Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 14 पल्लवन

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 12th Digest Chapter 14 पल्लवन Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 12th Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 14 पल्लवन

12th Hindi Guide Chapter 14 पल्लवन Textbook Questions and Answers

कृति-स्वाध्याय एवं उत्तर

पल्लवन पाठ पर आधारित

(१) पल्लवन की प्रक्रिया पर प्रकाश डालिए।
उत्तर :
पल्लवन की प्रक्रिया के निम्नलिखित सोपान हैं :

  1. सर्वप्रथम मूल विषय के वाक्य, सूक्ति, काव्यांश अथवा कहावत को भली-भाँति पढ़ा जाता है। उनके भाव को समझने का प्रयास किया जाता है। उन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। अर्थ स्पष्ट होने पर एक बार पुनः विचार किया जाता है।
  2. पल्लवन करने से पूर्व मूल तथा गौण विचारों को समझ लेने के बाद विषय की संक्षिप्त रूपरेखा बनाई जाती है। मूल तथा गौण विचारों के पक्ष-विपक्ष में भली प्रकार सोचा जाता है। फिर विपक्षी तर्कों को काटने के लिए तर्कसंगत विचारों को एकत्रित किया जाता है।
  3. इस बात का ध्यान रखा जाता है कि कोई भी भाव अथवा विचार छूटने न पाए। उसके बाद असंगत विचारों को हटाकर तर्कसंगत विचारों को संयोजित किया जाता है।
  4. शब्द सीमा को ध्यान में रखते हुए सरल और स्पष्ट भाषा में पल्लवन किया जाता है। पल्लवन लेखन में वाक्य छोटे होते हैं। लिखित रूप को पुनः ध्यानपूर्वक पढ़ा जाता है। पल्लवन विस्तार में लिखा जाता है।
  5. पल्लवन लेखन में परोक्ष कथन, भूतकालिक क्रिया के माध्यम से सदैव अन्य पुरुष में लिखा जाता है। पल्लवन में लेखक के मनोभावों का ही विस्तार और विश्लेषण किया जाता है।

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(२) पल्लवन की विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
पल्लवन का अर्थ है विस्तार अथवा फैलाव। यह संक्षेपण का विरुद्धार्थी है। पल्लवन की विशेषताओं को इस प्रकार लिखा जा सकता है :

  1. कल्पनाशीलता – पल्लवन करते समय लेखक कल्पनाशीलता का सहारा लेता है। कल्पना के सहारे सूक्ति अथवा उद्धरण का भाव विस्तार करता है। परंतु पल्लवन में विषय का विस्तार एक निश्चित सीमा के अंतर्गत किया जाता है।
  2. मौलिकता – पल्लवन में मौलिकता का ध्यान रखा जाता है।
  3. सर्जनात्मकता – पल्लवन में लेखक को सर्जनात्मकता का अवसर व संतोष दोनों मिलते हैं।
  4. प्रवाहमयता – पल्लवन लेखन में प्रवाहमयता होना आवश्यक है। लेखक इस बात का ध्यान रखता है कि पाठक को पढ़ते समय बीच-बीच में किसी प्रकार का अवरोध अनुभव न हो।
  5. भाषा-शैली – पल्लवन करते समय लेखक को भाषा ज्ञान व भाषा का विस्तार जानना आवश्यक है। साथ ही विश्लेषण, संश्लेषण, तार्किक क्षमता के साथ-साथ अभिव्यक्तिगत कौशल की आवश्यकता होती है।
  6. शब्द चयन – पल्लवन में शब्द चयन का बहुत अधिक महत्त्व है। तर्कसंगत और सम्मत शब्दों का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। लेखक को शृंखलाबद्ध, रोचक एवं उत्सुकता से परिपूर्ण वाक्य लिखने चाहिए। छोटे-छोटे वाक्यों या वाक्य खंडों में बंद विचारों को खोल देना, फैला देना, विस्तृत कर देना ही पल्लवन है।
  7. क्रमबद्धता – पल्लवन में विचारों में, अभिव्यक्ति में क्रमबद्धता का बहुत अधिक ध्यान रखा जाता है।
  8. सहजता – पल्लवन का सहज रूप सभी को आकर्षित करता है।
  9. स्पष्टता – पल्लवन में स्पष्टता का होना अत्यावश्यक है। जिस भी विचार, अंश, लोकोक्ति आदि का पल्लवन किया जा रहा है, केंद्र में वही रहना चाहिए। पाठक को पल्लवन पढ़ते समय ऐसा प्रतीत न हो कि मूल विचार कुछ और है, जबकि पल्लवन का प्रवाह किसी अन्य दिशा में जा रहा है।

व्यावहारिक प्रयोग।

(१) “ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होइ’, इस पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए।
उत्तर :
संत कबीरदास जी का बड़ा प्रसिद्ध दोहा है –
पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोइ।
ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होइ।।

इस छोटे-से दोहे में जीवन का ज्ञान है। कबीर जी का कहना है कि पुस्तकें पढ़कर ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। परंतु केवल पुस्तकें पढ़कर प्रभु का साक्षात्कार नहीं किया जा सकता। जब तक ईश्वर का साक्षात्कार न हो जाए, किसी को पंडित या ज्ञानी नहीं माना जा सकता। अनगिनत लोग जीवन भर ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करते हुए संसार से विदा हो गए परंतु कोई पंडित या ज्ञानी नहीं हो पाया। क्योंकि वे कोरे ज्ञान प्राप्ति के लोभ में ही पड़े रहे। बड़े-बड़े ग्रंथ पढ़कर भी जो प्रेम करना नहीं सीखा, वह अज्ञानी है।

प्रेम शब्द केवल ढाई अक्षर का है, जिसने उसे पढ़ लिया, अर्थात जिसने प्रभु से, जीवमात्र से प्रेम कर लिया, उसने ईश्वर का साक्षात्कार कर लिया। वास्तव में वही पंडित है। जिस व्यक्ति ने प्रेम को चखा, उसे कुछ और जानना शेष नहीं रहता, क्योंकि उसने परम ज्ञान को पा लिया। प्रेम ही ज्ञान है, प्रेमी ही असली ज्ञानी है। जिसने प्यार को पढ़ लिया, उसके लिए संसार में कुछ भी शेष नहीं रहता। जिसने प्रेम रस पी लिया, उसकी हर प्रकार की क्षुधा शांत हो गई।

प्राणिमात्र को प्रेम करने वाला व्यक्ति जब दूसरों के कष्ट, दुख और पीड़ाएँ देखता है, तो उसके नेत्र छलछला उठते हैं। वह जहाँ भी स्नेह का अभाव देखता है, वहीं जा पहुँचता है और कहता है – लो मैं आ गया। मैं तुम्हारी सहायता करूँगा। ऐसे प्रेमी अंतःकरण वाले मनुष्य के चरणों में संसार अपना सब कुछ न्योछावर कर देता है। प्रेम संसार की ज्योति है। जीवन के सुंदरतम रूप की यदि कुछ अभिव्यक्ति होती है, तो वह प्रेम ही है।

प्रेम वह रचनात्मक भाव है, जो आत्मा की अनंत शक्तियों को जाग्रत कर उसे पूर्णता के लक्ष्य तक पहुँचा देता है। इसीलिए विश्व प्रेम को ही भगवान की सर्वश्रेष्ठ उपासना के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। परमेश्वर की सच्ची अभिव्यक्ति ही प्रेम है। प्रेम की भावना का विकास करके मनुष्य परमात्मा को प्राप्त कर सकता है।

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(२) ‘लालच का फल बुरा होता है, इस उक्ति का विचार पल्लवन कीजिए।
उत्तर :
लालच का फल सदैव बुरा होता है। लालच दूसरों का हक मारने की प्रवृत्ति है। लालच का अर्थ ही है अपनी आवश्यकता से अधिक पाने का प्रयास करना। और जब हम अपनी आवश्यकता से अधिक हासिल करने का प्रयास करते हैं तो कहीं न कहीं किसी का हक मार रहे होते हैं। लालच हमारे चरित्र का हनन भी करता है। लालच करने से भले ही हमें त्वरित लाभ होता दिखे लेकिन अंत में लालच से नुकसान ही होता है।

जीवन में अनेक अवसरों पर हमारे साथ ऐसा होता है जब हम किसी बात पर लालच कर बैठते हैं। और अधिक पाने की लालसा में हम ऐसा कुछ कर बैठते हैं कि हमारे पास जो कुछ होता है हम उसे भी गँवा बैठते हैं। लालच ऐसी बुरी चीज है कि उसके फेर में पड़कर मानव कई बार मानवता तक को ताक पर रख देता है। मानव जीवन में कामनाओं और लालसाओं का एक अटूट सिलसिला चलता ही रहता है।

सब कुछ प्राप्त होने के बावजूद कुछ और भी प्राप्त करने की लालसा से मनुष्य जीवनपर्यंत मुक्त नहीं हो पाता। जो स्वभाव से ही लालची होता है, उसे तो कुबेर का कोष भी संतुष्ट नहीं कर सकता। दुनिया में अगर किसी भी रिश्ते में लालच है तो वह रिश्ता अधिक समय तक नहीं चल पाता। लालच के कारण हमारे सभी रिश्ते-नाते भी बिगड़ जाते हैं। जब हम लालच करते हैं तो अपने परिवार, यार-दोस्तों सभी की नजर में गिर जाते हैं।

लोग हम पर भरोसा करना बंद कर देते हैं। लालची व्यक्ति को कोई पसंद नहीं करता। परिणामस्वरूप कभी किसी तरह की सहायता की आवश्यकता हो तो भी लालची मनुष्य की सहायता के लिए कोई खड़ा नहीं होता।

यदि जीवन में आगे बढ़ना है, सफल होना है तो एक अच्छा इन्सान बनना होगा। दूसरों के बारे में सोचना होगा। जो व्यक्ति लालच करता है, वह कामयाबी से कोसों दूर रहता है। एक-न-एक दिन लालच का दुष्परिणाम सामने आता ही है। अगर समय रहते लालच की प्रवृत्ति को त्याग देंगे तो लालच के दुष्परिणाम से बच भी सकते हैं। इसके लिए हमें सदैव लालच करने से बचना चाहिए। अगर किसी लालच के जाल में फँस भी गए, तो समय रहते उससे बाहर निकलने का प्रयास करना चाहिए। हमें लालच को त्याग देना चाहिए।

पल्लवन के बिंदु

  • पल्लवन में सूक्ति, उक्ति, पंक्ति या काव्यांश का विस्तार किया जाता है।
  • पल्लवन के लिए दिए वाक्य सामान्य अर्थवाले नहीं होते।
  • पल्लवन में अन्य उक्ति का विस्तार नहीं जोड़ना चाहिए।
  • क्लिष्ट शब्दों का प्रयोग न करें।
  • पल्लवन करते समय अर्थों, भावों को एकसूत्र में बाँधना आवश्यक है।
  • विस्तार प्रक्रिया अलग-अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करनी चाहिए।
  • पल्लवन में भावों-विचारों को अभिव्यक्त करने का उचित क्रम हो।
  • वाक्य छोटे-छोटे हों जो अर्थ स्पष्ट करें।
  • भाषा का सरल, स्पष्ट और मौलिक होना अनिवार्य है।
  • पल्लवन में आलोचना तथा टीका-टिप्पणी के लिए स्थान नहीं होता।

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पल्लवन Summary in Hindi

पल्लवन लेखक का परिचय

पल्लवन लेखक का नाम :
डॉ. दयानंद तिवारी। (जन्म 1 अक्तूबर 1962.)

पल्लवन प्रमुख कृतियाँ :
‘साहित्य का समाजशास्त्र’, ‘समकालीन हिंदी कहानी – विविध विमर्श’, ‘चित्रा मुद्गल के कथासाहित्य का समाजशास्त्र’, ‘हिंदी व्याकरण’, “हिंदी कहानी के विविध आयाम’ आदि। विशेषता समाजशास्त्री तथा प्रतिबद्ध साहित्यकार। महाविद्यालयीन समस्याओं के प्रति जागरूक। संप्रेषणीय एवं प्रभावोत्पादक भाषा। विधा : एकांकी। यह नाटक का एक प्रकार है।

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पल्लवन विषय प्रवेश :
साहित्य शास्त्र में पल्लवन लेखन उत्तम साहित्यकार का लक्षण माना जाता है। पल्लवन अर्थात किसी लोकोक्ति, उद्धरण, सूक्ति आदि का विस्तृत वर्णन। प्रस्तुत पाठ में पल्लवन लेखन के विविध अंगों और नियमों को स्पष्ट करते हुए व्यावहारिक हिंदी के विभिन्न क्षेत्रों में उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया है।

पल्लवन पाठ का सार

बारहवीं कक्षा की फाइनल परीक्षाएँ निकट हैं। हिंदी के अध्यापक विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का पुनरावलोकन करा रहे हैं। एक विद्यार्थिनी के पूछने पर वह पल्लवन के विषय में विस्तार से समझाते हैं।

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पल्लवन का अर्थ है फैलाव या विस्तार। जब किसी शब्द, सूक्ति, उद्धरण, लोकोक्ति गद्य, काव्य पंक्ति आदि का अर्थ स्पष्ट करते हुए दृष्टांतों, उदाहरणों द्वारा उसका विस्तार किया जाता है, तो उसे पल्लवन कहा जाता है। विस्तार शब्द के कारण पल्लवन को निबंध नहीं समझा जाना चाहिए।

निबंध और पल्लवन में अंतर होता है। जहाँ निबंध में किसी विचार को विस्तार से लिखने के लिए कल्पना, प्रतिभा और मौलिकता का सहारा लिया जाता है, वहीं पल्लवन में विषय का विस्तार एक निश्चित सीमा के अंतर्गत ही किया जाता है। पल्लवन की कुछ विशेषताएँ और नियम होते हैं।

पल्लवन के लिए भाषा के ज्ञान के साथ-साथ विश्लेषण, संश्लेषण, तार्किक क्षमता, अभिव्यक्तिगत कौशल की आवश्यकता भी होती है। पल्लवन में भाव विस्तार के साथ चिंतन का भी स्थान होता है। प्रथम दृष्टि में किसी सूक्ति आदि का सामान्य अर्थ ही समझ आता है। परंतु जैसे-जैसे उस सूक्ति विशेष को ध्यानपूर्वक और बार-बार पढ़ते हैं, तो उसमें निहित गूढ अर्थ स्पष्ट होने लगता है।

पल्लवन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए अध्यापक स्पष्ट करते हैं कि वैज्ञानिक युग में पलने-बढ़ने के कारण आज की पीढ़ी लेखकों, कवियों, विचारकों आदि के मौलिक विचारों को समझने में अक्षम रहती है। ऐसे समय में पल्लवन हमारी सहायता करता है।

पल्लवन व्यक्तित्त्व निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शारीरिक विकास के साथ-साथ मनुष्य का बौद्धिक विकास भी आवश्यक होता है। पल्लवन का महत्त्व केवल शिक्षा तथा साहित्य में ही नहीं है, बल्कि उत्कृष्ट वक्ता, पत्रकार, प्रोफेसर, नेता, वकील आदि को भी इस कला का ज्ञान होना चाहिए।

इतना ही नहीं, कहानी लेखन, संवाद लेखन, विज्ञापन, समाचार, राजनीति के साथ-साथ अन्य अनेक व्यवसायों में भी पल्लवन का प्रयोग होता है।

पल्लवन की विशेषताओं को इस प्रकार लिखा जा सकता है:

  • कल्पनाशीलता
  • मौलिकता
  • सर्जनात्मकता
  • प्रवाहमयता
  • भाषा-शैली
  • शब्द चयन
  • सहजता
  • स्पष्टता
  • क्रमबद्धता।

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पल्लवन की दो शैलियाँ प्रचलित हैं –

  1. इसमें प्रथम वाक्य से ही लेखक विषय पर आ जाता है। इसमें लंबी-चौड़ी भूमिका बनाने की आवश्यकता नहीं होती। प्रारंभ से ही रोचक, उत्सुकतापूर्ण शृंखला में बँधे वाक्य लिखे जाते हैं।
  2. कुछ विद्वान मानते हैं कि प्रारंभ के दो-तीन वाक्यों में भूमिका बनानी चाहिए। फिर दस-बारह वाक्यों में विषय का विस्तार करे तथा अंत में दोतीन वाक्यों में समाप्ति करें।

पल्लवन की प्रक्रिया के निम्नलिखित सोपान हैं :

  1. विषय को भली-भाँति पढ़ना, उसके भाव को समझना, उस पर ध्यान केंद्रित करना, अर्थ स्पष्ट होने पर एक बार पुनः विचार करना।
  2. विषय की संक्षिप्त रूपरेखा बनाना, उसके पक्ष-विपक्ष में सोचना, फिर विपक्षी तर्कों को काटने के लिए तर्कसंगत विचार एकत्रित करना। उसके बाद असंगत विचारों को हटाकर तर्कसंगत विचारों को संयोजित करना।
  3. शब्द सीमा के अनुसार सरल और स्पष्ट भाषा में पल्लवन करना। लिखित रूप को पुनः ध्यानपूर्वक पढ़ना। पल्लवन विस्तार में और सदैव अन्य पुरुष में लिखा जाता है। पल्लवन में लेखक के मनोभावों का ही विस्तार और विश्लेषण किया जाता है।

पल्लवन के बिंदु (पाठ्यपुस्तक पृष्ठ क्र. 84)

  • पल्लवन में सूक्ति, उक्ति, पंक्ति या काव्यांश का विस्तार किया जाता है।
  • पल्लवन के लिए दिए गए वाक्य सामान्य अर्थ वाले नहीं होते।
  • पल्लवन में अन्य उक्ति का विस्तार नहीं जोड़ना चाहिए।
  • क्लिष्ट शब्दों का प्रयोग न करें।
  • पल्लवन करते समय अर्थों, भावों को एकसूत्र में बाँधना आवश्यक है।
  • विस्तार प्रक्रिया अलग-अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करनी चाहिए।
  • पल्लवन में भावों-विचारों को अभिव्यक्त करने का उचित क्रम हो।
  • वाक्य छोटे-छोटे हों जो अर्थ स्पष्ट करें।
  • भाषा का सरल, स्पष्ट और मौलिक होना अनिवार्य है।
  • पल्लवन में आलोचना तथा टीका-टिप्पणी के लिए स्थान नहीं होता।

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पल्लवन

(1) नर हो, न निराश करो मन को।

मनुष्य संसार का सबसे अधिक गुणवान तथा बुद्धिशील प्राणी है। वह अपने बुद्धि कौशल तथा कल्पनाशीलता के बल पर एक से एक महान कार्य करता रहा है। शांति, सद्भाव, समानता की स्थापना के लिए मनुष्य सदैव प्रयासरत रहा, क्योंकि मनुष्य विधाता की सर्वोत्कृष्ट और सर्वाधिक गुणसंपन्न कृति है।

अतः उसे अपने जीवन में किसी भी परिस्थिति में निराश नहीं होना चाहिए। जीवन में सुख और दुख, लाभ और हानि, सफलता और असफलता उसी प्रकार हैं, जैसे सिक्के के दो पहलू। संसार में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है, जिसने अपने पूरे जीवन में कभी असफलता का मुँह न देखा हो।

हमें असफलताओं से घबराकर, हताश होकर नहीं बैठ जाना चाहिए। अगर मन ही पराजित हो गया तो वह इस धरा को स्वर्ग समान कैसे बना पाएगा। मनुष्य का विवेक, उसका मनोबल ही तो है, जो उसे हर समय कर्मरत रहने की, श्रेष्ठ से श्रेष्ठतर करने की प्रेरणा दिया करता है।

(2) अविवेक आपदाओं का घर है।

विवेक, बुद्धि और ज्ञान मानव की बौद्धिक संपदा है। मनुष्य जब कोई निर्णय लेता है तो उसे ऐसी विवेक शक्ति की आवश्यकता होती है, जो उसे उचित और अनुचित के बीच का भेद बता सके। बिना अच्छी तरह विचारे किए गए कार्य कष्टदायक होते हैं।

किसी भी मनुष्य की सफलता का श्रेय उसके विवेक को ही जाता है। किस समय कौन-सा निर्णय लिया गया, इस पर हमारा भविष्य बहुत कुछ निर्भर करता है। हमें सोच-विचारकर ही कोई कार्य करना चाहिए। बिना विचार किया गया कार्य पश्चाताप का कारण बनता है।

इसलिए हमें जो भी कहना है, उस पर मनन करें, चिंतन करें। जो कुछ भी कहें, उसे सोच-समझकर विवेक की कसौटी पर कसकर ही कहें। अविवेकी मनुष्य मूर्खतापूर्ण कार्य करता है और अपने जीवन को आपत्तियों से भर लेता है। अगर कोई हितैषी उसे आपत्तियों से बचाते हुए उचित मार्ग पर चलने की परामर्श भी देता है, तो वह हितैषी उसे परम शत्रु प्रतीत होता है।

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(3) सेवा तीर्थयात्रा से बढ़कर है।

सेवा से बढ़कर कोई दूसरा धर्म नहीं है। इस तथ्य को सभी जानते हैं। लेकिन लोग सेवा को भूलकर तीर्थयात्रा के लिए यह सोचकर निकल पड़ते हैं कि उन्हें मोक्ष मिलेगा। लोग भूल जाते हैं कि सेवा का भाव ही संपूर्ण मानवता को चिरकाल तक सुरक्षित कर सकेगा।

सेवा समाज के प्रति कृतज्ञ लोगों का आभूषण है। मानव सेवा एवं प्राणिमात्र की सेवा संपूर्ण तीर्थयात्राओं का फल देने वाली होती है। ऐसे व्यक्ति हमारे आस-पास ही मिल जाते हैं, जिन्हें सेवा की आवश्यकता होती है। तीर्थयात्रा करने का फल कब मिलेगा, कैसा होगा? कोई नहीं जानता।

परंतु सेवा सदा शुभ फल ही देती है। ‘सेवा करे सो मेवा पाए।’ अतः हमें सेवा धर्म अपनाना चाहिए।

(4) जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोइ तू फूल।

संसार का यह चलन है कि आपके शुभचिंतक कम मिलेंगे, अहित करने वाले या बुरा सोचने वाले अधिक। ऐसे लोगों के प्रति क्रोध की भावना होना स्वाभाविक है। साधारण मनुष्य यही करते भी हैं, परंतु अहित करने वाले का हित सोचना, काँटे बिछाने वाले के लिए फूल बिछाना, मारने वाले को क्षमा करना महान मानवीय गुण है। हमारी संस्कृति प्रारंभ से ही अहिंसा प्रधान रही है। सबके प्रति सद्भावना रखना एक प्रकार की साधना है।

प्रकृति भी हमें यही शिक्षा प्रदान करती है। वृक्ष पत्थर मारने वाले को फल देते हैं। सरसों निष्पीड़न करने वालों को तेल देती है। पत्थर पर घिसा जाने के बाद चंदन सुगंध और शीतलता देता है। जब ये पदार्थ निर्जीव होते हुए भी अपकार करने वालों का उपकार करते हैं तो मनुष्य को तो विधाता ने स्वभाव से ही परोपकारी बनाया है।

शत्रु को मित्र बनाने, विरोधियों का हृदय परिवर्तन करके उन्हें अनुकूल बनाने का यही सर्वोत्तम और स्थायी उपचार है कि हम उत्पीड़क को क्षमा करें। जो हमारा बुरा करता है, उसका भला करें। उसके मार्ग के कँटक दूर करके वहाँ फूल बिछा दें। भला करने वाला, फूल बिछाने वाला सदा लाभ में ही रहता है। काँटा बिछाने वाला स्वयं ही उसमें उलझकर घायल हो सकता है। अतः हमें अपकार करने वाले का भला करना चाहिए।

