहे हैं कि) प्रिया (सीता जी) के बिना मेरा मन डर रहा है। बिजली आकाश में ऐसे चमक रही है, जैसे दुष्ट व्यक्ति की मित्रता स्थिर नहीं रहती। यानी वह चमकती है और चमककर लुप्त हो जाती है।

बादल पृथ्वी के नजदीक आकर (नीचे उतरकर) बरस रहे हैं। ठीक उसी प्रकार जैसे विद्वान व्यक्ति विद्या प्राप्त कर विनम्र हो जाते हैं। बूंदों की चोट पहाड़ों पर पड़ रही है। पहाड़ बूंदों के प्रहार को इस प्रकार शांत भाव से सह रहे हैं, जैसे संत पुरुष दुष्टों के कटु वचनों को सह लेते हैं।

छोटी नदियाँ वर्षा के जल से भरकर अपने किनारों को तोड़ती हुई आगे बढ़ती जा रही हैं, जैसे मामूली धन पाकर भी दुष्ट लोग इतराने लगते हैं (यानी मर्यादा का त्याग कर देते हैं)। पृथ्वी पर गिरते ही पानी गँदला हो गया है, मानो प्राणी से माया लिपट गई हो।

वर्षा का पानी एकत्र होकर तालाबों में भर रहा है। जैसे एक-एक कर सद्गुण सज्जन व्यक्ति के पास चले आते हैं। नदी का पानी समुद्र में जाकर उसी प्रकार स्थिर हो जाता है जिस प्रकार जीव हरि (ईश्वर) को प्राप्त कर अचल (आवागमन से मुक्त) हो जाता है।

2. हरित भूमि …………………………… होहिं सद्ग्रंथ।। (दोहा)

पृथ्वी घास से परिपूर्ण होकर हरीभरी हो गई है, जिससे रास्तों का पता नहीं चलता है। यह दृश्य ऐसा लगता है, जैसे पाखंडी के पाखंड भरे मत के प्रचार से सद्ग्रंथ लुप्त हो जाते हैं।

3. दादुर धुनि चहुँ उपजे ग्याना।। (चौपाई)

कवि कहते हैं कि वर्षा काल में चारों दिशाओं में मेढकों की ध्वनि ऐसी (सुहावनी) लगती है मानो विद्यार्थियों का समूह वेद-पाठ कर रहा हो। अनेक वृक्षों में नई-नई कोंपलें आ गई हैं, जिससे वे ऐसे हरेभरे तथा सुशोभित हो गए हैं, जैसे साधना करने वाले किसी व्यक्ति का मन ज्ञान प्राप्त करने पर प्रफुल्लित हो जाता है।

(बरसात के दिनों में) मदार और जवासा के पौधे पत्तों से रहित हो गए हैं। उन्हें देखकर ऐसा लगता है मानो अच्छे शासक के राज्य में दुष्टों का धंधा जाता रहा हो (खत्म हो गया हो)। धूल खोजने पर भी कहीं नहीं मिलती है। जैसे क्रोध धर्म को दूर कर देता है, उसी तरह वर्षा ने धूल को नष्ट कर दिया है।

अनाज से युक्त (लहलहाती हुई हरी-भरी खेती) पृथ्वी कुछ इस : प्रकार शोभायमान हो रही है, जैसे उपकार करने वाले व्यक्ति शोभायमान होते हैं। रात के अंधकार में जुगनू चारों ओर दिखाई दे रहे हैं। उन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे घमंडियों का समूह एकत्र हो गया है।

चतुर किसान अपनी फसलों की निराई कर रहे हैं। (अपनी फसल से घास-फूस निकालकर फेंक रहे हैं)। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे विद्वान लोग मोह, मद, माया का त्याग कर रहे हों।

बरसात के दिनों में चक्रवाक पक्षी कहीं नहीं दिखाई दे रहे हैं। इससे ऐसा लग रहा है जैसे कलियुग में धर्म पलायन कर गया हो।

यह पृथ्वी अनेक प्रकार के जीवों से भरी पड़ी है। यह उसी तरह शोभायमान हो रही है, जैसे अच्छे राजा के राज्य में प्रजा की वृद्धि (विकास) होती है।

यहाँ-वहाँ अनेक सही थककर इस तरह ठहरे हुए हैं, जैसे मनुष्य को ज्ञान प्राप्त होने पर इंद्रियाँ शिथिल हो जाती हैं और विषयों की ओर’ जाना छोड़ देती हैं।

4. कंबहुँ प्रबल …………………………… कुसंग-सुसंग।। (दोहा)

कभी-कभी वायु बहुत तेज गति से चलने लगती है। इससे बादल यहाँ-वहाँ गायब हो जाते हैं। यह दृश्य उसी प्रकार लगता है जैसे परिवार में कुपुत्र के उत्पन्न होने से कुल के उत्तम धर्म (श्रेष्ठ आचरण) नष्ट हो जाते हैं।

कभी (बादलों के कारण) दिन में घोर अंधकार छा जाता है और कभी सूर्य प्रकट हो जाता है। तब लगता है, जैसे बुरी संगति पाकर ज्ञान नष्ट हो गया हो और अच्छी संगति पाकर ज्ञान उत्पन्न हो गया हो।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 10 ठेस

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 10 ठेस Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 10 ठेस

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 10 ठेस Textbook Questions and Answers

कृति

(कृतिपत्रिका के प्रश्न 3 (अ) के लिए)

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 13

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 12
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 22

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 7

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 3.
वाक्यों का उचित क्रम लगाकर लिखिए:
a. सातों तारे मंद पड़ गए।
b. ये मेरी ओर से हैं। सब चीजें हैं दीदी।
c. लोग उसको बेकार ही नहीं, ‘बेगार’ समझते हैं।
d. मानू दीदी काकी की सबसे छोटी बेटी है।
उत्तर:
a. सातों तारे मंद पड़ रहे हैं।
b. ये मेरी ओर से हैं। सब चीजें हैं दीदी!
c. लोग उसको बेकार ही नहीं, ‘बेगार’ समझते हैं।
d. मानू दीदी काकी की सबसे छोटी बेटी है।

(अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘कला और कलाकार का सम्मान करना हमारा दायित्व है’, इस कथन पर अपने विचारों को शब्दबद्ध कीजिए।
उत्तर:
हमारे देश की संस्कृति में लोक कलाओं की सशक्त पहचान रही है। ये मूलतः ग्रामीण अंचलों में अनेक जातियों व जनजातियों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित पारंपरिक कलाएँ हैं। लोक कला का इतिहास उतना ही पुराना है, जितना कि भारतीय ग्रामीण सभ्यता का। लोक कलाओं में लोकगीत, लोकनृत्य, गायन, वादन, अभिनय, मूर्तिकला, काष्ठकला, धातुकला, चित्रकला, हस्तकला आदि का समावेश होता है। हस्तकला ऐसे कलात्मक कार्य को कहते हैं, जो उपयोगी होने के साथ-साथ सजाने के काम आता है तथा जिसे मुख्यतः हाथ से या साधारण औजारों की सहायता से ही किया जाता है।

ऐसी कलाओं का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व होता है। वर्तमान में लोक कलाओं और कलाकारों को उचित प्रश्रय न मिलने के कारण अनेक लोक कलाओं पर संकट उत्पन्न हो गया है। धीरे-धीरे समय परिवर्तन, भौतिकतावाद, पश्चिमीकरण तथा आर्थिक संपन्नता के कारण परंपरागत लोक कलाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जनता व प्रशासन दोनों को ही लोक कलाओं और कलाकारों की पहचान नष्ट होने से बचाने के प्रयास करने चाहिए।

भाषा बिंदु

प्रश्न 1.
कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्यों का काल परिवर्तन कीजिए:

a. अली घर से बाहर चला जाता है। (सामान्य भूतकाल)
—————————————————————
b. आराम हराम हो जाता है। (पूर्ण वर्तमानकाल एवं पूर्ण भविष्यकाल)
—————————————————————
c. सरकार एक ही टैक्स लगाती है। (सामान्य भविष्यकाल)
—————————————————————
d. आप इतनी देर से नाप-तौल करते हैं। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
—————————————————————
e. वे बाजार से नई पुस्तक खरीदते हैं। (पूर्ण भूतकाल एवं अपूर्ण भविष्यकाल)
—————————————————————
f. वे पुस्तक शांति से पढ़ते हैं। (अपूर्ण भूतकाल)
—————————————————————
g. सातों तारे मंद पड़ गए। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
—————————————————————
h. मैंने खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कहा। (अपूर्ण भूतकाल)
—————————————————————
उत्तर:
a. अली घर से बाहर चला गया।
b. (अ) आराम हराम हो गया है।
(ब) आराम हराम हो चुका होगा।
c. सरकार एक ही टैक्स लगाएगी।
d. आप इतनी देर से नाप-तौल कर रहे हैं।
e. (अ) उन्होंने बाजार से नई पुस्तक खरीदी थी।
(ब) वे बाजार से नई पुस्तक खरीदते रहेंगे।
f. वे पुस्तक शांति से पढ़ रहे थे।
g. सिरचन ने मुस्कराकर पान का बीड़ा मुँह में ले लिया।
h. मैं खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कह रहा था।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 2.
नीचे दिए गए वाक्य का काल पहचानकर निर्देशानुसार काल परिवर्तन कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 3
उत्तर:
मानू को ससुराल पहुँचाने मैं ही जा रहा था – अपूर्ण भूतकाल

1. सामान्य वर्तमानकाल मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जाता हूँ।
2. सामान्य भविष्यकाल मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जाऊँगा।
3. अपूर्ण भविष्यकाल मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जाता रहँगा।
4. पूर्ण वर्तमानकाल मानू को ससुराल मैंने ही पहुँचाया है।
5. सामान्य वर्तमानकाल मानू को ससुराल पहुँचाने में ही गया।
6. अपूर्ण वर्तमानकाल मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जा रहा हूँ।
7. पूर्ण भूतकाल मानू को ससुराल पहुँचाने में ही गया था।
8. पूर्ण भविष्यकाल मानू को ससुराल पहुंचाने में ही जा चुका हूँगा।

उपयोजित लेखन

प्रश्न.
‘पुस्तक प्रदर्शनी में एक घंटा’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लेखन कीजिए।
उत्तर:
पुस्तकें अनमोल होती हैं। वे हमारी सबसे अच्छी मित्र होती हैं, क्योंकि वे ज्ञान-विज्ञान का भंडार होती हैं। व्यक्ति आते हैं और चले जाते हैं परंतु उनके श्रेष्ठ विचार, ज्ञान, संस्कृति, सभ्यता, मानवीय मूल्य पुस्तकों के रूप में जीवित रहते हैं। पुस्तक प्रदर्शनी और मेले हमारे लिए वरदान हैं। ये पाठकों और लेखकों का संगम होते हैं। प्रत्येक वर्ष अगस्त में पुणे में कोरेगाँव पार्क में पुस्तक प्रदर्शनी और मेले का आयोजन किया जाता है। अनेक पुस्तक विक्रेता और प्रकाशक वहाँ आते हैं। इस बार मैं भी उस प्रदर्शनी में गया।

स्टालों पर पुस्तकें बड़े आकर्षक ढंग से सजी हुई थीं। सभी स्तर और रुचि के लोगों के लिए वहाँ यथेष्ट सामग्री थी। इतिहास, भूगोल, ज्ञान-विज्ञान, साहित्य, धर्म, भाषा, यात्रा, जीवन-वृत्त आदि सभी विषयों की पुस्तकें वहाँ थीं। अनेक स्कूलों के विद्यार्थी वहाँ आए हुए थे। बच्चे-बड़े सभी पुस्तकें खरीदने में व्यस्त थे या उनको देख-पढ़ रहे थे। कुछ लोग ग्रुप में खड़े पुस्तकों पर चर्चा कर रहे थे। मेरे पास समय का अभाव था। मैंने अपने और छोटे भाई के लिए मुंशी प्रेमचंद का कहानी-संग्रह तथा हिंदी का एक शब्दकोश खरीदा।

Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 10 ठेस Additional Important Questions and Answers

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

गद्यांश क्र. 1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
कारण लिखिए:
गाँव के लोग अब सिरचन को खेत-खलिहान की मजदूरी के लिए इसलिए नहीं बुलाते:
उत्तर:
लोग उसको बेकार ही नहीं, बेगार’ समझते हैं। दूसरे मजदूर खेत पर पहुँचकर एक-तिहाई काम कर चुकते हैं, तब पगडंडी पर तौल-तौलकर पाँव रखता हुआ, धीरे-धीरे कहीं सिरचन राय हाथ में खुरपी डुलाता हुआ दिखाई पड़ेगा।

प्रश्न 2.
वाक्यों को उचित क्रम लगाकर लिखिए:
(i) तुम्हारी भाभी ने कहाँ से बनाना सीखी हैं?
(ii) लोग उसको बेकार ही नहीं, ‘बेगार’ समझते हैं।
(iii) मुफ्त में मजदूरी देनी हो, तो और बात है।
उत्तर:
(i) मुफ्त में मजदूरी देनी हो, तो और बात है।
(ii) मैं पहले ही पूछ लेता, भोग क्या-क्या लगेगा?
(iii) तुम्हारी भाभी ने कहाँ से बनाना सीखी है?

प्रश्न 3.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 4
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 6

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 4.
एक शब्द में उत्तर लिखिए:
(i) बिना मजदूरी दिए जबरदस्ती लिया गया काम – …………………………..
(ii) बाँस की तीलियों से बना परदा – …………………………..
उत्तर:
(i) बिना मजदूरी दिए जबरदस्ती लिया गया काम- बेगार।
(ii) बाँस की तीलियों से बना परदा- चिक।

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘खेत-खलिहान की मजदूरी इस विषय में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
भारत गाँवों और खेतों का देश है। यहाँ आज भी देश की दो-तिहाई जनता खेती से जुड़ी है। खेत हैं, खेती है तो मजदूर भी जरूरी हैं। मजदूर और किसान एक-दूसरे के पूरक हैं। मजदूर के बिना किसानों का काम असंभव-सा होता है। फसल की बुआई, गुड़ाई, निराई, सिंचाई आदि के काम के लिए मजदूरों की आवश्यकता होती ही है। भूमिहीन मजदूर परिवार बहुत गरीब होते हैं। उनके पास अपनी जमीन नहीं होती। उन्हें रोजी-रोटी के लिए दूसरों के खेतों में काम करना पड़ता है। फसल की बुआई और कटाई के समय तो बड़े किसानों के खेतों में उन्हें काम और मजदूरी मिल जाती है, परंतु पूरे वर्ष काम नहीं मिल पाता। ऐसे समय इन मजदूरों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए मजदूरी के अन्य कार्य करने पड़ते हैं। बार-बार कर्ज लेना पड़ता है।

गद्यांश क्र. 2
प्रश्न, निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 8
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 11
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 12

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 2.
गलत वाक्य सही करके लिखिए:
(i) दूध, घी, मलाई न मिले तो कोई बात नहीं किंतु बात में जरा भी झाला सिरचन नहीं बरदाश्त कर सकता।
(ii) आज तो अब अधकपाली दर्द के कारण मन ठीक नहीं है। थोड़ा-सा रह गया है, किसी दिन आकर पूरा कर दूंगा।
उत्तर:
(i) दूध में कोई मिठाई न मिले तो कोई बात नहीं किंतु बात में जरा भी झाला सिरचन नहीं बरदाश्त कर सकता।
(ii) आज तो अब अधकपाली दर्द से माथा टनटना रहा है। थोड़ा-सा रह गया है, किसी दिन आकर पूरा कर दूंगा।

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) सिरचन जाति का यह है – [ ]
(ii) बिना इसके पेट भर भात पर काम करने वाला कारीगर – [ ]
(iii) सिरचन को लोग यह भी समझते हैं – [ ]
(iv) ऐसे बहुत-से काम हैं जिन्हें इसके सिवा गाँव में कोई नहीं जानता – [ ]
उत्तर:
(i) सिरचन जाति का यह है – [कारीगर]
(ii) बिना इसके पेट भर भात पर काम करने वाला कारीगर – [मजदूरी]
(iii) सिरचन को लोग यह भी समझते हैं – [चटोर]
(iv) ऐसे बहुत-से काम हैं जिन्हें इसके सिवा गाँव में कोई नहीं जानता – [सिरंचन]

प्रश्न 4.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 10
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 14

गद्यांश क्र. 3.
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 15
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 17

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 2.
वाक्यों को उचित क्रम लगाकर लिखिए:
(i) मानू दीदी काकी की सबसे छोटी बेटी है।
(ii) मँझली भाभी का मुँह लटक गया।
(iii) मॅझली भाभी से रहा नहीं गया।
उत्तर:
(i) रंगीन सुतलियों में झब्बे डालकर सिरचन चिक बुनने बैठा।
(ii) मैंझली भाभी से रहा नहीं गया।
(iii) मँझली भाभी का मुँह लटक गया।

प्रश्न 3.
कारण लिखिए:
मझली भाभी का मुँह लटक गया –
उत्तर:
मझली भाभी का प्रस्ताव सुनकर सिरचन ने कहा कि बहुरिया, मोहर छापवाली धोती के साथ रेशमी कुर्ता देने पर भी ऐसी चीज नहीं बनती। मानू दीदी का दूल्हा अफसर है। सिरचन की बात सुनकर मझली भाभी का मुँह लटक गया।

प्रश्न 4.
वाक्य पूर्ण कीजिए:
(i) मानू के दूल्हे ने पहले ही बड़ी भाभी को –
(ii) मोहर छापवाली धोती नहीं, मुंगिया लड्डू, बेटी की बिदाई के समय –
उत्तर:
(i) मानू के दूल्हे ने पहले ही बड़ी भाभी को लिखकर चेतावनी दे दी है।
(ii) मोहर छापवाली धोती नहीं, मुँगिया लड्डू, बेटी की विदाई के समय रोज मिठाई जो खाने को मिलेगी।

प्रश्न 5.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 16
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 18

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘मन लगाकर काम करना एक गुण है’ इस विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
किसी भी काम को मन लगाकर अर्थात तन्मयता से करना एक गुण है। उसका फल भी हमें मिलता है। मन लगाकर किए गए काम के परिणाम हमेशा उत्तम होते हैं। जिस काम को करने में मन लगता है, वह कभी बोझ नहीं लगता। जो काम मन मारकर करना पड़े, वह बोझ बन जाता है। कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो एक किनारे खड़े होकर नाव की तलाश करते हैं अर्थात उचित काम और अवसर की तलाश करते रहते हैं और वह अवसर कभी नहीं आता, वे जिंदगी भर इंतजार ही करते रहते हैं। कुछ लोग नौकरी में मन लगाकर काम ही नहीं करना चाहते। दूसरे साथी जब मेहनत और लगन से काम करके प्रोन्नति पाकर आगे बढ़ जाते हैं, तो ईष्या के वश होकर उन्हें अधिकारियों का चमचा आदि कहते हैं।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

गद्यांश क्र. 4
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
ये वाक्य किसने, किससे कहे हैं? लिखिए:
(i) आज सिरचन को कलेवा किसने दिया है?
(ii) अरी मँझली, सिरचन को बुंदिया क्यों नहीं देती?
(iii) बँदिया मैं नहीं खाता, काकी!
(iv) किसी के नैहर-ससुराल की बात क्यों करेगा वह?
उत्तर:
(i) आज सिरचन को कलेवा किसने दिया है? – लेखक ने माँ से कहा है।
(ii) अरी मँझली, सिरचन को बुंदिया क्यों नहीं देती? – लेखक की माँ ने मँझली भाभी से कहा है।
(iii) बुंदिया मैं नहीं खाता, काकी- सिरचन ने लेखक की माँ से कहा है।
(iv) किसी के नैहर-ससुराल की बात क्यों करेगा वह? – चाची ने लेखक की माँ से कहा है।

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) सिरचन को काम में मगन होकर खाने-पीने की यह न रहती।। – [ ]
(ii) चिक में सुतली के फंदे डालकर सिरचन ने इस पर निगाह डाली। – [ ]
(iii) मानू यह सजाकर बाहर बैठकखाने में भेज रही थी। – [ ]
(iv) अरी मैंझली, सिरचन को यह क्यों नहीं देती। – [ ]
उत्तर:
(i) सिरचन को काम में मगन होकर – खाने-पीने की यह न रहती। – [सुध]
(ii) चिक में सुतली के फंदे डालकर – सिरचन ने इस पर निगाह डाली। [सूप]
(iii) मानू यह सजाकर बाहर बैठकखाने में भेज रही थी। – [पान]
(iv) अरी मँझली, सिरचन को यह क्यों नहीं देती। – [बँदियाँ]