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पल्लवन शब्दार्थ

आकलन समझना।
अवलोकन दर्शन।
शंका भय।
व्याख्या विवरण।
तात्पर्य मतलब।
सहज सरल।
आत्मसात अपने अधीन करना।
प्रतिशब्द पर्याय।
संक्षेपण संक्षेप करने की क्रिया।
सूक्ति सुंदर वाक्य।
उद्धरण किसी लेख के अंश को दूसरे लेख में प्रयोग करना।
लोकोक्ति लोगों द्वारा कही गयी उक्ति अर्थात कथन।
दृष्टांत उदाहरण।
काल्पनिक कल्पना से उत्पन्न।
सूक्ष्म बहुत छोटा।
प्रतिभा बुद्धि।
विश्लेषण अलग करना।
संश्लेषण मिलाना।
तार्किक क्षमता तर्क करने की योग्यता।
अभिव्यक्तिगत कौशल प्रकाशन की कला।
आख्याता उपदेशक।
गरिमा गौरव।
चिंतक मनन करने वाला।
अनुभूति अनुभव।
सम्यक उचित।
मर्मस्पर्शी हृदय को छूने वाला।
संदर्भ विषय।
जिज्ञासा उत्सुकता।
सराहनीय प्रशंसा करने योग्य।
मौलिक मूल संबंधी।
उत्कृष्ट उत्तम।
उपयुक्त उचित।
प्रवाहमयता गति।
क्रमबद्धता क्रम के अनुसार।
प्रवर्तन कार्य आरंभ करना।
रोचकतापूर्ण मनोहरता से पूर्ण।
प्रतिपादन निश्चित किया हुआ।
उपसंहार समाप्ति।
संक्षिप्त थोड़ा।
सम्मत उचित।
संयोजन मिलाना, जोड़ना।
असंगत अनुचित।
परोक्ष जो सामने न हो।
अद्भुत अनोखा।
सामर्थ्य क्षमता।
सद्भाव अच्छे भाव।
प्रयासरत श्रम में लगा हुआ।
आंतरिक भीतरी।
सर्वोत्कृष्ट सबसे उत्तम।
सर्वाधिक सबसे अधिक।
कृति कार्य।
संकल्प दृढ़ निश्चय, विकल्प।
मनोबल मानसिक बल।
अविवेक अज्ञान।
संपदा संपत्ति।
कष्टदायक कष्ट देने वाले।
कसौटी जाँच।
परमो धर्म सबसे बड़ा धर्म।
अवहेलना तिरस्कार।
चिरकाल दीर्घ काल।
सद्यफल जिसका फल तुरंत मिल जाए।
दायिनी देने वाली।
शुभचिंतक हितैषी।
स्वाभाविक प्राकृतिक।
प्रतिक्रिया किसी क्रिया के परिणाम में क्रिया।
मैत्री भाव मित्रता का भाव।
निष्पीड़न निचोड़ना।
सर्वोत्तम सबसे उत्तम।
उत्पीड़क पीड़ा देने वाला।
अपकार अहित।
निष्कंटक बाधारहित।
रोचक रुचि उत्पन्न करने वाला।
सविस्तार विस्तार के साथ।
पुनरावलोकन फिर से अच्छी तरह देखना।
आशंका भय।

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12th Hindi Guide Chapter 12 लोकगीत Textbook Questions and Answers

कृति-स्वाध्याय एवं उत्तर

आकलन

प्रश्न 1.
(अ) उत्तर लिखिए :
(१) मन को प्रसन्न करने वाले – ………………………………
(२) धरती को नहलाने वाले – ………………………………
उत्तर :
(1) बादल।
(2) मेघा।

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(आ) परिवर्तन लिखिए :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 12 लोकगीत 1
उत्तर :
बाग-बगीचे हरे-भरे हो गए हैं।
खेत और वन सब हरे-भरे हो गए हैं।

शब्द संपदा

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए :
अ – आ
(१) तालाब – (१) सरिता
(२) नदी – (२) सर
(३) बयार – (३) भ्रमर
(४) हवा – (४) भौंरा
उत्तर :
(1) तालाब – सर
(2) नदी – सरिता
(3) बयार – हवा
(4) भौंरा – भ्रमर।

अभिव्यक्ति

प्रश्न 3.
(अ) ‘सावन बड़ा मनभावन’, इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर :
सावन मास का नाम आते ही मन में ढेर सारी उमंगें हिलोरें मारने लगती हैं। सावन के महीने का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्त्व है। कजरारी काली घटाएँ, उमड़ते-घुमड़ते, मदमाते बादल, रिमझिम फुहारें, भीना-भीना मौसम – सावन शब्द अपने आप में मनभावन है। अषाढ़ की तपती-झुलसाती गरमी के बाद सावन की ठंडी फुहारें तन व मन को प्रफुल्लता प्रदान करने के साथ वातावरण को भी सुरम्यता प्रदान करती हैं।

मुरझाई, कुम्हलाई धरा सावन की ठंडी फुहारों में भीग हरियाली की सुंदर चूनर ओढ़ स्वयं को बड़े मनमोहक अंदाज में सजा लेती है। सावन प्रकृति को तो सराबोर करता ही है, साथ ही मानव मन में भी उल्लास और उमंग भर देता है। प्रकृति खिलखिलाती है, तो मनमयूर झूम उठता है।

(आ) ‘बसंत के आगमन पर प्रकृति खिल उठती है’, इस तथ्य को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
भारत में बसंत ऋतु को सबसे सुंदर और आकर्षक मौसम माना जाता है। बसंत के आगमन पर प्रकृति खिल उठती है। पेड़ों की शाखाओं पर नए, हरे-गुलाबी पत्ते आ जाते हैं। चहुँ दिशाओं में रंग-बिरंगे सुगंधित पुष्प दृष्टिगोचर होते हैं। उन पर मँडराती सुंदर तितलियाँ सबका मन मोह लेती हैं।

हर तरफ हरियाली का साम्राज्य दिखाई पड़ता है। संरदियों की लंबी खामोशी के बाद पक्षी मधुर आवाज में पेड़ों की शाखाओं पर नाचना और गाना शुरू कर देते हैं। मानो वसंत का स्वागत कर रहे हों। इस मौसम में न अधिक सरदी होती है और न ही अधिक गरमी। आकाश बिलकुल साफ दिखाई देता है। खेतों में फसलें पकने लगती हैं। सभी के हृदय आनंद से परिपूर्ण होते हैं।

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रिसास्वादन

प्रश्न 4.
‘बसंत और सावन ऋतु जीवन के सौंदर्य का अनुभव कराते हैं। इस कथन के आधार पर कविता का रसास्वादन कीजिए।
उत्तर :
बसंत ऋतु आते ही हर तरफ फूल महकने लगते हैं। सरसों फूल जाती है और पूरी धरती हरियाली की चादर ओढ़कर खिल उठती है। कली-कली फूल बनकर मुस्कुराने लगती है। जिसके कारण तन-मन भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस ऋतु के आने से खेत, वन, बाग-बगीचे सब हरे-भरे हो जाते हैं, इंद्रधनुष के विभिन्न रंगों के समान भाँति-भाँति के रंग-बिरंगे फूल खिल उठते हैं। भौंरों के दल प्रसन्न होकर फूलों पर मँडराने लगते हैं।

काजल लगी कजरारी आँखों में सपने मुस्कुराने लगते हैं और कंठ से मीठे गीत फूटने लगते हैं। बाग-बगीचों में बहार आने के साथ ही यौवन भी अँगड़ाइयाँ लेने लगता है। मधुर-मस्त बयार चलने के कारण सबके तन-मन प्रसन्न हो जाते हैं। इसी प्रकार मनभावन सावन आने पर बादल घिर-घिरकर गरजने लगते हैं, बिजली चमकने लगती है और पुरवाई चलने लगती है। मेघ रिमझिम-रिमझिम करके बरसते रहते हैं।

मानो प्यार बरसाकर हृदय का तार-तार रँग रहे हों। हर व्यक्ति का मन गुलाब की तरह खिल जाता है। दादुर, मोर और पपीहे बोलकर सबके हृदय को प्रफुल्लित करते रहते हैं। अँधियारी रात में जुगनू जगमग-जगमग करते हुए इधर से उधर डोलकर सबका मन लुभाते हैं। लताएँ और बेलें सब फूल जाती हैं। डाल-डाल महक उठती है। सरोवर और सरिताएँ जल से भरकर उमड़ पड़ती हैं। सभी मनुष्यों के हृदय आनंदित हो उठते हैं।

साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान

प्रश्न 5.
(अ) लोकगीतों की दो विशेषताएँ :
………………………………………………………
………………………………………………………
उत्तर :
(1) लोकगीतों में गेयता तत्त्व प्रमुख होता है।
(2) लोकगीत मुख्यतः जनसाधारण के त्योहारों से संबंधित होते हैं।

(आ) लोकगीतों के दो प्रकार :
………………………………………………………
………………………………………………………
उत्तर :
(1) कजरी
(2) सोहर

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर शब्दसमूह के सामने लिखिए।
(शब्द – पुरस्कार, मितव्ययी, शिष्टाचार, अखाद्य, अमूल्य, प्रणाम, अहंकार, हर्ष, गगनचुंबी, शोक, प्रवचन, अवैध, क्षमाप्रार्थी, मनोहर, अदृश्य)

  1. मन का गर्व –
  2. आंतरिक प्रसन्नता –
  3. जिस वस्तु का मूल्य आँका न जा सके –
  4. धार्मिक विषयों पर दिया जाने वाला व्याख्यान –
  5. किसी अच्छे कार्य से प्रसन्न होकर दी जाने वाली धनराशि –
  6. प्रिय व्यक्ति की मृत्यु पर प्रकट किया जाने वाला दुख –
  7. बड़ों के प्रति किया जाने वाला अभिवादन –
  8. कम व्यय करने वाला –
  9. आकाश को चूमने वाला –
  10. जो विधि या कानून के विरुद्ध हो –
  11. क्षमा के लिए प्रार्थना करने वाला –
  12. सभ्य पुरुषों का आचरण –
  13. मन को हरने वाला –
  14. जो दिखाई न दे –
  15. जो खाने योग्य न हो –

उत्तर :

  1. मन का गर्व – अहंकार
  2. आंतरिक प्रसन्नता – हर्ष
  3. जिस वस्तु का मूल्य आँका न जा सके – अमूल्य
  4. धार्मिक विषयों पर दिया जाने वाला व्याख्यान – प्रवचन
  5. किसी अच्छे कार्य से प्रसन्न होकर दी जाने वाली धनराशि – पुरस्कार
  6. प्रिय व्यक्ति की मृत्यु पर प्रकट किया जाने वाला दुख – शोक
  7. बड़ों के प्रति किया जाने वाला अभिवादन – प्रणाम
  8. कम व्यय करने वाला – मितव्ययी
  9. आकाश को चूमने वाला – गगनचुंबी
  10. जो विधि या कानून के विरुद्ध हो – अवैध
  11. क्षमा के लिए प्रार्थना करने वाला – क्षमाप्रार्थी
  12. सभ्य पुरुषों का आचरण – शिष्टाचार
  13. मन को हरने वाला – मनोहर
  14. जो दिखाई न दे – अदृश्य।
  15. जो खाने योग्य न हो – अखाद्य।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 12 लोकगीत

Hindi Yuvakbharati 12th Digest Chapter 12 लोकगीत Additional Important Questions and Answers

कृतिपत्रिका के प्रश्न 2 (अ) तथा प्रश्न 2 (आ) के लिए
पद्यांश क्र. 1
प्रश्न. निम्नलिखित पद्यांशपढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 12 लोकगीत 2
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 12 लोकगीत 3

प्रश्न 2.
कविता की पंक्तियों को उचित क्रमानुसार लिखकर प्रवाह तख्ता पूर्ण कीजिए :
(1) जइसे इंद्रधनुष के फूल रे, सुनु रे सखिया।
(2) बगिया फूलल यौबन फूल रे, सुनु रे सखिया।
(3) आइल बसंत के फूल रे, सुनु रे सखिया।
(4) कली-कली मुसुकाइल बन के फूल रे, सुनु रे सखिया।
उत्तर :
(1) आइल बसंत के फूल रे, सुनु रे सखिया।
(2) कली-कली मुसुकाइल बन के फूल रे, सुनु रे सखिया।
(3) जइसे इंद्रधनुष के फूल रे, सुनु रे सखिया।
(4) बगिया फूलल यौबन फूल रे, सुनु रे सखिया।

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द पद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए :
(1) नेत्र = ……………………………………….
(2) धरा = ……………………………………….
(3) कुसुम = ……………………………………….
(4) ऋतुराज = ……………………………………….
उत्तर :
(1) नेत्र = आँख
(3) कुसुम = फूल
(2) धरा = धरती
(4) ऋतुराज = बसंत

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पदयाश क्र. 2
प्रश्न. निम्नलिखित पद्यांश पढ़करदी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
उत्तर लिखिए :
(1) ऐसी बयार बह रही है ……………………………………….
(2) गौरैया के माथे पर ऐसा फूल सजा है ……………………………………….
(3) हरेक का मन इसकी तरह खिल रहा है ……………………………………….
(4) फूलों के आस-पास ये मँडराने लगे ……………………………………….
उत्तर :
(1) मस्त।
(2) काला।
(3) गुलाब की तरह
(4) भौरे।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के लिए परिच्छेद में प्रयुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए :
(1) आँचल – ……………………………………….
(2) बरसना – ……………………………………….
(3) काला – ……………………………………….
(4) हृदय – ……………………………………….
उत्तर :
(1) आँचल – अँचरा
(2) बरसना – झरना
(3) काला – करिया
(4) हृदय – मनवा।

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
पद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए :
(1) ………………………………..
(2) ………………………………..
(3) ………………………………..
उत्तर :
(1) झर-झर
(2) कली-कली
(3) तार-तार।

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए :
अ – आ
(1) फूल – सहेली
(2) सखिया – प्रसून
उत्तर :
(1) फूल – प्रसून
(2) सखिया – सहेली

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कृति 3 : (अभिव्यक्ति)

प्रश्न 1.
‘बसंत में ऐसा क्या है, जो बाकी ऋतुओं से भिन्न है’ 40 से 50 शब्दों मेंस्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
बसंत का आगमन होते ही वे पेड़, जो पतझड़ के कारण अनमने और उदासीन-से खड़े रहते हैं, नव पल्लवों से ढक जाते हैं, पुष्पित हो जाते हैं। प्रकृति झंकृत हो उठती है। कोयल मधुर-गान करने लगती है। ऐसा अन्य ऋतुओं में नहीं होता। सरदी में बहुत ठिठुरन होती है, तो गरमी में भयंकर ताप संतप्त करता है। वर्षा ऋतु में चारों ओर कीचड़, पानी और गंदगी दिखाई पड़ती है। पतझड़ में वृक्ष शोभाहीन हो जाते हैं। बसंत ऋतु अपने मनमोहक रंगों, गंध और मादकता के कारण अन्य ऋतुओं से भिन्न है। इस ऋतु के आने पर मनुष्य ही नहीं, बल्कि पूरी प्रकृति ही मस्ती में झूम उठती है।

पद्यांश क्र. 3
प्रश्न. निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 12 लोकगीत 4
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 12 लोकगीत 5

प्रश्न 2.
काव्य पंक्तियाँ पूर्ण कीजिए :
(1) बदरा गरजै बिजुरी चमकै, …………………………………
(2) दादुर, मोर, पपीहा बोले, …………………………………
(3) संकर कहैं बेगि चलो सजनी, …………………………………
(4) लता, बेल सब फूलन लागी, …………………………………
उत्तर :
(1) बदरा गरजै बिजुरी चमकै, पवन चलति पुरवैया ना!
(2) दादुर, मोर, पपीहा बोलै, जियरा मोर हुलसावै ना!
(3) संकर कहैं बेगि चलो सजनी, बँसिया स्याम बजावै ना!
(4) लता, बेल सब फूलन लागी, महकी डरिया-डरिया ना!

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कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का वचन बदलकर लिखिए :
(1) लता – …………………………………
(2) बेलें – …………………………………
(3) पपीहा – …………………………………
(4) बंसी – …………………………………
उत्तर :
(1) लता – लताएँ
(2) बेलें – बेल
(3) पपीहा – पपीहे
(4) बंसी – बंसियाँ।

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए :
अ – आ
(1) बदरा – मुरली
(2) बंसी – बादल
उत्तर :
(1) बदरा – बादल
(2) बंसी – मुरली।

1. अलंकार :

प्रश्न 1.
म्नलिखित काव्य पंक्तियों में निहित अलंकार पहचानकर
उसका नाम लिखिए :
(1) देख लो साकेत नगरी है यही,
स्वर्ग से मिलने गगन में जा रही।
(2) मखमल के झूल पड़े हाथी-सा टीला
(3) गोपी पद-पंकज पावन की, रज जामैं सर भीजैं।
उत्तर :
(1) अतिशयोक्ति अलंकार
(2) उपमा अलंकार
(3) रूपक अलंकार।

2. रस :

प्रश्न 2.
निम्नलिखित काव्य पंक्तियों में निहित रस पहचानकर
उसका नाम लिखिए :
(1) मोको कहाँ ढूँढ़े बंदे, मैं तो तेरे पास में।
खोजी होय तो तुरतहिं मिलिहैं, पल भर की तालास में।

(2) जो तुम आ जाते एक बार, कितनी करुणा, कितने संदेश
पथ में बिछ जाते बन पराग, गाता प्राणों का तार-तार।

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(3) रे नृपबालक कालबस बोलत तोहि न सँभार।
धनुही सम त्रिपुरारि धनु बिदित सकल संसार।।
उत्तर :
(1) शांत रस
(2) शृंगार रस
(3) रौद्र रस।

3. मुहावरे :

प्रश्न 1.
निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :

(1) घाट-घाट का पानी पीना
अर्थ : हर प्रकार के अनुभव से परिपूर्ण होना।
वाक्य : बिना पैसे दिए उस अधिकारी से काम करवाना असंभव है, उसने घाट-घाट का पानी पीया है।

(2) आँखें चार होना
अर्थ : प्रेम होना।
वाक्य : आजकल के कुछ विद्यार्थियों की कॉलेज के दिनों है में आँखें चार हो जाती हैं।

(3) एक और एक ग्यारह
अर्थ : एकता में शक्ति होना।
वाक्य : जमींदार के अन्याय के खिलाफ उस युवक ने गाँव वालों को इकट्ठा कर कहा, ‘हम इस अन्याय का बदला लेकर जमींदार को बता देंगे कि एक और एक ग्यारह कैसे होते हैं।’

(4) कटे पर नमक छिड़कना
अर्थ : दुखी व्यक्ति को और दुखी करना।।
वाक्य : परेशान व्यक्ति को अपमानजनक शब्द कहना यह कटे पर नमक छिडकना है।

(5) शक्ल पर बारह बजना
अर्थ : बड़ा उदास होना।
वाक्य : बारहवीं कक्षा का अंतिम दिन था। मित्रों से बिछड़ने के ख्याल से हम सभी की शक्ल पर बारह बजे थे।

(6) पेट में दाढ़ी होना
अर्थ : अत्यंत चतुर होना।
वाक्य : अरुण शक्ल से भोला लगता है, पर उसके पेट में दाढ़ी है।

4. काल परिवर्तन :

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों को कोष्ठक में सूचित काल में परिवर्तन कीजिए :
(1) स्नेहा के हाथ से धागा छूटता है और पतंग उड़ जाती है। (सामान्य भूतकाल)
(2) हमारी साँस हमें पराए धन-सी लगती है। (सामान्य भविष्यकाल)
(3) वह आसमान पर रोज एक ख्वाब लिखता है। (पूर्ण भूतकाल)
(4) कोई ध्यान नहीं देता है। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
(5) कैसा सवाल पूछते हैं आप भी? (पूर्ण वर्तमानकाल)
उत्तर :
(1) स्नेहा के हाथ से धागा छूट गया और पतंग उड़ गई।
(2) हमारी साँस हमें पराए धन-सी लगेगी।
(3) उसने आसमान पर रोज एक ख्वाब लिखा था।
(4) कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
(5) कैसा सवाल पूछा है आपने भी?