प्रश्न 3.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 19
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस 20

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘बहू के मायके की आलोचना करना उचित नहीं है इस विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।।
उत्तर:
कहा जाता है कि बेटियों का असली घर उनका ससुराल होता है। जिसे असली घर बताया जाता है, यानि कि ससुराल, वहाँ अकसर बहू को बेगाना समझा जाता है। ससुराल में बहू को कोई हक नहीं होता कि वह अपनी इच्छा से कुछ कर सके। हर छोटी-बड़ी बात के लिए उसे ससुरालवालों की आज्ञा की आवश्यकता होती है। बहू सबकी इच्छाओं का ख्याल रखती है, सबका सम्मान करती है, पर बहू का सम्मान अकसर नहीं किया जाता। स्थिति तब और भी भयंकर हो जाती है, जब ससुरालवाले समय-असमय बहू के मायके की आलोचना करने लगते हैं।

मायकेवालों ने क्या भेजा है, बहू क्या लाई है? आदि प्रश्न घरवाले ही नहीं, कभी-कभी अड़ोस-पड़ोसवालों की जुबान पर भी आने लगते हैं। लड़केवाले प्रायः समझते हैं कि उनका दर्जा लड़कीवालों से ऊँचा है। बात-बात पर बह के मायकेवालों की उपेक्षा की जाती है। उनमें मीन-मेख निकाली जाती है। परिणामस्वरूप, बहू के मन में ससुराल के प्रति विद्वेष की भावना आ जाती है। हमें बहू के मायकेवालों का सम्मान करना होगा। तभी बहू भी ससुरालवालों को सम्मान देगी। हमेशा उनसे कुछ लेने की अपेक्षा करना उचित नहीं है।

गद्यांश क्र.5
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढकर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखिए:
*(i) सिरचन ने छोटी चाची से माँगा –
(ii) सिरचन की घरवाली ने यह बुनी थी –
उत्तर:
(i) सिरचन ने छोटी चाची से माँगा – गमकौआ जर्दा।
(i) सिरचन की घरवाली ने यह बुनी थी – शीतलपाटी।

प्रश्न 2.
वाक्यों को उचित क्रम लगाकर लिखिए:
(i) सिरचन ने मुस्कराकर पान का बीड़ा मुँह में ले लिया।
(ii) चाची कई कारणों से जली-भुनी रहती थी सिरचन से।
(iii) बस, सिरचन की उँगलियों में सुतली के फंदे पड़ गए।
उत्तर:
(ii) चाची कई कारणों से जली-भुनी रहती थी सिरचन से।
(ii) बस, सिरचन की उँगलियों में सुतली के फंदे पड़ गए।
(iii) सातों तारे मंद पड़ गए।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 10 ठेस

प्रश्न 3.
कारण लिखिए:
(i) मेरा कलेजा धड़क उठा… हो गया सत्यानाश!
(ii) सातों तारे मंद पड़ गए।
उत्तर:
(i) चाची ने सिरचन को बुरी तरह डाँटा था। मैं जानता था कि सिरचन बड़ा स्वाभिमानी है। अब वह मानू की ससुराल के लिए चिक और शीतलपाटी बनाएगा भी या नहीं।
(ii) सिरचन बड़ा स्वाभिमानी था। चाची ने उसे बुरी तरह डाँटा तो वह उस चिक को, जिसे उसने बड़े मन से बनाना शुरू किया था, अधूरी छोड़कर चला गया।

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘सिरचन काम अधूरा छोड़कर चला गया। क्या यह उचित था’ इस विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
लेखक की चाची के बुरा-भला कहने पर सिरचन नाराज होकर काम अधूरा छोड़कर चला गया। इसे किसी भी प्रकार उचित नहीं कहा जा सकता। सिरचन अच्छी तरह जानता था कि चिक और पटेर की शीतलपाटियाँ मानू के अफसर दूल्हे की फरमाइश पर बनवाई जा रही हैं। मानू उन्हें लेकर ही ससुराल जाएगी। फिर भी उसने काम पूरा . नहीं किया और चला गया। यह सिरचन ने ठीक नहीं किया। उसने एक बार भी नहीं सोचा कि दूल्हे की फरमाइश पूरी न होने की स्थिति में मानू को ताने सुनने पड़ सकते हैं। सास-ससुर व घर के अन्य सदस्यों की नाराजगी का शिकार होना पड़ सकता है। उस समय वह मानू, जिसके प्रति सिरचन के मन में भी स्नेह था, कितनी दुखी होगी। सिरचन का काम अधूरा छोड़कर जाना मुझे उचित नहीं लगा। (विद्यार्थी अपने ३ विचार लिखें।)

गद्यांश क्र. 6
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
ये वाक्य किसने, किससे कहे हैं? लिखिए:
(i) यह भी बेजा नहीं दिखलाई पड़ता, क्यों मानू?
(ii) चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी!
(iii) मानू दीदी कहाँ हैं? एक बार देखू।
(iv) ये मेरी ओर से हैं। सब चीजें हैं दीदी!
उत्तर:
(i) यह भी बेजा नहीं दिखलाई पड़ता, क्यों मानू? – बड़ी भाभी ने मानू से कहा है।
(ii) चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी! – लेखक ने बड़ी भाभी से कहा है।
(iii) मानू दीदी कहाँ हैं? एक बार देखू। – सिरचन ने लेखक से कहा है।
(iv) यह मेरी ओर से हैं। सब चीजें हैं दीदी! – सिरचन ने मानू से कहा है।

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प्रश्न 2.
वाक्यों को उचित क्रम लगाकर लिखिए:
(i) मानू फूट-फूटकर रो रही थी।
(ii) मानू कुछ नहीं बोली!… बेचारी!
(iii) मानू को ससुराल पहुँचाने में ही जा रहा था।
उत्तर:
(i) मानू कुछ नहीं बोली!… बेचारी!
(ii) मानू को ससुराल पहुँचाने मैं ही जा रहा था।
(iii) मानू फूट-फूटकर रो रही थी।

प्रश्न 3.
दो ऐसे प्रश्न बनाइए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(i) सिरचन ने
(ii) मानू।
उत्तर:
(i) किसने दाँत से जीभ को काटकर दोनों हाथ जोड़ दिए?
(ii) मोहर छापवाली धोती का दाम कौन देने लगी?

कृति 2: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘सिरचन भावनाओं से परिपूर्ण व्यक्ति था’ इस विषय में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
सिरचन भावनाओं से परिपूर्ण व्यक्ति है। वह एक उच्चकोटि का कलाकार है। चिक, शीतलपाटी आदि बनाने में पूरे क्षेत्र में उसका कोई सानी नहीं है। लेखक का परिवार, विशेष रूप से उनकी माँ का सिरचन बहुत आदर करता है। लेखक की माँ भी सिरचन की कला का सम्मान करती है। शायद इसीलिए लेखक की चाची उससे जली-भुनी रहती है। भावुक होने के कारण सिरचन को किसी के द्वारा टोका जाना तनिक भी बर्दाश्त नहीं होता। इसीलिए चाची के बुरा-भला कहने पर वह नाराज होकर काम अधूरा छोड़कर चला जाता है।

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परंतु सिरचन जानता है कि चिक, शीतलपाटी आदि सभी चीजों के लिए मानू के अफसर पति ने फरमाइश की थी। उसे मानू से स्नेह था। अतः नाराज होने के बावजूद वह मानू के लिए वे सारी चीजें बनाता है और इतनी सुंदर कि लेखक भी उसकी कारीगरी देखकर दंग रह जाता है। सिरचन स्वयं उन्हें लेकर स्टेशन आता है। मानू जब माँ द्वारा कही गई मोहर छापवाली धोती का दाम सिरचन को देना चाहती है तो वह दोनों हाथ जोड़कर मना कर देता है।

उपक्रम/कृति/परियोजना

प्रश्न.
लेखनीय
लोक कलाओं के नामों की सूची तैयार कीजिए।
उत्तर:

  • मधुबनी
  • जादोपाटिया
  • कलमकारी
  • कांगड़ा
  • गोंड
  • चित्तर
  • तंजावुर
  • थंगक
  • पातचित्र
  • पिछवई
  • पिथोरा
  • फड़
  • बाटिक
  • यमुनाघाट
  • वरली।

प्रश्न.
पठनीय
देश की आत्मा गाँवों में बसती है, गांधी जी के इस विचार से संबंधित लेख पदिए तथा इस पर स्वमत प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
हमारा देश कृषिप्रधान देश है। यह गाँवों का देश है। भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। सरित-सरोवर, झील-जलाशय, विविध विटप, वन-पर्वत, खेत-खलिहान और सहज-स्वाभाविक जीवन शैली सब गाँवों में ही उपलब्ध हो सकती है। आज भी भारत की 65 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या गाँवों में बसती है। परंतु देश के आर्थिक विकास का लाभ गाँववासियों को संख्या के अनुपात में नहीं मिल पाता। आज भी असंख्य गाँव देश की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाए हैं। गाँवों की समस्याएँ चाहे गरीबी हो, सामाजिक हो, पेयजल हो या बिजली, सड़क, शिक्षा आदि हों, इन्हें कभी भी गंभीर रूप से नहीं लिया गया। शहर के निकट बसे गाँवों में तो फिर भी विकास की संभावनाएं बनी रहती हैं, परंतु दूर-दराज के पिछड़े गाँवों के विकास के प्रति प्रशासन का ध्यान ही नहीं जाता। देखा जाए तो गाँवों की प्रगति से ही पूरे देश की प्रगति जुड़ी है, क्योंकि गाँवों से ही हमारी प्रत्येक आवश्यकता अनाज, वस्त्र, कागज, ईंधन, उद्योगों के लिए कच्चा माल आदि की पूर्ति होती है।

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प्रश्न.
संभाषणीय
आपकी तथा परिवार के किसी बड़े सदस्य की दिनचर्या की तुलना कीजिए तथा समानता एवं अंतर बताइए।
उत्तर:
मैं दसवीं कक्षा की छात्रा हूँ और उसी स्कूल में पढ़ती हूँ, जहाँ मेरी माँ वाइस प्रिंसिपल हैं और हिंदी की प्राध्यापिका हैं। हम दोनों आठ बजे बस से स्कूल जाते हैं और दो बजे घर लौटते हैं। माँ सुबह जल्दी जगती हैं। नाश्ता और दोपहर का खाना बनाती हैं। मुझे जगाती हैं। स्वयं तैयार होती हैं। फिर हम स्कूल के लिए निकलते हैं। स्कूल से घर आकर मैं कपड़े बदलती हूँ, तब तक माँ खाना गरम करती हैं। खाना खाते समय हम दोनों स्कूल व मेरी पढ़ाई के विषय में बातें करते हैं। उसके बाद हम दोनों लगभग एक घंटा विश्राम करते हैं। चार बजे माँ फिर से काम पर लग जाती हैं।

विद्यार्थियों का गृहकार्य-कक्षाकार्य आदि जाँचना, कभी परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र बनाना और कभी परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाएँ जाँचना, हर दिन माँ के पास स्कूल से संबंधित काम होता ही है। मैं भी उनके पास बैठकर पढ़ती हूँ। छह-साढ़े छह बजे माँ रात के खाने की तैयारी के लिए रसोई में जाती हैं। इस बीच मैं अपनी सहेलियों के साथ कुछ देर खेलने चली जाती हूँ। आठ बजे पिता जी के आने के बाद हम तीनों खाना खाते हैं। उसके बाद मैं पढ़ती हूँ और ग्यारह बजे सो जाती हूँ।

प्रश्न.
श्रवणीय
महाराष्ट्र में चलाए जाने वाले लघु उद्योगों की जानकारी रेडियो/दूरदर्शन पर सुनिए और इसके मुख्य मुद्दों को लिखिए।
उत्तर:
महाराष्ट्र में चलाए जाने वाले लघु उद्योग और क्षेत्र:

  • कोल्हापुरी चप्पलें (कोल्हापुर)
  • वरली पेंटिंग (ठाणे)
  • लकड़ी के खिलौने (सावंतवाडी)
  • गंजीफा (सावंतवाडी)
  • चाँदी का काम (हुपरी)
  • बीदरी काम (बीदर)
  • दरी (विदर्भ)
  • बाँस का सामान (रायगड, ठाणे)
  • पीतल के संगीत वाद्य (ताल, झाँझ, घंटे)

ठेस Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : कलाकार किसी भी धर्म, जाति और वर्ग का हो, उसे अपनी कला पर अभिमान होता है। वह स्वाभिमान के मूल्य को समझता है और उसकी रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहता है। जाति या धर्म के नाम पर जब उसके स्वाभिमान पर आघात होता है तो वह उसे बरदाश्त नहीं करता।

प्रस्तुत कहानी में सिरचन नामक एक ग्रामीण कलाकार का वर्णन किया गया है। वह मोथी घास और पटेर की रंगीन शीतलपाटी (चटाई), बाँस की तीलियों की झिलमिलाती चिक, सतरंगे डोर के मोढ़े, भूसी-चुन्नी रखने के लिए पूँज की रस्सी के बड़े-बड़े जाले, ताल के सूखे पत्तों की छतरी-टोपी आदि उपयोगी वस्तुएँ बनाता है। ये वस्तुएँ बनाकर वह अपनी आजीविका कमाता है। स्वाभिमानी होने के कारण वह हर परिस्थिति में अपने स्वाभिमान की रक्षा करता है।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 2 लक्ष्मी

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 2 लक्ष्मी Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 2 लक्ष्मी

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 2 लक्ष्मी Textbook Questions and Answers

सूचना के अनयुार कृहत्‍ँ कीहजए:

प्रश्न 1.
संजाल पूण् कीहजए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 1
उत्तर:

प्रश्न 2.
उचित घटनाक्रम लगाकर वाक्य फिर से लिखिए:
१. उसके गले में रस्सी थी।
२. रहमान बड़ा मूर्ख है।
३. वह लक्ष्मी को सड़क पर ले आया।
४. उसने तुम्हें बड़ी बेदर्दी से पीटा है।
उत्तर:
(i) उसने तुम्हें बेदर्दी से पीटा है।
(ii) रहमान बड़ा मूर्ख है।
(iii) उसके गले में रस्सी थी।
(iv) वह लक्ष्मी को सड़क पर ले आया।

प्रश्न 3.
उततर हलखखए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 2

उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 21

Maharashtra Board Solutions

प्रश्न 4.
गलत वाक्य, सही करके लिखिए:
१. करामत अली पिछले चार सालों से गाय की सेवा करता चला आ रहा था।
२. करामत अली को लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद इत्मीनान हुआ।
उत्तर:
(i) करामत अली पिछले एक साल से गाय की सेवा करता चला आ रहा था।
(ii) करामत अली को लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद भी इत्मीनान नहीं हुआ।

प्रश्न 5.
हनम्हलखखत मयु्दो के आधार पर वर्णन कीहजए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 3
उत्तर:

प्रश्न 6.
कारण हलखखए:
a. करामत अली लक्ष्मी के हलए सानी तैयार करने लगा।
b. रमजानी ने करामत अली को रोगन हदया।
c. रिमान ने लक् को इलाके से भहर तोडा हदया।
d. करामत अली ने लक् को गऊशाला मे भरती हकया।
उत्तर:
a. सुबह से रमजानी या रहमान किसी ने भी लक्ष्मी को चारा, दर्रा कुछ भी नहीं दिया था। लक्ष्मी बहुत भूखी थी।
b. रहमान के मारने के कारण लक्ष्मी की पीठ पर चोट आई थी।
c. रहमान ने सोचा कि लक्ष्मी नाले के पास उगी दूब खाकर पेट भर लेगी।
d. पैसे की तंगी के कारण करामत अली लक्ष्मी के दाने-चारे का प्रबंध नहीं कर पा रहा था। वह लक्ष्मी को भूखों मरता नहीं देख सकता था।

प्रश्न 7.
हिंदी-मराठी मे समोच्ररत शब् के हभन नर् हलखखए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 4
उत्तर:

 हिंदीमराठी
(1) खत पत्र खाद
(2) पीठ पीठ (शरीर का अंग) आटा
(3) खाना भोजन दराज
(4) चारा उपाय जानवरों को खिलाने की सामग्री
(5) कल बीता हुआ अथवा आने वाला समय (कल) रुझान, प्रवृत्ति

Maharashtra Board Solutions

प्रश्न.
यदि आप करामत अली की जगि पर होते तो’ इस संदभ् मे अपने हिचार लिखिए।
उत्तर:
करामत अली दोस्त को दिए गए वचन को निभाने वाला और पशु की पीड़ा समझने वाला इन्सान है। यदि करामत अली की जगह मैं होती/होता तो मैं भी वही करती/करता, जो करामत अली ने किया। जब हम किसी पशु को पालते हैं, तो उसकी सुख-सुविधा और खाने-पीने की उचित व्यवस्था करना हमारी जिम्मेदारी होती है। यदि मेरे समक्ष करामत अली जैसी स्थिति (आर्थिक संकट) उत्पन्न होती, तो मैं भी अपने पालतू पशु को भूखा मरते देखने या उसे कसाई के हाथों बेचने के स्थान पर किसी अच्छे पशुघर (गऊशाला) में ही दाखिल कराती/कराता। पशुघर में अपने जैसे अन्य पशुओं के साथ मेरा प्रिय पशु भी सुखपूर्वक अपना शेष जीवन बिता सकता। इससे मुझे बहुत संतोष होता।

भाषा बिंदु
प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्नों का प्रयोग कर वाक्य पुनः लिखिए:

१. ओह कंबख्त ने कितनी बेदर्दी से पीटा है
२. मैंने कराहते हुए पूछा मैं कहाँ हूँ
३. मँझली भाभी मुट्ठी भर बँदियाँ सूप में फेंककर चली गई
४. बड़ी बेटी ने ससुराल से संवाद भेजा है उसकी ननद रूठी हुई है मोथी की शीतलपाटी के लिए
५. केवल टीका नथुनी और बिछिया रख लिए थे
६. ठहरो मैं माँ से जाकर कहती हूँ इतनी बड़ी बात
७. टाँग का टूटना यानी सार्वजनिक अस्पताल में कुछ दिन रहना
८. जल्दी-जल्दी पैर बढ़ा
९. लक्ष्मी चल अरे गऊशाला यहाँ से दो किलोमीटर दर है
१०. मानो उनकी एक आँख पूछ रही हो कहो कविता कैसी रही

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विरामचिह्नों का उपयोग करते हुए बारह-पंद्रह वाक्यों का परिच्छेद लिखिए:

विरामचिह्नवाक्य
?
;
,
!
‘ ’
‘‘ ’’
x x x
— 0 —
……………
( )
[ ]
^
:
-/Maharashtra Board Solutions

उत्तर:

विरामचिह्नवाक्य
लक्ष्मी बड़ी भयभीत और घबराई हुई थी।
मालिक आज दर्रा-खली कुछ नहीं।
?कौन खरीदेगा इस बूढ़ी गाय को?
;हिंदी साहित्य के विकास; उन्नति में डायरी का भी योगदान है।
,देखो, मुझे गाय बेचनी ही नहीं है।
!ये देखो चाचाजी!
‘ ’गोआ में ‘सी-फूड’ की अधिकता है।
‘‘ ’’“ऐसी कोई विशेष बात नहीं है।”
x x xहे ग्रामदेवता नमस्कार xxx
– ० –इस तरह राजा – ० – रानी सुख से रहने लगे।
……………तुम इस गाय को लेकर क्या करोगे…..?
( )रवींद्रनाथ ठाकुर का [(बंगला भाषा) अनुवादित (अनूदित)] साहित्य सभी पढ़ते हैं।
[ ]रवींद्रनाथ ठाकुर का [(बंगला भाषा) अनुवादित (अनूदित)] साहित्य सभी पढ़ते हैं।
^मामा जी आगरा से आएँगे।
:मनु (हँसते हुए): मैंने तो लड्डू का डिब्बा देखा भी नहीं।
-/परीक्षार्थी उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण में से एक तो अवश्य होगा।

प्रश्न.
हकसी पालतूप्री की आतमकरा हलखखए।
उत्तर:
ऐसे अनेक जानवर हैं, जो या तो संख्या में कम हैं या बदलते पर्यावरण और परभक्षण मानकों के कारण लुप्तप्राय हो रहे हैं। साथ ही वनों की कटाई के कारण भोजन और पानी की कमी हो जाना भी इनकी आबादी कम होने का कारण है। भारतीय वन्थ जीवों में अनूप मृग, चौसिंगा, कस्तूरी मृग, नीलगाय, चीतल, कृष्णमृग, एक सींग वाला गैंडा, सांभर, गोर, जंगली सूअर आदि दुर्लभ प्रजातियाँ हैं।