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5. वाक्य शुद्धिकरण :

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए :
(1) थोड़ी देर तीनों अपनी जोंपड़ी से बाहर थे।
(2) आज उशे नींद नहीं आ रई थी।
(3) इतने में पुलीस भी वहाँ पहुँच चूकी थी।
(4) लारी ऐक तेज आवाज के साथ आगे बड़ गई।
(5) जिंदगी की हलनचल का पत्ता आवाजों से लग रहा है।
उत्तर :
(1) थोड़ी देर बाद तीनों अपनी झोंपड़ी से बाहर थे।
(2) आज उसे नींद नहीं आ रही थी।
(3) इतने में पुलिस भी वहाँ पहुँच चुकी थी।
(4) लारी एक तेज आवाज के साथ आगे बढ़ गई।
(5) जिंदगी की हलचल का पता आवाजों से लग रहा है।

लोकगीत Summary in Hindi

लोकगीत विधा परिचय :
काव्य का एक प्रकार लोकगीत भी है। लोकगीतों की रचना पद, दोहा, चौपाई जैसे छंदों में की जाती है। लोकगीत में त्योहारों की बड़ी सरस अभिव्यक्ति पाई जाती है। इनमें गेयता तत्त्व प्रमुख होता है। कजरी, सोहर, चैती, बन्ना-बन्नी लोकगीतों के विभिन्न प्रकार हैं। लोकगीतों की भाषा में ग्रामीण जनजीवन का स्पर्श रहता है। ये परंपरा द्वारा अगली पीढ़ी तक पहुँच जाते हैं।

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लोकगीत विधा विधा परिचय :
काव्य का एक प्रकार लोकगीत भी है। लोकगीतों की रचना पद, दोहा, चौपाई जैसे छंदों में की जाती है। लोकगीत में त्योहारों की बड़ी सरस अभिव्यक्ति पाई जाती है। इनमें गेयता तत्त्व प्रमुख होता है। कजरी, सोहर, चैती, बन्ना-बन्नी लोकगीतों के विभिन्न प्रकार हैं। लोकगीतों की भाषा में ग्रामीण जनजीवन का स्पर्श रहता है। ये परंपरा द्वारा अगली पीढ़ी तक पहुँच जाते हैं।

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लोकगीत विधा विषय प्रवेश :
प्रस्तुत काव्य में बसंत ऋतु व सावन के आगमन पर होने वाले परिवर्तनों का सजीव चित्रण किया गया है। बसंत के आने से सरसों का फूलना, अलसी का अलसाना फूलों का महकना, खेत, बाग-बगीचों का हरा-भरा हो जाना, मधुर-मस्त बयार का चलना, तन और मन का प्रसन्न होना, यौवन का अंगड़ाइयाँ लेना, कजरारी आँखों के सपने और अंत में प्रिय के वियोग में आँखों से आँसुओं की झड़ी लगना आदि जनमानस की भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति है।

सावन के महीने में बादलों का घिर-घिरकर आना, बिजली का चमकना, पुरवाई का चलना, दादुर, मोर, पपीहे का बोलना, अँधियारी रात में जुगनू का जगमग-जगमग करते हुए इधर से उधर डोलना, लताओं और बेलों का फूलना, डाल-डाल का महक उठना, सरोवर और नदियों का जल से भर जाना सभी मनुष्यों के हृदय आनंदित कर जाता है।

लोकगीत विधा कविता का सरल अर्थ

सुनु रे सखिया

(1) आइल बसंत के फूल ……………………………………………….. आइल।

नायिका अपनी सखी से कह रही है कि सुन सखी, बसंत ऋतु आ गई है। हर तरफ फूल महकने लगे हैं। बसंत के आने से सरसों फूल गई है, अलसी अलसाने लगी है और पूरी धरती मानो हरियाली की चादर ओढ़कर खिल उठी है। कली-कली फूल बनकर मुस्कुराने लगी है। सुन सखी, बसंत ऋतु आ गई है। इस ऋतु के आने से खेत और वन सब हरे-भरे हो गए हैं, जिसके कारण तन-मन भी प्रसन्न हो गए हैं।

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इंद्रधनुष के विभिन्न रंगों के समान भाँति-भाँति के रंग-बिरंगे फूल खिल उठे हैं। सुन सखी, बसंत ऋतु आ गई है। काजल लगी कजरारी आँखों में सपने मुस्कुराने लगे हैं और कंठ से मीठे गीत फूटने लगे हैं। बाग-बगीचों में बहार आने के साथ ही यौवन भी अंगड़ाइयाँ लेने लगा है। सुन सखी, बसंत ऋतु आ गई है।

(2) बहे मस्त बयार ……………………………………………….. आइल।

मधुर-मस्त बयार चल रही है। मानो प्यार बरसाकर हृदय का तार-तार रँगने लगी है। हर व्यक्ति का मन गुलाब की तरह खिल रहा है। सुन सखी, बसंत ऋतु आ गई है। बाग-बगीचे हरे-भरे हो गए हैं। कलियाँ खिलने लगी हैं। भौंरों के दल प्रसन्न होकर फूलों पर मँडराने लगे हैं। गौरैया भी माथे पर काला फूल सजाकर इतराने लगी है। सुन सखी, बसंत ऋतु आ गई है।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 12 लोकगीत

सखी, ऐसी मनभावन ऋतु में मेरे पिया मेरे पास नहीं है। प्रिय के वियोग में आँखों में लगा काजल भी चुभ रहा है। अच्छा नहीं लग रहा है। सेज मानो काँटों से भर गई है। आँसुओं की झड़ी लगी है। ये सभी मनमोहक दृश्य बबूल के काँटों की प्रतीति करा रहे हैं। पर सखी, बसंत ऋतु फिर भी आ गई है फूलों की महक लेकर।

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(3) सावन आइ गये ……………………………………………….. सावन।

मनभावन सावन आ गया है। बादल घिर-घिरकर आने लगे हैं। बादल गरज रहे हैं, बिजली चमक रही है और पुरवाई चल रही है। सावन आ गया है। मेघ रिमझिम-रिमझिम करके बरस रहे हैं और धरती को नहला रहे हैं। सावन आ गया है। दादुर, मोर और पपीहे बोल रहे हैं और मेरे हृदय को प्रफुल्लित कर रहे हैं। सावन आ गया है। अँधियारी रात में जुगनू जगमग-जगमग करते हुए इधर से उधर डोल रहे हैं और सबका मन लुभा रहे हैं।

सावन आ गया है। लता और बेल सब फूलने लगी हैं। डाल-डाल महक उठी है। सावन आ गया है। सभी सरोवर और सरिताएँ जल से भरकर उमड़ पड़ी हैं। सभी मनुष्यों के हृदय आनंदित हो रहे हैं। कवि शंकर कह रहा है हे प्रिय शीघ्र चलो, श्याम बाँसुरी बजा रहे हैं। सावन आ गया है।

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Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 12 लोकगीत

लोकगीत विधा शब्दार्थ (सुनु रे सखिया)

  • आइल = आया
  • हरसाइल = हर्षित होना
  • भइल = हुआ
  • चिटकाइल = चटककर खिल उठी
  • सेजरा = सेज
  • सरसाइल = सरस हुआ अर्थात फूलों से लद गई
  • गइल = गया
  • कजराइल = काजल लगाया
  • करिया = काला
  • अँचरा = आँचल

लोकगीत विधा (कजरी)

  • पुरवैया = पूरब की ओर से बहने वाली हवा
  • दादुर = मेंढक
  • सर = तालाब
  • मेहा = मेघ, बादल
  • हुलसावै = आनंदित होना
  • सरसै = आनंद से भर जाना

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 12th Digest Chapter 11 कोखजाया Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 12th Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया

12th Hindi Guide Chapter 11 कोखजाया Textbook Questions and Answers

कृति-स्वाध्याय एवं उत्तर

आकलन

प्रश्न 1.
(अ) परिणाम लिखिए :
(a) मौसा अचानक चल बसे – …………………………………
(b) दिलीप उच्च शिक्षा के लिए लंदन चला गया – …………………………………
उत्तर :
(a) मौसा अचानक चल बसे – मौसी का जीवन एकाएक ठहर सा गया।
(b) दिलीप उच्च शिक्षा के लिए लंदन चला गया – तो वहीं का होकर रह गया।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया

(आ) कृति पूर्ण कीजिए :
(a) बोर्ड पर लिखा वृद्धाश्रम का नाम – …………………………………
(b) दिलीप और रघुनाथ का रिश्ता – …………………………………
उत्तर :
(a) बोर्ड पर लिखा वृद्धाश्रम का नाम – मातेश्वरी महिला वृद्धाश्रम
(b) दिलीप और रघुनाथ का रिश्ता – मौसेरे भाई

शब्द संपदा

प्रश्न 2.
तद्धित शब्द लिखिए :
(१) बूढ़ा – …………………………………
(२) मानव – …………………………………
(३) माता – …………………………………
(४) अपना – …………………………………
उत्तर :
(1) बूढ़ा – बुढ़ापा
(2) मानव – मानवता
(3) माता – मातृत्व
(4) अपना – अपनापन

अभिव्यक्ति

प्रश्न 3.
(अ) ‘कोखजाया’ कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
वर्तमान भारतीय समाज में पारिवारिक व्यवस्था में बड़ी तेजी से बदलाव आ रहे हैं। निकटस्थ रिश्ते भी भावनाओं से दूर निरर्थक होते जा रहे हैं। परिवार छोटे हो गए हैं। केवल ‘मैं और मेरे बच्चे’ ही परिवार का हिस्सा रह गए। इस भावना के फलने – फूलने में स्त्रियों का योगदान भी कम नहीं रहा।

‘मेरे पति की आमदनी पर सिर्फ मेरा और मेरे बच्चों का ही अधिकार है’ वाली भावना जोर पकड़ने लगी। ‘कोखजाया’ कहानी का उद्देश्य आज समाज में फैलती जा रही रिश्तों की निरर्थकता को चित्रित करते हुए यह दर्शाना भी है कि प्रत्येक रिश्ते में प्यार होना जरूरी है।

आज के समाज के केंद्र में धन, विलासिता सुख – सुविधाओं का स्थान सर्वोपरि हो गया है। आज की भौतिकवादी पीढ़ी में युवक विवाहोपरांत निजी स्वार्थ में इस तरह लिप्त हो जाते हैं कि वूद्ध माता – पिता की सेवा करना तो दूर, उनकी उपेक्षा करने लगते हैं। कहानी हमें यह भी संदेश देती है कि मनुष्य की इस प्रवृत्ति को बदलना होगा और रिश्तों को सार्थकता प्रदान करनी होगी वरना हमारी महान भारतीय संस्कृति रसातल में चली जाएगी।

का आधार हैं। संस्कारों की कमी, निहित स्वार्थ और भौतिकवादी सोच व्यक्ति को क्रूर बना रहे हैं। पैसों की होड़, मनुष्य के निजी स्वार्थ के कारण पारिवारिक रिश्तों में काफी गिरावट आई है। दो लोगों के बीच में पारस्परिक हितों का होना, बनना और बढ़ना रिश्तों को न केवल जन्म देता है, बल्कि एक मजबूत नींव भी प्रदान करता है। जैसे ही पारस्परिक हित निजी हित या स्वार्थ में बदल जाता है रिश्तों में ग्रहण लगना शुरू हो जाता है।

पारस्परिक हित में अपने हित के साथ – साथ दूसरे के हित का भी समान रूप से ध्यान रखा जाता है।

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(आ) ‘माँ के चरणों में स्वर्ग होता है’, इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
कहा जाता है कि माता के चरणों में स्वर्ग होता है। संसार का सुंदरतम व प्यारा शब्द है ‘माँ’। इसमें कितनी मिठास भरी है। माँ का दर्जा देवताओं से भी बढ़कर है। हमने परमात्मा को नहीं देखा, भगवान को नहीं देखा। हमारी माँ हमारे लिए भगवान का ही रूप है। परमात्मा इस सृष्टि का पालन करता है, यह हम सभी जानते हैं। माता के चरणों का स्पर्श करने से बल, बुद्धि, विद्या और आयु प्राप्त होती है। कितने कष्टों को सहकर माँ बच्चे को जन्म देती है, उसके पश्चात अपने स्नेहरूपी अमृत से सींचकर उसे बड़ा करती है। मातापिता के चरणों में स्वर्ग होता है, उनके आशीर्वाद से हमें हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

हर कष्ट से मुक्ति मिलती है। उनका आदर और सम्मान करना हमारा सबसे पहला धर्म है। आज संसार में हमारा जो भी अस्तित्व है, जो भी पहचान है, उसका संपूर्ण श्रेय हमारे मातापिता को ही जाता है। विवेकी सुपुत्र अपने माता – पिता की आज्ञा की अवहेलना करके एक कदम भी नहीं चलते।

साथ ही लालच के कारण, धन के लिए माता – पिता की आज्ञा का उल्लंघन करने वालों की भी समाज में कमी नहीं है। आज आवश्यकता है मातृदेवो भव वाली वैदिक अवधारणा को एक बार पुनःप्रतिष्ठित करने की। तभी भारतीय समाज अपनी प्राचीन गरिमा को प्राप्त कर सकेगा।

पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रश्न

प्रश्न 4.
(अ) मौसी की स्वभावगत विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर :
स्नेही : मौसी बड़ी स्नेही थीं। उन्होंने अपने पिता से मिली संपत्ति जबरन अपनी छोटी बहन को सौंप दी। लेखक की पढ़ाई – लिखाई में भी मौसी का योगदान था।

निरभिमानी : मौसी के पति प्रसिद्ध आई ए एस अधिकारी थे। वे हमेशा बड़े – बड़े पदों पर आसीन रहे। गुजरात में जिलाधिकारी रहे। अंत में भारत सरकार के वित्त सचिव के पद से रिटायर हुए थे। परंतु मौसी को कभी भी अपने पति के पद या पावर का घमंड नहीं हुआ।

भावुक हृदया : मौसी बहुत भावुक हृदय की स्वामिनी थीं। एक बार उनके नैहर के गाँव में भयंकर अकाल पड़ा। लोगों के हाहाकार और दुर्दशा से द्रवित होकर उन्होंने अपनी ससुराल से सारा जमा अन्न मँगवाया। आवश्यकतानुसार खरीदवाया भी। और पूरे गाँव के लिए भंडारा खुलवा दिया।

स्वाभिमानी : मौसी सरल हृदया थीं परंतु बड़ी स्वाभिमानी थीं। उनके एकमात्र पुत्र ने धोखे से उनकी सारी संपत्ति औने – पौने दामों में बेच दी। मौसी ने भारी हृदय से उस धोखे को भी आत्मसात कर लिया। परंतु वही पुत्र उन्हें एअरपोर्ट पर अकेले, निराश्रित छोड़कर चला गया। उसने एक बार भी यह नहीं सोचा कि माँ का क्या होगा, वह कहाँ जाएगी? तब मौसी ने वृद्धाश्रम में रहना उचित समझा। लोकलाज के भय से बेटा परिवार के साथ आया अवश्य, पर उनके छटपटाने, गिड़गिड़ाने के बावजूद मौसी ने मिलने से मना कर दिया, उनका मुँह तक नहीं देखा।

(आ) ‘मनुष्य के स्वार्थ के कारण रिश्तों में आई दूरी’, इसपर अपना मंतव्य लिखिए।
उत्तर :
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। रिश्ते सामाजिक संबंधों का आधार हैं। संस्कारों की कमी, निहित स्वार्थ और भौतिकवादी सोच व्यक्ति को क्रूर बना रहे हैं। पैसों की होड़, मनुष्य के निजी स्वार्थ के कारण पारिवारिक रिश्तों में काफी गिरावट आई है। दो लोगों के बीच में पारस्परिक हितों का होना, बनना और बढ़ना रिश्तों को न केवल जन्म देता है, बल्कि एक मजबूत नींव भी प्रदान करता है। जैसे ही पारस्परिक हित निजी हित या स्वार्थ में बदल जाता है रिश्तों में ग्रहण लगना शुरू हो जाता है। पारस्परिक हित में अपने हित के साथ – साथ दूसरे के हित का भी समान रूप से ध्यान रखा जाता है।

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साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान जानकारी लिखिए :

प्रश्न 5.
(अ) ‘कोखजाया’ कहानी के हिंदी अनुवादक का नाम –
उत्तर :
बैद्यनाथ झा।

(आ) कहानी विधा की विशेषता –
उत्तर :
कहानी विधा में जीवन में किसी एक अंश अथवा प्रसंग का वर्णन मिलता है। कहानियाँ अपने प्रारंभिक काल से ही सामाजिक बोध को व्यक्त करती है। समाज के बदलते मूल्यों, विचारों और दर्शन ने सदैव कहानियों को प्रभावित किया है। कहानियों के द्वारा हम किसी भी काल की सामाजिक, राजनीतिक दशा का परिचय आसानी से पा सकते हैं।

प्रश्न 6.
(अ) निम्न उपसर्गों से प्रत्येक के तीन शब्द लिखिए :

  1. अति – क्रमण : अतिक्रमण …………………. ………………….
  2. नि – कृष्ट : निकृष्ट …………………. ………………….
  3. परा – काष्ठा : पराकाष्ठा …………………. ………………….
  4. वि – संगति : विसंगति …………………. ………………….
  5. अभि – भावक: अभिभावक …………………. ………………….
  6. प्र – स्थान : प्रस्थान …………………. ………………….
  7. अ – विवेक : अविवेक …………………. ………………….
  8. अध – पका : अधपका …………………. ………………….
  9. भर – पूर : भरपूर …………………. ………………….
  10. कु – पात्र : कुपात्र …………………. ………………….

उत्तर :

  • अति – क्रमण : अतिक्रमण, अतिरिक्त, अतिशय।
  • नि – कृष्ट : निकृष्ट, निवास, निषेध।
  • परा – काष्ठा : पराकाष्ठा, पराजय, परास्त।
  • वि – संगति : विसंगति, विदेश, विवाद।
  • अभि – भावक : अभिभावक, अभिनव, अभिमान।
  • प्र – स्थान : प्रस्थान, प्रगति, प्रबल।
  • अ – विवेक : अविवेक, अधर्म, असत्य।
  • अध – पका : अधपका, अधबना, अधजला।
  • भर – पूर : भरपूर, भरपेट, भरसक।
  • कु – पात्र : कुपात्र, कुसंगति, कुप्रथा।

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(आ) निम्न प्रत्ययों से प्रत्येक के तीन शब्द लिखिए :

  1. आ – प्यास : प्यासा …………………. ………………….
  2. इया – पूरब : पुरबिया …………………. ………………….
  3. ई – ज्ञान : ज्ञानी …………………. ………………….
  4. ईय – भारत : भारतीय …………………. ………………….
  5. ईला – भड़क : भड़कीला …………………. ………………….
  6. ऊ – ढाल : ढालू …………………. ………………….
  7. मय – जल : जलमय …………………. ………………….
  8. वान – गुण : गुणवान …………………. ………………….
  9. वर – नाम : नामवर …………………. ………………….
  10. दार – धार : धारदार …………………. ………………….

उत्तर :

  1. आ – प्यास : प्यासा, प्यारा, दुलारा।
  2. इया – पूरब : पुरबिया, घटिया, जड़िया।
  3. ई – ज्ञान : ज्ञानी, विदेशी, गुजराती।
  4. ईय – भारत : भारतीय, शासकीय, राजकीय।
  5. ईला – भड़क : भड़कीला, रसीला, रंगीला।
  6. ऊ – ढाल : ढालू, चालू, रटू।
  7. जल : जलमय, ज्ञानमय, संगीतमय।
  8. वान – गुण : गुणवान, भाग्यवान, दयावान।
  9. वर – नाम : नामवर, ताकतवर, प्रियवर।
  10. दार – धार : धारदार, जमींदार, दुकानदार।

Hindi Yuvakbharati 12th Digest Chapter 11 कोखजाया Additional Important Questions and Answers

कृतिपत्रिका के प्रश्न 1 (अ) तथा प्रश्न 1 (आ) के लिए
गद्यांश क्र. 1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए:
(a) मौसी का नाम – …………………………………
उत्तर :
(a) मौसी का नाम – मिसेज गंगा मिश्र

प्रश्न 2.
वाक्य सही करके लिखिए :
(1) रघुनाथ चौधरी की बुआ प्रतिभावान और प्रसिद्ध आई पी एस अधिकारी की पत्नी थीं।
(2) मामी को कभी अपने पति के पद और पावर का संतोष नहीं हुआ।
उत्तर :
(1) रघुनाथ चौधरी की मौसी प्रतिभावान और प्रसिद्ध आई ए एस अधिकारी की पत्नी थीं।
(2) मौसी को कभी अपने पति के पद और पावर का घमंड नहीं हुआ।

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प्रश्न 3.
कारण लिखिए :
(1) बड़े लोग ही अपने माता – पिता को अंतिम समय में वृद्धाश्रम भेजने लगे हैं।
(2) रघुनाथ चौधरी मौसी को देख अति दुखी हो गया।
उत्तर :
(1) बड़े लोगों के पास समय ही नहीं होता अपने माता – पिता के लिए।
(2) हमेशा बुलंदी पर रहने वाली मौसी एकदम लस्त – पस्त लग रही थी।

प्रश्न 4.
कोष्ठक में से सही शब्द चुनकर वाक्य फिर से लिखिए :
(1) मौसी को इस कमरे/परिस्थिति/वृद्धाश्रम में देखकर रघुनाथ चौधरी सिर झुकाकर रोने लगा।
(2) वृद्धाश्रम के प्रबंधक/संचालक/मैनेजर का फोन कॉल सुनकर रघुनाथ चौधरी अवाक रह गया।
उत्तर :
(1) मौसी को इस परिस्थिति में देखकर रघुनाथ चौधरी सिर झुकाकर रोने लगा।
(2) वृद्धाश्रम के प्रबंधक का फोन कॉल सुनकर रघुनाथ चौधरी अवाक रह गया।

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्द समूहों के लिए एक शब्द परिच्छेद में से ढूँढ़कर लिखिए।
(1) वृद्ध लोगों के रहने का स्थान – ……………………………..
(2) साथ में काम करने वाला – ……………………………..
(3) प्रश्न के उत्तर में प्रश्न – ……………………………..
(4) जिसे जानते न हों – ……………………………..
उत्तर :
(1) वृद्धाश्रम
(2) सहकर्मी
(3) प्रतिप्रश्न
(4) अनजान।

कृति 3 : (अभिव्यक्ति)

प्रश्न 1.
‘वृद्धाश्रमों का जीवन’ विषय पर अपने विचार 40 से 50 शब्दों में लिखिए :
उत्तर :
कहा जाता है कि माता – पिता के चरणों में स्वर्ग होता है है। उनकी सेवा से साक्षात ईश्वर की प्राप्ति होती है। हमारे जिस देश में, जहाँ श्रवण कुमार जैसे पुत्र ने जन्म लिया हो, उसी देश में ऐसे भी अनेक पुत्र हैं, जो संपन्न और समृद्ध होते हुए भी वृद्ध माता – पिता को वृद्धाश्रम में छोड़ देते हैं।

शारीरिक रूप से सर्वथा अशक्त और असहाय हो चुके वृद्धों को जिस समय अपनों के अपनेपन की अधिक आवश्यकता होती है, उस समय वे निराश, हताश, अपने प्रियजनों से दूर वृद्धाश्रम में नितांत अजनबियों के , बीच एकाकी जीवन व्यतीत करने को बाध्य दिखाई देते हैं।

उस अपरिचित वातावरण में न तो उन्हें किसी प्रकार की भावात्मक सुरक्षा , मिल पाती है, न ही किसी की आत्मीयता या स्नेह। उन वृद्धों की मानसिक वेदना उनकी शारीरिक व्याधियों से कहीं अधिक पीड़ादायी और कष्टप्रद होती है। अनेक अवसरों पर तो वृद्धाश्रम के कर्मचारी भी उन्हें डाँटते – डपटते देखे जाते हैं। वे भली – भाँति जानते हैं कि इन असहाय वृद्धों की खोज – खबर लेने वाला कोई नहीं है।

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गद्यांश क्र. 2
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया 1
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया 2

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
(a) मौसा इस प्रांत में जिलाधिकारी थे – ……………………………..
उत्तर :
(b) मौसा इस प्रांत में जिलाधिकारी थे – गुजरात।

प्रश्न 3.
विधानों के सामने सत्य/असत्य लिखिए :
उत्तर :
(1) मौसाजी जब बिहार में जिलाधिकारी थे तो नाना का देहांत हुआ था। – असत्य।
(2) मौसी भी कभी – कभी लंदन आती – जाती रहती थीं। – सत्य
(3) दिलीप ने धोखे से उस मकान का सौदा आठ करोड़ रुपये में है कर दिया था। – सत्य।
(4) मौसी का श्राद्ध उनके गाँव में जाकर संपन्न किया गया। – असत्य।

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कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
परिच्छेद में से आई रिश्तों की जोड़ियाँ ढूँढ़कर लिखिए :
(1) – ………………………………
(2) – ………………………………
(3) – ………………………………
(4) – ………………………………
उत्तर :
(1) मौसी – मौसा
(2) नाना – नानी
(3) माँ – पिताजी
(4) मौसी – भांजा।

प्रश्न 2.
परिच्छेद से शब्द चुनकर उनमें प्रत्यय लगाकर नए शब्द बनाइए:
(1) – ………………………………
(2) – ………………………………
(3) – ………………………………
(4) – ………………………………
उत्तर :
(1) संबंध + इत = संबंधित
(2) साहस + इक = साहसिक
(3) संदेह + पूर्ण = संदेहपूर्ण
(4) रंग + ईन = रंगीन।

कृति 3 : (अभिव्यक्ति)

प्रश्न 1.
‘वृद्धाश्रम : घटते जीवन मूल्यों का प्रतीक’ विषय पर 40 से 50 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
जिस भारतीय संस्कृति में माता – पिता को भगवान का दर्जा दिया जाता था, आज वहीं गली – गली में वृद्धाश्रम खुल गए हैं।

आज का युवा स्वार्थी बनकर रह गया है। स्व के अलावा उसे कुछ दिखाई ही नहीं देता। नई पीढ़ी अपने नैतिक मूल्यों को भूलती जा रही है। जिन माता – पिता ने हमारा हाथ थाम हमें चलना सिखाया, कंधे पर बिठाकर दुनिया दिखाई, जरा कदम लड़खड़ाए झट आगे बढ़कर थाम लिया।

उनके हाथ – पाँव जब डगमगाने लगे, तो उन्हें सहारा देने के स्थान पर उनसे मुख मोड़ लेते हैं। संपत्ति के लिए माता – पिता तक को नोटिस दे देते हैं। एक बार माता – पिता की संपत्ति हाथ लग जाए तो अपने जन्मदाता ही बोझस्वरूप लगने लगते हैं। ऐसे पुत्र वास्तव में कृतघ्नी होते हैं।

उनके लिए हमारा करिअर, हमारी उन्नति, हमारे बच्चे, इसके अलावा हमारा कोई नहीं। अपनेपन की भावना जाने कहाँ लुप्त हो गई है। नैतिक मूल्य निरंतर घटते जा रहे हैं। बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं, अनुभवों का चलता – फिरता संग्रहालय हैं। हमें उन्हें आदरपूर्वक सँभालना चाहिए।

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गद्यांश क्र. 3
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया 3
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया 4

प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए :
(1) मैडम, आपके बेटे ने आपके साथ यह किया है –
(2) यहाँ सात – आठ अफसर जमा थे –
(3) वह सिपाही इसे चलाते हुए मौसी के साथ चल पड़ा –
(4) इसमें कोई झंझट तो नहीं हो गया –
उत्तर :
(1) मैडम, आपके बेटे ने आपके साथ यह किया है – धोखा।
(2) यहाँ सात – आठ अफसर जमा थे – सिक्यूरिटी ऑफिस में।
(3) वह सिपाही इसे चलाते हुए मौसी के साथ चल – पड़ा – ट्रॉली।
(4) इसमें कोई झंझट तो नहीं हो गया – लगेज में।

प्रश्न 3.
गद्यांश से दो ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों :
(1) अप्रत्याशित
(2) लॉटरी।
उत्तर :
(1) सिक्यूरिटी ऑफिस में मौसी कैसा व्यवहार करने लगीं?
(2) बाप का मरना दिलीप के लिए क्या निकलने जैसा था?