पर्यावरण संतुलन में इन जीवों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इन प्रजातियों में बड़ी तेजी से गिरावट आ रही है। भारत में स्तनपायी वन्य जीवों की 81 प्रजातियाँ संकटग्रस्त हैं। इनमें से कुछ हैं-शेर, चीता, बाघ, सफेद तेंदुआ, गैंडा, जंगली भैंसा, जंगली सूअर, लाल पांडा, चिम्पैंजी, नीलगिरि लंगूर, बारहसिंगा, कस्तूरी मृग, नीलगिरि हिरन, चौसिंगा हिरन, कश्मीरी हिरन आदि।

कुत्ते की आत्मकथा
मैं गलियों में मारा-मारा फिरने वाला एक कुत्ता हूँ। मैंने अपने जीवन में बहुत सुख-दुख सहे हैं। मैं आपको अपनी व्यथा-कथा सुनाता हूँ।

मेरी माँ एक किसान-परिवार की पालतू कुतिया थी। उसी के घर में मेरा जन्म हुआ था। मेरा रंग दूध की तरह सफेद था। बच्चे-बूढ़े सभी मुझे प्यार से उठा लेते थे। वे मुझे गोद में लेकर सहलाते। लोग मुझे तरह-तरह की चीजें खाने के लिए देते थे। मैं बहुत खुश था।

एक दिन उस किसान ने मुझे एक अमीर आदमी के हाथों सौंप दिया। मेरा मालिक मुझे पाकर बहुत खुश हुआ। वह मेरा बहुत ख्याल रखता था। वह मुझे ‘टॉमी’ कहकर बुलाता था। जहाँ भी जाता, वह अपने साथ मुझे ले जाता था।

मैं भी अपने मालिक की बहुत सेवा करता था। रात के समय में उसके बँगले की रखवाली करता था। मालिक के बच्चे मुझे बहुत प्यार करते थे। लेकिन सब दिन एक समान नहीं होते। धीरे-धीरे मेरा स्वास्थ्य गिरने लगा। मैं कमजोर होता चला गया। न मैं अब पहले जैसा ताकतवर रहा और न ही सुंदर। इसलिए मेरे प्रति मालिक और उसके परिवार का रुख बदल गया।

मेरे बुढ़ापे ने मुझे कहीं का नहीं रखा। मुझे अब अपना जीवन बोझ-सा लगने लगा है। मैं पेट भरने के लिए मारा-मारा फिरता हूँ। जिसके दरवाजे पर पहुँचता हूँ, वही दो डंडे जमा देता है। (यहाँ पर ‘कुत्ते की आत्मकथा’ नमूने के रूप में दी गई है। विद्यार्थी अपनी पसंद के पालतू प्राणी की आत्मकथा लिखें।)

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Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 2 लक्ष्मी Additional Important Questions and Answers

गद्यांश क्र. 1
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)
(1) कारण लिखिए:
(i) रहमान ने लक्ष्मी की पीठ पर डंडे बरसा दिए।
उत्तर:
(i) लक्ष्मी ने दूध नहीं दिया था।

(2) संजाल पूर्ण कीजिए:

उत्तर:

कृति 2: (आकलन)
• संजाल पूर्ण कीजिए:

उत्तर:

कृति 3: (शब्द संपदा)
(1) गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
(i) …………………
(ii) …………………
(iii) …………………
(iv) …………………
उत्तर:
(i) उछलती-कूदती
(ii) दो – चार
(iii) धीरे-धीरे
(iv) इधर-उधर।

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(2) निम्नलिखित शब्दों के लिंग बदलकर लिखिए:
(i) गाय
(ii) बेटी
(iii) रस्सी
(iv) खूटा।
उत्तर:
(i) गाय – बैल
(ii) बेटी – बेटा
(iii) रस्सी – रस्सा
(iv) खूटा – खूटी।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
पालतू जानवरों के साथ किए जाने वाले सौहार्दपूर्ण व्यवहारों के बारे में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
जानवरों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्त्व है। इसलिए प्राचीन काल से पशु मनुष्य के साथी रहे हैं। गाय, बैल, भैंस, कुत्ता, घोड़ा आदि जानवर हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं। पालतू पशु मनुष्य के परिवार के सदस्य जैसे होते हैं। हमें उन्हें प्रेम से पालना चाहिए। हमें उनके प्रति सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखना चाहिए। उन्हें उचित समय पर अच्छी खुराक देनी चाहिए।

उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। पशु मूक प्राणी होते हैं। वे अपना दुख-दर्द बता नहीं सकते। इसलिए मनुष्य को उनके भोजन के साथ-साथ उनकी भावनाओं को भी समझना जरूरी है। ये जानवर हमारे प्रति भी सद्व्यवहार और स्नेह रखते हैं। उनकी अच्छी देखभाल करना हमारा कर्तव्य है।

गद्यांश क्र. 2
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)
(1) संजाल पूर्ण कीजिए:
(i)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 11
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 14

(ii)

उत्तर:

(iii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 13
उत्तर:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 16

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(2) आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) लक्ष्मी शांत खड़ी जख्मों पर यह लगवाती – [ ]
(ii) लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद भी करामत अली को यह नहीं हुआ – [ ]
उत्तर:
(i) लक्ष्मी शांत खड़ी जख्मों पर यह लगवाती रही – [तेल]
(ii) लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद भी करामत अली को यह नहीं हुआ – [इत्मीनान]

कृति 2: (आकलन)
(1) उत्तर लिखिए:
(i)

उत्तर:

(ii)

उत्तर:

कृति 3: (शब्द संपदा)
(1) निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) बरस
(ii) गाय
(iii) दूध
(iv) जरूरत।
उत्तर:
(i) बरस – साल
(ii) गाय – धेनु
(iii) दूध – दुग्ध
(iv) जरूरत – आवश्यकता।

(2) निम्नलिखित शब्दों का वचन बदलकर लिखिए:
(i) निशानी
(ii) समस्या
(iii) बेटी
(iv) जरूरत।
उत्तर:
(i) निशानी – निशानियाँ
(ii) समस्या – समस्याएँ
(iii) बेटी – बेटियाँ
(iv) जरूरत – जरूरतें।

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(3) गद्यांश में प्रयुक्त उर्दू शब्द ढूँढकर लिखिए।
(i) ……………….
(ii) ……………….
(iii) ……………….
(iv) ……………….
उत्तर:
(i) मवेशी
(ii) शौक
(iii) जरूरत
(iv) खुशनसीबी।

(4)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 25
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 26

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
पशुपालन के विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
आदि मानव जब से एक स्थान पर समूह बनाकर रहने और खेती करने लगा, तभी से मनुष्यों और पशुओं का साथ रहा है। कृषि कार्य में उसे कई पशुओं को पालतू बनाना पड़ा था। भारतीय समाज में पशुपालन की परंपरा तभी से चली आ रही है। देश के प्रत्येक कृषक की यह इच्छा रहती है कि उसके पास बैलों की एक जोड़ी और एक गाय अवश्य हो।

ये जानवर उसके लिए मात्र खेती में काम आने वाले, दूध देने वाले, सवारी तथा रखवाली के काम आने वाले ही नहीं होते, वरन ये कृषक परिवार का अभिन्न अंग होते हैं। घर के सभी सदस्यों को इनसे अत्यंत प्रेम होता है। ये अपने बच्चों के समान इन पशुओं के खान-पान और इनकी सुख-सुविधा का ध्यान रखते हैं।

गद्यांश क्र. 3

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)
कारण लिखिए:
(a) करामत अली लक्ष्मी को बेचना नहीं चाहता था।
उत्तर:
(a) करामत अली जानता था कि बूढ़ी लक्ष्मी को अगर कोई खरीदेगा तो वह उसे काट-काटकर बेचने के लिए ही खरीदेगा।

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कृति 2: (आकलन)
(1) आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 27
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 29

(2) उत्तर लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 28
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 30

(ii) रमजानी ने संदूकची से यह निकाला – [ ]
उत्तर:
(ii) रमजानी ने संदूकची से यह निकाला – [बीस का एक नोट]

कृति 3: (शब्द संपदा)
(1) निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) विशेष
(ii) बूढ़ी
(iii) आसान
(iv) बेचना।
उत्तर:
(i) विशेष x सामान्य
(ii) बूढ़ी x युवा
(iii) आसान x कठिन
(iv) बेचना x खरीदना।

(2) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:
(i) दूध
(ii) परेशानी
(iii) जमाना
(iv) सानी।
उत्तर:
(i) दूध – पुल्लिंग
(ii) परेशानी – स्त्रीलिंग
(iii) जमाना – पुल्लिग
(iv) सानी – स्त्रीलिंग।

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कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
मानव और पशु के संबंध के विषय में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
आदि-मानव पशुओं का शिकार पेट भरने के लिए करता था। कालांतर में उसने पशुओं का शिकार छोड़कर कृषि करना सीखा, साथ ही पशुओं को पालकर उनसे काम लेना प्रारंभ किया। गाय, बैल, घोड़ा और कुत्ता आदि हमारे बहुत अच्छे मित्र हैं। उनसे हमारे अनेक कार्य सिद्ध होते हैं। पशु अपनी मित्रता में सदा खरे उतरे हैं। उन्होंने मानव की हर तरह से सेवा की है। कुत्ता एक स्वामिभक्त जानवर है। अपने मालिक के लिए यह अपने प्राण भी न्योछावर कर देता है। सुरक्षा करने, मार्ग दिखाने आदि में कुत्ता अतुलनीय भूमिका निभाता है। संकट में फंसे लोगों को बचाने में भी कुत्ते बहुत कुशल होते हैं। कुत्तों में सूंघने की अद्भुत शक्ति होती है। कुत्ते पुलिस के काम में बहुत सहायता करते हैं।

गद्यांश क्र.4
प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)
(1) (i) आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 31
उत्तर:

Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 34

(ii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 32
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 35

(2) संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 33
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 36

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कृति 2: (आकलन)
(1) कारण लिखिए:
(i) लक्ष्मी को कांजी हाउस में पहुँचाने की धमकी देना
(ii) माँ-बेटे को आश्चर्य होना
(iii) रहमान ने लक्ष्मी को इलाके से बाहर छोड़ दिया।
उत्तर:
(i) क्योंकि लक्ष्मी दूसरे व्यक्ति की गाय का सब चारा खा गई है।
(ii) क्योंकि लक्ष्मी एक-डेढ घंटे बाद ही घर के सामने खड़ी थी।

(2) केवल एक/दो शब्दों में उत्तर लिखिए:
(i) करामत अली इस समय ड्यूटी से लौटा – ……………………….
(ii) दूसरों की गाय का चारा खाने वाली – ……………………….
(ii) रमजानी इसकी बातें सुनती रही – ……………………….
(iv) लक्ष्मी को देखकर आश्चर्यचकित होने वाले – ……………………….
उत्तर:
(i) दोपहर बाद।
(ii) लक्ष्मी
(iii) आगंतुक की।
(iv) माँ – बेटे।

(3) आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 37
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 38

कृति 3: (शब्द संपदा)
(1) निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए: –
(i) दिन
(ii) घर
(iii) माँ
(iv) आश्चर्य।
उत्तर:
(i) दिन = दिवस
(ii) घर = सदन
(iii) माँ = जननी
(iv) आश्चर्य = अचरज।

(2) निम्नलिखित शब्दों का वचन बदलकर लिखिए:
(i) इलाका
(ii) आँखें
(iii) गली
(iv) नाला।
उत्तर:
(i) इलाका – इलाके
(ii) आँखें – आँख
(iii) गली – गलियाँ
(iv) नाला – नाले।

(3) लिंग पहचानकर लिखिए:
(i) रस्सी – ……………………….
(ii) झाड़-झंखाड़ – ……………………….
उत्तर:
(i) रस्सी-स्त्रीलिंग
(ii) झाड़-झंखाड़-पुल्लिग।

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(4) गद्यांश में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्द के भिन्न-भिन्न अर्थ लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 39
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 40

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘कांजी हाउस में पशुओं के रखरखाव’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
कांजी हाउस सरकार द्वारा संचालित एक केंद्र (पशुधर) होता है। यहाँ उन पशुओं को रखा जाता है, जो लावारिस इधर-उधर घूमते रहते हैं और खेतों में घुसकर लोगों की फसल को नुकसान पहुँचाते हैं। शिकायतकर्ता इन पशुओं को कांजी हाउस में भेज देते हैं। इन पशुओं का नियमपूर्वक रिकॉर्ड रखा जाता है। इनके मालिक जब इन्हें लेने आते हैं तो उनसे जुर्माना वसूल कर पशु उनके हवाले कर दिए जाते हैं। यदि लंबे समय तक किसी पशु की खोज-खबर लेने कोई नहीं आता, तो उसे नीलाम कर दिया जाता है। कांजी हाउस में इन पशुओं के खान-पान का कोई ध्यान नहीं रखा जाता।

गद्यांश क्र. 5
कृति 1: (आकलन)
(1) दो ऐसे प्रश्न बनाकर लिखिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
(i) लक्ष्मी
(ii) गऊशाला में।
उत्तर:
(i) टुकड़े-टुकड़े होकर कौन बिक जाएगी?
(ii) करामत अली लक्ष्मी को कहाँ भरती करा देगा?

(2) संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 41
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 42

कृति 2: (आकलन)
(1) संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 43
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 2 लक्ष्मी 44

(2) कारण लिखिए:
(a) लक्ष्मी बिना किसी रुकावट के करामत अली के पीछे-पीछे चली आ रही थी।
उत्तर:
(a) लक्ष्मी करामत अली के प्रेम को पहचानती थी। वह जानती थी कि करामत अली उसे किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

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(3) एक-दो शब्दों में उत्तर लिखिए:
(i) रमजानी ने किसके चेहरे के भाव भाँप लिए?
(ii) रमजानी कहाँ खड़ी लक्ष्मी को बाहर ले जाते देखती रही?
उत्तर:
(i) करामत अली
(ii) दरवाजे पर।

कृति 3: (शब्द संपदा)
(1) निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) दोस्त
(ii) रात
(iii) सवेरा
(iv) बाहर।
उत्तर:
(i) दोस्त x दुश्मन
(ii) रात x दिन
(iii) सवेरा x साँझ
(iv) बाहर x भीतर।

(2) गद्यांश में प्रयुक्त उर्दू के शब्द ढूँढकर लिखिए।
(i) ………………..
(ii) ………………..
(ii) ………………..
(iv) ………………..
उत्तर:
(i) किस्मत
(ii) खुद
(iii) हुज्जत
(iv) इत्मीनान।

(3) गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
(i) ………………..
(ii) ………………..
(ii) ………………..
(iv) ………………..
उत्तर:
(i) मुँह-हाथ
(ii) पीछे-पीछे
(iii) थके-माँदे
(iv) खाए-पिए।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)
प्रश्न, सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
1. शब्द भेद:
• अधोरेखांकित शब्दों का शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
(i) वह लक्ष्मी को किसी भी हालत में बेचना नहीं चाहता था।
(ii) रामू ने देखा कि दूध नदारद!
(iii) राशन के लिए कुछ रुपए रखे थे।
उत्तर:
(i) वह – पुरुषवाचक सर्वनाम ।
(ii) दूध – द्रव्यवाचक संज्ञा।
(iii) कुछ – संख्यावाचक विशेषण।

2. अव्यय:
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) और
(ii) जहाँ
(iii) अरे!
(iv) अरे रे!
उत्तर:
(i) लक्ष्मी ने चारे को सूंघा और फिर उसकी ओर निराशा से देखने लगी।
(ii) जहाँ इसकी किस्मत में होगा, वहीं छोड़ आऊँगा।
(iii) अरे। लक्ष्मी जल्दी चल।
(iv) अरे रे! साँप ने उसे काट लिया।

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3. संधि:
कृति पूर्ण कीजिए:

संधि शब्द संधि विच्छेद संधि भेद
निराशा …………………………………………
अथवा
………………….. अति + अंत……………………

उत्तर:

संधि शब्द संधि विच्छेद संधि भेद
निराशानिः + आशाविसर्ग संधि
अथवा
अत्यंत अति + अंतस्वर संधि

4. सहायक क्रिया:
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) रमजानी काम में जुट गई।
(ii) रहमान ने लक्ष्मी को घर से निकालने के लिए कमर कस ली।
(iii) लक्ष्मी ने घास छोड़ दिया।

सहायक क्रिया मूल रूप
(i) गई जाना
(ii) ली लेना
(iii) दिया देना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) मिलना
(ii) पीना
(iii) बनना।
उत्तर:

क्रिया प्रथम प्रेरणार्थक रूप द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) मिलना मिलाना मिलवाना
(ii) पीना पिलाना पिलवाना
(i) बनना बनाना बनवाना

6. मुहावरे:
(1) मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(i) चंपत होना
(ii) कमर कसना
(iii) ताँता लगना
उत्तर:
(i) चंपत होना।
अर्थ: गायब होना।
वाक्य: पुलिस को देखकर चोर चंपत हो गया

(ii) कमर कसना।
अर्थ: तैयार होना।
वाक्य: अकाल का मुकाबला करने के लिए लोगों ने कमर कस ली

(iii) ताँता लगना।
अर्थ: कतार लग जाना, भीड़ लगना।
वाक्य: गांधी जी के दर्शनों के लिए आश्रम में हमेशा लोगों का तांता लगा रहता।

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(2) अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए गए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए: (पैर पकड़ना, जान में जान आना, ताँता बंध जाना)
(i) वर्षा होने पर किसानों को धीरज प्राप्त हुआ
(ii) रमण ने पिता जी से क्षमा याचना की
उत्तर:
(i) वर्षा होने पर किसानों की जान में जान आई
(ii) रमण ने पिता जी के पैर पकड़े

7. कारक:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारक पहचानकर उनका भेद लिखिए:
(i) कंबख्त ने कितनी बेरहमी से पीटा है।
(ii) लक्ष्मी ने आज भी दूध नहीं दिया।
(iii) उसने लक्ष्मी के माथे पर हाथ फेरा।
उत्तर:
(i) बेरहमी से-करण कारक
(ii) लक्ष्मी ने-कर्ता कारक
(iii) माथे पर-अधिकरण कारक।

8. काल परिवर्तन:
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) लक्ष्मी उसकी ओर देखती है। (अपूर्ण भूतकाल)
(ii) रहमान लक्ष्मी को मारता है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
(iii) लक्ष्मी बड़ी घबराई हुई है। (पूर्ण भूतकाल)
उत्तर:
(i) लक्ष्मी उसकी ओर देख रही थी।
(ii) रहमान ने लक्ष्मी को मारा है।
(iii) लक्ष्मी बड़ी घबराई हुई थी।

9. वाक्य भेद:
(1) निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
(i) रमजानी खड़ी थी और आगंतुक की बातें सुन रही थी।
(ii) जो भी गाय के पास जाता, वह उसे सिर मारने की कोशिश करती।
उत्तर:
(i) संयुक्त वाक्य
(ii) मिश्र वाक्य।

(2) निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार वाक्य परिवर्तन कीजिए:
(i) करामत अली ने लक्ष्मी की पीठ सहलाई। (निषेधवाचक वाक्य)
(ii) यह तुम्हारा पुराना धंधा है। (प्रश्नवाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) करामत अली ने लक्ष्मी की पीठ नहीं सहलाई।
(i) क्या यह तुम्हारा पुराना धंधा है?