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प्रश्न 4.
किसने किससे कहा है, लिखिए :
(1) तुम यहीं बैठो, इमिग्रेशन के समय सब साथ हो जाएँगे –
(2) आप बैठिए, मैं पता लगाकर आता हूँ –
(3) इसका क्या अर्थ हुआ? –
(4) मैडम, मैं आपको दुख की एक बात बताने जा रहा हूँ –
उत्तर :
(1) तुम यहीं बैठो, इमिग्रेशन के समय सब साथ हो जाएँगे – दिलीप ने माँ से कहा है।
(2) आप बैठिए, मैं पता लगाकर आता हूँ – सिक्यूरिटी ने मौसी से कहा है।
(3) इसका क्या अर्थ हुआ? – मौसी ने सिक्यूरिटी अफसर से कहा है।
(4) मैडम, मैं आपको दुख की एक बात बताने जा रहा हूँ – एक – सिक्यूरिटी अफसर ने मौसी से कहा है।

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
गद्यांश में प्रयुक्त शब्द – युग्म ढूँढ़कर लिखिए :
(1) – ……………………………………
(2) – ……………………………………
(3) – ……………………………………
(4) – ……………………………………
उत्तर :
(1) सात – आठ
(2) नहीं – नहीं
(3) ओने – पोने
(4) पल – पल।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों का वचन बदलकर लिखिए :
(1) जरूरत – ……………………………………
(2) तिथि – ……………………………………
(3) सूचना – ……………………………………
(4) पत्नी – ……………………………………
उत्तर :
(1) जरूरत – जरूरतें
(2) तिथि – तिथियाँ
(3) सूचना – सूचनाएँ
(4) पत्नी – पत्नियाँ।

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गद्यांश क्र. 4
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया 5
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया 6

प्रश्न 2.
सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए :
(1) घर का मालिक/खरीददार/किरायेदार घर वापस करने को तैयार हो गया।
(2) सभी बहुएँ/पत्नियाँ/संतानें एक जैसी नहीं होती।
(3) इसका श्रेय माँ और सपूत/पत्नी/सास दोनों को है।
(4) मेरी माँ/पत्नी/चाची भी फूट – फूटकर रो पड़ी।
उत्तर :
(1) घर का खरीददार घर वापस करने को तैयार हो गया।
(2) सभी संतानें एक जैसी नहीं होती।
(3) इसका श्रेय माँ और सपूत दोनों को है।
(4) मेरी पत्नी भी फूट – फूटकर रो पड़ी।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के लिए परिच्छेद में प्रयुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए :
(1) सावधान – ……………………………….
(2) मृत्य – ……………………………….
(3) उदर – ……………………………….
(4) नवजात शिशु – ……………………………….
उत्तर :
(1) सावधान – सतर्क
(2) मृत्यु – अवसान
(3) उदर – कोख
(4) नवजात शिशु – होरिला

प्रश्न 4.
वाक्य पूर्ण कीजिए:
(1) दिलीप और उसके परिवार का मुँह – ……………………………….
(2) आई ए एस एसोसिएशन ने भारत से लेकर – ……………………………….
उत्तर :
(1) दिलीप और उसके परिवार का मुंह देखने के लिए मौसी कदापि तैयार नहीं हुई।
(2) आई ए एस एसोसिएशन ने भारत से लेकर इंग्लैंड तक हंगामा खड़ा कर दिया।

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द परिच्छेद में से ढूँढ़कर लिखिए :
(1) मृत x …………………………………
(2) अपकार x …………………………………
(3) उल्लंघन x …………………………………
(4) हानि x …………………………………
उत्तर :
(1) मृत x जीवित
(3) उल्लंघन x पालन
(2) अपकार x उपकार
(4) हानि x लाभ।

1. मुहावरे :

निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :

(1) खबर गर्म होना
अर्थ : चर्चा – ही – चर्चा होना।
वाक्य : सारी दुनिया में इस समय एक ही खबर गर्म है – कोरोना का प्रकोप।

(2) चिराग तले अँधेरा
अर्थ : गुणवान व्यक्ति में ही दोष होना।
वाक्य : गुप्ता जी ट्यूशन पढ़ाने के चक्कर में घर – घर घूमते है रहे और उनका बेटा दसवीं कक्षा भी पास नहीं कर पाया। इसी को कहते हैं चिराग तले अँधेरा।

(3) घर फूंक तमाशा देखना
अर्थ : अपनी ही हानि पर प्रसन्न होना।
वाक्य : उस जुआड़ी को समझाना व्यर्थ है, वह तो घर फूंक तमाशा देख रहा है।

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(4) जी जान से काम करना
अर्थ : पूरी क्षमता के साथ काम करना।
वाक्य : जापान के लोगों के बारे कहा जाता है कि वे जो भी काम करते हैं जी जान से करते हैं।

(5) सितारा चमकना
अर्थ : भाग्योदय होना।
वाक्य : हमारे देश में एक से बढ़कर एक धनाढ्य व्यापारी हैं, जिनका सितारा चमक रहा है।

(6) कुएँ में बाँस डालना
अर्थ : जगह – जगह खोज करना।
वाक्य : दादाजी का चश्मा उनके लिखने की मेज से गुम हो गया था, अब वे उसे ढूँढ़ रहे हैं कुएँ में बाँस डाल कर।

2. काल परिवर्तन :

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों को कोष्ठक में सूचित काल में परिवर्तन कीजिए :
(1) सभी एक – एक लोटा पानी डाल जाते हैं। (पूर्ण भूतकाल)
(2) अरे, रोते हैं आप! (अपूर्ण वर्तमानकाल)
(3) बातचीत ऐसे ही प्रश्नों से जमती है। (सामान्य भविष्यकाल)
(4) मैं भिखारी को कंबल देता हूँ। (पूर्ण वर्तमानकाल)
(5) ट्रस्ट के सचिव ने मुझे एक लिफाफा दिया। (अपूर्ण भूतकाल)
उत्तर :
(1) सभी एक – एक लोटा पानी डाल गए थे।
(2) अरे, रो रहे हैं आप!
(3) बातचीत ऐसे ही प्रश्नों से जमेगी।
(4) मैंने भिखारी को कंबल दिया है।
(5) ट्रस्ट का सचिव मुझे एक लिफाफा दे रहा था।

3. वाक्य शुद्धिकरण :

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए :
(1) गर्ग सहाब ने अपने वचन के पालन किया।
(2) आज अब उस अधयाय का अवशान हो गया है।
(3) मैं भावुख होकर बगीचे की और निकल जाता था।
(4) आफिस से अनुमति लेकर तुरंत विदा हो गया।
(5) मेने फिर चुप रहना ही उचित समजा।
उत्तर :
(1) गर्ग साहब ने अपने वचन का पालन किया।
(2) आज अब उस अध्याय का अवसान हो गया है।
(3) मैं भावुक होकर बगीचे की ओर निकल जाता था।
(4) ऑफिस से अनुमति लेकर तुरंत विदा हो गया।
(5) मैंने फिर चुप रहना ही उचित समझा।

कोखजाया Summary in Hindi

कोखजाया लेखक का परिचय

कोखजाया लेखक का नाम : श्याम दरिहरे। (जन्म 19 फरवरी, 1954.)

कोखजाया प्रमुख कृतियाँ : घुरि आउ मान्या, जगत सब सपना, न जायते म्रियते वा (उपन्यास), सरिसो में भूत, रक्त संबंध (कथा संग्रह), गंगा नहाना बाकी है, मन का तोरण द्वार सजा है (कविता संग्रह) आदि। विशेषता श्याम दरिहरे मैथिली भाषा के चर्चित रचनाकार हैं।

मैथिली भाषा में कहानी, उपन्यास तथा कविता में आपकी लेखनी की श्रेष्ठता प्रसिद्ध है। आपकी सभी रचनाएँ भारतीय संस्कृति में आधुनिक भावबोध को परिभाषित करती हैं। आपकी रचनाएँ पुरानी और नई पीढ़ी के मध्य सेतु का काम करती हैं। आपका साहित्य संप्रेषणीयता की दृष्टि से भावपूर्ण एवं बोधगम्य है।

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कोखजाया विधा : अनूदित साहित्य। अनूदित कहानी विधा में जीवन में किसी एक अंश अथवा प्रसंग के चित्रण द्वारा सामाजिक बोध को व्यक्त करती है।

कोखजाया विषय प्रवेश : वर्तमान भारतीय समाज में पारिवारिक व्यवस्था में बहुत बड़ा बदलाव आ गया है। निकटस्थ रिश्ते भी भावनाओं से दूर निरर्थक होते जा रहे हैं। आज के समाज के केंद्र में धन, विलासिता सुख – सुविधाओं का स्थान सर्वोपरि हो गया है। लेखक का मानना है कि मनुष्य की इस प्रवृत्ति को बदलना होगा और रिश्तों को सार्थकता प्रदान करनी होगी वरना हमारी महान भारतीय संस्कृति रसातल में चली जाएगी।

कोखजाया पाठ का सार

रघुनाथ चौधरी की मौसी बड़ी स्नेही और सरल हृदया थीं। पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने पिता द्वारा उनकी संपत्ति से प्राप्त अपना हिस्सा भी अपनी एकमात्र बहन यानि रघुनाथ चौधरी की माँ को दे दिया। उनके पति प्रसिद्ध आई ए एस अधिकारी थे। वे हमेशा बड़ेबड़े पदों पर आसीन रहे। अंत में भारत सरकार के वित्त सचिव के पद से रिटायर हुए थे। परंतु मौसी को कभी भी अपने पति के पद या पावर का घमंड नहीं हुआ।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया 7

मौसी का एक ही पुत्र था दिलीप। उसने दिल्ली स्थित एम्स से अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी की। उस समय रघुनाथ चौधरी के मौसा दिल्ली में ही किसी ऊँचे पद पर कार्यरत थे। जिस कारण दिलीप बड़े ऐशो आराम से पढ़ता रहा। आगे की पढ़ाई के लिए वह लंदन गया तो फिर नहीं लौटा।

एक बार मौसी के नैहर के गाँव में भयंकर अकाल पड़ा। लोगों के हाहाकार और दुर्दशा से द्रवित होकर भावुक हृदया मौसी ने अपनी ससुराल से सारा जमा अन्न मँगवाया। बाजार से भी आवश्यकतानुसार खरीदवाया और पूरे गाँव के लिए भंडारा खुलवा दिया।

इसी बीच हृदय गति रुक जाने के कारण मौसी के पति का स्वर्गवास हो गया। अंतिम संस्कार के लिए अपने परिवार के साथ

दिलीप घर आया। कई दिनों तक सरकारी कामों में उलझा रहा और अनेक कागजों पर मौसी से हस्ताक्षर करवाता रहा। मौसी से पूछे बिना, चुपके – चुपके धोखे से उनकी सारी संपत्ति औने – पौने दामों में बेच दी।

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लंदन जाने का दिन आया तो सभी एअरपोर्ट पहुंचे। मौसी को है एक जगह बैठाकर सब सामान की जाँच करवाने की कहकर चले ३ गए। काफी देर प्रतीक्षा करने के बाद भी जब वे लोग नहीं लौटे ३ तो चिंतित होकर मौसी ने सिक्यूरिटी पर पूछताछ की। वहाँ से उन्हें पता चला कि उनका एकमात्र पुत्र उनका टिकट रद्द करवाकर अपने परिवार को लेकर लंदन चला गया है अपनी माँ को एअरपोर्ट पर ३ अकेले, निराश्रित छोड़कर।

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उसने एक बार भी यह नहीं सोचा कि माँ का क्या होगा, वह कहाँ जाएगी? मौसी हतप्रभ रह गई। तभी आई जी गर्ग साहब आए। वे मौसा के साथ काम कर चुके थे, मौसी को पहचानते थे। मौसी ने उनसे किसी वृद्धाश्रम में रहने की इच्छा प्रकट की।

गर्ग साहब ने आई ए एस एसोसिएशन के माध्यम से भारत से लेकर इंग्लैंड तक हंगामा खड़ा कर दिया। मीडिया ने भी भारत में ३ वृद्धों और स्त्रियों की दुर्दशा पर लगातार समाचार प्रसारित करवाए, चर्चाएँ करवाई। लोकलाज के भय से दिलीप परिवार के साथ मौसी के पास आया, पर उनके छटपटाने, गिड़गिड़ाने के बावजूद मौसी ने मिलने से मना कर दिया, उनका मुँह तक नहीं देखा।

मौसी लगभग सात वर्ष उस वृद्धाश्रम में रहीं परंतु रघुनाथ चौधरी और उनकी पत्नी के अतिरिक्त कभी किसी से नहीं मिलीं। न कभी उस चहारदीवारी से बाहर निकलीं। रघुनाथ चौधरी प्रत्येक रविवार अपनी पत्नी के साथ उनसे मिलने अवश्य जाते थे। अंत में अपने पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार का अधिकार भी मौसी ने अपने कोखजाये अर्थात पुत्र से छीनकर रघुनाथ चौधरी को ही दिया।

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कोखजाया मुहावरे : अर्थ और वाक्य प्रयोग

(1) टस – से – मस न होना
अर्थ : अपनी बात पर अटल रहना।
वाक्य : निर्झरा को कितना ही समझाओ टस – से – मस नहीं होती।

(2) हाहाकार मचना
अर्थ : कोहराम मचना।
वाक्य : रेल दुर्घटना में घर के इकलौते होनहार इंजीनियर पुत्र के क्षत – विक्षत शव को देखकर पूरे परिवार में हाहाकार मच गया।

(3) द्रवित हो जाना
अर्थ : मन में दया/करुणा उत्पन्न होना।
वाक्य : पाठशाला जाने की आयु में छोटे – छोटे बच्चों को भीख माँगते देखकर माँ द्रवित हो जाती है।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 11 कोखजाया

(4) चल बसना
अर्थ : मृत्यु होना। वाक्य : कोरोना नामक महामारी के कारण न जाने कितने
लोग अल्पायु में चल बसे।

कोखजाया शब्दार्थ

  • अवाक् = चुप, कुछ न बोलना
  • नैहर = मायका, पीहर
  • औने – पौने दामों में = कम दामों में
  • अकुलाना = व्याकुल होना
  • पैरवी = समर्थन में स्पष्टीकरण देना
  • अभिशप्त = शापित, जिसे कोई शाप मिल गया है
  • क्रय = खरीदना
  • सहेजना = बटोरना, अच्छी तरह से समेटकर रखना
  • अप्रत्याशित = अनपेक्षित, आशा के विरुद्ध
  • होरिला = बेटा, नवजात शिशु

कोखजाया मुहावरे

  • टस – से – मस न होना = अपनी बात पर अटल रहना
  • द्रवित हो जाना = मन में दया/करुणा उत्पन्न होना
  • हाहाकार मचना = कोहराम मचना
  • चल बसना = मृत्यु होना

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 12th Digest Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 12th Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट

12th Hindi Guide Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट Textbook Questions and Answers

कृति-स्वाध्याय एवं उत्तर

आकलन

प्रश्न 1.
लिखिए :
(अ) ओजोन गैस की विशेषताएं :
(a) …………………………………………
(b) …………………………………………
उत्तर :
(a) ओजोन गैस नीले रंग की होती है।
(b) यह प्रकृति में तीक्ष्ण और विषैली होती है और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट

(आ) ओजोन विघटन के दुष्प्रभाव :
(c) …………………………………………
(d) …………………………………………
उत्तर :
(c) ओजोन विघटन के कारण अंतरिक्ष से आने वाली पराबैंगनी किरणों से धरती के तापमान में वृद्धि होगी।
(d) अनेकानेक प्रकार की त्वचा संबंधी व्याधियाँ फैलेंगी। त्वचा के कैंसर के रोगियों की संख्या लाखों में होगी।

शब्द संपदा

प्रश्न 2.
कृदंत बनाइए:

(a) कहना – [ ]
(b) बैठना – [ ]
(c) लगना – [ ]
(d) छीजना – [ ]
उत्तर :
(a) कहना – कथन
(b) बैठना – बैठक
(c) लगना – लगाव
(d) छीजना – छीजन।

अभिव्यक्ति

प्रश्न 3.
(अ) भौतिक विकास के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर :
एक समय था जब धरती का बहुत बड़ा भाग घने जंगलों से ढका हुआ था। परंतु समय के साथ बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण, औद्योगिक विकास के कारण वनों को बहुत तेजी से काटा गया। हजारों-लाखों वर्षों से संचित वन रूपी संपत्ति को हमने समाप्त कर दिया है। आए दिन बढ़ते उद्योग-धंधों के परिणामस्वरूप वायुमंडल में कार्बन-डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें बढ़ती जा रही हैं। ऑक्सीजन की कमी होने लगी है। हवा में अवांछित गैसों की उपस्थिति से मनुष्यों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे दमा, खाँसी, त्वचा संबंधी रोग उत्पन्न हो रहे हैं। वायु प्रदूषण के कारण जीन अपरिवर्तन, आनुवंशकीय रोग तथा त्वचा के कैंसर के खतरे बढ़ रहे हैं। वायु प्रदूषण से अम्लीय वर्षा के खतरे बढ़े हैं, क्योंकि बारिश के पानी में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, जैसी जहरीली गैसों के घुलने की संभावना बढ़ी है।

(आ) ‘पर्यावरण रक्षा में हमारा योगदान’, इस विषय पर लिखिए।
उत्तर :
आज पूरी दुनिया पर्यावरण प्रदूषण से पीड़ित है। पर्यावरण प्रदूषण अर्थात हवा में ऐसी अवांछित गैसों, धूल के कणों आदि की उपस्थिति, जो लोगों तथा प्रकृति दोनों के लिए खतरे का कारण बन जाए। वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआँ तथा रसायन। पर्यावरण की रक्षा में अपना योगदान देते हुए हमें प्लास्टिक का प्रयोग कम-से-कम करना चाहिए। रिसाइकल किए जा सकने वाली चीजों को फेंक नहीं देना चाहिए। जैसे अखबार, कागज, गत्ते, काँच आदि। पेट्रोल, डीजल आदि के उपयोग में कमी करनी चाहिए। पर्यावरण की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। पर्यावरण है तो हमारा जीवन है।

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पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रश्न

प्रश्न 4.
(अ) ओजोन विघटन संकट से बचने के लिए किए गए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को संक्षेप में लिखिए।
उत्तर :
ओजोन विघटन संकट पर विचार करने के लिए अनेक देशों की पहली बैठक 1985 में विएना में हुई। बाद में सितंबर 1987 में कनाडा के मांट्रियल शहर में बैठक हुई, जिसमें दुनिया के 48 देशों ने भाग लिया था। इसके तहत यह प्रावधान रखा गया कि 1995 तक सभी देश सी एफ सी की खपत में 50 प्रतिशत की कटौती तथा 1997 तक 85 प्रतिशत की कटौती करेंगे। सन 2010 तक सभी देश सी एफ सी का इस्तेमाल एकदम बंद कर देंगे। इस दौरान विकसित देश नए प्रशीतकों की खोज में विकासशील देशों की आर्थिक मदद करेंगे।

(आ) ‘क्लोरो फ्लोरो कार्बन (सी.एफ.सी.) नामक यौगिक की खोज प्रशीतन के क्षेत्र में क्रांतिकारी उपलब्धि रही स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
सन 1930 से पहले प्रशीतन के लिए अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड गैसों का इस्तेमाल किया जाता था, जो अत्यंत तीक्ष्ण होने के कारण मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थीं। तीस के दशक में क्लोरो फ्लोरो कार्बन (सी. एफ. सी.) नामक यौगिक की खोज प्रशीतन के क्षेत्र में क्रांतिकारी उपलब्धि रही। ये रसायन रंगहीन, गंधहीन, अक्रियाशील होने के साथ ही अज्वलनशील होने के कारण आदर्श प्रशीतक माने गए। परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर सी एफ सी यौगिकों का उत्पादन होने लगा और घरेलू कीटनाशक, प्रसाधन सामग्री, दवाएँ, रंग-रोगन, यहाँ तक कि रेफ्रिजिरेटर और एयरकंडिशनर में इनका खूब इस्तेमाल होने लगा।

अलंकार
अतिशयोक्ति : जहाँ पर लोक सीमा अथवा लोकमान्यता का अतिक्रमण करके किसी विषय का वर्णन किया जाता है, वहाँ पर अतिशयोक्ति अलंकार माना जाता है। अतिशयोक्ति शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। अतिशय+उक्ति अर्थात् अत्यंत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात।

उदा. –
(१) पत्रा ही तिथि पाइयों, वाँ घर के चहुँ पास
नितप्रति पून्यो रहयो, आनन-ओप उजास

(२) हनुमंत की पूँछ में लग न पाई आग।
लंका सगरी जल गई, गए निशाचर भाग।।

(३) पड़ी अचानक नदी अपार।
घोड़ा उतरे कैसे पार।।
राणा ने सोचा इस पार।
तब तक चेतक था उस पार।।

दृष्टांत : दृष्टांत का अर्थ है उदाहरण। किसी बात की सत्यता प्रमाणित करने के लिए उसी ढंग की कोई दूसरी बात कही जाती है जिससे पूर्व कथन की प्रामाणिकता सिद्ध हो जाए; वहाँ दृष्टांत अलंकार होता है।
उदा. –
(१) करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।
रसरी आवत जात है, सिल पर पड़त निसान।।

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(२) सबै सहायक सबल कै, कोउ न निबल सहाय।
पवन जगावत आग ही, दीपहिं देत बुझाय।।

(३) एक म्यान में दो तलवारें, कभी नहीं रह सकती हैं
किसी और पर प्रेम पति का, नारियाँ नहीं सह सकती हैं।

हिंदी की साहित्यिक विधाओं के अनुसार रचनाओं के नाम लिखिए। (अतिरिक्त अध्ययन हेतु)
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Hindi Yuvakbharati 12th Digest Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट Additional Important Questions and Answers

कृतिपत्रिका के प्रश्न 1 (अ) तथा प्रश्न 1 (आ) के लिए
गद्यांश क्र. 1
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए :
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उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट 3

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के लिए परिच्छेद में प्रयुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए :
(1) भयानक = ………………………………………..
(2) महत्त्वपूर्ण = ………………………………………..
(3) अप्रभावित = ………………………………………..
(4) संपूर्ण = ………………………………………..
उत्तर :
(1) भयानक = भयावह
(2) महत्त्वपूर्ण = अहम
(3) अप्रभावित = अछूती
(4) संपूर्ण = समूची।