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10. वाक्य शुद्धिकरण:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:
(i) लक्ष्मी की आँख में आँसू आई।
(ii) नईम का आवाज करामत के कान में पहुंचा।
(iii) मामला लक्ष्मी को गऊशाला ले जाने पर ठिक हो गई।
उत्तर:
(i) लक्ष्मी की आँखों में आँसू आए
(ii) नईम की आवाज करामत के कान में पहुंची
(iii) मामला लक्ष्मी को गऊशाला ले जाने पर ठीक हो गया

लक्ष्मी Summary in Hindi

लक्ष्मी विषय – प्रवेश :

लक्ष्मी मवेशियों के शौकीन ज्ञान सिंह की अधेड़ उम्र की प्रिय गाय थी। नौकरी से अवकाश के बाद ज्ञान सिंह को मकान खाली करने की नौबत आई तो लक्ष्मी को रखने की समस्या आई। उसका हल उन्होंने निकाला अपने पड़ोसी और दोस्त करामत अली को लक्ष्मी को सौंप देने से। करामत अली जी – जान से लक्ष्मी की सेवा करते थे, पर जब लक्ष्मी ने दूध देना बंद कर दिया, तो वह उनके परिवार के लिए समस्या बन गई।

प्रस्तुत कहानी में कहानीकार गुरुबचन सिंह ने एक ओर मित्र को दिए गए वचन के पालन पर बल दिया है, तो दूसरी ओर प्राणिमात्र के प्रति दया – भावना को प्रतिपादित किया है। कहानी में दर्शाया गया है कि अनुपयोगी हो जाने के बाद भी पालतू प्राणियों की उचित देखभाल करना आवश्यक है।

लक्ष्मी मुहावरे – अर्थ

  • मुँह मारना – जल्दी – जल्दी खाना।
  • गला भर आना – भाव विह्वल होना, आवाज भर आना।
  • हाथ थामना – सहारा देना।
  • कोरा जवाब देना – साफ मना करना।
  • तैश में आना – आवेश (जोश) में आना।

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा

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Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 5 गोवा : जैसा मैंने देखा

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा Textbook Questions and Answers

कृति

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 29
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 26

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 30
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 9

प्रश्न 3.
लिखिए
a. नीले पानीवाला पथरीला –
b. रेतीला तथा उथला –
c. सबसे लंबा –
d. मछुआरों की पहली पसंद –
उत्तर:
(i) नीले पानीवाला पथरीला – अंजुना बीच
(ii) रेतीला तथा उथला – बेनालियम बीच
(iii) सबसे लंबा – कलिंगवुड बीच
(iv) मछुआरों की पहली पसंद – बेनालियम बीच।

प्रश्न 4.
सूची बनाइए:

गोवा का प्राकृतिक सौंदर्य दर्शाने वाले वाक्य
१.
२.
३.
४.Maharashtra Board Solutions

उत्तर:

गोवा का प्राकृतिक सौंदर्य दर्शाने वाले वाक्य
(i)हरीतिमा से भरपूर
(ii) खूबसूरत सफेद रेतीले समुद्र तट
(iii)चंद्रमा की चाँदनी में नहाया समुद्र
(iv)गहरा नीला पानी।

प्रश्न 5.
कृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 32

उत्तर:
(1) नवरात्रि की परंपराएँ –
(i) घरों में, गली-मोहल्लों में माँ दुर्गा की घटस्थापना।
(ii) लड़कियों द्वारा गरबा का पर्व मनाना।

(ii) दशहरा की परंपराएँ –
(1) सुबह लोग अपने वाहनों की सफाई करके उनकी पूजा करते हैं।
(2) शाम को भगवान की एक पालकी मंदिर ले जाई जाती है और लोग एक विशेष पेड़ की पत्तियाँ तोड़कर एक-दूसरे को देकर बधाई देते हैं।

प्रश्न 6.
‘बेनालिया’, ‘अंजुना’ तथा ‘कलिंगवुड’ बीच की विशेषताएँ:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 33
उत्तर:
बेनालियम –
(1) यह बीच उथला और रेतीला है।
(2) यहाँ सुबह-सुबह बड़ी मात्रा में मछलियाँ पकड़ी जाती हैं।
(3) यह बीच मछुआरों की पहली पसंद है।

अंजुना –
(1) यह गहरा और नीले पानीवाला खूबसूरत बीच है।
(2) इस पथरीले बीच के एक ओर लंबी-सी पहाड़ी है।
(3) यह बीच बॉलीवुड की पहली पसंद है। यहाँ कई हिट फिल्मों की शूटिंग हुई है।

कलिंगवुड –
(1) यह काफी रेतीला बीच है।
(2) यह बीच 3 से 4 किमी. तक फैला हुआ है।
(3) यह गोवा का सबसे लंबा बीच है।

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प्रश्न 7.
सोचिए और लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 34
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 28

अभिव्यक्ति-

प्रकृति को सुंदर बनाए रखने में मेरा योगदान’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
हम इस ब्रह्मांड के सबसे सुंदर, हरियाली से युक्त और बेहद आकर्षक ग्रह धरती पर निवास करते हैं। प्रकृति हम इन्सानों को ईश्वर द्वारा दिया गया सबसे खूबसूरत उपहार है। सुंदर पुष्प, आकर्षक पक्षी, वनस्पति, नीला आकाश, भूमि, समुद्र, जंगल, पर्वत, पठार, सूरज, चाँद इस सुंदर प्रकृति का हिस्सा हैं। स्वस्थ जीवन के लिए प्रकृति बहुत आवश्यक है। मैं इस बात का सदा ध्यान रखता हूँ कि यथासंभव प्रकृति की रक्षा कर सकूँ। मैं जब भी बाहर पार्क या बगीचे में जाता है, अनावश्यक रूप से किसी भी फूल-पत्ते को नहीं तोड़ता।

वहाँ खेलते हुए बच्चों को भी फूल-पत्ते तोड़ने से मना करता हूँ, उन्हें समझाता हूँ। मैं एक स्काउट लीडर हूँ। प्रकृति को बचाने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने का प्रयास करता हूँ। अन्य स्काउट्स के साथ मिलकर रैली निकलवाता हूँ कि घर के बाहर कचरा न फैलाएँ, प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े के थैलों का प्रयोग करें।

भाषा बिंद

प्रश्न 1.
कोष्ठक में दी गई संज्ञाओं से विशेषण संलग्न हैं। नीचे दी गई सारिणी में संज्ञा तथा विशेषणों को भेदों सहित लिखिए: [भयभीत गाय, नीला पानी, दस लीटर दूध, चालीस छात्र, कुछ लोग, दो गज जमीन, वही पानी, यह लड़का]

संज्ञा भेद विशेषण भेद
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….
………………………….

उत्तर:

संज्ञा भेद विशेषण भेद
(1) गाय जातिवाचक भयभीत गुणवाचक
(2) पानी द्रव्यवाचक नीला गणवाचक
(3) दूध द्रव्यवाचक दस लीटर परिमाणवाचक
(4) छात्र जातिवाचक चालीस संख्यावाचक
(5) लोग समूहवाचक कुछसार्वनामिक
(6) जमीन जातिवाचक दो गज परिमाणवाचक
(7) पानी द्रव्यवाचक वही सार्वनामिक
(8) लड़का जातिवाचक यह सार्वनामिक

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प्रश्न 2.
उपर्युक्त संज्ञा-विशेषणों की जोड़ियों का स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
(i) भयभीत गाय – लाठियों के डर से भयभीत गाय इधर-उधर दौड़ रही थी।
(ii) नीला पानी – झील का नीला पानी चाँद की रोशनी में चमक रहा था।
(iii) दस लीटर दूध – हमारी गाय दोनों समय दस लीटर दूध देती है।
(iv) चालीस छात्र – स्वाति की कक्षा में चालीस छात्र हैं।
(v) कुछ लोग – छत पर कुछ लोग चहलकदमी कर रहे हैं।
(vi) दो गज जमीन – औरंगजेब सारी उम्र युद्ध करता रहा। अंत में उसे अपनी दिल्ली में दो गज जमीन भी नहीं मिली।
(vii) वही पानी – यह वही पानी है, जो कल भरा था।
(viii) यह लड़का – यह लड़का चोर नहीं है।

प्रश्न 3.
पाठ में प्रयुक्त विशेषणों को ढूँढ़कर उनकी सूची बनाइए।
उत्तर:

  • समुद्री
  • खूबसूरत
  • सफेद
  • सांस्कृतिक
  • शांत
  • शीतल
  • स्थानीय
  • रोमांचक
  • सुस्वादु
  • शाकाहारी।।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित वाक्यों में आई हुईं सहायक क्रियाओं को अधोरेखांकित कीजिए तथा उनका अर्थपूर्ण वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i). टैक्सी एक पतली-सी सड़क पर दौड़ पड़ी।
वाक्य = ……………………………..

(ii). शरीर को कुछ समय के लिए विश्राम मिल जाता है।
वाक्य = ……………………………..

(iii). हम आराम करने के इरादे से अपने-अपने स्यूट चले गए।
वाक्य = ……………………………..

(iv). फिर भी धूप तीखी ही होती जाती है।
वाक्य = ……………………………..

(v). सबके बावजूद यह अपने में एक सांस्कृतिक विरासत भी समेटे हुए हैं।
वाक्य = ……………………………..

(vi). इधर बच्चे रेत का घर बनाने लगे।
वाक्य = ……………………………..

(vii). अब समुद्र स्याह और भयावह दिखने लगा।
वाक्य = ……………………………..

(viii). यहाँ सुबह-सुबह बड़ी मात्रा में मछलियाँ पकड़ी जाती हैं।
वाक्य = ……………………………..
उत्तर:
(i) टैक्सी एक पतली-सी सड़क पर दौड़ पड़ी।
वाक्य – गोली की आवाज सुनकर उड़ती हुई चिड़िया नीचे गिर पड़ी।

(ii) शरीर को कुछ समय के लिए विश्राम मिल जाता है।
वाक्य – सरदियों में सूरज जल्दी छिप जाता है।

(iii) हम आराम करने के इरादे से अपने-अपने स्यूट में चले गए।
वाक्य – बिटिया के विदा होते ही सारे मेहमान चले गए।

(iv) फिर भी धूप तीखी ही होती है।
वाक्य – प्रातःकाल आकाश की आभा मनोरम होती है।

(v) सबके बावजूद यह अपने में एक सांस्कृतिक विरासत भी समेटे हुए है।
वाक्य – जल्दी कक्षा में पहुँचो, विद्यार्थी खाली बैठे हुए हैं।

(vi) इधर बच्चे रेत का घर बनाने लगे।
वाक्य – पिता जी तेजी से दौड़ने लगे।

(vii) अब समुद्र स्याह और भयावह दिखने लगा।
वाक्य – बेटा, अब उठो। सूरज दिखने लगा।

(viii) यहाँ सुबह-सुबह बड़ी मात्रा में मछलियाँ पकड़ी जाती हैं।
वाक्य – गुजरात में मकर संक्रांति के दिन सुबह से रात तक पतंग उड़ाई जाती हैं।

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प्रश्न 5.
पाठ में प्रयुक्त दस सहायक क्रियाएँ छाँटकर लिखिए।
उत्तर:

  • हो उठता है।
  • चले आते हैं।
  • देते हैं।
  • जा पहुँचा।
  • हो गए।
  • रुक गई।
  • पकड़े हुए है।
  • भाग रहे थे।
  • दौड़ पड़ी।
  • बटौं हुआ है।

उपयोजित लेखन-

विजय/विजया मोहिते, वरदा सोसाइटी, विजयनगर, कोल्हापुर से व्यवस्थापक, औषधि भंडार, नागपुर को पत्र लिखकर आयुर्वेदिक औषधियों की माँग करता/करती है।
उत्तर:
5/7/2020
सेवा में,
व्यवस्थापक महोदय,
औषधि भंडार,
नागपुर।
विषय: आयुर्वेदिक औषधियाँ मँगाने के लिए पत्र।

महोदय,
मैं कोल्हापुर निवासी विजय/विजया हूँ। मुझे कुछ आयुर्वेदिक औषधियों की आवश्यकता है, जो हमारे यहाँ उपलब्ध नहीं हैं। कृपया आप निम्नलिखित औषधियाँ शीघ्रातिशीघ्र भेजकर अनुगृहीत
करें:
(1) कायम चूर्ण 10 शीशी (50 ग्राम)
(2) सुदर्शन धनवटी 3 शीशी (50 ग्राम)
(3) खदिरादि वटी 2 शीशी (50 ग्राम)
(4) शीतोपलादि चूर्ण 5 शीशी (50 ग्राम)

औषधियाँ मिलने पर आपको बैंक ड्राफ्ट द्वारा राशि भेज दी जाएगी।

धन्यवाद।
भवदीया,
विजय/विजया मोहिते
वरदा सोसाइटी,
कोल्हापुर।
ई-मेल आईडी: [email protected]

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कृतिपत्रिका के प्रश्न 1 (अ) तथा प्रश्न 1 (आ) के लिए)

गद्यांश क्र. 1

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

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कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 2

प्रश्न 2.
गलत वाक्यों को सही करके लिखिए:
(i) देश के मध्य में स्थित होने के कारण यह छोटा-सा राज्य प्रत्येक पर्यटक के दिल की धड़कन है।
(ii) शीतल हवा के झोंकों से मन प्रसन्न हो गया और यात्रा की चिंता मिट गई।
उत्तर:
(i) देश के एक कोने में स्थित होने के कारण यह छोटा-सा राज्य प्रत्येक पर्यटक के दिल की धड़कन है।
(ii) शीतल हवा के झोंकों से मन प्रसन्न हो गया और यात्रा की सारी थकान मिट गई।

प्रश्न 3.
संजाल पूर्ण कीजिए: (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 3
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 4

प्रश्न 4.
एक-दो शब्दों में उत्तर: लिखिए: (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
(i) लेखक का ध्यान अपनी ओर खींचने वाला – [ ]
(ii) समस्याओं से निजात पाने का सबसे अच्छा तरीका – [ ]
(iii) लेखक के सफर का साधन – [ ]
(iv) लेखक के मड़गाँव में पहुँचने का दिन – [ ]
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 5

कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 6
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 7

प्रश्न 2.
उत्तर: लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 10
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 11

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कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
गद्यांश में प्रयुक्त २ प्रत्यययुक्त शब्द ढूँढकर लिखिए। – (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
(i) _____________
(ii) _____________
उत्तर:
(i) तरंगायित
(ii) प्रत्येक

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों को वर्तनी के नियमानुसार लिखिए:
(i) त्रंगाइत
(ii) आर्कषन
(iii) ओप्चारिक
(iv) खानपुर्ती।
उत्तर:
(i) गाइत -तरंगायित
(ii) आर्कषन -आकर्षण
(iii) ओप्चारिक -औपचारिक
(iv) खानपुर्ती -खानापूर्ति।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
(i) अप्रसन्न x _____________
(ii) बुरा x _____________
उत्तर:
(i) अप्रसन्न x प्रसन्न
(ii) बुरा x अच्छा।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘आनंद प्राप्ति का साधन: पर्यटन’ विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (बोर्ड की नमूना कृतिपत्रिका)
उत्तर:
पर्यटन से हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है। किसी स्थान के बारे में पढ़कर जानकारियाँ प्राप्त करने और उसे प्रत्यक्ष देखने में अंतर होता है। यह सुख हमें पर्यटन से प्राप्त होता है। पर्यटन से हमें भिन्नभिन्न प्रदेशों और देशों के प्रसिद्ध स्थलों एवं धरोहरों को देखने का अवसर मिलता है। उनकी संस्कृतियों, उनके रहन-सहन और रीतिरिवाजों को प्रत्यक्ष देखने का मौका मिलता है। इससे हम एक-दूसरे के करीब आते हैं। वहाँ हुए विकास कार्यों से प्रेरणा लेते हैं। इसके अतिरिक्त पर्यटन से अपने रोजमर्रा के कार्यों से कुछ दिन दूर रहने और निश्चित होकर देश-दुनिया को देखने, उससे कुछ सीखने और अपने आप में सुधार करने तथा तनावों से मुक्त रहने का अवसर मिलता है। इस तरह पर्यटन निश्चित रूप से आनंद प्राप्ति का एक सुंदर और मनोरंजक साधन है।

गद्यांश क्र. 2

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

ति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:

(i) गोवा की __________________ बड़ी अच्छी होती है। (सुबह/शाम/रात)
(ii) __________________ सागर देखने का उत्साह बढ़ता जा रहा था। (अरब/हिंद/बंगाल)
(iii) यही __________________ का सत्य भी है। (लोगों/दुनिया/जीवन)
(iv) __________________ सुस्ताने के लिए किनारे पर बैठ जाते हैं। (कुत्ते/पक्षी/लोग)
उत्तर:
(i) गोवा की शाम बड़ी अच्छी होती है।
(ii) अरब सागर देखने का उत्साह बढ़ता जा रहा था।
(iii) यही जीवन का सत्य भी है।
(iv) पक्षी सुस्ताने के लिए किनारे पर बैठ जाते हैं।

प्रश्न 2.
वाक्य पूर्ण कीजिए:

(i) फिर भी धंसे हुए पैरों को __________________
(ii) मानो, लहर कह रही हो कि __________________
उत्तर:
(i) फिर भी धंसे हुए पैरों को पूरी ताकत से उठा-उठाकर भाग रहे थे।
(ii) मानो, लहर कह रही हो कि बनने के बाद मिटना ही नियति है।

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प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए:

(i) (1) लहरों की आवाज – [ ]
(2) बच्चों से मिली सीख – [ ]
(ii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 13
उत्तर:
(i) (1) लहरों की आवाज – रणभेरी जैसी।
(2) बच्चों से मिली सीख – जीवन में आशावाद हो, तो कोई काम असंभव नहीं

(ii)
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 14

ति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:

(i) खूबसूरत यह देखते ही मैं उससे जाकर लिपट गया
(ii) बहुत ही खूबसूरत और शांत जगह है यह –
(ii) तभी अचानक इनकी आवाज सुनाई दी
(iv) जल्दी-जल्दी चलने के बाद भी यह तय नहीं हो पा रही थी
उत्तर:
(i) खूबसूरत यह देखते ही मैं उससे जाकर लिपट गया – [समुंदर]
(ii) बहुत ही खूबसूरत और शांत जगह है यह – [बेनालियम]
(iii) तभी अचानक इनकी आवाज सुनाई दी – [लहरों की]
(iv) जल्दी-जल्दी चलने के बाद भी यह तय नहीं हो पा रही थी – [दूरी]

प्रश्न 2.
उत्तर: लिखिए:
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उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 17

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का वचन बदलकर लिखिए:
(i) हवा
(ii) मछली
(ii) लहर
(iv) बच्चे।
उत्तर:
(i) हवा – हवाएँ
(ii) मछली – मछलियाँ
(iii) लहर – लहरें
(iv) बच्चे – बच्चा

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:
(i) जगह
(ii) रेत
(iii) जीवन
(iv) सड़क।
उत्तर:
(i) जगह – स्त्रीलिंग
(ii) रेत – पुल्लिग
(iii) जीवन – पुल्लिंग
(iv) सड़क – स्त्रीलिंग।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए:
(i) शांत
(ii) मुश्किल
(iii) शाम
(iv) खूबसूरत।
उत्तर:
(i) शांत x अशांत
(ii) मुश्किल x आसान
(iii) शाम x सुबह
(iv) खूबसूरत X बदसूरत।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘गोवा की शाम’ के विषय में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
भारत के पश्चिमी समुद्र तट पर बसे गोवा की खूबसूरती के समान यहाँ की शामें भी अद्भुत होती हैं। जैसे-जैसे शाम होती है, गोवा मस्ती में डूबने लगता है। सागर के तट पर चाँदी जैसी रेत, नीलम जैसा पानी, चर्च, नारियल के पेड़ों का सौंदर्य मन को मोह लेता है। दूर-दूर तक विदेशी सैलानियों की भीड़ दिखाई देती है, कोई उछल रहा है, कोई कूद रहा है, कोई नाच रहा है। बीच पर तरह-तरह के वॉटर स्पोर्ट्स चल रहे हैं।

कहीं मोटरबोट राइडिंग हो रही है, तो कहीं पैराशूट राइडिंग। सैलानियों के लिए क्रूज एक अलग ही आकर्षण होता है। क्रूज अर्थात एक छोटे से स्टीमर में सौ-डेढ़ सौ लोग संगीत की तेज धुन पर थिरकते हुए। यह स्टीमर करीब एक घंटे की घुमावदार परिक्रमा कराता है।

गद्यांश क्र. 3

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
जोड़ियाँ मिलाइए:

‘अ’ ‘आ’
(i) मनोरम फिल्में
(ii) युवा बाजार
(iii) हिटदृश्य
(iv) स्थानीय मस्ती

उत्तर:

‘अ’ ‘आ
(i) मनोरम दृश्य
(ii) युवा मस्ती
(iii) हिट फिल्में
(iv) स्थानीय बाजार

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 17
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 19

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प्रश्न 3.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 18

उत्तर:
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कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
विधानों के सामने सत्य/असत्य लिखिए:
(i) पानी नीले पत्थरों पर पछाड़ खाता रहता है।
(ii) पानी ने काट-काटकर पत्थरों में छेद कर दिए हैं।
(iii) गोवा की सारी मछलियाँ निर्यात कर दी जाती हैं।
(iv) हम लोग दिन भर पणजी शहर देखते रहे।
उत्तर:
(i) असत्य
(ii) सत्य
(iii) असत्य
(iv) सत्य।

कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
(i) समुद्र
(ii) पानी
(iii) पत्थर
(iv) किनारा।
उत्तर:
(i) समुद्र – जलधि
(ii) पानी – सलिल
(iii) पत्थर – पाषाण
(iv) किनारा – तट।

प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्द ढूँढकर लिखिए।
(i) ____________
(ii) ____________
(iii) ____________
(iv) ____________
उत्तर:
(i) शूटिंग
(ii) फिल्म
(iii) बॉलीवुड
(iv) बीच।

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प्रश्न 3.
गद्यांश में प्रयुक्त प्रत्यययुक्त शब्द ढूँढ़कर उनके मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके लिखिए।
(i) ____________
(ii) ____________
(iii) ____________
(iv) ____________
उत्तर:
शब्द – मूल शब्द – प्रत्यय
(i) पथरीला – पत्थर – ईला
(ii) पहाड़ी – पहाड़ – ई
(iii) स्थानीय – स्थान – ईय
(iv) व्यावसायिक – व्यवसाय – ई

गद्यांश क्र. 4

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कृति 1: (आकलन)

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:

(i) आप भी अपनी ______________ के अनुसार हाथ आजमा सकते हैं। (इच्छा/जेब/रुचि)
(ii) हम यानी मैं और मेरी ______________ दोनों डर भी रहे थे। (पत्नी/बिटिया/माँ)
(iii) कोलबा बीच पर हमने ______________ मछलियाँ देखीं। (व्हेल/डॉल्फिन/शार्क)
(iv) शाम को भगवान की एक ______________ मंदिर ले जाई जाती है। (मूर्ति/फोटो/पालकी)
उत्तर:
(i) आप भी अपनी रुचि के अनुसार हाथ आजमा सकते हैं।
(ii) हम यानी मैं और मेरी पत्नी दोनों डर भी रहे थे।
(iii) कोलबा बीच पर हमने डॉल्फिन मछलियाँ देखीं।
(iv) शाम को भगवान की एक पालकी मंदिर ले जाई जाती है।

प्रश्न 2.
कारण लिखिए:
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उत्तर:
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कृति 2: (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 23
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 5 गोवा जैसा मैंने देखा 25

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कृति 3: (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
सोचिए और लिखिए:
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प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्द ढूंढकर लिखिए।

(i) _____________
(ii) _____________
(iii) _____________
(iv) _____________
उत्तर:
(i) बोटिंग
(ii) वॉटर
(iii) स्पोर्ट्स
(iv) पैराग्लाइडिंग।

प्रश्न 3.
गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
(i) _____________
(ii) _____________
(iii) _____________
(iv) _____________
उत्तर:
(i) रचा-बसा
(ii) अपनी-अपनी
(iii) एक-दूसरे
(iv) घूमना-फिरना।

कृति 4: (स्वमत अभिव्यक्ति)

प्रश्न.
‘गोवा की संस्कृति’ के विषय में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
सुरम्य सागरतट पर बसा गोवा प्रांत अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनूठी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की संस्कृति काफी प्राचीन है। आजादी से पहले गोवा पुर्तगाल और फ्रांस का उपनिवेश था। इस वजह से आज भी यहाँ के रहन-सहन, खान-पान पर पश्चिमी संस्कृति का पूरा प्रभाव दिखाई देता है। यहाँ लगभग 80 प्रतिशत लोग ईसाई हैं।

गोवा की एक खास बात यह है कि यहाँ के ईसाई समाज में भी हिंदुओं जैसी जाति व्यवस्था पाई जाती है। दक्षिण गोवा में ईसाई समाज का प्रभाव अधिक है, लेकिन वहाँ के वास्तुशास्त्र में हिंदू प्रभाव दिखाई देता है। गोवा में अत्यंत प्राचीन मंदिर पाए जाते हैं, जबकि उत्तर: गोवा में पुर्तगाली वास्तुकला के नमूने ज्यादा दृष्टिगोचर होते हैं।

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भाषा अध्ययन (व्याकरण)

प्रश्न.
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

1. शब्द भेद:
अधोरेखांकित शब्दों का शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
(i) मैं उनसे पूछने लगा।
(ii) हम मड़गाँव 23 नवंबर को पहुंचे।
उत्तर:
(i) उनसे – पुरुषवाचक सर्वनाम।
(ii) मड़गाँव – व्यक्तिवाचक संज्ञा।

2. अव्यय:
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) वहाँ
(ii) कभी-कभी।
उत्तर:
(i) वहाँ! एक मजेदार दृश्य देखने को मिला।
(ii) कभी-कभी कोई जल-पक्षी कुत्तों का शिकार बन जाता है।

3. संधि:
कृति पूर्ण किजिए:

संधि शब्द संधि विच्छेद संधि भेद
स्वच्छ ______________________
अथवा
 सत् + आचार ______________________

उत्तर:

संधि शब्द संधि विच्छेद संधि भेद
स्वच्छसु + अच्छस्वर संधि
अथवा
सदाचारसत् + आचारव्यंजन संधि

4. सहायक क्रिया:
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) हम सभी समुद्र की ओर दौड़ पड़े।
(ii) हम दिन भर पणजी शहर देखते रहे।
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) पड़े – पड़ना
(i) रहे – रहना

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5. प्रेरणार्थक क्रिया:
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) सुनना
(ii) बनना
(iii) झुकना।
उत्तर:

क्रिया प्रथम प्रेरणार्थक रूप द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) सुनना सुनाना सुनवाना
(ii) बनना बनाना बनवाना
(iii) झुकना झुकाना झुकवाना

6. मुहावरे:
(1) निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
(i) शिकार होना
(ii) दीवार टूट जाना।
उत्तर:
(i) शिकार होना।
अर्थ: पीड़ित होना।
वाक्य: पुराने जमाने में न जाने कितने गरीब जींदारों के अत्याचारों के शिकार हो जाते थे।

(ii) दीवार टूट जाना।
अर्थ: अड़चन समाप्त हो जाना।
वाक्य: स्त्रियों को समानता का अधिकार मिल जाने से सभी स्त्री-पुरुष के बीच असमानता की दीवार टूट गई।

(2) अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए गए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए: (कान पक जाना, भनक पड़ना, कान पकड़ना) थानेदार ने उड़ती हुई बात सुनी कि गाँव में डाकू आने वाले हैं।
उत्तर:
भनक पड़ना। वाक्य: थानेदार के कान में भनक पड़ी कि गाँव में डाकू आने वाले हैं।

7. कारक:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारक पहचानकर उनका भेद ‘लिखिए:
(i) गोवा की मांडवी नदी वर्ष भर पानी से भरी रहती है।
(ii) गोवा राज्य दो भागों में बँटा हुआ है।
उत्तर:
(i) पानी से-करण कारक।
(ii) भागों में-अधिकरण कारक।

8. विरामचिह्न:
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) दूर दूर तक पानी ही पानी तेज हवा और रस्सियों से हवा में लटके हम
(ii) गोवा यह नाम सुनते ही सभी का मन तरंगायित हो उठता है और हो भी क्यों न यहाँ की प्रकृति आबोहवा जीवनशैली ही ऐसी है
उत्तर:
(i) दूर-दूर तक पानी-ही-पानी, तेज हवा और रस्सियों से हवा में लटके हम।
(ii) गोवा ! यह नाम सुनते ही सभी का मन तरंगायित हो उठता है और हो भी क्यों न, यहाँ की प्रकृति, आबोहवा जीवनशैली ही ऐसी है।

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9. काल परिवर्तन:
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) मंत्री जी ने लोगों को एक मशवरा दिया। (पूर्ण वर्तमानकाल)
(ii) गोवा में मुझे मेरे पुराने अध्यापक मिले थे। (सामान्य भूतकाल)
उत्तर:
(i) मंत्री जी ने लोगों को एक मशवरा दिया है।
(ii) गोवा में मुझे मेरे पुराने अध्यापक मिले।

10. वाक्य भेद:
(1) रचना के आधार पर निम्नलिखित वाक्यों का भेद पहचानकर लिखिए:
(i) सबकी अपनी-अपनी सांस्कृतिक परंपरा है।
(ii) डॉल्फिन मछलियाँ छोटी थीं पर बच्चों को आनंद आया।
उत्तर:
(i) सरल वाक्य
(ii) संयुक्त वाक्य।

(2) निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
(i) पर्यटन का अपना ही आनंद है। (विस्मयवाचक)
(ii) आशावाद हो तो हर काम संभव है। (निषेधवाचक)
उत्तर:
(i) वाह! पर्यटन का अपना ही आनंद है।
(ii) आशावाद हो तो कोई काम असंभव नहीं है।

11. वाक्य शुद्धिकरण:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:
(i) भाषा ईश्वर का बड़ा देन है।
(ii) पैसेवाली व्यक्ति कटु बोलती है।
उत्तर:
(i) भाषा ईश्वर की बड़ी देन है।
(ii) पैसेवाला व्यक्ति कटु बोलता है।

उपक्रम/कृति/परियोजना

प्रश्न.
गोवा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी पदिए और कालानुक्रम के अनुसार प्रमुख घटनाओं की तालिका बनाइए।
उत्तर:
गोवा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:

मौर्य वंश तीसरी सदी ईसा पूर्व से पहली सदी तक
कोल्हापुर के सातवाहन पहली सदी से 580 ईसवी तक
बादामी के चालुक्य 580 ईसवी से 750 ईसवी तक
विजयनगर 1312 ईसवी सें1468 तक
दिल्ली सल्तनत 1469 ईसवी से 1510 ईसवी तक
पुर्तगाली शासन 1510 ईसवी से 1960 ईसवी तक

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प्रश्न.
गोवा की प्राकृतिक सुंदरता पर संवाद प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
गोवा की प्राकृतिक सुंदरता पर दो सहेलियों के बीच संवाद:
रुचि: नीनू, बहुत दिनों बाद दिखी। कैसी हो? कहीं बाहर गई थी क्या?

नीनू: हाँ रुचि, हम लोग एक सप्ताह के लिए गोवा गए थे।

रुचि: गोवा! नीनू मैंने सुना है कि गोवा बहुत सुंदर है।

नीनू: सच सुना है रुचि। गोवा इतना सुंदर है कि मेरा तो मन करता था कि वहाँ से वापस ही नहीं आऊँ।

रुचि: मुझे भी तो कुछ बताओ।

नीनू: रुचि, गोवा अपने समुद्र तटों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। साफ नीला पानी, लंबे समुद्र तट, चमचमाती रेत और नारियल के वृक्ष यहाँ की विशेषता है। गोवा में इतनी अधिक हरियाली है कि ऐसा लगता है मानो घरती ने हरी चादर ओढ़ रखी है।

रुचि: ओह! सुनकर ही कितना अच्छा लग रहा है।

नीनू: गोवा के लोग प्रकृति से बहुत प्रेम करते हैं। छोटे-से छोटे घर के आगे भी सुंदर-सुंदर फूल-पौधे जरूर होते हैं। वहाँ बड़ा शांत और मनोरंजक वातावरण है।

रुचि: गोवा के समुद्र तट के बारे में कुछ और बताओ न।

नीनू: वहाँ सागर से आसमान देखकर लगता है मानो नीला आसमान पानी से मिल रहा है। प्रातःकाल में उगता हुआ सूरज ऐसा लगता है, मानो समुद्र में से ही उग रहा हो। इसी तरह सूर्यास्त के समय सूरज का लाल गोला धीरे-धीरे नीचे जाता हुआ अचानक समुद्र में डूबता-सा लगता है। जैसे-जैसे शाम होती है, समुद्र की लहरों का ऊँचा उठन्य शुरू हो जाता है।

गोवा जैसा मैंने देखा Summary in Hindi

गोवा जैसा मैंने देखा विषय–प्रवेश :

प्रस्तुत यात्रा निबंध में विनय शर्मा ने भारत के पश्चिमी तट पर बसे गोवा की प्राकृतिक सुंदरता, वहाँ के लोगों की जीवन शैली, त्योहारों तथा समुद्र तटों का मनोरम, मनोहारी चित्रण किया है। यहाँ के समुद्र तट पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र बिंदु हैं। पश्चिमी फैशन के साथ अपने आप को ढालते हुए भी गोवा अपनी भारतीय परंपरा और सभ्यता को नहीं भूला है।

गोवा जैसा मैंने देखा मुहावरे – अर्थ

  • मन तरंगायित होना – मन उमंग से भरना।
  • निजात पाना – मुक्ति पाना।
  • दो – चार होना – जूझना।
  • जेब ढीली होना – जेब खाली होना, बहुत खर्च होना।

Maharashtra Board Class 10 Marathi Kumarbharti Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Marathi Solutions Kumarbharti Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Marathi Kumarbharti Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

Marathi Kumarbharti Std 10 Digest Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ Textbook Questions and Answers

प्रश्न. पुढील उतारा वाचा आणि दिलेल्या सूचनांनुसार कृती करा :

कृती १ : (आकलन)

प्रश्न 1.
विधाने पूर्ण करा :
(i) स्वत:च्या कपाळावरचे गोंदण दिसू नये, म्हणून आजी —————
उत्तर :
स्वत:च्या कपाळावरचे गोंदण दिसू नये, म्हणून आजी कपाळावर बुक्का लावत असे.

(ii) वर्ष-दीड वर्षाने जन्मणाऱ्या वासरांमध्ये एकाआड एक खोंड नक्की असे, म्हणून —————–
उत्तर :
वर्ष-दीड वर्षाने जन्मणाऱ्या वासरांमध्ये एकाआड एक खोंड नक्की असे, म्हणून दावणीला कायम कपिलीचे बैल असत.

(iii) सुनांनी चहा करून पिऊ नये, म्हणून —————-
उत्तर :
सुनांनी चहा करून पिऊ नये, म्हणून ढाळजेतून सोप्यात येऊन आजी सक्त पहारा करायची.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

प्रश्न 2.
पुढील मुद्द्यांच्या आधारे आजीचे शब्दचित्र रेखाटा :

(i) आजीचे दिसणे : ——————–
उत्तर :
आजीचे दिसणे : आजीला साडेपाच फूट उंची लाभली होती. तिचा वर्ण गोरा होता. उन्हापावसामुळे तिची त्वचा काळपटली होती. आजीच्या वयाची माणसे कमरेत वाकतात. त्यामुळे चालताना काठी घ्यावी लागते. पण आजी अजूनही ताठ कण्याने चालत होती. अजूनही तिचे सगळे दात शाबूत होते. डोक्यावरचे सगळे केस पिकले होते.

(ii) आजीची शिस्त : ——————–
उत्तर :
आजीची शिस्त : आजीची शिस्त कडक होती. सगळ्यांना सगळी कामे करता आली पाहिजेत, असा तिचा कटाक्ष होता. तिने कामांची वाटणी केली होती. ती कामे आजी सर्व सुनांना आलटूनपालटून करायला लावी. दुपारच्या कामांचेही तिने नियोजन केलेले असे. सुनांनी मुलांच्या बाबतीत आपपरभाव करू नये म्हणून मुलांना खाऊपिऊ घालताना आजीचा सक्त पहारा असे. गल्लीतल्या बायका दुपारी गप्पागोष्टींना येत असत. त्या वेळी ती बायकांनी सांगितलेल्या गोष्टींची शहानिशा करीत असे.

(iii) आजीचे सौंदर्य : —————-
उत्तर :
आजीचे सौंदर्य : आजीचे वय आता सत्तर वर्षांचे होते. उन्हापावसामुळे आजीची त्वचा रापली होती. पण तिचा मूळ गोरा वर्ण लपत नव्हता. तिचे दात मोत्यांसारखे चमकत होते. विशाल कान व धारदार नाक यांनी आजीच्या सौंदर्यात भर पडत होती. चेहऱ्यावर सुरकुत्या पडल्या तरी तिच्या सौंदर्यात उणेपणा आला नव्हता.

(iv) आजीचे राहणीमान : ————-
उत्तर :
आजीचे राहणीमान : त्या काळात इरकली लुगडे उच्च राहणीमानाचे लक्षण होते. हिरव्या व लाल रंगांची नऊवारी इरकली लुगडी व अंगात चोळी हा तिचा पेहराव असे. कपाळावरचं गोंदण दिसू नये म्हणून त्यावर ती बुक्का लावी. ती नेहमी नाली ठोकलेल्या जुन्या वळणाच्या वहाणा वापरत असे.

प्रश्न 3.
चूक की बरोबर सांगा :
(i) राहिलेली अर्धी चरवी घरात आली, की म्हातारी ढाळजंतनं सोप्यात. अवतरायची.
उत्तर :
बरोबर

(ii) आजीच्या डोक्यावरील सर्व केस पांढरे होते……………….
उत्तर :
बरोबर

(iii) सुनांच्या कामाबाबत आजी फारशी काटेकोर नसायची.
उत्तर :
चूक.

कृती २ : (आकलन)

प्रश्न 1.
विधाने पूर्ण करा :
(i) मुलांनी भरपूर खावे-प्यावे व त्यांची आबाळ होऊ नये, म्हणून —————-
उत्तर :
मुलांनी भरपूर खावे-प्यावे व त्यांची आबाळ होऊ नये, म्हणून आजी त्यांना धपाटे घालून घालून खायला घाली.

(ii) प्रत्येक सुनेला प्रत्येक काम आलेच पाहिजे, असा आजीचा आग्रह होता, म्हणून ती ——–
उत्तर :
प्रत्येक सुनेला प्रत्येक काम आलेच पाहिजे, असा आजीचा, आग्रह होता, म्हणून ती रोटेशनप्रमाणे काम बदलत जाई.

(iii) मुलांना दूध प्यायला देण्याबाबत सुना आपपरभाव करतील, अशी भीती आजीला वाटे, म्हणून ————–
उत्तर :
मुलांना दूध प्यायला देण्याबाबतं सुना आपपरभाव करतील, अशी भीती आजीला वाटे, म्हणून ती मुलांना गोठ्यातच दूध प्यायला लावी.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

प्रश्न 2.
पुढीलपैकी चुकीची वाक्ये दुरुस्त करून बरोबर वाक्ये व दुरुस्त केलेली वाक्ये पुन्हा लिहा :
(i) दुपारची कामे आटोपून आजी ढाळजेत यायची.
उत्तर :
दुपारच्या कामांचे नियोजन करून आजी ढाळजेत यायची.

(ii) गाईने पान्हा सोडला की वासराला सोडायचे.
उत्तर :
गाईने पान्हा सोडला की वासराला धरून ठेवायचे.

(iii) आजीच्या घरी एक गावरान गाय होती.
उत्तर :
आमच्या घरी एक गावरान गाय होती.

कृती ३ : (व्याकरण)

प्रश्न 1.
पुढील वाक्यांतील वाक्प्रचार शोधून अधोरेखित करा :
(i) आजीच्या छत्रछायेखाली आमचे सर्व कुटुंब गुण्यागोविंदाने नांदत होते.
उत्तर :
आजीच्या छत्रछायेखाली आमचे सर्व कुटुंब गुण्यागोविंदाने नांदत होते.

(ii) सत्तरीनंतरही आजीच्या हातात काठी आली नव्हती.
उत्तर :
सत्तरीनंतरही आजीच्या हातात काठी आली नव्हती.

प्रश्न 2.
पुढील अधोरेखित शब्दांच्या जाती ओळखा आणि त्यांचे उपप्रकार लिहा :
(i) चार घरच्या चार सुना नांदायला आल्या.
उत्तर :
चार : विशेषण. संख्यावाचक विशेषण.
सुना : नाम. सामान्य नाम.
आल्या : क्रियापद. अकर्मक क्रियापद.

(ii) प्रत्येकीला काम आलंच पाहिजे.
उत्तर :
काम : नाम. भाववाचक नाम.

(iii) आजीला एकाही सुनेचा भरवसा नव्हता.
उत्तर :
ही : शब्दयोगी अव्यय.
भरवसा : नाम. भाववाचक नाम.

(iv) आमच्या घरी एक गावरान गाय होती.
उत्तर :
एक : विशेषण. संख्यावाचक विशेषण.
गावरान : विशेषण. गुणवाचक विशेषण.
गाय : नाम. सामान्य नाम.