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कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द परिच्छेद में से ढूँढ़कर लिखिए :
(1) अनिल = ………………………………………..
(2) नीर = ………………………………………..
(3) जगत = ………………………………………..
(4) निर्मल = ………………………………………..
उत्तर :
(1) अनिल = हवा
(3) जगत = दुनिया
(2) नीर = पानी
(4) निर्मल = स्वच्छ।

कृति 3 : (अभिव्यक्ति)

प्रश्न 1.
‘बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने के उपाय’ विषय पर अपने विचार 40 से 50 शब्दों में लिखिए।
उत्तर :
प्रदूषण एक प्रकार का धीमा जहर है, जो हवा, पानी, धूल आदि के माध्यम से न केवल मनुष्य, बल्कि पेड़-पौधों, पशुपक्षियों, वनस्पतियों को भी नष्ट कर देता है। इसे रोकने के लिए कारखानों की स्थापना शहरी क्षेत्र से दूर, चिमनियों की ऊँचाई अधिक और उनमें फिल्टर का प्रयोग करना चाहिए, जिससे अवशिष्ट पदार्थ और गैसें अधिक मात्रा में वायु में न मिल पाएँ। शहरों, औद्योगिक इकाइयों एवं सड़कों के किनारे अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए।

ये पौधे प्रदूषण नियंत्रक का काम करते हैं। कारखानों से निकले अवशिष्ट पदार्थों को नदी, तालाब व झीलों में न डाला जाए। जिन तालाबों का जल पीने के काम में लाया जाता है, उसमें कपड़े, जानवर आदि नहीं धोने चाहिए। वनों की अनियंत्रित कटाई पर रोक लगाई जानी चाहिए। कृषि के लिए जैविक खाद, प्लास्टिक के स्थान पर कागज व कपड़े के थैलों का प्रयोग करें। पुन:पयोग, रिचार्ज और रिसायकल जैसी आदतों को अपनाना चाहिए। घर में टीवी, संगीत साधनों की हल्की आवाज, कार के हॉर्न, शादी-विवाह में बैंड-बाजा, पटाखे, लाउडस्पीकर के प्रयोग पर रोक लगाई जाए।

प्रदूषण संबंधी सभी कानूनों का कड़ाई से पालन करें।

गद्यांश क्र. 2
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढकर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
नाम लिखिए :
(1) सी एफ सी नामक यौगिक का आविष्कारक
(2) 1930 से पहले प्रशीतन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गैसें –
उत्तर :
(1) सी एफ सी नामक यौगिक का आविष्कारक — थॉमस भिडले
(2) 1930 से पहले प्रशीतन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गैसें – अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड

प्रश्न 2.
परिणाम लिखिए : पराबैंगनी किरणें धरती की सतह पर आएँ तो –
उत्तर :
पराबैंगनी किरणें धरती की सतह पर आएँ तो इन्सान के साथ ही जीवमंडल के तमाम दूसरे जीव-जंतुओं को भारी नुकसान हो सकता है। मनुष्यों में अनेक रोग हो सकते हैं।

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प्रश्न 3.
घटना के अनुसार वाक्यों का उचित क्रम लगाकर लिखिए :
(1) हमारे कारनामों से प्राकृतिक संतुलन चरमरा गया है।
(2) इससे प्रशीतन प्रौद्योगिकी में एक क्रांति-सी आ गई।
(3) वायुमंडल में स्थित ओजोन की परत हमें घातक किरणों से बचाती है।
(4) विकास की अंधी दौड़ में हमने संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल किया है।
उत्तर :
(1) वायुमंडल में स्थित ओजोन की परत हमें घातक किरणों से बचाती है।
(2) विकास की अंधी दौड़ में हमने संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल किया है।
(3) हमारे कारनामों से प्राकृतिक संतुलन चरमरा गया है।
(4) इससे प्रशीतन प्रौद्योगिकी में एक क्रांति-सी आ गई। ..

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
परिच्छेद में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए :
(1) ……………………………….
(2) ……………………………….
(3) ……………………………….
(4) ……………………………….
उत्तर :
(1) रंग-रोगन
(2) जीव-जंतु
(3) पेड़-पौधे
(4) फलती-फूलती।

कृति 3 : (अभिव्यक्ति)

प्रश्न 1.
‘विकास की अंधी दौड़ में आज का मनुष्य संतुष्ट होना भूल गया है’, इस विषय पर 40 से 50 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
संतोष और असंतोष का भाव मानव जीवन में बहुत महत्त्व रखता है। ईश्वर ने मनुष्य के साथ-साथ संसार की समस्त वस्तुओं को भी बनाया है। प्रकृति का प्रत्येक जीव इन वस्तुओं का उपयोग करता है और संतुष्ट रहता है। केवल मनुष्य ही है, जो कभी संतुष्ट नहीं होता। इसका कारण एक ही है कि पशु-पक्षी कल की ? चिंता न करके केवल वर्तमान में जीते हैं।

भविष्य के लिए संग्रह है तथा अधिक-से-अधिक सुविधाओं को प्राप्त करने का भाव ही दुख का कारण है। वही दुख मन में असंतोष पैदा करता है। मनुष्य को जो भी प्राप्त हो जाता है, उससे अधिक पाने के लिए वह और व्यग्र है हो जाता है। यह चक्र अनवरत रूप से चलता रहता है। ऐसे व्यक्ति बिरले ही होते हैं, जो अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट होना सीख लेते हैं। यही दुनिया के सबसे सुखी लोग हैं।

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गद्यांश क्र. 3
प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए :
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उत्तर :
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प्रश्न 2.
वाक्य सही करके लिखिए :
(1) सबसे पहले एक अमेरिकी वैज्ञानिक थॉमस मिडले ने बताया कि सी एफ सी यौगिक धरती की ओजोन परत को नष्ट कर चुके हैं।
(2) अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड यौगिक इस्तेमाल में आने के बाद वायुमंडल में पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आते हैं।
उत्तर :
(1) सबसे पहले एक अमेरिकी वैज्ञानिक एफ एस रोलैंड ने बताया कि सी एफ सी यौगिक धरती की ओजोन परत को नष्ट कर चुके हैं।
(2) सी एफ सी यौगिक इस्तेमाल में आने के बाद वायुमंडल में पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आते हैं।

कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द परिच्छेद में से ढूँढ़कर लिखिए :
(1) अवगुण x ………………………….
(2) अंधकार x ………………………….
(3) नीचे x ………………………….
(4) भारी x ………………………….
उत्तर :
(1) अवगुण x गुण
(2) अंधकार – प्रकाश
(3) नीचे x ऊपर
(4) भारी x हल्के।

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प्रश्न. निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए :
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उत्तर :
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प्रश्न 2.
सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए :
(1) तापवृद्धि से जलवायु में – भूमंडल में काफी परिवर्तन आया है।
(2) ग्रीनहाउस के प्रभाव के कारण – के चलते इन्सानी सभ्यता संकटापन्न है।
(3) विगत एक सदी के दौरान – जबर्दस्त बदलाव आ सकता है।
(4) ओजोन विघटन के व्यापक दुष्प्रभावों – आज धरती का तापमान निरंतर बढ़ रहा है।
उत्तर :
(1) तापवृद्धि से जलवायु में जबर्दस्त बदलाव आ सकता है।
(2) ग्रीनहाउस के प्रभाव के कारण आज धरती का तापमान निरंतर बढ़ रहा है।
(3) विगत एक सदी के दौरान भूमंडल में काफी परिवर्तन आया है।
(4) ओजोन विघटन के व्यापक दुष्प्रभावों के चलते इन्सानी सभ्यता संकटापन्न है।

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कृति 2 : (शब्द संपदा)

प्रश्न 1.
गद्यांश में प्रयुक्त प्रत्यययुक्त शब्दों से मूल शब्द और प्रत्यय अलग कीजिए।
(1) ……………………………..
(2) ……………………………..
(3) ……………………………..
(4) ……………………………..
उत्तर :
(1) विकसित – विकास + इत।
(2) हिस्सेदारी – हिस्से + दारी।
(3) अंतिम – अंत + इम।
(4) विकासशील – विकास + शील।

साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान
कृतिपत्रिका के प्रश्न 1 (ई) के लिए

प्रश्न 1.
हिंदी की साहित्यिक विधाओं के अनुसार रचनाओं के नाम लिखिए :
उत्तर :
(1) एकांकी :
(अ) रीढ़ की हड्डी
(ब) महाभारत की साँझ

(2) नाटक :
(अ) ध्रुवस्वामिनी
(ब) अंधेर नगरी

(3) आत्मकथा :
(अ) सत्य के प्रयोग
(ब) तरुण के स्वप्न

(4) खंडकाव्य :
(अ) उर्वशी
(ब) राम की शक्तिपूजा

(5) महाकाव्य :
(अ) रामचरित मानस
(ब) कामायनी

(6) उपन्यास :
(अ) गोदान
(ब) सुनीता

(7) कविता संग्रह :
(अ) यामा
(ब) कितनी नावों में कितनी बार

(8) यात्रा वर्णन :
(अ) मेरी तिब्बत यात्रा
(ब) पैरों में पंख बाँधकर

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मुहावरे

निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(1) रोटियाँ तोड़ना
अर्थ : मुफ्त में खाना।
वाक्य : कमलेश छह महीने से तो अपने ससुर की रोटियाँ तोड़ रहा है।

(2) वीरगति को प्राप्त होना
अर्थ : युद्ध में वीरतापूर्वक मृत्यु पाना।
वाक्य : राजपूत राजा युद्ध क्षेत्र में पीठ दिखाने के बजाय वीरगति को प्राप्त होना श्रेयस्कर मानते थे।

(3) स्वाँग भरना
अर्थ : किसी की नकल उतारना।
वाक्य : वह बहुरूपिया विश्व के बड़े-बड़े राजनेताओं का स्वाँग भरता हैं।

(4) हवा लगना
अर्थ : असर होना।
वाक्य : उसे गाँव से शहर आए हुए केवल चार महीने हुए हैं, पर अब उसे शहर की हवा लग गई है।

(5) हवाई किले बनाना
अर्थ : बहुत अधिक कल्पना करना।
वाक्य : भोलाराम की तो आदत ही है, हवाई किले बनाने की।

(6) दाई से पेट छिपाना
अर्थ : भेद जानने वाले से सच्ची बात छिपाना।
वाक्य : अरे यजमान! मैंने ही तुम्हारी जन्म-कुंडली बनाई थी। मुझसे अपनी उम्र कम बताकर दाई से पेट छिपाना चाहते हो।

काल परिवर्तन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों का कोष्ठक में सूचित काल में परिवर्तन कीजिए :
(1) वृद्धाश्रम के प्रबंधक का फोन सुनकर मैं हैरान रह गया। (पूर्ण भूतकाल)
(2) मौसी को ऐसी हालत में देखकर मैं रोने लगा था। (सामान्य भविष्यकाल)
(3) मैं किसी वृद्धाश्रम में जाना चाहती हूँ। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
(5) साधुओं की एक मंडली शहर के अंदर दाखिल हुई। (सामान्य वर्तमानकाल)
उत्तर :
(1) वृद्धाश्रम के प्रबंधक का फोन सुनकर मैं हैरान रह गया था।
(2) मौसी को ऐसी हालत में देखकर मैं रो रहा था।
(3) मैं किसी वृद्धाश्रम में जाना चाहूँगी।
(4) समूची परिस्थिति का तंत्र चरमरा रहा है।
(5) साधुओं की एक मंडली शहर के अंदर दाखिल होती है।

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वाक्य शुद्धिकरण

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके लिखिए :
(1) त्वचा के कैंसर के रोगी की मात्रा लाखों में होगी।
(2) वतर्मान युग विग्यान का युग है।
(3) बहूत देर तक दोनों रोते रही।
(4) तुमहारा पत्र पाकर खुसी हुई।
(5) मिट्ठी भी आज प्रदूशण से अछूती नहीं रही।
उत्तर :
(1) त्वचा के कैंसर के रोगियों की संख्या लाखों में होगी।
(2) वर्तमान युग विज्ञान का युग है।
(3) बहुत देर तक दोनों रोते रहे।
(4) तुम्हारा पत्र पाकर खुशी हुई।
(5) मिट्टी भी आज प्रदूषण से अछूती नहीं रही।

ओजोन विघटन का संकट Summary in Hindi

ओजोन विघटन का संकट लेखक का परिचय

ओजोन विघटन का संकट  लेखक का नाम : डॉ कृष्ण कुमार मिश्र। (जन्म 15 मार्च, 1966.)

ओजोन विघटन का संकट  प्रमुख कृतियाँ : लोक विज्ञान, समकालीन रचनाएँ, विज्ञान-मानव की यशोगाथा, जल-जीवन का आधार आदि।

ओजोन विघटन का संकट  विशेषता : हिंदी साहित्य में विज्ञान संबंधी लेखन कार्य में विशेष पहचान। आपने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने और जनमानस तक पहुँचाने का उल्लेखनीय कार्य किया है। लोक विज्ञान के अनेक विषयों पर हिंदी में व्यापक लेखन किया है। विज्ञान से संबंधित आपकी अनेक मौलिक एवं अनूदित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। डॉ कृष्ण कुमार मिश्र विज्ञान लेखन की समकालीन पीढ़ी के सशक्त लेखक हैं।

ओजोन विघटन का संकट  विधा : विज्ञान संबंधी लेख।

ओजोन विघटन का संकट  विषय प्रवेश : प्रस्तुत निबंध में लेखक बता रहे हैं कि मनुष्य अपनी सुविधाओं के लिए, जीवन को आरामदायक बनाने के लिए दिन-रात नए-नए आविष्कार करता रहता है। इन नवीन खोजों के कारण पर्यावरण दिन-ब-दिन प्रदूषित होता जा रहा है। हमारी स्वार्थी प्रवृत्ति के चलते सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकने के लिए पर्यावरण में विद्यमान ओजोन परत को क्षति पहुँच रही है। आज हालात की यह माँग है कि ओजोन को होने वाली क्षति को हम रोकें ताकि इस सृष्टि को विनाश से बचाया जा सके।

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ओजोन विघटन का संकट  पाठ का सार

आज का युग विज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग है। पूरी दुनिया में भौतिक विकास की होड़ लगी हुई है। विकास की इस दौड़ ने जिन समस्याओं को जन्म दिया है, इनमें प्रदूषण की समस्या चिंतनीय है। हवा, पानी, मिट्टी सभी प्रदूषण की गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें भी पर्यावरणीय प्रदूषण बहुत बड़े संकट का रूप ले चुका है।

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पर्यावरण में विद्यमान अनेक गैसों में एक गैस है ओजोन। यह गैस मानव स्वास्थ्य के लिए तो हानिकारक है, परंतु वायुमंडल में मौजूद यही गैस हमारी रक्षा भी करती है। यह गैस धरती के वायुमंडल में 15 से 20 किलोमीटर की ऊँचाई तक पाई जाती है।

यह ओजोन गैस बाह्य अंतरिक्ष से आने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करके उन्हें धरती पर आने से रोकती है। यदि ये किरणें धरती की सतह तक चली आएँ तो एक ओर तो धरती के तापमान में वृद्धि होगी, दूसरी ओर त्वचा संबंधी अनेकानेक व्याधियाँ फैलेंगी। वायुमंडल में स्थित ओजोन की परत हमें इन घातक किरणों से बचाती है।

विकास की दौड़ का हिस्सा बनकर हमने सभी संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल किया है। जिसके कारण प्राकृतिक संतुलन चरमरा गया है। दैनिक जीवन में कीटनाशक, प्रसाधन सामग्री, दवाएँ, रंग-रोगन, फ्रिज तथा एयरकंडिशनिंग में प्रशीतन का अहम स्थान है। सन 1930 से पहले प्रशीतन के लिए अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड गैसों का इस्तेमाल किया जाता था, जो अत्यंत तीक्ष्ण होने के कारण मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थीं।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट

तीस के दशक में क्लोरो फ्लोरो कार्बन (सी एफ सी) नामक यौगिक की खोज हुई। रंगहीन, गंधहीन, अक्रियाशील और अज्वलनशील होने के कारण बड़े पैमाने पर सी एफ सी यौगिकों का उत्पादन होने लगा और घरेलू कीटनाशक, प्रसाधन सामग्री, दवाएँ, रंग-रोगन, यहाँ तक कि रेफ्रिजिरेटर और एयरकंडिशनर में इनका खूब इस्तेमाल होने लगा। 1974 में एक अमेरिकी वैज्ञानिक एफ एस रोलैंड ने बताया कि सी एफ सी यौगिक धरती की ओजोन परत को नष्ट कर चुके हैं। क्योंकि सी एफ सी यौगिक इस्तेमाल में आने के बाद वायुमंडल में पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आते हैं।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट 9

ओजोन विघटन संकट पर विचार करने के लिए अनेक देशों की पहली बैठक 1985 में विएना में हुई। बाद में सितंबर 1987 में कनाडा के मांट्रियल शहर में बैठक हुई, जिसमें दुनिया के 48 देशों ने भाग लिया था। इसके तहत यह प्रावधान रखा गया कि 1995 तक सभी देश सी एफ सी की खपत में 50 प्रतिशत की कटौती तथा 1997 तक 85 प्रतिशत की कटौती करेंगे। सन 2010 तक सभी देश सी एफ सी का इस्तेमाल एकदम बंद कर देंगे। इस दौरान विकसित देश नए प्रशीतकों की खोज में विकासशील देशों की आर्थिक मदद करेंगे।

ओजोन विघटन का संकट  मुहावरे : अर्थ और वाक्य प्रयोग

(1) होड़ मचना।
अर्थ : किसी क्षेत्र में एक-दूसरे से आगे बढ़ जाने की इच्छा।
वाक्य : आज के दौर में जिधर भी नजर दौड़ाओ युवाओ में एक प्रकार की होड़ मची है।

(2) नसीब होना।
अर्थ : प्राप्त होना।
वाक्य : महँगाई के कारण गरीब को दिन-रात मेहनत करने पर भी दो वक्त का भोजन नसीब नहीं होता।

(3) फलना-फूलना।
अर्थ : विकास होना।
वाक्य : माता-पिता अपनी संतान को फलते-फूलते देखकर सदैव प्रसन्न होती है।

ओजोन विघटन का संकट  शब्दार्थ

  • सामरिक = युद्ध से संबंधित
  • विघटन = अलगाव/तोड़ना
  • प्रशीतक = फ्रीज
  • यौगिक = दो या अधिक तत्त्वों से बना हुआ
  • मुहैया = पूर्ति करना, पहुँचाना
  • दोहन = अनियंत्रित उपयोग
  • सांद्र = घना, स्निग्ध Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट
  • प्रशीतन = ठंडा करने की प्रक्रिया
  • छीजना = क्षय होना, घट जाना
  • ऊसर = बंजर, अनुपजाऊ

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 12th Digest Chapter 13 कनुप्रिया Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 12th Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

12th Hindi Guide Chapter 13 कनुप्रिया Textbook Questions and Answers

कृति-स्वाध्याय एवं उत्तर

आकलन

प्रश्न 1.
(अ) कृति पूर्ण कीजिए :

(a) कनुप्रिया की तन्मयता के गहरे क्षण सिर्फ – ………………………………………………
उत्तर :
कनुप्रिया की तन्मयता के गहरे क्षण सिर्फ –

  • भावावेश थे।
  • सुकोमल कल्पनाएँ थीं।
  • रँगे हुए अर्थहीन शब्द थे।
  • आकर्षक शब्द थे।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

(b) कनुप्रिया के अनुसार यही युद्ध का सत्य स्वरूप है – ………………………………………………
उत्तर :

  • टूटे रथ, जर्जर पताकाएँ।
  • हारी हुई सेनाएँ, जीती हुई सेनाएँ।
  • नभ को कँपाते हुए युद्ध घोष, क्रंदन-स्वर।
  • भागे हुए सैनिकों से सुनी हुई अकल्पनीय, अमानुषिक घटनाएँ।

प्रश्न 2.
कनुप्रिया के लिए वे अर्थहीन शब्द जो गली-गली सुनाई देते हैं – ………………………………………………
उत्तर :
कनुप्रिया के लिए वे अर्थहीन शब्द जो गली-गली सुनाई देते हैं – कर्म, स्वधर्म, निर्णय, दायित्व।

(आ) कारण लिखिए :

(a) कनुप्रिया के मन में मोह उत्पन्न हो गया है।
उत्तर :
कनुप्रिया के मन में मोह उत्पन्न हो गया है – (कनुप्रिया कल्पना करती है कि वह अर्जुन की जगह है।) क्योंकि कनु के द्वारा समझाया जाना उसे बहुत अच्छा लगता है।

(b) आम की डाल सदा-सदा के लिए काट दी जाएगी।
उत्तर :
आम्रवृक्ष की डाल सदा-सदा के लिए काट दी जाएगी – क्योंकि कृष्ण के सेनापतियों के वायुवेग से दौड़ने वाले रथों की ऊँची-ऊँची गगनचुंबी ध्वजाओं में यह नीची डाल अटकती हैं।

अभिव्यक्ति

प्रश्न 3.
(अ) ‘व्यक्ति को कर्मप्रधान होना चाहिए’, इस विषय पर अपना मत लिखिए।
उत्तर :
संसार में दो तरह के लोग होते हैं। एक कर्म करने वाले लोग और दूसरे भाग्य के भरोसे बैठे रहने वाले लोग। बड़े-बड़े महापुरुष, वैज्ञानिक, उद्योगपति, शिक्षाविद, देश के कर्णधार तथा बड़े-बड़े अधिकारी अपने कार्यों के बल पर ही महान कहलाए। कर्म करने वाले व्यक्ति ही अपने परिश्रम के फल की उम्मीद कर सकते हैं। हाथ पर हाथ रखकर भगवान के भरोसे बैठे रहने वालों का कोई काम पूरा नहीं होता।

निष्क्रिय बैठे रहने वाले लोग भूल जाते हैं कि भाग्य भी संचित कर्मों का फल ही होता है। किसान को अपने खेत में काम करने के बाद ही अन्न की प्राप्ति होती है। व्यापारी को बौद्धिक श्रम करने के बाद ही व्यवसाय में लाभ होता है। कहा भी गया है कि ‘कर्म प्रधान विश्व करि राखा। जो जस करे सो तस फल चाखा।’ इस प्रकार कर्म सफलता की ओर ले जाने वाला मार्ग है।

(आ) ‘वृक्ष की उपयोगिता’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
वृक्ष मनुष्यों के पुराने साथी रहे हैं। प्राचीन काल में जब मनुष्य जंगलों में रहा करता था, तब वह अपनी सुरक्षा के लिए पेड़ों पर अपना घर बनाता था। पेड़ों से प्राप्त फल-फूल और जड़ों पर उसका जीवन आधारित था। पेड़ों की छाया धूप और वर्षा से उसकी मदद करती है। पेड़ों की हरियाली मनुष्य का मन प्रसन्न करती है। अब भी मनुष्य जहाँ रहता है, अपने आसपास फलदार और छायादार वृक्ष लगाता है।

वृक्ष मनुष्य के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। अनेक औषधीय वृक्षों से मनुष्यों को औषधियाँ मिलती हैं। वृक्ष वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे हमें साँस लेने के लिए शुद्ध वायु मिलती है। पेड़ों का सबसे बड़ा फायदा वर्षा कराने में होता है। जहाँ पेड़ों की बहुतायत होती है, वहाँ अच्छी वर्षा होती है। पेड़ों से ही फर्नीचर बनाने वाली तथा इमारती लकड़ियाँ मिलती हैं। इस तरह पेड़ हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी होते हैं।

पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रश्न

प्रश्न 4.
(अ) ‘कवि ने राधा के माध्यम से आधुनिक मानव की व्यथा को शब्दबद्ध किया है, इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
‘कनुप्रिया’ काव्य में राधा अपने प्रियतम कृष्ण के ‘महाभारत’ युद्ध के महानायक के रूप में अपने से दूर चले जाने से व्यथित है। वह इस बात को लेकर तरह-तरह की कल्पनाएँ करती है। कभी अपनी व्यथा व्यक्त करती है, तो कभी अपने प्रिय की उपलब्धि पर गर्व करके संतोष कर लेती है।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

यह व्यथा केवल राधा की ही नहीं है। उन परिवारों के मातापिता की भी है, जिनके बेटे अपने परिवारों के साथ नौकरी व्यवसाय के सिलसिले में अपनी गृहस्थी के प्रति अपना दायित्व निभाने के लिए अपने माता-पिता से दूर रहते हैं। उनसे विछोह की व्यथा उन्हें भोगनी पड़ती है। भोले माता-पिता को लाख माथापच्ची करने पर भी समझ में यह नहीं आता कि सालों-साल तक उनके बेटे माता-पिता को आखिर दर्शन क्यों नहीं देते हैं।

पर वहीं उनको यह संतोष और गर्व भी होता है कि उनका बेटा वहाँ बड़े पद पर है, जो उसे उनके साथ रहने पर नसीब नहीं होता। इसी तरह किसी एहसान फरामोश के प्रति एहसान करने वाले व्यक्ति के मन में उत्पन्न होने वाली भावनाओं में भी राधा के माध्यम से आधुनिक मानव की व्यथा व्यक्त होती है।

(आ) राधा की दृष्टि से जीवन की सार्थकता बताइए।
उत्तर :
राधा के लिए जीवन में प्यार सर्वोपरि है। वह वैरभाव अथवा युद्ध को निरर्थक मानती है। कृष्ण के प्रति राधा का प्यार निश्छल और निर्मल है। राधा ने सहज जीवन जीया है और उसने चरम तन्मयता के क्षणों में डूबकर जीवन की सार्थकता पाई है। अतः वह जीवन की समस्त घटनाओं और व्यक्तियों को केवल प्यार की कसौटी पर ही कसती है। वह तन्मयता के क्षणों में अपने सखा कृष्ण की सभी लीलाओं का अनुमान करती है।

वह केवल प्यार को सार्थक तथा अन्य सभी बातों को निरर्थक मानती है। महाभारत के युद्ध के महानायक कृष्ण को संबोधित करते हुए वह कहती है कि मैं तो तुम्हारी वही बावरी सखी हूँ, तुम्हारी मित्र हूँ। मैंने तुमसे सदा स्नेह ही पाया है और मैं स्नेह की ही भाषा समझती हूँ।

राधा कृष्ण के कर्म, स्वधर्म, निर्णय तथा दायित्व जैसे शब्दों को । सुनकर कुछ नहीं समझ पाती। वह राह में रुक कर कृष्ण के अधरों की कल्पना करती है… जिन अधरों से उन्होंने प्रणय के शब्द पहली बार उससे कहे थे। उसे इन शब्दों में केवल अपना ही राधन्… राधन्… राधन्… नाम सुनाई देता है।

इस प्रकार राधा की दृष्टि से जीवन की सार्थकता प्रेम की पराकाष्ठा में है। उसके लिए इसे त्याग कर किसी अन्य का अवलंबन करना नितांत निरर्थक है।

रसास्वादन

प्रश्न 5.
‘कनुप्रिया’ काव्य का रसास्वादन कीजिए।
उत्तर :
(1) रचना का शीर्षक : कनुप्रिया। (विशेष अध्ययन के लिए)
(2) रचनाकार : डॉ. धर्मवीर भारती।
(3) कविता की केंद्रीय कल्पना : इस कविता में राधा और कृष्ण के तन्मयता के क्षणों के परिप्रेक्ष्य में कृष्ण को महाभारत युद्ध के महानायक के रूप में तौला गया है। राधा कृष्ण के वर्तमान रूप से चकित है। वह उनके नायकत्व रूप से अपरिचित है। उसे तो कृष्ण अपनी तन्मयता के क्षणों में केवल प्रणय की बातें करते दिखाई देते हैं।
(4) रस-अलंकार :
(5) प्रतीक विधान : राधा कनु को संबोधित करते हुए कहती है कि मेरे प्रेम को तुमने साध्य न मानकर साधन माना है। इस लीला क्षेत्र से युद्ध क्षेत्र तक की दूरी तटा करने के लिए तुमने मुझे ही सेतु बना दिया। यहाँ लीला क्षेत्र और युद्ध क्षेत्र को जोड़ने के लिए सेतु जैसे प्रतीक का प्रयोग किया गया है।
(6) कल्पना : प्रस्तुत काव्य-रचना में राधा और कृष्ण के प्रेम
और महाभारत के युद्ध में कृष्ण की भूमिका को अवचेतन मन वाली राधा के दृष्टिकोण से चित्रित किया गया है।
(7) पसंद की पंक्तियाँ तथा प्रभाव : दुख क्यों करती है पगली, क्या हुआ जो/कनु के वर्तमान अपने/तेरे उन तन्मय क्षणों की कथा से/ अनभिज्ञ हैं/उदास क्यों होती है नासमझ/कि इस भीड़भाड़ में/ है तू और तेरा प्यार नितांत अपरिवर्तित/छूट गए हैं। गर्व कर बावरी/कौन है जिसके महान प्रिय की/अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ हों? इन पंक्तियों में राधा को अवचेतन मन वाली राधा सांत्वना है देती है।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

(8) कविता पसंद आने का कारण : कवि ने इन पंक्तियों में राधा के अवचेतन मन में बैठी राधा के द्वारा चेतनावस्था में स्थित राधा को यह सांत्वना दिलाई है कि यदि कृष्ण युद्ध की हड़बड़ाहट में तुमसे और तुम्हारे प्यार से अपरिचित होकर तुमसे दूर चले गए हैं तो तुम्हें उदास नहीं होना चाहिए।

तुम्हें तो इस बात पर गर्व होना चाहिए। क्योंकि किसके महान है प्रेमी के पास अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ हैं। केवल तुम्हारे प्रेमी के पास ही न।

Hindi Yuvakbharati 12th Digest Chapter 13 कनुप्रिया Additional Important Questions and Answers

कृतिपत्रिका के प्रश्न 3 (अ) के लिए
पद्यांश क्र. 1
प्रश्न. निम्नलिखितपद्यांशपढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 1
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 2
प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए :
ऐसा है राधा का सेतु जिस्म –
(1) …………………………………….
(2) …………………………………….
(3) …………………………………….
(4) …………………………………….
उत्तर :
ऐसा है राधा का सेतु जिस्म –
(1) सोने के पतले गुंथे तारों वाले पुल-सा
(2) निर्जन
(3) निरर्थक
(4) काँपता-सा।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

कृति 2 : (आकलन)

प्रश्न 1.
उत्तर : लिखिए :
(1) पद्यांश में प्रयुक्त एक सुंदर वृक्ष का नाम – …………………………………….
(2) सैनिकों की गणना करने के काम आने वाला शब्द – …………………………………….
(3) इन्हें पथ से अलग हटकर खड़ी होने की सलाह – …………………………………….
(4) आकाश ऐसा था – …………………………………….
उत्तर :
(1) कदंब।
(2) अक्षौहिणी।
(3) राधा को।
(4) धूल भरा।

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 3
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 4

पद्यांश क्र. 2
प्रश्न. निम्नलिखितपद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
कारण लिखिए :
आज राधा उस पथ से दूर हट जाए – ……………………………………………
उत्तर :
आज राधा उस पथ से दूर हट जाए – क्योंकि आज उस पथ से द्वारिका की युद्धोन्मत्त सेनाएँ गुजर रही हैं।

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए:
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 5
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 6

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

कृति 2 : (आकलन)

प्रश्न 1.
उत्तर लिखिए :
(1) कनु सबसे ज्यादा इसका है – …………………………………………
(2) राधा इसके रोम-रोम से परिचित है – …………………………………………
(3) अगणित सैनिक इसके हैं – …………………………………………
(4) राधा को ये बिलकुल नहीं पहचानते – …………………………………………
उत्तर :
(1) राधा का।
(2) कनु (कृष्ण) के।
(3) कनु (कृष्ण) के।
(4) कनु (कृष्ण) के सैनिक।

कृति 3 : (अभिव्यक्ति)

प्रश्न 1.
‘धार्मिक दृष्टि से पवित्र माने जाने वाले वृक्ष’ विषय पर 40 से 50 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
यों तो हर प्रकार के वृक्ष मनुष्य के काम आते हैं, पर कुछ वृक्ष ऐसे होते है, जिन्हें धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है। उनमें से कुछ वृक्षों की पूजा-अर्चना की जाती है और कुछ वृक्षों की पत्तियों का उपयोग धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है। पीपल और नीम के वृक्षों में क्रमशः भगवान शंकर और देवी जी का बास मानकर इन वृक्षों में श्रद्धालु जल छोड़ते हैं। वट पूर्णिमा को सुहागन स्त्रियाँ पति के दीर्घायु के लिए वट वृक्ष की पूजा करती हैं।

अशोक की पत्तियों का शुभ अवसर पर तोरण बनाकर मंडपों आदि को सजाया जाता है। आम का वृक्ष तो शुभ माना ही जाता है। पूजा में कलश पर रखने के लिए आम की पल्लव अनिवार्य होती है। आम की पत्तियाँ तोरण बनाने के काम में आती हैं। इसके अलावा आम की लकड़ी हवन के काम भी आती है।

छोटे पौधों में तुलसी पवित्र मानी जाती है। पूजा में तुलसी- पत्र और पान की पत्तियों का उपयोग भी आवश्यक होता है।

इसी तरह नारियल के वृक्ष को भी पवित्र माना जाता है। नारियल और सुपारी के बिना कोई महत्त्वपूर्ण धार्मिक कार्य संपन्न नहीं होता। इस तरह धार्मिक दृष्टि से पवित्र माने जाने वाले वृक्षों का बहुत महत्त्व है।

पद्यांश क्र. 3
प्रश्न. निम्नलिखित पद्यांशपढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
उत्तर : लिखिए :
(1) कनुप्रिया (राधा) को उदास नहीं होना चाहिए – ……………………………………..
(2) कनुप्रिया (राधा) को गर्व करना चाहिए – ……………………………………..
उत्तर :
(1) कनुप्रिया (राधा) को उदास नहीं होना चाहिए – कि भीड़भाड़ में वह और उसका प्यार नितांत अपरिचित छूट गए हैं।
(2) कनुप्रिया (राधा) को गर्व करना चाहिए – कि उसके प्रिय के अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ हैं।

कृति 2 : (आकलन)

प्रश्न 2.
कनु (कृष्ण) के अनुसार युद्ध सत्य –
उत्तर :
कनु (कृष्ण) के अनुसार युद्ध सत्य –

  • पाप-पुण्य
  • धर्म-अधर्म
  • न्याय-दंड
  • क्षमाशीलता।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

कृति 3 : (अभिव्यक्ति)

प्रश्न 1.
‘प्राचीन काल एवं आधुनिक काल की सेनाओं के बारे में 40 से 50 शब्दों में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर :
प्राचीन काल में आज की तरह तकनीकी विकास नहीं हुआ था। इसलिए सेनाओं के पास आज की तरह द्रुत गति से मारक और विनाशक अस्त्र-शस्त्र नहीं थे। प्राचीन काल की सेनाएँ पैदल सैनिकों पर आधारित होती थीं। उनमें पैदल सेना, अश्व सेना, गज सेना आदि प्रमुख थीं। राजा और सामंत लड़ाई के समय रथों का प्रयोग करते थे। सेनाओं के पास धनुष-बाण, भाले, तलवारें, कटार-बी तथा गदा जैसे हथियार होते थे।

लड़ाइयाँ अधिकतर आमने-सामने होती थीं। इसलिए सैनिकों की संख्या बहुत अधिक होती थी। आज की सेनाएँ आधुनिक हथियारों से लैस होती हैं। ये थल सेना, जल सेना तथा वायु सेना में बँटी होती हैं। इनके पास अत्यधिक तेज गति से मार करने वाले हथियार होते हैं। थल सेना के पास आधुनिक राइफलें, विकसित तकनीक वाले दूर-दूर तक मार करने वाले टैंक, गोला-बारूद, हजारों मील दूर तक मार करने वाली मिसाइलें होती हैं।

वायु सेना के पास आवाज की गति से तेज चलने वाले फाइटर विमान, तरह-तरह के संहारक बम तथा जल सेना के पास अनेक युद्धक जहाजें तथा पनडुब्बियाँ होती हैं, जो क्षण भर में भारी विनाश कर सकती हैं। इस तरह प्राचीन काल की सेनाओं और आधुनिक काल की सेनाओं में जमीन-आसमान का अंतर हैं।

पढ्यांश क्र. 4
प्रश्न. निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 7
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 8

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

कृति 2 : (आकलन)

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए :
(1) कनुप्रिया कनु से इनकी तरह सब कुछ समझना चाहती है सार्थकता – ………………………………
(2) कनुप्रिया की तन्मयता के गहरे क्षण – ………………………………
(3) कनुप्रिया के लिए वे सारे शब्द तब अर्थहीन हैं – ………………………………
उत्तर :
(1) कनुप्रिया कनु से इनकी तरह सब कुछ समझना चाहती है सार्थकता – अर्जुन की तरह।
(2) कनुप्रिया की तन्मयता के गहरे क्षण – रँगे हुए अर्थहीन आकर्षक शब्द।
(3) कनुप्रिया के लिए वे सारे शब्द तब अर्थहीन हैं – जब वे कनु के काँपते अधरों से नहीं निकलते।

कृति 3 : (अभिव्यक्ति)

प्रश्न 1.
‘युद्ध विनाश एवं शांति विकास का कारण होता है’ इस विषय पर 40 से 50 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
युद्ध कोई नहीं चाहता, क्योंकि युद्ध का परिणाम बहुत भयानक होता है। लेकिन कभी-कभी स्थितियाँ ऐसी हो जाती हैं कि न चाहकर भी युद्ध करना पड़ता है। युद्ध में दोनों पक्षों की भारी क्षति होती है। अनेक सैनिक मारे जाते हैं, जिनके कारण अनेक और अस्त्र-शस्त्रों की व्यवस्था करने में भारी आर्थिक क्षति होती है। विकास कार्यों में लगने वाला धन युद्ध के खर्च में लग जाता है। इससे देश का आर्थिक ढाँचा चरमरा जाता है।

युद्ध का परिणाम आने वाली पीढ़ियों को वर्षों तक भोगना पड़ता है। किसी देश के लिए शांति का समय विकास का समय होता है। इससे युद्ध पर होने वाले अनावश्यक खर्च से बचत होती है। देश का धन विकास कार्यों पर खर्च होता है। इसका लाभ देश की जनता को मिलता है।

इससे शासक वर्ग और शासित जनता दोनों खुशहाल होते हैं। रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं और लोग संपन्न बनते हैं। युद्ध और शांति एक-दूसरे के विरोधी हैं। इस तरह युद्ध से विनाश और शांति से विकास होता है।

पद्यांश क्र. 5
प्रश्न. निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

कृति 1 : (आकलन)

प्रश्न 1.
कारण लिखिए :
कन का तेज कनुप्रिया के मूर्च्छित संवेदन को धधका रहा है – ………………………………………..
उत्तर :
कनु का तेज कनुप्रिया के मूर्च्छित संवेदन को धधका रहा है – क्योंकि वह कनु को अपलक देख रही है और उनके हर शब्द को वह अँजुरी बनाकर बूंद-बूंद उन्हें पी रही है।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

प्रश्न 2.
आकृति पूर्ण कीजिए :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 9
उत्तर :
Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 10

कृति 2 : (आकलन)

प्रश्न 1.
उत्तर लिखिए :
(1) कनु के फूलों की तरह झरते हुए शब्द कनुप्रिया को इस तरह सुनाई पड़ते हैं – ………………………………………..
(2) कनुप्रिया के लिए कनु के सभी शब्दों के केवल एक अर्थ – ………………………………………..
उत्तर :
(1) राधन्, राधन्, राधन्।
(2) मैं … मैं … मैं …।

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए : जब कनु राधा को समझाते हैं, तो उसे यह लगता है –
(1) ………………………………………..
(2) ………………………………………..
(3) ………………………………………..
(4) ………………………………………..
उत्तर :
(1) जैसे युद्ध रुक गया है।
(2) जैसे सेनाएँ स्तब्ध खड़ी रह गई हैं।
(3) जैसे इतिहास की गति रुक गई है।
(4) समझाया जाना उसे (राधा को) अच्छा लगता है।

रसास्वादन अर्थ के आधार पर

प्रश्न 1.
‘कनुप्रिया में लेखक ने राधा के मन की व्यथा का सुंदर चित्रण किया है’ इस कथन के आधार पर कविता का रसास्वादन कीजिए।
उत्तर :
डॉ. धर्मवीर भारती लिखित काव्य ‘कनुप्रिया’ आधुनिक मूल्यों वाला नया काव्य है। महाभारत की पृष्ठभूमि पर लिखी गई इस कृति में कनुप्रिया यानी राधा के मानसिक संघर्ष के प्रसंग व्यक्त हुए हैं। कवि ने राधा के माध्यम से कृष्ण को संबोधित करते हुए उनसे कई प्रश्न पुछवाए और उनके जवाब भी राधा से दिलवाए हैं। इस काव्य में कई प्रसंग बहुत सुंदर ढंग से पिरोए गए हैं।

अवचेतन मन में बैठी राधा चेतनास्थित राधा से कहती है कि ‘वह आम्र की डाल जिसका सहारा लेकर कृष्ण वंशी बजाया करते थे अब काट डाली जाएगी, क्योंकि वह कृष्ण के सेनापतियों के रथों की ध्वजाओं में अटकती है।’ या ‘चारों दिशाओं से, उत्तर को उड़-उड़ कर जाते हुए, गिद्धों को क्या तुम बुलाते हो (जैसे बुलाते थे भटकी हुई गायों को)’। इन पंक्तियों में कवि ने राधा के अपने मन की व्यथा व्यक्त की है।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

कवि ने नई कविता के मुक्त छंदों में सीधे-सादे सरल शब्दों में राधा के मन की बात कही है। प्रस्तुत कविता में प्रसाद गुण की प्रमुखता है और समूचे काव्य में अतुकांत छंदों का प्रयोग किया गया है, जो नई कविता की अपनी विशेषता है।

कनुप्रिया Summary in Hindi

कनुप्रिया कवि का परिचय

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 11

कनुप्रिया कवि का नाम :
डॉ. धर्मवीर भारती। (जन्म 25 दिसंबर, 1926; निधन 4 सितंबर, 1997.)

कनुप्रिया प्रमुख कृतियाँ :
गुनाहों का देवता, सूरज का सातवाँ घोड़ा (उपन्यास); सात गीत वर्ष, ठंडा लोहा, कनुप्रिया (कविता संग्रह), मुर्दो का गाँव, चाँद और टूटे हुए लोग, ऑस्कर वाइल्ड की कहानियाँ, बंद गली का आखिरी मकान (कहानी संग्रह), नदी प्यासी थी (एकांकी), अंधा युग, सृष्टि का आखिरी आदमी (काव्य नाटक), सिद्ध साहित्य (साहित्यिक समीक्षा), एक समीक्षा, मानव मूल्य और साहित्य, कहानी अकहानी, पश्यंती (निबंध) आदि।

कनुप्रिया विशेषता :
आधुनिक काल के रचनाकारों में डॉ. धर्मवीर भारती मूर्धन्य साहित्यकार के रूप में प्रतिष्ठित हैं। ‘कनुप्रिया’ आपकी अनोखी और अद्भुत कृति है। डॉ. धीरेंद्र वर्मा के निर्देशन में सिद्ध साहित्य’ पर शोध प्रबंध, जिसका हिंदी साहित्य अनुसंधान के इतिहास में विशेष स्थान है। टाइम्स ऑफ इंडिया पब्लिकेशन के प्रकाशन ‘धर्मयुग’ के वर्षों तक संपादक। आपको पद्मश्री, व्यास सम्मान तथा कई अन्य राष्ट्रीय पुरस्कारों से अलंकृत किया गया है।

कनुप्रिया विधा :
पद्य (नई कविता)।

कनुप्रिया विषय प्रवेश :
‘कनुप्रिया’ राधा और कृष्ण के प्रेम और महाभारत की कथा से संबंधित कृति है। कृति में बताया गया है कि प्रेम सर्वोपरि है और युद्ध का अवलंब करना निरर्थक है। राधा कृष्ण से महाभारत युद्ध को लेकर कई प्रश्न पूछती है। महाभारत युद्ध में हुई जीत-हार, कृष्ण की भूमिका, युद्ध का उद्देश्य, युद्ध की भयावहता, सैन्य संहार आदि बातों से संबंधित राधा का कृष्ण से हुआ तर्कसंगत संवाद इस काव्य में चार चाँद लगा देता है।

कनुप्रिया कविता का सरल अर्थ

सेतु : मैं

राधा कहती है, “हे कनु (कृष्ण) नीचे की घाटी से ऊपर के शिखरों पर जिसे जाना था, वह चला गया। (लेकिन बलि मेरी ही चढ़ी) मेरे ही सिर पर पैर रख मेरी बाहों से इतिहास तुम्हें ले गया।” हे कनु, इस लीला क्षेत्र से उठकर युद्ध क्षेत्र तक की अलंघ्य दूरी तय करने के लिए क्या तुमने मुझे ही सेतु बना दिया?

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

अब इन शिखरों और मृत्यु-घाटियों के बीच बने इस सोने के पतले और गुंथे हुए तारों से बने पुल की तरह मेरा यह सेतु-रूपी शरीर काँपता हुआ निर्जन और निरर्थक रह गया है। जिसे जाना था वह चला गया।

अमंगल छाया

अवचेतन मन में बैठी हुई राधा अपने चेतन मन वाली राधा को संबोधित करते हुए कहती है, हे राधा! यमुना के घाट से ऊपर आते समय कदंब के पेड़ के नीचे खड़े कनु को देवता समझकर प्रणाम करने के लिए तुम जिस मार्ग से लौटती थी, हे बावरी! आज तुम उस मार्ग से होकर मत लौटना।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया 12

ये उजड़े हुए कुंज, रौंदी हुई लताएँ, आकाश में छाई हुई धूल, क्या तुम्हें यह आभास नहीं दे रहे हैं कि आज उस मार्ग से कृष्ण की अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ युद्ध में भाग लेने जा रही हैं!