कृती ४ : (स्वमत / अभिव्यक्ती)

प्रश्न 1.
तुम्हांला आठवत असलेला किंवा तुमच्या आईबाबांनी सांगितलेला तुमच्या लहानपणचा एखादा प्रसंग लिहा.
उत्तर :
मी लहान होतो तेव्हा सकाळी उठलो की, दात घासून, तोंड धुऊन मी तडक रानातल्या आमच्या वाड्याकडे धावत सुटायचो. कोकणात गुरांच्या गोठ्याला वाडा म्हणतात. तेथे माझे आजोबा माझी वाटच बघत असत. दरदिवशी ते माझ्यासाठी एक तांब्याएवढे मडके भरून दूध गरम करून ठेवत. मी गेलो की, घटाघटा ते दूध पीत असे. त्यानंतर त्या मडक्याला चिकटलेली साय खरवडून खाणे हा माझा मोठा आनंदाचा भाग असे. माझ्या या अखंडित दिनक्रमामुळे कोणत्या गाई-म्हशीचे दूध कोणत्या चवीचे आहे, हे मी सहज ओळखू शकतो. दुधाला एक स्वत:चे माधुर्य असते. दूध पिताना लोक दुधात साखर का घालतात, हे मला अजून कळलेले नाही.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

Marathi Kumarbharti Class 10 Textbook Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ Additional Important Questions and Answers

प्रश्न. पुढील उतारा वाचा आणि दिलेल्या सूचनांनुसार कृती करा :

कृती १ : (आकलन)

प्रश्न 1.
एका शब्दात उत्तर लिहा : (मार्च १९)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 1
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 2

प्रश्न 2.
आकृती पूर्ण करा :
(i)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 3
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 4

(ii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 5
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 6

(iii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 7
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 8

(iv)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 9
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 10

कृती २ : (आकलन)

प्रश्न 1.
दुपारच्या वेळी रूढ खेळांखेरीज मुले ज्या गमतीजमती करीत, त्या लिहा.
उत्तर :

  • वडाच्या पारंब्यांना लटकत, लोंबत राहायचे आणि पारंब्यांच्या टोकाला फुटलेली पिवळी पालवी खात बसायचे.
  • देवळातली घंटा वाजवाजवून झोपलेल्यांची झोपमोड करायची.
  • विहिरीत मनसोक्त पोहायचे.
  • शिवणापानी खेळायचे.
  • हातपाय पोटाशी आवळून घेऊन शरीराचे मुटके करून विहिरीत धडादिशी उड्या घ्यायची.
  • ओल्या अंगाने मातीत लोळायचे आणि पुन्हा पाण्यात इंबायचे आणि शेवटी थकून भागून घरी जायचे.

[टीप : परीक्षेत कोणतीही दोन किंवा चार नावे लिहायला सांगितली जाऊ शकतात.]

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

प्रश्न 2.
बालपणी लाभलेल्या रानमेव्यांची नावे सांगा. (कोणतीही चार नावे लिहा.)
उत्तर :

  • गाभोळ्या चिंचा, मिठाचे खडे व कच्च्या कैऱ्या, बोरे, चिंचेची कोवळी पाने.
  • उंबर, ढाळे, भाजलेली कणसे, हुरडा.
  • कच्ची वांगी, गवार, टोमॅटो, शहाळे.
  • कलिंगड, शिंगाडे (चिबूड), करडीची भाजी, ज्वारीचे कणीस.
  • कवठ, तुरी-मटकीच्या शेंगा, उकडलेल्या शेंगा, कुळथाचे पिठले.

प्रश्न 3.
आकृत्या पूर्ण करा :
(i)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 11
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 12

(ii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 13
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 14

(iii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 15
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 16

प्रश्न 4.
पुढील घटना उताऱ्याच्या आधारे क्रमाने लिहा : (मार्च ‘१९)
(i) म्हातारीची ढाळज सुटायची
(ii) वाडा शांत व्हायचा
(iii) कडुसं पडायच्या आधी मैफिल मोडायची
(iv) माणसं ढाळजंत बसायची
उत्तर :
(iii) कडुसं पडायच्या आधी मैफिल मोडायची
(i) म्हातारीची ढाळज सुटायची
(iv) माणसं ढाळजंत बसायची
(ii) वाडा शांत व्हायचा

कृती ३ : (व्याकरण)

प्रश्न 1.
सहसंबंध लक्षात घेऊन उत्तरे लिहा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 17
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 18

प्रश्न 2.
पुढील बोलीभाषेतील शब्दांना प्रचलित प्रमाण मराठी भाषेतील शब्द शोधून लिहा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 19
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 20

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

प्रश्न 3.
तक्ता पूर्ण करा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 21
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 22

प्रश्न 4.
पुढील वाक्यांतील अधोरेखित शब्दाचे लिंग बदलून वाक्य पुन्हा लिहा :
आजी त्याची संपादक होती. (सराव कृतिपत्रिका-१)
उत्तर :
आजोबा त्याचे संपादक होते.

कृती ४ : (स्वमत / अभिव्यक्ती)

प्रश्न 1.
‘आमची ढाळज म्हणजे गावाचं वर्तमानपत्र होतं,’ या वाक्याचा तुम्हांला कळलेला अर्थ लिहा.
उत्तर :
‘आगळ’ या कादंबरीच्या नायकाची आजी ही त्याच्या घराची सत्ताधीश होती. घरात तिचा वचक होता. घराबाहेरही तिच्या शब्दाला मान होता. दुपारपर्यंतच्या सर्व कामांचे नियोजन करून आजी ढाळजेत यायची. गल्लीतल्या बायकाही जमा व्हायच्या. निवडटिपण करता करता गप्पाटप्पा व्हायच्या. अनेक बातम्या, गुपिते उघड व्हायची. सगळ्याजणी बातम्यांवर चर्चा करीत. त्यातून बातम्यांची शहानिशा व्हायची.

वर्तमानपत्राचे वार्ताहर गावांतून बातम्या आणतात. संपादक या बातम्यांची शहानिशा करतात. मगच त्या बातम्या वर्तमानपत्रात छापल्या जातात. आजीच्या घराची ढाळज वर्तमानपत्रासारखीच होती. तिथे आलेल्या बातम्यांची शहानिशा झाल्यावरच बायका त्या बातम्या गावभर सांगायला मोकळ्या होत.

प्रश्न 2.
तुलना करा / साम्य लिहा :
आगळ : वाड्याचे संरक्षक कवच
आजी : कुटुंबाचे संरक्षक कवच किंवा
‘आजी म्हणजे घराचा आधार’ हे विधान सोदाहरण पटवून दया. (मार्च ‘१९)
उत्तर :
आगळ म्हणजे उंची-रुंदीला नऊ इंच आणि लांबीला सहा फूट असा भक्कम सागवानी वासा. एकदा आगळ लावली की चोऱ्यामाऱ्या होणे किंवा दरोडा पडणे शक्यच नसे. त्यामुळेच ही आगळ म्हणजे वाड्याला संरक्षणाचे एक भरभक्कम कवच लाभले होते.

प्रस्तुत उताऱ्यात आजीची भूमिकाही अगदी याच प्रकारची आहे. आजीमुळे कुटुंबात सुव्यवस्था नांदत होती. सुना आपापसात हेवेदावे करू शकत नव्हत्या. आपली कामे दुसरीवर ढकलू शकत नव्हत्या. सर्व कामे प्रत्येकीला करावी लागत. या वातावरणामुळे कोणावर अन्याय होत नव्हता. कोणालाही तक्रार करायला वावच राहत नसे. आजीमुळे प्रत्येकीला किंवा प्रत्येकाला भरभक्कम संरक्षण मिळाले होते. हे संरक्षण आगळेइतकेच भक्कम होते.

प्रश्न 3.
आगळ लावण्याची/टाकण्याची पद्धत समजावून सांगा.
उत्तर :
आगळ म्हणजे एक सागवानी अवजड वासा होता. त्याच्या एका टोकाला वाघाचा मुखवटा बसवला होता. वाघाच्या जबड्यात एक भक्कम कडी बसवलेली होती. त्या कडीला धरून आगळ ओढायची किंवा ढकलायची असते. दरवाज्याच्या दोन बाजूंना आगळ अडकवण्यासाठी भिंतींत दोन कोनाडे केलेले असतात. त्यांपैकी एक कोनाडा आगळ पूर्ण सामावली जाईल इतका खोल असतो. कडीला धरून आगळ कोनाड्यात पूर्ण ढकलली की दरवाजा उघडता येतो.

रात्रीच्या वेळी, दरवाजा बंद करून कोनाड्यात ढकलून ठेवलेली आगळ कडीला धरून ओढून बाहेर काढली जाते आणि ते टोक दुसऱ्या भिंतीच्या कोनाड्यात अडकवले जाते. अशा त-हेने आगळ बसवली की दरवाजा कोणीही उघडू शकत नाही.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

प्रश्न 4.
दुपारच्या वेळी मुलांकडून केल्या जाणाऱ्या कल्पक कृती सांगा.
उत्तर :
कधी कधी बैठ्या खेळांऐवजी मुले वेगवेगळ्या कल्पक कृती करीत असत. एखादया वेळी सरपणातली लाकडे काढून विटीदांडू किंवा भोवरे तयार करीत बसत. भिंगऱ्या तयार करण्यासाठी घेतलेला लाकडाचा तुकडा दगडावर घासून घासून त्याला गोल आकार देण्याचा मुले प्रयत्न करीत. हे मोठे कष्टाचे काम असे. चुलीची काजळी लागून लागून काळ्या कुळकुळीत बनलेल्या खापऱ्या पाटीवर घासून घासून पाठीला काळा कुळकुळीत रंग आणण्याचा प्रयत्न करीत बसत.

बैलगाड्या बनवण्यासाठी ज्वारीची ताटे वापरीत. लाल माती आणून बैल बनवत बसत. गोल आकाराचे गोटे जमवून ते सर्व बाजूंनी दगडावर घासून घासून त्याने छान गोल आकार दयायचा प्रयत्न करीत बसत. अशा अनेक कल्पक कृती करण्यात मुले दंग होत.

प्रश्न 5.
पाठात चित्रित झालेल्या एकत्र कुटुंबपद्धतीबाबतचे तुमचे विचार स्पष्ट करा.
उत्तर :
या पाठात ग्रामीण भागातील मागील पिढीचे चित्रण आले आहे. त्या काळातील हे एक एकत्र कुटुंब होते. आजी ही कुटुंबप्रमुख होती. कुटुंबाच्या सर्व बाबींवर, सर्व व्यक्तींवर आजीचीच सत्ता चालत असे. कोणी कोणकोणती कामे कधी व कशी करावीत, हे आजी ठरवत असे.

या पद्धतीमुळे कुटुंबातील सर्व व्यवहारांना एकसूत्रीपणा येतो आणि कामे सुरळीतपणे पार पडतात; याचा कुटुंबालाच फायदा होतो, हे खरे आहे. पण या पद्धतीमध्ये कोणालाही स्वातंत्र्य राहत नाही. सुनांना साधा चहासुद्धा करून पिण्याची मोकळीक नव्हती. म्हणजे कोणालाही जरासुद्धा हौसमौज करण्याची परवानगी नव्हती. याचाच अर्थ कुटुंबातल्या सदस्यांना जीवनातील लहानसहान आनंदसुद्धा घेता येत नव्हते. त्यातही स्त्रियांना तर पूर्ण पारतंत्र्यातच राहावे लागे. ही चांगली स्थिती अजिबात नाही. आधुनिक काळात म्हणूनच एकत्र कुटुंबपद्धत टिकली नाही.

प्रश्न 6.
पाठाच्या शीर्षकाची समर्पकता थोडक्यात स्पष्ट करा.
उत्तर :
ग्रामीण भागात पूर्वी घराभोवती एक भलीमोठी, मजबूत भिंत बांधली जाई. भिंतीत एक मजबूत दार असे. त्याला कड्याकोयंडे असतच; शिवाय एक भलीभक्कम आगळ बसवलेली असे. एकदा ही आगळ लावली की घर पूर्णपणे बंद होत असे. घरातील कोणीही बाहेर जाऊ शकत नसे किंवा कोणीही बाहेरून आत येऊ शकत नसे. घरावर कोणाचाही हल्ला होणे शक्य नसे. यामुळे घर पूर्णपणे सुरक्षित होई. म्हणून ग्रामीण जीवनात या आगळीला एक महत्त्वपूर्ण स्थान लाभले होते.

पाठाच्या शीर्षकावरून असे दिसते की, त्या कुटुंबातील आजी ही त्या कुटुंबाची एक प्रकारे आगळच होती. तिच्या दराऱ्यामुळे कुटुंबाचे सर्व व्यवहार सुरळीत चालत असत. कुटुंबाला आपोआपच पूर्ण संरक्षण लाभायचे. घराची आगळ लावल्यावर आपल्या माणसांना बाहेर जाता येत नसे. म्हणजेच त्यांच्यावर बंधने येत. त्याचप्रमाणे आजीच्या नियंत्रणामुळे कुटुंबातील व्यक्तींवर बंधने येत. या बंधनांचा एक चांगला फायदा होई. कुटुंबातील कोणीही गैरवर्तन करू शकत नसे. त्यामुळे कुटुंबाचे व्यवहार कोलमडून पडत नसत. कुटुंबाला अंतर्गत व बाह्य असे दोन्ही अंगांनी संरक्षण मिळे. म्हणून ‘आजी : कुटुंबाचं आगळ’ हे शीर्षक अत्यंत समर्पक आहे.

प्रश्न 7.
आजच्या काळात एकत्र कुटुंब पद्धतीची आवश्यकता वाटते का? तुमचे मत सोदाहरण लिहा. (सराव कृतिपत्रिका-१)
उत्तर :
एकत्र कुटुंब पद्धतीचे काही फायदे आहेत; तसे काही तोटेही आहेत. तोटे काढून टाकले, तर एकत्र कुटुंब पद्धत आजच्या काळात खूप उपयोगी होऊ शकते. एकत्र कुटुंब पद्धतीत व्यक्तीला स्वत:चा वैयक्तिक विकास करून घेण्याची संधी खूप कमी प्रमाणात मिळते. व्यक्ती कुटुंबाशी बांधली जाते. कुटुंबाच्या अडीअडचणी, कुटुंबाची कामे, जबाबदाऱ्या यांच्यात ती गुरफटली जाते. कुटुंब एका व्यक्तीच्या नियंत्रणात राहते.

एकत्र कुटुंब पद्धतीमुळे कुटुंबात सर्व वयोगटातील माणसे असतात. वयस्क माणसांची कार्यक्षमता खुप कमी झालेली असते. त्यांना स्वत:च्या गरज भागवणे जिकिरीचे बनते. त्या वयात त्यांना इतरांच्या मदतीची खूप गरज असते. त्यांना एकत्र कुटुंब पद्धतीमध्ये आधार मिळतो. त्याचप्रमाणे लहान मुलांनाही एकत्र कुटुंब पद्धतीत खूप आधार मिळतो. आजच्या काळात आई-बाबा दोघेही नोकरी करतात. त्यामुळे घरी मुलांची काळजी घेणारे कोणीही नसते. मुलांची आबाळ होते. त्यांचे खाणेपिणे, त्यांचा अभ्यास वगैरे बाबींकडे लक्ष देणारे कोणी नसते. अशा स्थितीत घरी आजी-आजोबा असतील, तर ते मुलांकडे लक्ष देऊ शकतात. आजीआजोबांना समाधानही मिळते. पगारी माणसे घरातल्या माणसांप्रमाणे काळजी घेऊ शकत नाहीत. म्हणून आजच्या काळात एकत्र कुटुंब पद्धतीचा फायदा होऊ शकतो.

व्याकरण व भाषाभ्यास

कृतिपत्रिकेतील प्रश्न ४ (अ) आणि (आ) यांसाठी…

अ. व्याकरण घटकांवर आधारित कृती : .

१. समास :

प्रश्न 1.
पुढील विग्रहांवरून सामासिक शब्द ओळखा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 23
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 24
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 25

प्रश्न 2.
तक्ता पूर्ण करा : (मार्च ‘१९)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 26
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 27

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

२. अलंकार :

प्रश्न 1.
पुढील उदाहरण वाचून तक्ता पूर्ण करा :
देवाहुनही महान आहे माझी आई
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 28
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 29

३. शब्दसिद्धी :

प्रश्न 1.
‘बे’ हा उपसर्ग लागून तयार होणारे चार शब्द लिहा.
उत्तर :

  • बेबंद
  • बेजबाबदार
  • बेहिशेब
  • बेबनाव.

प्रश्न 2.
पुढील शब्दांना ‘अनीय’ हा प्रत्यय लावून शब्द तयार करा :
(i) श्रवण – ……………
उत्तर :
श्रवणीय

(ii) वाचन – ………….
उत्तर :
वाचनीय.

प्रश्न 4.
दोन अभ्यस्त शब्द लिहा.
उत्तर :

  • लालेलाल
  • गारेगार.

४. सामान्यरूप :

प्रश्न 1.
पुढील तक्ता पूर्ण करा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 30
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 31

५. वाक्प्रचार :

(१) कंसातील वाक्प्रचारांचा त्या खालील वाक्यांत योग्य ठिकाणी वापर करून वाक्ये पुन्हा लिहा :
(शाबूत असणे, कानोसा घेणे, कडुसं पडणे, शहानिशा होणे, गुण्यागोविंदाने नांदणे)
प्रश्न 1.
शाळेतून घरी आलो की बाबा नेहमी अभ्यासाची चौकशी करायचे.
उत्तर :
शाळेतून घरी आलो की बाबा नेहमी अभ्यासाची शहानिशा करायचे.

प्रश्न 2.
मावळतीला सूर्य गेला नि अंधार पडला.
उत्तर :
मावळतीला सूर्य गेला नि कडुसं पडले.

प्रश्न 3.
घरातील दोन्ही जावा अगदी खेळीमेळीने राहत.
उत्तर :
घरातील दोन्ही जावा अगदी गुण्यागोविंदाने नांदत होत्या.

प्रश्न 4.
पाऊस पडणार आहे की नाही, याचा आमचा मोती कान टवकारून अंदाज घेतो.
उत्तर :
पाऊस पडणार आहे की नाही, याचा आमचा मोती कान टवकारून कानोसा घेतो.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

(२) पुढील वाक्यांतील वाक्प्रचार शोधून अधोरेखित करा :

प्रश्न 1.
सहलीच्या वेळी शिस्तभंग होऊ नये याकडे शिक्षकांचा कटाक्ष असतो.
उत्तर :
सहलीच्या वेळी शिस्तभंग होऊ नये याकडे शिक्षकांचा कटाक्ष असतो.

प्रश्न 2.
दोन व्यक्तींतील संवादाचा तिसऱ्या व्यक्तीने कानोसा घेणे अयोग्यच.
उत्तर :
दोन व्यक्तींतील संवादाचा तिसऱ्या व्यक्तीने कानोसा घेणे अयोग्यच.

प्रश्न 3.
कारण नसताना हुकमत गाजवणाऱ्या व्यक्ती इतरांच्या नजरेतून उतरतात.
उत्तर :
कारण नसताना हुकमत गाजवणाऱ्या व्यक्ती इतरांच्या नजरेतून उतरतात.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी : कुटुंबाचं आगळ

आ. (भाषिक घटकांवर आधारित कृतीः

१. शब्दसंपत्ती :

प्रश्न 1.
विरुद्धार्थी शब्दांच्या योग्य जोड्या जुळवा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 3 आजी कुटुंबाचं आगळ 32
उत्तरे :
(i) आळस × उत्साह
(ii) आदर × अनादर
(iii) आस्था × अनास्था
(iv) आपुलकी × दुरावा

आजी : कुटुंबाचं आगळ Summary in Marathi

पाठाचा आशय या कथानकातील आजी खमकी आहे. तिच्या देहाची ठेवण, तिचे दिसणे, तिचा पेहराव इत्यादी बाबींमध्ये तिचा खमकेपणा दिसून येतो.

‘आगळ ‘मधील नायकाच्या घरी एक गाय होती. ती वरवर्षी व्यायची. त्यामुळे घरामध्ये दुधाची खूप रेलचेल होती. मुलांना भरपूर दुध प्यायला मिळे. आजीला चार सुना होत्या. आजीचा दरारा असल्यामुळे मुलांना खायलाप्यायला देताना सुना आपपरभाव करू शकत नव्हत्या. कामचुकारपणा करू शकत नव्हत्या. आपली कामे दुसरीवर टाकू शकत नव्हत्या. सर्व कामे प्रत्येकीला करावी लागत. या वातावरणामुळे कोणावर अन्याय होत नव्हता. कोणालाही तक्रार करायला वावच नसे. आजीमुळे प्रत्येकीला किंवा प्रत्येकाला भरभक्कम संरक्षण मिळाले होते. हे संरक्षण आगळइतकेच भक्कम होते.

दुपारच्या वेळी मुलांचे बैठे खेळ किंवा क्वचितप्रसंगी मैदानी खेळ खेळले जात. अशा प्रकारे मुलांचे बालपण तर निसर्गामध्ये सहजगत्या घडत होते. या सगळ्याला आजीच्या मायेच्या सावलीचा आधार होता.

दुपारपर्यंतची कामे आटोपल्यावर थोडीशी विश्रांती घेऊन आजी ढाळजेत येऊन बसायची. गल्लीतल्या बायका जमायच्या. निवडटिपण असली कामे करता करता गप्पा होत. गावभरच्या बातम्या कळत. आजीच्या समोरच बातम्यांची शहानिशा होई. ही ढाळज म्हणजे एक प्रकारे गावाचे वर्तमानपत्रच होती. रात्री आठ वाजता वाड्याचा दरवाजा बंद होई आणि आगळ बसवली जाई. आगळ बसवली की संरक्षणाची हमी मिळे.

आजी : कुटुंबाचं आगळ शब्दार्थ

  • रापणे – त्वचेवर काळपटलेली छटा येणे.
  • गोंदण – विशिष्ट प्रकारच्या सुईने त्वचेवर टोचून टोचून नक्षी काढणे.
  • गावरान – गावठी. वेत – वासराला जन्म देणे.
  • धार काढणे – गाई-म्हशीचे दूध काढणे.
  • चरवी – दूध काढण्याचे भांडे.
  • धारोष्ण – उष्णपणा निवला नाही असे ताजे दूध.
  • सरपण – इंधन (विशेषतः लाकडांचे).
  • ढाळज – मोठा वाडा वगैरेंसारख्या घराच्या मुख्य दरवाजाजवळची आतल्या बाजूची
  • जागा, पडवी, वाकळ – गोधडी.
  • शहानिशा – खातरजमा,
  • कडुसं – काळोख होण्याची वेळ,
  • आगळ – अडसर (येथे अर्थ-भक्कम आधार.).
  • देवळी – भिंतीतला कोनाडा.
  • चिंचोके – चिंचेच्या बिया.
  • गजगे – सागरगोटे,
  • जिबल्या – अर्धा कापलेला जोड्यांचा तळ.
  • मुटके – हातपाय पोटाशी आवळून घेऊन आजूबाजूला खूप पाणी उडेल अशा रितीने पाण्यात मारलेली उडी.

आजी : कुटुंबाचं आगळ वाक्प्रचार व त्यांचे अर्थ

  • हुकूमत गाजवणे : अधिकार गाजवणे.
  • हातात काठी येणे : म्हातारपण येणे; तोल सांभाळता न येणे.
  • गुण्यागोविंदाने नांदणे : समंजसपणे व आनंदाने राहणे.
  • धार काढणे : गायी-म्हशीचे दूध काढणे.
  • कटाक्ष असणे : खास लक्ष देणे.
  • धान्य निवडणे : धान्यातले गोटे इत्यादी वेचून बाहेर काढणे.
  • हुक्की येणे : लहर येणे.

Maharashtra Board Class 10 Marathi Kumarbharti Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Marathi Solutions Kumarbharti Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Marathi Kumarbharti Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य)

Marathi Kumarbharti Std 10 Digest Chapter 4 उत्तमलक्षण Textbook Questions and Answers

प्रश्न. पुढील कवितेच्या आधारे दिलेल्या सूचनांनुसार कृती करा :

कृती १ : (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृत्या पूर्ण करा :
(i)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 1
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 2

(ii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 3
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 4

Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य)

प्रश्न 2.
चौकटी पूर्ण करा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 5
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 6

प्रश्न 3.
पुढील गोष्टींबाबत संत रामदास कोणती दक्षता घ्यायला सांगतात. (मार्च ‘१९)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 7
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 8

कृती २ : (आकलन)

प्रश्न 1.
शब्दजाल पूर्ण करा :
(i)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 9
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 10

(ii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 11
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 12
(iii)
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 13
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 14

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प्रश्न 2.
पुढील व्यक्तींशी कसे वागावे, असे संत रामदास म्हणतात :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 15
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 16

प्रश्न 3.
पुढील गोष्टींबाबत कोणती दक्षता घ्यावी, ते लिहा :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 17
उत्तर :
(i) तोंडाळासी भांडू नये.
(ii) संतसंग खंडू नये.
(iii) सत्यमार्ग सोडू नये.

प्रश्न 4.
असत्य विधान ओळखा :
(i) संतसंग सोडू नये.
(ii) अपकार घेऊ नये.
(iii) व्यापकपण सांडू नये.
(iv) खोटेपणाच्या पंथाला जाऊ नये.
उत्तर :
असत्य विधान – अपकार घेऊ नये.

प्रश्न 5.
अचूक विधान ओळखा : (मार्च ‘१९)
(i) पैज, होड लावावी.
(ii) सत्याची वाट धरावी.
(iii) पापद्रव्य सहज जोडावे.
(iv) नेहमी अभिमानाने वागावे.
उत्तर :
अचूक विधान – सत्याची वाट धरावी.

प्रश्न 6.
तुमच्यातील प्रत्येकी तीन गुण व तीन दोष शोधून लिहा.
उत्तर :
नमुना उत्तर :
गुण : (i) मी रोज व्यायाम करतो.
(ii) मी खोटे बोलत नाही.
(iii) मी आईला कामात मदत करतो.

दोष : (i) मला चटकन राग येतो.
(ii) मी ताटात अन्न टाकतो.
(iii) माझे अक्षर चांगले नाही.

कृती ३ : (काव्यसौंदर्य)

प्रश्न 1.
‘सभेमध्ये लाजों नये। बाष्कळपणे बोलों नये।’ या ओळीतील विचार स्पष्ट करा.
उत्तर :
‘उत्तमलक्षण’ या कवितेमध्ये संत रामदास यांनी आदर्श गुणसंपन्न व्यक्तीची लक्षणे समजावून सांगितली आहेत. त्यांपैकी एक लक्षण उपरोक्त चरणात सूचित केले आहे.

मनुष्य हा समाजप्रिय प्राणी आहे. माणसांमध्ये तो नित्य वावरत असतो. समूहामध्ये आदर्श व्यक्तीचे वर्तन कसे असावे, हे सांगताना संत रामदास म्हणतात – सभेमध्ये वावरताना, आपले मत मांडताना कधीही लाजू नये. स्पष्टपणे आपले म्हणणे मांडावे; परंतु त्याच वेळी बालिशपणे बोलून आपले हसे करून घेऊ नये. निरर्थक असे वक्तव्य करू नये. बाष्कळपणे बोलू नये. उत्तम पुरुषाचे एक मर्मग्राही लक्षण या ओवीतून मांडले आहे.

प्रश्न 2.
‘आळसें सुख मानूं नये,’ या ओळीचा तुम्हांला समजलेला अर्थ स्पष्ट करा.
उत्तर :
‘उत्तमलक्षण’ या ओव्यांमध्ये संत रामदास यांनी उत्तम व्यक्तीची लक्षणे विशद करताना आळस हा माणसाचा शत्रू आहे, असे ठासून प्रतिपादिले आहे.

‘आळस’ हा माणसाच्या अंगी असलेला दुर्गुण आहे. आळसामुळे कार्य करायला उत्साह राहत नाही व त्यामुळे बरीच कामे खोळंबून राहतात. ‘आळसे कार्यभाग नासतो!’ या समर्थ रामदासांच्या उक्तीमध्ये हेच तत्त्व सांगितले आहे. माणसाच्या मनाला जे षड्विकार जडतात, त्यात ‘आळस’ हा एक विकार आहे. दैनंदिन कामांमध्ये आळसाला स्थान देऊ नये. आळसामुळे प्रगती खुंटते, भविष्य अंधारते. आळसामुळे मनाला जडत्व प्राप्त होते व माणूस नाकर्ता होतो. आळशी माणसाला समाजात मान मिळत नाही. म्हणून आळसात सुख मानू नये, समाधान मानू नये, असे समर्थ रामदास सांगतात.

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Marathi Kumarbharti Class 10 Textbook Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण Additional Important Questions and Answers

प्रश्न. पुढील कवितेसंबंधी त्याखाली दिलेल्या मुद्द्यांच्या आधारे कृती सोडवा :

प्रश्न 1.
कविता-उत्तमलक्षण.
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उत्तर : उत्तमलक्षण.
(१) प्रस्तुत कवितेचे कवी : संत रामदास.
(२) कवितेचा रचनाप्रकार : ओवी.
(३) कवितेचा काव्यसंग्रह : श्रीदासबोध.
(४) कवितेचा विषय : उत्तम माणसाची लक्षणे.
(५) कवितेतून व्यक्त होणारा (स्थायी) भाव : आदर्श माणसे घडवण्याचा ध्यास.

(६) कवितेच्या कवींची लेखनवैशिष्ट्ये : प्रस्तुत कवितेची रचना ओवी या छंदात केलेली आहे. ओवी हा उच्चारणाला सुलभ असा अत्यंत लवचीक रचनाप्रकार आहे. त्यामुळे या कवितेतील भाषा ओवी या छंदाला साजेशी सुबोध व सर्वसामान्यांना सहज समजेल अशी आहे. साहजिक कवितेची आवाहन शक्ती वाढली आहे. चुकीचे वर्तन व चांगले वर्तन या दोन्ही बाबी समर्थांनी स्पष्ट शब्दांत कोणतीही संदिग्धता न ठेवता सांगितल्या आहेत. समर्थांच्या या रचनेत प्रासादिकता आढळते.

(७) कवितेची मध्यवर्ती कल्पना : प्रस्तुत कवितेत संत रामदासांनी उत्तम, गुणसंपन्न, आदर्श व्यक्तीची लक्षणे सांगितली आहेत. समाजात वावरताना कसे वागावे, काय करावे व काय टाळावे यांचे सुस्पष्ट शब्दांत निवेदन केले आहे. समाज नीतिमान व कर्तबगार व्हावा, ही तळमळ या पदयपाठातून स्पष्टपणे जाणवते.

(८) कवितेतून व्यक्त होणारा विचार : प्रस्तुत कवितेत संत रामदासांनी, व्यक्तीने समाजात कसे वागावे याचे मार्गदर्शन केले आहे. नेहमीच सावध मनाने वागावे. इतरांना सहकार्य करावे. कोणाशीही कपटाने वागू नये. तोंडाळ, वाचाळ माणसांना टाळावे. आळस झटकून टाकावा. पूर्ण विचार करून वागावे. उपकाराची परतफेड करावी. नेहमी उदारपणाने वागावे. मनाचा मोठेपणा बाळगावा. परावलंबी होऊ नये. नेहमी सत्याने वागावे. कुप्रसिद्धी टाळावी इत्यादी अनेक गुणांचे आचरण करण्यास या कवितेत संत रामदासांनी सांगितले आहे.

(९) कवितेतील आवडलेलो ओळ :
अपकीर्ति ते सांडावी। सत्कीर्ति वाडवावी।।
विवेके दृढ धरावी । वाट सत्याची ।।

(१०) कविता आवडण्याची वा न आवडण्याची कारणे : मला ही कविता खूप आवडली. एकतर हे विचार पटकन पटण्यासारखे आहेत. ही कविता उच्चारताना, वाचताना आनंद होतो. उच्च, उदात्त विचार मनात घोळवल्याने मनही आनंदित होते. सर्व गुण-अवगुण रामदासांनी अत्यंत स्पष्टपणे, परखडपणे सांगितले आहेत. कुठेही शब्दांचा बोजडपणा नाही. प्रत्येक शब्दागणीक अर्थ स्पष्ट होत जातो. मुख्य म्हणजे दैनंदिन जीवनात वागताना आवश्यक असलेल्या गुणांचे मार्गदर्शन घडत असल्याने कविता आपली, स्वतःची, स्वतःसाठी असलेली वाटत राहते.

(११) कवितेतून मिलणाग संदेश : प्रत्येक व्यक्तीने चांगले वागण्याचाच प्रयत्न केला पाहिजे. त्यासाठी वाईट गुण कोणते व चांगले गुण कोणते हे स्पष्टपणे समजून घ्यावे. प्रत्येकाने उत्तम माणूस बनण्याचा प्रयत्न करावा. यातूनच चांगला व समर्थ समाज निर्माण होतो.

कृतिपत्रिकेतील प्रश्न २ (इ) साठी…

प्रश्न. पुढील ओळींचे रसग्रहण तुमच्या शब्दांत लिहा :

प्रश्न 1.
‘जनी आर्जव तोडूं नये । पापद्रव्य जोडूं नये ।
पुण्यमार्ग सोडूं नये । कदाकाळीं ।।’ (मार्च ‘१९)
उत्तर :
आशयसौंदर्य : ‘उत्तमलक्षण’ या श्रीदासबोधातील एका समासामध्ये समर्थ रामदासांनी गुणसंपन्न आदर्श व्यक्तिमत्त्वाची महत्त्वाची लक्षणे सांगितली आहेत. त्यांपैकी उपरोक्त ओवीमध्ये तीन लक्षणांचा ऊहापोह केला आहे.

काव्यसौंदर्य : समाजात वावरताना व्यक्तीने कोणते आचरण करावे हे सांगताना संत रामदास म्हणतात – लोकांचे मन मोडू नये. लोकांनी केलेली विनंती धुडकावू नये. उलट जनभावनांचा आदर . करावा. तसेच वाईट मार्गाने संपत्ती साठवू नये. अशी संपत्ती हे पापाचे धन असते. म्हणून सत्शील मार्गाने जीवन व्यतीत करावे. पुण्यमार्ग आचारावा. कधीही पुण्यमार्गाने जाण्याचे सोडू नये.

भाषिक वैशिष्ट्ये : वरील ओवीमध्ये जनांसाठी खूप सुगम निरूपण केले आहे. ‘तोडू नये, जोडू नये, सोडू नये’ अशा सोप्या यमकांद्वारे संदेशामध्ये आवाहकता आली आहे. ओवीछंदाला साजेशी सुबोध भाषा वापरल्यामुळे जनमानसावर तत्त्व ठसवणे सुलभ झाले आहे. पापद्रव्य व पुण्यमार्ग यांतील विरोधाभास ठळकपणे उठून दिसतो. ओवीमध्ये प्रासादिकता हा गुण आढळतो.

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प्रश्न 2.
‘अपकीर्ति ते सांडावी। सत्कीर्ति वाडवावी।
विवेकें दृढ धरावी। वाट सत्याची।।’ (मार्च ‘१९)
उत्तर :
आशयसौंदर्य : संत रामदासांनी ‘उत्तमलक्षण’ या कवितेत आदर्श गुणवान व्यक्तीची वैशिष्ट्ये सांगताना या ओळींमधून सद्वर्तन कशा प्रकारे करावे, याची शिकवण दिली आहे.

काव्यसौंदर्य : संत रामदास म्हणतात – लोक आपल्याला दूषणे देतील व निंदा करतील असे वर्तन कदापिही करू नये. ज्या वागण्याने आपली अपकीर्ती होईल, असे वागणे टाळावे. उलट आपल्या व्यक्तिमत्त्वाची कीर्ती पसरेल, अशी वागणूक करायला हवी. स्वतः चांगले वागून सत्कीर्ती वाढवायला हवी. त्यासाठी बुद्धीचा विवेक महत्त्वाचा ठरतो. सद्विचाराने, विवेकाने सत्याचा मार्ग ठामपणे आचरावा. विवेकबुद्धी ठोस असणे गरजेचे आहे.

भाषिक वैशिष्ट्ये : सन्मार्गाचे लक्षण सांगताना जनसामान्यांना समजतील असे तीन मुद्दे या ओळीत सहजपणे सांगितले आहेत. अपकीर्ती व सत्कीर्ती तसेच सांडावी व वाढवावी या विरोधी शब्दांमुळे ओवीची खुमारी वाढली आहे. दृढ धरणे हा वाक्प्रचार चपखलपणे उपयोगात आणला आहे. जनमानसावर तत्त्व ठसवण्याची समर्थांची हातोटी समर्थपणे व्यक्त झाली आहे.

व्याकरण व भाषाभ्यास

कृतिपत्रिकेतील प्रश्न ४ (अ) आणि (आ) यांसाठी…

अ. व्याकरण घटकांवर आधारित कृती:

१. समास :

प्रश्न 1.
पुढील तक्ता पूर्ण करा : (ठळक अक्षरांत उत्तरे दिली आहेत.)
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२. अलंकार :
पुढील ओळी वाचून तक्ता पूर्ण करा :
प्रश्न 1.
‘ऊठ पुरुषोत्तमा । वाट पाही रमा ।
दावि मुखचंद्रमा । सकळिकांसी।।’

प्रश्न 2.
‘नयनकमल’ हे उघडित हलके जागी हो जानकी.
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उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 23

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३. वृत्त :
पुढील ओळींचे लगक्रम लिहा :

प्रश्न 1.
ऐकू न ये तुज पिकस्वर मंजुळे का?
उत्तर :
Maharashtra Board Class 10 Marathi Solutions Chapter 4 उत्तमलक्षण (संतकाव्य) 24

प्रश्न 2.
मना सज्जना भक्तिपंथेचि जावे.
उत्तर :
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उत्तमलक्षण Summary in Marathi

कवितेचा भावार्थ :
उत्तम पुरुषाची (आदर्श व्यक्तीची) लक्षणे सांगताना संत रामदास श्रोत्यांना म्हणतात – श्रोतेहो, तुम्हांला आता मी उत्तम, गुणवान व्यक्तीची लक्षणे सांगतो, ती सावध मनाने ऐकावीत. ही लक्षणे ऐकून तुम्ही सर्व गोष्टी जाणण्याची खूण अंगी बाणवावी. ।।१।।

पूर्ण माहिती असल्याशिवाय कुठल्याही रस्त्याने जाऊ नये. वाटेमधील अडथळे जाणून घेतल्याशिवाय प्रवास करू नये. फळाचे अंतरंग (गुण) ओळखल्याशिवाय ते खाऊ नये. रस्त्यात पडलेली वस्तू अचानक पटकन उचलू नये. ।।२।।

लोकांनी केलेली विनंती लक्षात घ्यावी. तिला अमान्य करू नये. पाप किंवा कपट करून मिळवलेल्या संपत्तीचा साठा करू नये. कपट करून पैसा मिळवू नये. पुण्याचा मार्ग म्हणजे सच्छील मार्ग, सद्वर्तन कधीही सोडू नये. ।।३।।

जी तोंडाळ, भांडकुदळ व्यक्ती असेल, त्या व्यक्तीशी कधीही भांडू नये. व्यर्थ बडबड करणाऱ्या वाचाळ माणसाशी तंटा करू नये. सज्जनाची संगत कधी मध्येच सोडू नये, (हे कायम मनात ठेवा.) मनापासून झालेली संतांची मैत्री सोडू नये. ।।४।।

काम न करता ऐदीपणे, आळस करून आनंद घेऊ नये. आळसात सुख नसते. कुणाबद्दल उखाळ्यापाखाळ्या करून चहाडी करू नये. दुसऱ्याबद्दल खोटेनाटे बोलणे मनातही आणू नये. संपूर्ण शोध घेतल्याशिवाय कोणतेही काम करू नये. (काम अर्धवट सोडू नये.) ।।५।।

सभेमध्ये, समूहाच्या बैठकीमध्ये लाजू नये, मुखदुर्बळ राहू नये. मोकळ्या मनाने बोलावे परंतु बालिशपणे बोलू नये. बाष्कळ बडबड करू नये, कोणत्याही प्रकारची पैज, शर्यत लावू नये. कुणाशीही स्पर्धा करू नये. ।।६।।

कोणाचे उपकार सहसा घेऊ नयेत आणि घेतलेच तर त्यांची लगेच परतफेड करावी, उपकारातून लवकर उतराई व्हावे. दुसऱ्यांना दुःख देऊ नये, त्यांना व्यथित करू नये. कुणाचा विश्वासघात किंवा बेइमानी मुळीच करू नये. ।।७।।

स्वत:च्या मनाचा मोठेपणा कधी सोडून देऊ नये. मन कोते करू नये, ते व्यापक ठेवावे. परावलंबी होऊ नये. कुणावरी आपल्या आयुष्याचे ओझे लादू नये. ।।८।।

सत्याचा मार्ग कधी सोडू नये. खरेपणाने वागावे, असत्याच्या, खोटेपणाच्या मार्गाने जाऊ नये. खोटारडेपणा करून वागू नये. खोटेपणाचा कधीही वृथा अभिमान, व्यर्थ गर्व करू नये. ।।९।।

अपकीर्तीला बळी पडू नये. कुप्रसिद्धी टाळावी. चांगली कीर्ती वाढवावी. चांगल्या प्रकारे प्रसिद्ध पावावे. सारासार विचाराने, विवेकाने वर्तन करून सत्यमार्ग पत्करावा. ।।१०।।

उत्तमलक्षण शब्दार्थ

  • उत्तम – आदर्श, गुणसंपन्न,
  • लक्षण – गुणवैशिष्ट्य.
  • श्रोतीं – ऐकणाऱ्या लोकांनो.
  • सावधान – सावध होणे, सजग होणे.
  • उत्तम – उत्कृष्ट, जेणें – ज्याने.
  • बाणे – बाणणे, अंगिकारणे, सवय लागणे,
  • सर्वज्ञ – सारे जाणणारा.
  • पुसल्याविण – विचारल्याशिवाय,
  • येकायेकी – एकदम, पटकन.
  • जनीं – लोकांचे. आर्जव – विनंती.
  • पापद्रव्य – पापाने (कपटाने) मिळवलेली संपत्ती.
  • जोडू नये – साठवू नये.
  • पुण्यमार्ग – चांगला रस्ता, सद्वर्तन,
  • कदाकाळी – कोणत्याही वेळी.
  • तोंडाळ – वाटेल ते बोलणारा, भांडकुदळ.
  • वाचाळ – व्यर्थ बडबड करणारा.
  • तंडो नये – तंटा (भांडण) करू नये.
  • संतसंग – सज्जन माणसाची संगत.
  • खंडू नये – तोडू नये.
  • अंतर्यामी – मनातून, हृदयातून.
  • आळस – काम न करणे.
  • चाहाडी – एखादयाबद्दल वाईट सांगणे, आगलावेपणा.
  • कार्य – काम,
  • सभा – समूहाची बैठक.
  • बाष्कळपणा – बालिशपणा.
  • पैज – स्पर्धा, शर्यत.
  • होड – पैज,
  • परपीडा – दुसऱ्याला छळणे, दुःख देणे.
  • विश्वासघात – बेइमानी.
  • व्यापकपण – (मनाचा) मोठेपणा.
  • पराधेन – परावलंबी, दुसऱ्यावर विसंबणे.
  • वोझें – (स्वत:चा) भार,
  • कोणीयेकासी – कोणावरही.
  • सत्यमार्ग – खऱ्याचा मार्ग, सद्वर्तन.
  • असत्य – खोटेपणा.
  • पंथे – मार्गाने, वाटेने.
  • कदा – कधीही.
  • अभिमान – व्यर्थ गवं.
  • अपकीर्ति – बेअब्रू, वाईट प्रसिद्धी,
  • सत्कीर्ति – चांगली प्रसिद्धी.
  • वाडवावी – वाढवावी.
  • विवेके – चांगल्या विचाराने.
  • दृढ – ठाम, मजबूत, ठोस.