हे बावरी! आज तू उस मार्ग से दूर हटकर खड़ी हो जा। लताकुंज की ओट में अपने घायल प्यार को छुपा ले। क्योंकि आज इस गाँव से द्वारिका की उन्मत्त सेनाएँ युद्ध के लिए जा रही हैं।

हे राधा! मैं मानती हूँ कि कन्हैया सबसे अधिक तुम्हारा अपना है। मैं मानती हूँ कि तुम कृष्ण के रोम-रोम से परिचित हो। मैं मानती हूँ कि ये असंख्य सैनिक तुम्हारे उसके (कन्हैया के) हैं, पर तू यह जान ले कि ये सैनिक तुझे बिलकुल नहीं पहचानते हैं। इसलिए हे बावरी! इस मार्ग से दूर हट जा।

यह आम की डाल तुम्हारे कन्हैया की अत्यंत प्रिय थी। जब तक तू (यहाँ) नहीं आती थी, सारी शाम कन्हैया इस डाल पर टिककर बंशी में तेरा नाम भर-भरकर तुम्हें टेरा करता था।

आज यह आम की डाल सदा-सदा के लिए काट दी जाएगी। इसका कारण यह है कि कृष्ण के सेनापतियों के तेज गति वाले रथों की ऊँची-ऊँची पताकाओं में यह डाल उलझती है… अटकती है। इतना ही नहीं, रास्ते के किनारे यह छायादार पवित्र अशोक का पेड़ भी आज टुकड़े-टुकड़े कर दिया जा सकता है। अगर इस गाँव के लोग सेनाओं के स्वागत में (इस वृक्ष की पत्तियों के) तोरण नहीं बनाएँगे, तो शायद यह गाँव उजाड़ दिया जाएगा।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

अरे पगली! दुखी क्यों होती है। क्या हुआ, यदि आज के कृष्ण तुम्हारे साथ पहले बिताए हुए तन्मयता के गहरे क्षणों को भूल चुक हैं।

हे राधे! तू उदास क्यों होती है कि इस भीड़भाड़ में तुम्हें और तुम्हारे प्यार को पहचानने वाला कोई नहीं है।

राधे, तुम्हें तो गर्व होना चाहिए। क्योंकि किसके महान प्रेमी के पास अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ हैं। (केवल तुम्हारे ही प्रेमी के पास न!)

एक प्रश्न

राधा अपने कनु (कृष्ण) को संबोधित करते हुए कहती है कि मेरे महान कनु, मान लो… क्षणभर के लिए मैं इस बात को स्वीकार कर लूँ कि मेरे वे तन्मयता वाले सारे गहरे क्षण केवल मेरे भावावेश थे… मेरी कोमल कल्पनाएँ थीं… केवल बनावटी, निरर्थक और आकर्षक शब्द थे।

मान लो, एक क्षण के लिए मैं यह स्वीकार कर लूँ कि तुम्हारा महाभारत का यह युद्ध पाप-पुण्य, धर्म-अधर्म, न्याय-दंड तथा क्षमा-शील वाला है। इसलिए इस युद्ध का होना इस युग की सच्चाई है। फिर भी कनु, मैं क्या करूँ? मैं तो वही तुम्हारी बावरी मित्र हूँ।

मुझे तो केवल उतना ही ज्ञान मिला है, जितना तुमने मुझे दिया है। तुम्हारे दिए हुए समस्त ज्ञान को समेट कर भी मैं तुम्हारे इतिहास, तुम्हारे उदात्त और महान कार्यों को समझ नहीं पाई हूँ।

कनु, अपनी यमुना नदी, जिसमें मैं अपने आप को घंटों निहारा करती थी, अब उसमें हथियारों से लदी हुई असंख्य नौकाएँ रोज-रोज न जाने कहाँ जाती हैं? नदी की धारा में बह-बह कर आने वाले टूटे हुए रथ और फटी हुई पताकाएँ किसकी हैं?

हे कनु, युद्ध क्षेत्र से हारी हुई सेनाएँ, जीती हुई सेनाएँ, गगनभेदी युद्ध घोष, विलाप के स्वर और युद्ध क्षेत्र से भागे हुए सैनिकों के मुँह से सुनी हुई युद्ध की अकल्पनीय और अमानवीय घटनाएँ, … क्या यह सब सार्थक है? गिद्ध जो चारों दिशाओं से उड़-उड़ कर उत्तर : दिशा की ओर जा रहे हैं, हे कनु, क्या इन्हें तुम बुलाते हो? (जैसे तुम भटकी हुई गायों को बुलाते थे।)

हे कनु, मैंने अब तक तुमसे जितनी समझ पाई है, उस समझ को बटोर कर भी मैं यह जान पाई हूँ कि और भी बहुत कुछ है तुम्हारे पास, जिसका कोई भी अर्थ मेरी समझ में नहीं आता।

हे कनु, जिस तरह तुमने युद्ध क्षेत्र में अर्जुन को युद्ध का प्रयोजन और उसकी सार्थकता समझाई थी, वैसे मुझे भी समझा दो कि सार्थकता क्या है? राधा कहती है कि मान लो कि मेरी तन्मयता के गहरे क्षण रंगे हुए, अर्थहीन परंतु आकर्षक शब्द थे, तो तुम्हारी दृष्टि से सार्थक क्या है? इस सार्थकता को तुम मुझे कैसे समझाओगे?

शब्द – अर्थहीन

…शब्द, शब्द, शब्द! राधा कहती है, मेरे लिए इन शब्दों की कोई कीमत नहीं है। हे कनु, जो शब्द मेरे पास बैठकर तुम्हारे काँपते हुए होठों से नहीं निकलते वे सभी शब्द मेरे लिए अर्थहीन हैं, निरर्थक हैं। वह कहती हैं कि कर्म, स्वधर्म, निर्णय और दायित्व जैसे शब्द मैंने भी गली-गली में सुने हैं। अर्जुन ने इन शब्दों में भले ही कुछ पाया हो, हे कनु! इन शब्दों को सुनकर मैं कुछ भी नहीं पायी। मैं रास्ते में ठहरकर तुम्हारे उन होठों की कल्पना करती हूँ । जिन होठों से तुमने प्रणय के शब्द पहली बार कहे होंगे।

Maharashtra Board Class 12 Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 कनुप्रिया

मैं कल्पना करती हूँ कि अर्जुन की जगह मैं हूँ और मेरे मन में मोह उत्पन्न हो गया है। मुझे कुछ पता नहीं है, युद्ध कौन-सा है और मैं किसके पक्ष में हूँ। मुझे कुछ पता नहीं कि समस्या क्या है और लड़ाई किस बात की है। लेकिन मेरे मन में मोह उत्पन्न हो गया है। क्योंकि तुम्हारा समझाना मुझे बहुत अच्छा लगता है। जब तुम मुझे समझा रहे हो तो सेनाएँ स्तब्ध खड़ी रह गई हैं और इतिहास की गति रुक गई है। और तुम मुझे समझा रहे हो।

तुम कर्म, स्वधर्म, निर्णय, दायित्व जैसे जिन शब्दों को कहते हो, ये मेरे लिए बिलकुल अर्थहीन हैं। कनु, मैं इन सबसे हट करके एकटक तुम्हें देख रही हूँ। तुम्हारे प्रत्येक शब्द को अँजुरी बनाकर मैं बूंद-बूंद तुम्हें पी रही हूँ। तुम्हारा तेज, तुम्हारा व्यक्तित्व जैसे मेरे शरीर के एक-एक मूर्छित संवेदन को दहका रहा है। लगता है तुम्हारे जादू भरे होठों से शब्द रजनीगंधा के फूलों की तरह झर रहे हैं – एक के बाद एक।

कनु कनु, स्वधर्म, निर्णय और दायित्व आदि जो शब्द तुम्हारे मुँह से निकलते हैं, वे शब्द मुझ तक आते-आते बदल जाते हैं। मुझे ये शब्द राधन्, राधन्, राधन् के रूप में सुनाई देते हैं। तुम्हारे द्वारा कहे जाने वाले शब्द असंख्य हैं, उनकी गणना नहीं की जा सकती। पर मेरे लिए उनका अर्थ केवल एक ही है – मैं … मैं … केवल मैं। है फिर बताओ कनु, इन शब्दों से तुम मुझे इतिहास कैसे समझाओगे!

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Balbharti Maharashtra State Board 11th Commerce Book Keeping & Accountancy Important Questions Chapter 10 Single Entry System Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Commerce BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

1. Answer in One sentence only.

Question 1.
In which method statement of affairs is prepared?
Answer:
Under the Net worth method of a single entry, a statement of affairs is prepared.

Question 2.
How is closing capital calculated under a single entry system?
Answer:
Under single entry system closing capital is calculated by deducting the total closing value of liabilities from the total closing value of assets.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 3.
Which statement is prepared under the single entry system to ascertain profit?
Answer:
A statement of profit or loss is prepared to ascertain profit under a single entry system.

Question 4.
What is a Statement of Profit or Loss?
Answer:
A statement that is prepared under a single entry system to calculate profit or loss is called a statement of profit or loss.

2. Write a word, term, or phrase which can substitute each of the following statements.

Question 1.
A system of book-keeping in which both the aspects of transactions are recorded.
Answer:
Double Entry System

Question 2.
Name the method of accounting in which only cash and personal transactions are recorded.
Answer:
Single Entry System

Question 3.
A statement is similar to the Balance sheet was prepared to ascertain the amounts of closing capital.
Answer:
Closing Statement of Affairs

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 4.
The system of accounting is most scientific and reliable.
Answer:
Double Entry System

Question 5.
Name the statement prepared to find out profit or loss under a single entry system.
Answer:
Statement of Profit or Loss

Question 6.
Excess of opening capital over closing capital of proprietor under single entry system.
Answer:
Loss

Question 7.
Method of accounting in which real accounts and nominal accounts are not maintained.
Answer:
Single Entry System

Question 8.
A statement that shows profit or loss of business under a single entry system.
Answer:
Statement of Profit or Loss

Question 9.
An accounting system where rules of debit and credit are not followed.
Answer:
Single Entry System

Question 10.
The incomplete method of the accounting system.
Answer:
Single Entry System

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 11.
A system of book-keeping which records only one aspect of business transactions and ignores other aspects.
Answer:
Single Entry System

Question 12.
A statement that shows the balances of various assets and liabilities at their approximate or estimated values as on a particular date.
Answer:
Statement of Affairs

3. Select the most appropriate answer from the alternatives given below and rewrite the sentence.

Question 1.
The difference between the capital at the end of the year and capital at the beginning of the year is called _____________
(a) Profit
(b) Income
(c) Drawings
(d) Expenses
Answer:
(a) Profit

Question 2.
A statement of _____________ is to be prepared in under to find out profit or loss under a single entry system.
(a) Income
(b) Affairs
(c) Revenue
(d) Profit or Loss
Answer:
(d) Profit or Loss

Question 3.
A statement of affairs is a summarised statement of an estimated _____________
(a) Financial Position
(b) Profit
(c) Income
(d) Loss
Answer:
(a) Financial Position

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 4.
If closing capital is ₹ 30,000 and profit is ₹ 5,000 opening capital was _____________
(a) ₹ 35,000
(b) ₹ 30,000
(c) ₹ 25,000
(d) ₹ 15,000
Answer:
(c) ₹ 25,000

Question 5.
Under single Entry system, Profit = Closing Capital less _____________
(a) Opening Capital
(b) Opening Assets
(c) Opening Liabilities
(d) Drawings
Answer:
(a) Opening Capital

Question 6.
The capital at the end of the accounting year is ascertained by preparing _____________
(a) Cash Account
(b) Closing Statement of Affairs
(c) Total Debtors Account
(d) Opening Statement of Affairs
Answer:
(b) Closing Statement of Affairs

Question 7.
The capital at the beginning of the accounting year is ascertained by preparing _____________
(a) Receipt and Payment Account
(b) Cash Account
(c) Opening Statement of Affairs
(d) Closing Statement of Affairs
Answer:
(c) Opening Statement of Affairs

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 8.
Under Single Entry System only _____________ are opened.
(a) Cash and Personal Accounts
(b) Real Accounts
(c) Nominal Accounts
(d) Real and Nominal Accounts
Answer:
(a) Cash and Personal Accounts

Question 9.
Statement of Affairs is just like _____________
(a) Profit and Loss A/c
(b) Real A/c
(c) Trading A/c
(d) Balance Sheet
Answer:
(d) Balance Sheet

Question 10.
Under the Net worth method, the basis for ascertaining profit or loss is the difference between _____________
(a) Capital on two dates
(b) Gross assets on two dates
(c) Liabilities on two dates
(d) Net assets on two dates
Answer:
(a) Capital on two dates

4. State True or False with reasons:

Question 1.
Statement of profit is just like Profit and Loss Account.
Answer:
This statement is False.
The profit and loss account has the debit and credit side which shows all expenses on the debit side and all incomes on the credit side and the differences are profit and loss for the year. Whereas statement of profit just adds and less income and expenses to find profit or loss.

Question 2.
The single Entry System is based on certain rules and principles.
Answer:
This statement is False.
A single Entry System is an ancient method of recording business transactions. It is a simple method of book-keeping. It is not a scientific and accurate system of Accounting. This system has no proper set of rules to be followed.

Question 3.
All transactions are recorded in the Single Entry System.
Answer:
This statement is False.
All transactions are not recorded in a single entry system. Only cash books and personal accounts of debtors and creditors are maintained. All transactions are recorded in the Double Entry System of Book-Keeping and Accountancy.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 4.
Arithmetical accuracy cannot be checked in Single Entry.
Answer:
This statement is True.
All transactions and accounts are not recorded in the Single Entry System. So it is impossible to prepare a Trial balance under this system without which Arithmetical accuracy cannot be checked.

Question 5.
Drawings made during the year decrease the profit under the Single Entry System.
Answer:
This statement is False.
Drawings made during the year are added to the closing capital in the statement of profit, it increases the profit under the Single Entry System.

5. Do you agree with the following statements?

Question 1.
The single Entry System of Book-keeping is a scientific method of books of accounts.
Answer:
Disagree

Question 2.
The single Entry System is useful only for large organizations.
Answer:
Disagree

Question 3.
Statement of Affairs is just like a profit and loss account.
Answer:
Disagree

Question 4.
The difference between Assets and Liabilities is called net profit.
Answer:
Disagree

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 5.
The single Entry System follows the golden rules of accounts.
Answer:
Disagree

6. Fill in the Blanks.

Question 1.
In _____________ Book-keeping system, only Cash/Bank A/c and Personal accounts of Debtors and Creditors are opened.
Answer:
Single Entry

Question 2.
Capital is the difference between _____________ and _____________
Answer:
Assets, Liabilities

Question 3.
Single Entry System of Book-keeping is _____________ system of books of accounts.
Answer:
Conventional Accounting

Question 4.
_____________ accuracy is not guaranteed under Single Entry System.
Answer:
Arithmetical

Question 5.
In statement of profit or loss, profit on sale of assets are _____________ to closing capital.
Answer:
Added

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 6.
Bad debts are _____________ from closing capital in statement of profit or loss.
Answer:
Deducted

Question 7.
_____________ unscientific system of Book-keeping.
Answer:
Single Entry System

Question 8.
Under the Single Entry System, profit or loss is calculated by deducting the opening capital balance from _____________ at the end of the year.
Answer:
the closing capital balance

7. Find the odd one.

Question 1.
Stock in trade, Bank overdraft, Bills receivable.
Answer:
Bank overdraft

Question 2.
Interest on Loan, Interest on Investment, Income receivable.
Answer:
Interest on Loan

Question 3.
Bad debts, Reserve for Bad debts, Reserve for a discount on creditors.
Answer:
Reserve for a discount on creditors

Question 4.
Income received in advance, Prepaid Expenses, Outstanding Expenses.
Answer:
Prepaid Expenses

8. Complete the following table:

Question 1.
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System 8 Q1
Answer:
₹ 13,000

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 2.
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System 8 Q2
Answer:
₹ 45,000

Question 3.
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System 8 Q3
Answer:
₹ 85,000

Question 4.
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System 8 Q4
Answer:
₹ 40,000, ₹ 18,000

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System

Question 5.
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 10 Single Entry System 8 Q5
Answer:
₹ 6,000

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 9 Final Accounts of a Proprietary Concern

Balbharti Maharashtra State Board 11th Commerce Book Keeping & Accountancy Important Questions Chapter 9 Final Accounts of a Proprietary Concern Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Commerce BK Important Questions Chapter 9 Final Accounts of a Proprietary Concern

1. Answer in One Sentence.

Question 1.
What do you mean by pre-received income?
Answer:
Income that is received before it is due for receipt is called pre-received income.

Question 2.
What do you mean by bad debts?
Answer:
The debts which are not recoverable in spite of repeated efforts to collect the same are called bad debts.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 9 Final Accounts of a Proprietary Concern

Question 3.
What is Capital?
Answer:
Amount invested by the proprietor from time to time in business is known as capital.

Question 4.
What are the adjustments?
Answer:
Adjustments are additional information given below the trial balance and are to be considered for arriving at the correct profit or loss.

Question 5.
State the meaning of Current assets.
Answer:
Assets that are purchased with the intention of converting them into cash during the operating year are called current assets.
E.g. stock of goods.

2. Give a word, term, or phrase which can substitute each of the following statements:

Question 1.
Debit balance of Trading Account.
Answer:
Gross Loss

Question 2.
The credit balance of the Trading Account.
Answer:
Gross Profit

Question 3.
Debit balance of Profit and Loss Account.
Answer:
Net Loss

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 9 Final Accounts of a Proprietary Concern

Question 4.
The credit balance of Profit and Loss Account.
Answer:
Net Profit

Question 5.
A debt that cannot be recovered.
Answer:
Bad debts

Question 6.
Reduction in the value of fixed assets due to its continuous use.
Answer:
Depreciation

Question 7.
Carriage paid on the purchase of goods.
Answer:
Carriage Inwards

Question 8.
Statement of balances of various ledger accounts.
Answer:
Trial Balance

Question 9.
An amount withdraws by a proprietor from a business in cash or kind.
Answer:
Drawings

Question 10.
Account prepared to find out gross profit or gross loss.
Answer:
Trading A/c

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 9 Final Accounts of a Proprietary Concern

Question 11.
Income received before it is due.
Answer:
Pre-received Income

Question 12.
Unpaid expenses of a business.
Answer:
Outstanding Expenses

Question 13.
Account prepared on the basis of direct expenses and direct income of the business.
Answer:
Trading A/c

Question 14.
Account prepared on the basis of indirect expenses and indirect incomes of the business.
Answer:
Profit and Loss A/c

Question 15.
Group of accounts which gives the result of business activities.
Answer:
Final Accounts

3. Select the most appropriate alternatives given below and rewrite the sentence:

Question 1.
A list of balances of all the accounts in ledger is called _______________
(a) Balance Sheet
(b) Profit and Loss A/c
(c) Trading A/c
(d) Trial Balance
Answer:
(d) Trial Balance

Question 2.
Opening stock is entered in a Trading Account on the _______________ side.
(a) credit
(b) debit
(c) asset
(d) liabilities
Answer:
(b) debit

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 9 Final Accounts of a Proprietary Concern

Question 3.
Drawing account is closed by transferring the balance to the _______________ account.
(a) Drawing
(b) Liabilities
(c) Assets
(d) Capital
Answer:
(d) Capital

Question 4.
Outstanding expenses is a _______________ account.
(a) Real
(b) Personal
(c) Nominal
(d) None of them
Answer:
(b) Personal

Question 5.
Depreciation is always charged on _______________ assets.
(a) Current
(b) Fixed
(c) Fictitious
(d) Intangible
Answer:
(b) Fixed

Question 6.
Pre-received income is shown on _______________ side of Balance sheet.
(a) Assets
(b) Liabilities
(c) Credit
(d) Debit
Answer:
(b) Liabilities

Question 7.
Royalty on production is a _______________ expenses.
(a) direct
(b) indirect
(c) capital
(d) none of them
Answer:
(a) direct

Question 8.
Interest on investment is _______________ of business concern.
(a) a profit
(b) a loss
(c) an expense
(d) an income
Answer:
(d) an income

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 9 Final Accounts of a Proprietary Concern

Question 9.
All items of indirect income are shown on the credit side of the _______________ Account.
(a) Balance Sheet
(b) Profit and Loss
(c) Manufacturing
(d) None of them
Answer:
(b) Profit and Loss

Question 10.
Reserve for discount on debtor has a _______________ balance.
(a) credit
(b) debit
(c) nil
(d) positive
Answer:
(a) credit

4. State True or False with reasons:

Question 1.
Closing Stock is valued at cost or market price whichever is more.
Answer:
This statement is False.
Closing stock is valued at cost or market price whichever is less. It is based on the theory of anticipated profit is not brought with the account before actual realization or the Principle of conservatism.

Question 2.
Income received in advance is a liability.
Answer:
This statement is True.
Income received in advance is the liability to the business because it has not yet earned the money and the business has an obligation to deliver the goods or services to the customer.

Question 3.
Prepaid expenses are a liability.
Answer:
This statement is False.
Prepaid means paid in advance for the future period. It is the amount paid but has not yet been used up or has not yet expired. So prepaid expenses are an asset.

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Question 4.
A balance Sheet is a real account.
Answer:
This statement is False.
The balance sheet is a statement prepare at the end of the financial or accounting year. It is not an Account. It gives an idea of Total Assets and liabilities on a particular day.

Question 5.
Depreciation need not be provided if the asset is not in use.
Answer:
This statement is False.
The working life of fixed assets decreases with passes of time. The value of these assets decreases every year as new technology introduced in the market old becomes outdated so it is necessary to depreciate an asset even it is not in use.

5. Fill in the blanks:

Question 1.
A Copy Right is _______________ Asset.
Answer:
An intangible

Question 2.
Wages paid for installation of Machinery should be debited to _______________ A/c.
Answer:
Machinery

Question 3.
A provision made for debts irrecoverable from debtors is called _______________
Answer:
Reserve for doubtful debts

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Question 4.
In the absence of information interest on Drawings is charged for _______________ months.
Answer:
six

Question 5.
Return outward are deducted from _______________
Answer:
purchases

Question 6.
Net profit is transferred to _______________
Answer:
Balance Sheet Capital A/c

Question 7.
If cash/goods withdrawn by proprietor for domestic use, it is called _______________
Answer:
Drawings

Question 8.
Payment made in advance are shown on _______________ side of Balance Sheet.
Answer:
Asset

Question 9.
Royalty on production is debited to _______________ A/c of final A/c.
Answer:
Trading

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Question 10.
General Expenses are recolored to the debit side of _______________ A/c when Office expenses, Sundry expenses, or General expenses are given in the trial balance.
Answer:
Trading

6. Find the odd one:

Question 1.
Salary, Sundry expenses, General Expenses.
Answer:
General Expenses

Question 2.
Creditors, Bank Loan, Investment.
Answer:
Investment

Question 3.
Royalty on purchases, Octroi, Discount Allowed.
Answer:
Discount Allowed

Question 4.
Rent, Factory Lighting, Freight.
Answer:
Rent

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Question 5.
Outstanding Salary, Accrued Interest, Outstanding Rent.
Answer:
Accrued Interest

7. Do you agree or disagree with the following statement:

Question 1.
Software expenses paid for the installation of the computer should be debited to Software A/c.
Answer:
Disagree

Question 2.
In absence of information interest on the drawing is charged for twelve months.
Answer:
Disagree

Question 3.
Only carriage means carriage on sales.
Answer:
Disagree

Question 4.
Final accounts are prepared at the end of the month.
Answer:
Disagree

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Question 5.
Return Inwards means purchase return.
Answer:
Disagree

8. Correct and Rewrite the following statements:

Question 1.
Bank overdraft is an Asset of the business concern.
Answer:
Bank overdraft is a liability of business concern.

Question 2.
Discount allowed is an income for business
Answer:
Discount allowed is an expense for the business.

Question 3.
To Goods withdrawn by proprietor A/c
Capital A/c……………Dr
(Being goods withdrawn by the proprietor for personal use)
Answer:
To Goods withdrawn by proprietor A/c
To Capital A/c………….Dr
(Being goods withdrawn by the proprietor for use)

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 9 Final Accounts of a Proprietary Concern

Question 4.
Sundry Debtors A/c……………Dr
To Bad debts A/c
(Being Bad debts written off)
Answer:
Bad Debts A/c……………Dr
To Sundry Debtors A/c
(Being Bad debts written off)

Question 5.
Opening stock A/c…………….Dr
Direct expenses A/c…………….Dr
Purchase A/c………………Dr
To Trading A/c
(Being Opening Stock, Direct expenses, and purchase transferred to Trading A/c)
Answer:
Trading A/c……….Dr
To Opening stock A/c
To Direct expenses A/c
To Purchase A/c
(Being opening stock, Direct expenses and purchase transferred to Trading A/c)

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Balbharti Maharashtra State Board 11th Commerce Book Keeping & Accountancy Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Commerce BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

1. Answer in One Sentence:

Question 1.
What is an Arithmetical error?
Answer:
An error committed to totaling the amount columns of journal and ledger is called arithmetical error.