Maharashtra Board Class 10 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 कृषक गान

Balbharti Maharashtra State Board Class 10 Hindi Solutions Lokbharti Chapter 11 कृषक गान Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokbharti Chapter 11 कृषक गान

Hindi Lokbharti 10th Std Digest Chapter 11 कृषक गान Textbook Questions and Answers

कृति

कृतिपत्रिका के प्रश्न 2 (अ) तथा प्रश्न 2 (आ) के लिए
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 1
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 8

प्रश्न 2.
कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 2
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 6
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 7

प्रश्न 3.
वाक्य पूर्ण कीजिए:
a. कृषक कमजोर शरीर को ____________
b. कृषक बंजर जमीन को ____________
उत्तर:
(i) कृषक कमजोर शरीर को पत्तियों से पालता है।
(ii) कृषक बंजर जमीन को अपने खून से सींचकर उर्वरा बना देता है।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित पंक्तियों में कवि के मन में कृषक के प्रति जागृत होने वाले भाव लिखिए:

पंक्ति भाव
१. आज उसपर मान कर लूँ
२. आह्वान उसका आज कर लूँ
३. नव सृष्टि का निर्माण कर लूँ
४. आज उसका ध्यान कर लूँ।

उत्तर:

पंक्ति भाव
१. आज उसपर मान कर लूँअभिमान
२. आह्वान उसका आज कर लूँमानवता
३. नव सृष्टि का निर्माण कर लूँसृजनशीलता
४. आज उसका ध्यान कर लूँ।आदर

प्रश्न 5.
कविता में आए इन शब्दों के लिए प्रयुक्त शब्द हैं:
१. निर्माता – ____________
२. शरीर – ____________
३. राक्षस – ____________
४. मानव – ____________
उत्तर:
१. निर्माता – सृजक
२. शरीर – तन
३. राक्षस – असुर।
४. मानवता – मनुजता।

प्रश्न 6.
कविता की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कृषक के अभावों की कोई सीमा नहीं है। परंतु वह संतोष रूपी धन के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। पूरे संसार में कैसा भी वसंत आए, कृषक के जीवन में सदैव पतझड़ ही बना रहता है। अर्थात ऋतुएँ बदलती हैं, लोगों की परिस्थितियाँ बदलती हैं, परंतु कृषक के भाग्य में अभाव ही अभाव हैं। ऐसी दयनीय स्थिति के बावजूद उसे किसी से कुछ माँगना अच्छा नहीं लगता। वह हाथ फैलाना नहीं जानता। कृषक को अपनी दीन-हीन दशा पर भी नाज है। मैं ऐसे व्यक्ति पर अभिमान करना चाहता हूँ। कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

प्रश्न 7.
निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
1. रचनाकार कवि का नाम:
2. रचना का प्रकार:
3. पसंदीदा पंक्ति:
4. पसंदीदा होने का कारण:
5. रचना से प्राप्त प्रेरणा:
उत्तर:
(1) रचनाकार का नाम → दिनेश भारद्वाज।
(2) कविता की विधा → गान।
(3) पसंदीदा पंक्ति → हाथ में संतोष की तलवार ले जो उड़ रहा है।
(4) पसंदीदा होने का कारण → अनगिनत अभावों के होते हुए भी कृषक के पास संतोष रूपी धन है।
(5) रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा → कृषक दिन-रात परिश्रम करके संपूर्ण सृष्टि का पालन करता है। हमें उसके परिश्रम के महत्त्व को समझना चाहिए। उसका सम्मान करना चाहिए।

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Hindi Lokbharti 10th Textbook Solutions Chapter 11 कृषक गान Additional Important Questions and Answers

पद्यांश क्र. 1

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पट्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

→ कृति 1: (आकलन)

(1) कविता में आए इन शब्दों के लिए प्रयुक्त शब्द हैं:
(i) वसंत
(ii) पाला हुआ
उत्तर:
(i) वसंत – मधुमास
(ii) पाला हुआ – पालित

(2) सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए:
(i) कृषक हाथ में _____________ की तलवार लेकर चल रहा है। (श्रम/संतोष/धन)
(ii) सारे संसार में _____________ और उस पर सदा पतझड़ रहता है। (वसंत/वर्षा/फूल)
(iii) कृषक को अपनी _____________ पर अभिमान है। (मेहनत/गरीबी/दीनता)
(iv) उसके लिए _____________ और छाया एक जैसी है। (धूप/रोशनी/कालिमा)
उत्तर:
(i) कृषक हाथ में संतोष की तलवार लेकर चल रहा है।
(ii) सारे संसार में वसंत और उस पर सदा पतझड़ रहता है।
(iii) कृषक को अपनी दीनता पर अभिमान है।
(iv) उसके लिए धूप और छाया एक जैसी है।

→ कृति 2: (शब्दल)

(1) पद्यांश से प्रत्यय जुड़े हुए दो शब्द ढूँढकर लिखिए:
(i) ______________
(ii) ______________
उत्तर:
(i) दीनता (ii) मनुजता।

(2) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए:
(i) मधुमास – ______________
(ii) आह्वान – ______________
उत्तर:
(i) मधुमास – वसंत ऋतु
(ii) आह्वान – पुकार।

पद्यांश क्र. 2

प्रश्न.
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

→ कृति 1: (आकलन)

(1) संजाल पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 9
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 12

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(2) उत्तर लिखिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 10
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 13

(3) आकृति पूर्ण कीजिए:
(i) कृषक विश्व का यह है
(ii) वह अपने क्षीण तन को इनसे पालता है
(iii) कृषक अपने खून से सींचकर ऊसरों को यह बना देता है
(iv) आज यह पीड़ित होकर रो रही है
उत्तर:
(i) कृषक विश्व का यह है – पालक
(ii) वह अपने क्षीण तन को इनसे पालता है – पत्तियों से
(iii) कृषक अपने खून से सींचकर ऊसरों को यह बना देता है – उर्वर
(iv) आज यह पीड़ित होकर रो रही है – मनुजता

(4) कविता की पंक्तियों को उचित क्रमानुसार लिखकर प्रवाह तख्ता पूर्ण कीजिए:
(i) आज उससे कर मिला, नव सृष्टि का निर्माण कर लूँ।
(ii) छोड़ सारे सुर-असुर, मैं आज उसका ध्यान कर लूँ।
(iii) जोड़कर कण-कण उसी के, नीड़ का निर्माण कर लूँ।
(iv) किंतु अपने पालितों के, पद दलित हो मर रहा है।
उत्तर:
(i) किंतु अपने पालितों के, पद दलित हो मर रहा है।
(ii) आज उससे कर मिला, नव सृष्टि का निर्माण कर लूँ।
(iii) छोड़ सारे सुर-असुर, मैं आज उसका ध्यान कर लूँ।
(iv) जोड़कर कण-कण उसी के, नीड़ का निर्माण कर लूँ।

(5) आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 11
उत्तर:
Maharashtra Board Class 10 Hindi Solutions Chapter 11 कृषक गान 14

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→ कृति 2: (शब्द संपदा)

(1) पद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए:
(i) …………………
(ii) …………………
उत्तर:
(i) सुर-असुर
(ii) कण-कण।

(2) निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय अलग करके लिखिए:
(i) पालक = _____________
(ii) मनुजता = _____________
(iii) पीड़ित = _____________
(iv) जोड़कर = _____________
उत्तर:
(i) पालक = पाल + क
(ii) मनुजता = मनुज + ता”
(iii) पीड़ित = पीड़ा + इत
(iv) जोड़कर = जोड़ + कर।

(3) पद्यांश में आए इन शब्दों के लिए प्रयुक्त शब्द हैं:
(i) उपजाऊ
(ii) किसान
उत्तर:
(i) उपजाऊ – उर्वरा
(ii) किसान – कृषक

→ कृति 3: (सरल अर्थ)

प्रश्न.
पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर:
देखिए कविता का सरल अर्थ [5]।

पद्य विश्लेषण

सूचना: यह प्रश्नप्रकार कृतिपत्रिका के प्रारूप से हटा दिया गया है। लेकिन यह प्रश्न पाठ्यपुस्तक में होने के कारण विद्यार्थियों के अधिक अभ्यास के लिए इसे उत्तर-सहित यहाँ समाविष्ट किया गया है।

भाषा अध्ययन (व्याकरण)

1. शब्द भेद:
अधोरेखांकित शब्दों के शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
(i) हमें अपने देश पर अभिमान है।
(ii) भूकंप में घंटों मलबे के नीचे दबे रहकर भी बच्चा जीवित रहा।
उत्तर:
(i) अभिमान – भाववाचक संज्ञा।
(ii) जीवित – गुणवाचक विशेषण।

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2. अव्यय:
निम्नलिखित अव्ययों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) बल्कि
(ii) तो।
उत्तर:
(i) सिरचन को लोग पूछते ही नहीं थे, बल्कि उसकी खुशामद भी करते थे।
(ii) लहरें बच्चों का रेत का घर गिरा देती तो वे नया घर बनाने लगते।

3. संधि:
कृति पूर्ण कीजिए

संधि शब्द संधि विच्छेद संधि भेद
………….. सम् + सार …………..
अथवा
निश्चय …………..…………..

उत्तर:

संधि शब्द संधि विच्छेद संधि भेद
संसार सम् + सार व्यंजन संधि
अथवा
 निश्चय निः + चयविसर्ग संधि

4. सहायक क्रिया:
निम्नलिखित वाक्यों में से सहायक क्रियाएँ पहचानकर उनका मूल रूप लिखिए:
(i) सामने शेर को देखते ही सभी यात्री काँपने लगे।
(ii) तुम्हारी भाभी ने कहाँ से सीखी हैं?
उत्तर:
सहायक क्रिया – मूल रूप
(i) लगे – लगना
(ii) हैं – होना

5. प्रेरणार्थक क्रिया:
निम्नलिखित क्रियाओं के प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
(i) चलना
(ii) चमकना
(iii) लिखना।
उत्तर:
क्रिया – प्रथम प्रेरणार्थक रूप – द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
(i) चलना – चलाना – चलवाना
(ii) चमकना – चमकाना – चमकवाना
(iii) लिखना – लिखाना – लिखवाना

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6. मुहावरे:
(1) निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(i) चंपत होना
(ii) मन न लगना।
उत्तर:
(i) चंपत होना।
अर्थ: गायब हो जाना।
वाक्य: पुलिस के आते ही चोर चंपत हो गया।

(ii) मन न लगना।
अर्थ: इच्छा न होना।
वाक्य: सिरचन का किसी काम में मन नहीं लग रहा था।

(2) अधोरेखांकित वाक्यांशों के लिए उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए: (खून का चूंट पीकर रह जाना, पानी फेरना, पिंड छुडाना)
(i) लालची और निर्लज्ज लोगों से छुटकारा पाना आसान नहीं होता।
(ii) शिवाजी आगरे से भाग निकले, इसलिए औरंगजेब को अपना मन मारकर रह जाना पड़ा।
उत्तर:
(i) लालची और निर्लज्ज लोगों से पिंड छुड़ाना आसान नहीं होता।
(ii) शिवाजी आगरे से भाग निकले, इसलिए औरंगजेब को अपना खून का चूंट पीकर रह जाना पड़ा।

7. कारक:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कास्क पहचानकर उनका भेद लिखिए:
(i) मानू फूट-फूटकर रो रही थी।
(ii) सिरचन ने जीभ को दाँत से काटकर दोनों हाथ जोड़ दिए।
उत्तर:
(i) मानू-कर्ता कारक
(ii) दाँत से-करण कारक।

8. विरामचिह्न:
निम्नलिखित वाक्यों में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
(i) माँ हँसकर कहती जा जा बेचारा मेरे काम में पूजा भोग की बात ही नहीं उठाता कभी
(ii) मानू कुछ नहीं बोली बेचारी किंतु मैं चुप नहीं रह सका चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी
उत्तर:
(i) माँ हँसकर कहती,“जा-जा बेचारा मेरे काम में पूजा भोग की बात ही नहीं उठाता कभी।”
(ii) मानू कुछ नहीं बोली।…बेचारी! किंतु मैं चुप नहीं रह सका-“चाची और मँझली भाभी की नजर न लग जाए इसमें भी!”

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9. काल परिवर्तन:
निम्नलिखित वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
(i) सिरचन को एक सप्ताह पहले ही काम पर लगा दिया। (पूर्ण भूतकाल)
(ii) मानू ससुराल जाती है। (सामान्य भविष्यकाल)
(iii) उनके आशीर्वाद आज भी हमें मिले। (सामान्य वर्तमानकाल)
उत्तर:
(i) सिरचन को एक सप्ताह पहले ही काम पर लगा दिया था।
(ii) मानू ससुराल जाएगी।
(iii) उनके आशीर्वाद आज भी हमें मिलते हैं।

10. वाक्य भेद:
(1) निम्नलिखित वाक्यों का रचना के आधार पर भेद लिखिए:
(i) यह वही लड़का है, जिसे पुरस्कार मिला था।
(ii) मजदूर गड़ढ़ा खोदे और घर चले गए।
उत्तर:
(i) मिश्र वाक्य
(ii) संयुक्त वाक्य।

(2) निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
(i) गाँव के किसान सिरचन को मजदूरी के लिए नहीं बुलाते। (इच्छावाचक वाक्य)
(ii) तुम्हें समय पर स्कूल जाना चाहिए। (आज्ञावाचक वाक्य)
उत्तर:
(i) काश! गाँव के किसान सिरचन को मजदूरी के लिए नहीं बुलाते।
(ii) तुम समय पर स्कूल जाओ।

11. वाक्य शुद्धिकरण:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए:
(i) लोग गंगा नदी को पवीत्र मानते हैं।
(ii) किसी झमाने में यह शहर बहुत आबाद हैं।
उत्तर:
(i) लोग गंगा नदी को पवित्र मानते हैं।
(ii) किसी जमाने में यह शहर बहुत समृद्ध था।

कृषक गान Summary in Hindi

विषय-प्रवेश : प्रस्तुत गीत में गीतकार दिनेश भारद्वाज एक कृषक का महत्त्व प्रतिपादित कर रहे हैं। कृषक, जो कि संपूर्ण संसार का अन्नदाता है, स्वयं अभावों में जीता है। पर किसी के समक्ष हाथ नहीं फैलाता। कवि समाज में उसका सम्मान पूर्ववत स्थापित करना चाहते हैं।

कविता का सरल अर्थ

1. हाथ में संतोष ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक के अभावों की कोई सीमा नहीं है। परंतु उसके पास संतोष रूपी धन है। वह उसी संतोष के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। पूरे संसार में कैसा भी वसंत आए, कृषक के जीवन में सदैव पतझड़ ही रहता है। अर्थात ऋतुएँ बदलती हैं, लोगों की परिस्थितियाँ बदलती हैं, परंतु कृषक के भाग्य में अभाव ही अभाव हैं। ऐसी दयनीय स्थिति के बावजूद उसे किसी से कुछ माँगना अच्छा नहीं लगता। कृषक को अपनी दीन-हीन दशा पर भी नाज है। कवि कहते हैं कि में ऐसे व्यक्ति पर अभिमान करना चाहता हूँ। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

2. चूसकर श्रम रक्त ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक दिन-रात खेतों में काम करता है। अपने रक्त को पसीने के रूप में बहाता है और संपूर्ण जगत को जीवन-रस प्रदान करता है। ईश्वर की बनाई इस सृष्टि में उसके लिए धूप-छाया दोनों एक-सी हैं। मौसम में कैसा भी बदलाव आए, कृषक की स्थिति नहीं बदलती। मैं मानवता के साथ उसका आह्वान करना चाहता हूँ। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

3. विश्व का पालक  ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक संपूर्ण संसार का अन्नदाता है। वह अन्न उगाकर पूरे विश्व का पालन करता है। लोगों को जीवन देता है। किंतु अफसोस की बात है कि जिन लोगों को वह पालता है, उन्हीं के द्वारा उसे पददलित

किया जाता है। अपमानित किया जाता है। मैं चाहता हूँ कि मैं कृषक का हाथ पकड़कर एक नवीन सृष्टि का निर्माण करूँ, जहाँ लोग उसके महत्त्व को समझें। उसका सम्मान करें। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

4. क्षीण निज बलहीन ………………………… का गान कर लूँ।।

कृषक को जीवन में पर्याप्त सुविधाएँ नहीं मिल पाती। उसे अपने दुर्बल, क्षीण शरीर को ढकने के लिए कपड़े तक नहीं प्राप्त होते। वह पत्तों से अपना तन ढकने को मजबूर होता है। कृषक ऊसर धरती में जी-तोड़ मेहनत करके, पसीने के रूप में अपने खून को बहाकर उसे उपजाऊ बनाता है। मेरे लिए वह सभी देवी-देवताओं से ऊपर है। मैं चाहता हूँ कि देव-दानवों के स्थान पर कृषक का ही ध्यान करूं, उसी के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करूं। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।

5. यंत्रवत जीवित बना ………………………… का गान कर लूँ।

कृषक एक जीवित मशीन के समान है। वह बिना अपने अधिकार माँगे मशीन की तरह पूरा जीवन काम करता रहता है। उस अन्नदाता, सृष्टि के पालक की दुर्दशा देखकर आज मानवता रो रही है। मैं कण-कण जोड़कर कृषक के लिए एक ऐसे नीड़ का, ऐसे घर का निर्माण करना चाहता हूँ, जहाँ उसे एक अच्छा जीवन जीने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ प्राप्त हों। मैं कृषक के गीत गाना चाहता हूँ।