Question 2.
What do you mean by one-sided errors?
Answer:
One-sided errors are those errors that either affect the debit or credit aspect of the transaction. It affects the agreement of the trial balance.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Question 3.
What do you mean by two-sided errors?
Answer:
Two-sided errors are those errors that affect both the aspects of a transaction i.e. debit and credit. It does not affect the agreement of the trial balance.

Question 4.
What is a suspense account?
Answer:
An account that is opened to transfer the difference in the totals of the trial balance is known as a suspense account.

Question 5.
What are accounting errors?
Answer:
Mistakes or errors committed while writing the books of accounts are known as accounting errors.

2. Give one word/term or phrase for each of the following statements.

Question 1.
Transactions remained to be recorded at all in the books of account.
Answer:
Errors of omission

Question 2.
Errors are always rectified by passing rectification entries.
Answer:
Two-sided errors

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Question 3.
Errors that affect the debit and credit side unequally.
Answer:
One-sided errors

Question 4.
Errors that affect the debit and credit side equally.
Answer:
Two-sided errors

Question 5.
An error in which the transaction is entered in the original book but not posted into the ledger.
Answer:
The error of posting/partial omission

Question 6.
Error in the process of transferring the entry from original books into the ledger.
Answer:
Error of posting

Question 7.
Errors can be rectified without passing rectification entries.
Answer:
One-sided errors

3. Select the most appropriate alternative from those given below and rewrite the sentence.

Question 1.
Wages paid for the installation of machinery wrongly debited to wages account is an error of ___________
(a) omission
(b) principle
(c) commission
(d) duplication
Answer:
(b) principle

Question 2.
If the trial balance shows a short credit the suspense account will have a ___________ balance.
(a) debit
(b) zero
(c) credit
(d) nil
Answer:
(c) credit

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Question 3.
If the trial balance does not agree the difference of the trial balance is placed in ___________ account.
(a) Personal
(b) Suspense
(c) Rectification
(d) Real
Answer:
(b) Suspense

Question 4.
Errors which compensate the effect of each other are called ___________ errors.
(a) compensating
(b) one-sided
(c) two sided
(d) clerical
Answer:
(a) compensating

Question 5.
One sided errors are disclosed by ___________
(a) Trial Balance
(b) Suspense Account
(c) Journal
(d) Ledger Account
Answer:
(a) Trial Balance

4. State whether the following statements are True or False with reasons.

Question 1.
Errors of principle are not disclosed by the Trial Balance.
Answer:
This statement is True.
The error of Principle is those where some basic principles of bookkeeping and accountancy are not Properly Followed while recording a business transaction. Such errors can be rectified by passing journal entries.
Eg.: Capital expender showed as revenue expenditure or vice versa. It won’t affect the Trial balance. If will agreed.

Question 2.
Transaction not recorded in the books is an error of principle.
Answer:
This statement is False.
Transaction not recorded in the books is an error of omission and not an error of principle.

Question 3.
If the purchase hook is undermasted, the purchase account is debited in rectification.
Answer:
This statement is True.
Purchases are expenses. All expenses are debited as per the rule of nominal account. When purchases are underacted they can be corrected by debiting in rectification.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Question 4.
When a transaction is not recorded according to the principles of book-keeping the error is said to be an error of principle.
Answer:
This statement is True.
The error of Principle is those where some basic principles of bookkeeping and accountancy are not properly followed while recording a business transaction.
Eg.: Capital expenditure is shown as revenue expenditure or Vice-a-Varsa and they are called an error of principle.

Question 5.
The error of omission is disclosed by the Trial Balance.
Answer:
This statement is False.
The complete omission of a transaction will bot disclosed by a trial balance. Trial balance, balances will be agreed with such errors. So the omission of transaction or an error of omission will not be disclosed by Trial Balance.

5. Do you agree or disagree with the following statements.

Question 1.
A temporary account opened to rectify the entry is known as suspense A/c.
Answer:
Agree

Question 2.
Rectified entries are passed in Ledger.
Answer:
Disagree

Question 3.
Compensating errors affect the agreement of Trial Balance.
Answer:
Disagree

Question 4.
There is only one type of error.
Answer:
Disagree

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Question 5.
Transaction recorded without following the accounting principles and rules are known as Errors of Principle.
Answer:
Agree

6. Complete the following sentences.

Question 1.
___________ sided errors affect the total of Trial Balance.
Answer:
One

Question 2.
___________ sided errors do not affect the Trial Balance.
Answer:
Two

Question 3.
One sided error do not require ___________ entry.
Answer:
Rectification

Question 4.
Errors which are committed in writing the accounts are called error of ___________
Answer:
Posting

Question 5.
Under casting of Sales book is corrected by ___________ Sales Account.
Answer:
Crediting

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Question 6.
The disagreement of Trial Balance indicates that an ___________ has been committed.
Answer:
Error

Question 7.
An asset has been purchased for the firm. However, the amount was debited to the purchase account. It is an error of ___________
Answer:
Principle

Question 8.
___________ account is necessary for rectification of one-sided error.
Answer:
Suspense A/c

Question 9.
An item of ₹ 95 has been debited to a personal account as ₹ 59. It is an error of ___________
Answer:
Commission

Question 10.
Rectification entries are passed in ___________
Answer:
Journal Proper

Question 11.
Two sided errors are rectified by passing ___________ entry.
Answer:
Rectification

Question 12.
If the Trial Balance does not tally, its difference is transferred to ___________ Account.
Answer:
Suspense

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Question 13.
Under casting of an account is ___________ sided error.
Answer:
One

Question 14.
If the transaction is not at all recorded in the books, it is called an error of ___________
Answer:
Complete Omission

Question 15.
If the total balance shows short a credit, the suspense account will have a ___________ balance.
Answer:
Credit

Question 16.
An error that affects debit as well as credit side, it is called as ___________ errors.
Answer:
Two-Sided

Question 17.
Wages paid for installation of machinery debited to Wages Account is an error of ___________
Answer:
Principle

Question 18.
Errors which cancel out the effect of one another is called ___________ errors.
Answer:
Compensating

Question 19.
One sided errors are disclosed by ___________
Answer:
Trial Balance

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Question 20.
In an error of omission, the debit and credit are ___________
Answer:
Equal

Practical Problems

Question 1.
The trial balance of Sagar did not agree. It showed an excess credit of ₹ 7,550. Sagar put the difference to the suspense account. He located the following errors:
1. Sales return book was overcast by ₹ 1,200.
2. Purchase book was undercast by ₹ 750.
3. Goods returned to Mahesh ₹ 1,000 were recorded through the sales book.
4. Credit purchases from Mahadev ₹ 6,000 were recorded through the sales book.
5. Credit purchases from Damodhar ₹ 4,000 were recorded through the sales book. However, Damodhar’s account was correctly credited.
6. Salary paid ₹ 3,500 was debited to the employee’s personal account.
Give journal entries to rectify the above errors and prepare Suspense Account.
Solution:
Journal Proper
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors Practical Problems Q1
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors Practical Problems Q1.1

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors

Question 2.
The trial balance of Radhika did not agree. Radhika put the difference to the suspense account. Subsequently, she located the following errors.
1. Furniture purchased for ₹ 6,000 was posted to the purchases account as ₹ 600.
2. Repairs to Machinery ₹ 500 were debited to the Machinery account.
3. Wages paid for the installation of Machinery ₹ 750 was posted to wages account.
4. Purchased material ₹ 8,000 and Wages ₹ 2,000 were used for construction of the building. No adjustment was made in the books.
5. Total of sales returns book ₹ 2,000 was not posted to the ledger.
6. Old Furniture sold to Dinesh at its book value of ₹ 2,500 was recorded through sales book.
Give journal entries and prepare Suspense Account.
Solution:
Journal Proper
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors Practical Problems Q2
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 8 Rectification of Errors Practical Problems Q2.1

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

Balbharti Maharashtra State Board 11th Commerce Book Keeping & Accountancy Important Questions Chapter 7 Depreciation Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Commerce BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

1. Answer in One Sentence only.

Question 1.
What is the Reducing Balance Method of charging depreciation?
Answer:
A method of charging depreciation in which depreciation is charged on fixed assets at a fixed percentage on its opening balance every year is called the reducing balance method.

Question 2.
Under which method of depreciation the amount of depreciation remains constant every year?
Answer:
Under the Fixed Instalment Method of depreciation, an amount of depreciation remains constant every year.

Question 3.
Under which method of depreciation does the number of depreciation change every year?
Answer:
Under the Reducing Balance Method of depreciation amount of depreciation changes every year.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

Question 4.
Which method of depreciation would you suggest for depreciating a five years lease?
Answer:
For depreciating a five years lease fixed installment Method of depreciation is suggested.

Question 5.
What is meant by the cost of assets?
Answer:
The sum total of the purchase price of a fixed asset and its installation charges are called the cost of the asset.

2. Write the word/term/phrase which can substitute each of the following statements:

Question 1.
The method of charging depreciation under which depreciation is calculated on the original cost of an asset.
Answer:
Fixed Instalment Method

Question 2.
The method of charging depreciation under which depreciation is calculated on the balance amount.
Answer:
Reducing Balance Method

Question 3.
The Latin word for reduction or decline in the value of a fixed asset due to its use.
Answer:
Depretium

Question 4.
An amount to which the balance in the depreciation account is transferred.
Answer:
Profit and Loss A/c

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

Question 5.
Transport charges, coolie charges, charges for electrification, etc. incurred for the erection of machinery.
Answer:
Installation Charges

3. Select the most appropriate answers from the alternatives given below and rewrite the sentences.

Question 1.
Wages paid for installation of machinery is debited to ____________ account.
(a) Profit and Loss
(b) Trading
(c) Wages
(d) Machinery
Answer:
(d) Machinery

Question 2.
Depreciation arises because of ____________
(a) wear and tear
(b) inflation
(c) loss in business
(d) profit in business
Answer:
(a) wear and tear

Question 3.
The profit on sale of an asset is debited to ____________ A/c.
(a) Profit and Loss
(b) Reserve
(c) Asset
(d) Balance sheet
Answer:
(c) Asset

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

Question 4.
By the amount of depreciation the value of asset ____________
(a) decreases
(b) increases
(c) becomes zero
(d) remains constant
Answer:
(a) decreases

Question 5.
In fixed instalment system the amount of depreciation is ____________ every year.
(a) constant
(b) fluctuating
(c) increased
(d) decreased
Answer:
(a) constant

Question 6.
Under ____________ method depreciation is calculated on written down value.
(a) Fixed Instalment
(b) Reducing Balance
(c) Revaluation
(d) Depletion
Answer:
(b) Reducing Balance

Question 7.
Under the ____________ system of depreciation, the amount of depreciation does not change from year to year.
(a) Fixed Instalment
(b) Reducing Balance
(c) Depletion
(d) Machine Hour Rate
Answer:
(a) Fixed Instalment

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

Question 8.
Depreciation = \(\frac{Cost of Asset (-) ………….}{Estimated life of Asset}\)
(a) Purchase price
(b) Scrap value
(c) Installation charges
(d) months
Answer:
(b) Scrap value

4. State whether the following statements are True or False with reasons.

Question 1.
There is no need to provide depreciation if the asset is maintained with care.
Answer:
This statement is False.
There is no relation between good maintenance of assets and depreciation working life of fixed assets decreases with the passage of time and the introduction of new technology. So even assets are maintained with care depreciation is provided.

Question 2.
Under the Reducing Balance, method depreciation is charged on the original cost.
Answer:
This statement is False.
Underwritten down value method depreciation is calculated at a certain fixed rate of percentage every on the balance of the asset which is brought forward from the previous year.

5. Complete the following sentence.

Question 1.
____________ is the major cause for Depreciation.
Answer:
Normal and Natural wear of Tear

Question 2.
Depreciation is ____________ to the business.
Answer:
Loss

Question 3.
Depreciation is necessary to make provision for ____________ of old assets.
Answer:
replacement

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

Question 4.
Depreciation enables the business to compute and pay the correct amount of ____________ to the Government.
Answer:
Tax

Question 5.
____________ cost concept is use for depreciation of Assets.
Answer:
Historical

Question 6.
Fixed Installment Method of depreciation is also known as ____________ cost method.
Answer:
Original

Question 7.
____________ method of depreciation is recognised by Tax/Law.
Answer:
Written Down

Question 8.
____________ account is credited when incidental expenses paid on acquiring Assets.
Answer:
Cash/Bank

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

Question 9.
Balance of depreciation A/c is transferred to ____________ A/c at the end of financial year.
Answer:
profit and loss

Question 10.
Depreciation is ____________ expenses.
Answer:
non cash

6. Do you agree or disagree with the following statements.

Question 1.
Depreciation is charged on current Assets only.
Answer:
Disagree

Question 2.
Depreciation is not charged on Intangible assets.
Answer:
Disagree

Question 3.
No depreciation is charged on Land.
Answer:
Agree

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

Question 4.
Written Down value of the asset is calculated by adding depreciation for a period of use of assets.
Answer:
Disagree

Question 5.
No depreciation is charged on assets purchased on credit.
Answer:
Disagree

7. Correct the following statement and rewrite the statement.

Question 1.
Depreciation is cash expenses.
Answer:
Depreciation is a non-cash expense.

Question 2.
The depreciation account is a Real account.
Answer:
The depreciation account is a Nominal account.

Question 3.
Wages paid on the installation of Machinery is Debited to wages A/c.
Answer:
Wages paid on the installation of Machinery is Debited to Machinery A/c.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 7 Depreciation

Question 4.
Depreciation is charged only when the business is making a loss.
Answer:
Depreciation is charged whether a business is making a profit or loss.

Question 5.
Depreciation increases the value of an asset.
Answer:
Depreciation reduces the value of the Asset.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Balbharti Maharashtra State Board 11th Commerce Book Keeping & Accountancy Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Commerce BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

1. Answer in one sentence.

Question 1.
What is a Bank Reconciliation Statement?
Answer:
Bank Reconciliation Statement is a statement that shows the causes of disagreement between the balance shown by passbook and the balance shown by Cash Book under the column as on a particular date.

Question 2.
What is a Bank passbook?
Answer:
A Bank passbook is a copy of a Customer’s A/c in the Bank’s ledger.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 3.
What do you mean by the debit balance of Pass Book?
Answer:
Debit balance of passbook means overdraft as per passbook.

Question 4.
Which account is opened by a trader in Bank for his business operation?
Answer:
A current account is opened by a trader in Bank for his business operation.

Question 5.
On which side of the Cash Book interest on investment is to be shown?
Answer:
Interest on investment is to be shown on the debit/receipt side in the Cash Book.

Question 6.
On which side of the passbook, the direct deposit made by a customer is recorded?
Answer:
A direct deposit made by a customer is recorded on the credit side of the passbook.

Question 7.
What does the credit balance of Cash Book indicate?
Answer:
A credit balance of Cash Book indicates overdraft as per Cash Book.

2. Give one word/term/phrase which can substitute each of the following statements:

Question 1.
Excess of a total of debit side over a total of credit side of Cash Book, Bank column.
Answer:
Bank Balance as per Cash Book

Question 2.
An unfavourable balance is shown by the passbook.
Answer:
Overdraft

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 3.
A copy of the customer’s account issued by the bank.
Answer:
Pass Book

Question 4.
Booklet or a statement that is used to record the banking transactions.
Answer:
Pass Book

Question 5.
The credit balance of the bank column of the Cash Book.
Answer:
Overdraft

Question 6.
Refusal by the bank to make payment of a cheque.
Answer:
Dishonour of Cheque

Question 7.
Document used to withdraw cash from the bank.
Answer:
Withdrawal Slip

Question 8.
Excess of a total of credit side over a total of debit side in the passbook.
Answer:
Balance as per Pass Book

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 9.
Document used by the account holder to deposit cash and/or cheques into the bank.
Answer:
Pay-in-Slip

Question 10.
Document used by the account holder to withdraw cash from the bank and for making payment to outside parties through the bank.
Answer:
Cheque

3. Do you agree or disagree with the following statements:

Question 1.
Bank Reconciliation Statement is prepared by Bank.
Answer:
Disagree

Question 2.
Overdraft Facility is available to savings Bank Account.
Answer:
Disagree

Question 3.
The bank account holder can make payments to a third party by use of a pay-in slip.
Answer:
Disagree

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 4.
Bank does not charge any interest on an overdraft balance.
Answer:
Disagree

Question 5.
Credit balance in Pass Book represents overdraft balance.
Answer:
Disagree

Question 6.
In the cash book of a trader Bank record the entries.
Answer:
Disagree

Question 7.
In the passbook, entries are made by the account holder.
Answer:
Disagree

Question 8.
Through mobile banking account holder can deposit physical cash into his account.
Answer:
Disagree

Question 9.
The right-hand side of the pay-in-slip is known as a counterfoil.
Answer:
Disagree

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 10.
A cash withdrawal slip is used to deposit a cheque or cash into a bank account.
Answer:
Disagree

4. Select the most appropriate alternative from those given and rewrite the following statements:

Question 1.
Pass Book is _____________ of account holders transactions with bank.
(a) an extract
(b) balance sheet
(c) balance
(d) mode
Answer:
(a) an extract

Question 2.
When cheque is _____________ into bank Cash Book is debited.
(a) written
(b) issued
(c) deposited
(d) dishonoured
Answer:
(c) deposited

Question 3.
Overdraft facility is allowed to _____________ account.
(a) saving
(b) recurring
(c) current
(d) fixed deposit.
Answer:
(c) current

Question 4.
Overdraft means _____________ balance of Pass Book.
(a) opening
(b) debit
(c) credit
(d) closing
Answer:
(b) debit

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 5.
Interest on bank overdraft is recorded on _____________ side of Pass Book.
(a) debit
(b) credit
(c) any
(d) both
Answer:
(a) debit

Question 6.
Credit balance in the Pass Book represents _____________
(a) overdraft
(b) bank balance
(c) loan borrowed
(d) negative
Answer:
(b) bank balance

Question 7.
Direct deposit by a customer will be recorded on _____________ side of Pass Book.
(a) debit
(b) credit
(c) left hand
(d) any
Answer:
(b) credit

Question 8.
Normally the Bank Reconciliation Statement is prepared at the end of a _____________
(a) day
(b) week
(c) year
(d) month
Answer:
(d) month

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 9.
Bank charges charged by bank are recorded on _____________ side of Pass Book.
(a) debit
(b) credit
(c) any
(d) both
Answer:
(a) debit

5. Complete the following statements:

Question 1.
Bank issue _____________ to current account holders as record or summary for bank transactions.
Answer:
Bank statement

Question 2.
To deposit cash or cheque _____________ is used.
Answer:
Pay in Slip

Question 3.
Directly deposited by a customer in bank account appears an _____________ side of pass book.
Answer:
Credit

Question 4.
____________ is an unfavorable balance as per Pass Book.
Answer:
overdraft

Question 5.
Check deposited into Bank but not cleared is called _____________ cheque.
Answer:
Dishonoured

Question 6.
Expenses paid by the Bank as per standing instructions will be recorded at _____________ side of the passbook.
Answer:
Debit

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 7.
Dividend collected by the bank will be recorded at _____________ side of cash book.
Answer:
Debit

Question 8.
_____________ type of bank account is open by trader.
Answer:
Current

6. State whether the following statements are True or False with reasons:

Question 1.
Bank Reconciliation Statement is prepared by the Bank.
Answer:
This statement is False.
A Bank Reconciliation statement shows the causes of disagreement between the balances shown by the bank passbook and the bank balance shown by the cash book, for a particular period of time generally a month. It is prepared by the trader as he has both the books to compare and find the differences.

Question 2.
Bank Reconciliation Statement is prepared at the end of every month.
Answer:
This statement is True.
Monthly preparation of Bank Reconciliation Statement assists in the regular monitoring of cash flows of a business and identification of accounting errors.

Question 3.
Overdraft facility is allowed to Proprietor’s Personal A/c.
Answer:
This statement is False.
Overdraft facility is allowed only to business current A/c and not to Proprietor’s Personal A/c.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 4.
The debit balance of Pass Book represents overdraft.
Answer:
This statement is True.
Debit Column of a passbook means withdrawals from the bank, When withdrawals are more than deposits it means the excess amount is withdrawn from the bank. It is a temporary loan payable by the trader to the bank. So the debit balance of Pass Book represents overdraft.

Question 6.
Bank charges debited by Bank increase bank balance as per Pass Book.
Answer:
This statement is False.
Bank charges are expenses for the business. Expenses decrease the bank balance as per Pass Book. Bank charges debited by the bank decrease the bank balance as per Pass Book.

Question 6.
Interest credited in PassBook is an income to the customer.
Answer:
This statement is True.
All incomes are shown on the credit side of the passbook. It is a deposit. So Interest Credited in Passbook is an income to the customer.

Question 7.
Bank Reconciliation Statement is prepared to detect the errors that take place in accounting.
Answer:
This statement is True.
A businessman maintains a cash book with a bank column to record his bank transactions whereas the bank also maintains a customer’s ledger account and issues him a Bank statement. There could be differences as per the bank balance in the cash book and bank balance in the passbook. To detect the errors that take place in accounting Bank Reconciliation Statement is prepared.

Question 8.
Overdraft as per Cash Book means debit balance as per Cash Book.
Answer:
This statement is False.
Overdraft as per Cash Book means credit balance as per cash book. Cashbook debit means deposits. When cash book debit balance is greater it means Bank Balance as per Cash Book.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 9.
Cheque deposited into Bank increases the Bank balance as per Cash Book.
Answer:
This statement is True.
The Debit side of the cash book means deposits. So cheque deposited into the Bank increases the Bank Balance as per Cash Book.

Question 10.
Payments made by the bank as per standing instructions are recorded on the Debit balance of the Pass Book.
Answer:
This statement is True.
The Debit side of the passbook represents payments. So any payments made by the bank, Bank debits the customer’s account and records on the Debit side of the passbook.

Question 11.
Bank column in Cash Book represents Proprietor’s Savings A/c.
Answer:
This statement is False.
Cashbook records only business transactions and not the personal A/c of the trader. The Bank column in Cash Book represents Business Current A/c and not the proprietor’s savings A/c.

7. Correct and rewrite the following statements.

Question 1.
Overdraft as per cash book means debit balance as per cash book.
Answer:
Normal bank balance as per cash book means debit balance as per cashback.

Question 2.
Bank column in cash book represents proprietors saving A/c.
Answer:
The Bank column in cashback represents the business’s current account.

Question 3.
Fixed deposit A/c is opened by traders for day-to-day business bank transactions.
Answer:
The current account is opened by traders for day-to-day business bank transactions.

Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement

Question 4.
The bank account is a real account.
Answer:
A bank account is a personal account

Question 5.
Interest charged by the bank on overdraft A/c is income for the business.
Answer:
Interest charged by the bank on overdraft A/c is an expense for the business.

8. Complete the following table.

Question 1.
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement 8 Q1
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement 8 Q1.1
Answer:
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement 8 Q1.2
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement 8 Q1.3
Maharashtra Board 11th BK Important Questions Chapter 6 Bank Reconciliation Statement 8 Q1.4