Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 10 गड़ा धन

Balbharti Maharashtra State Board Class 5 Hindi Solutions Sulabhbharati Chapter 10 गड़ा धन Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 5 Hindi Sulabhbharati Solutions Chapter 10 गड़ा धन

5th Standard Hindi Digest Chapter 10 गड़ा धन Textbook Questions and Answers

1. सुनो, समझो और उत्तर लिखो:

प्रश्न (क)
रामदीन परेशान क्यों था?
उत्तर:
रामदीन अपने बेटों के अल्हड़पन से परेशान था।

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प्रश्न (ख)
तीर्थयात्रा पर निकलते समय रामदीन ने बेटों से क्या कहा?
उत्तर:
रामदीन ने बेटों से कहा, “मैंने खेत में धन गाड़कर छिपा रखा है। जरूरत पड़ने पर उसे निकालकर उपयोग कर लेना।”

प्रश्न (ग)
चारों भाइयों को पिताजी की कौन-सी बात याद आई?
उत्तर:
चारों भाइयों को याद आया कि पिताजी ने कहा था, ज़रूरत के समय खेत में से गड़ा धन निकाल लेना।

प्रश्न (घ)
चारों भाइयों के मन में उत्साह कब जागा?
उत्तर:
खेत में नन्हें-नन्हें अंकुर देखकर चारों भाइयों के मन में उत्साह जागा।

Hindi Sulabhbharati Class 5 Solutions Chapter 10 गड़ा धन Additional Important Questions and Answers

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिएः

प्रश्न 1.
क्या आप घर के कामों में अपनी माँ की सहायता करते हैं?
उत्तर:
हाँ, मैं घर के कामों में अपनी माँ की सहायता करता हूँ।

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प्रश्न 2.
आपके कितने मित्र हैं? क्या आप उनकी मदद करते हैं?
उत्तर:
मेरे चार मित्र हैं। हाँ, मैं उनकी मदद करता/करती हूँ।

प्रश्न 3.
खेती के लिए किन-किन साधनों की आवश्यकता होती है?
उत्तर:
खेती के लिए खाद, हल, बैल इत्यादि की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 4.
हमें अनाज कहाँ से प्राप्त होता है?
उत्तर:
हमें अनाज खेतों से प्राप्त होता है।

प्रश्न 5.
फसल किसे कहते हैं?
उत्तर:
खेत में बीज बोने के बाद जो पौधे तैयार होते हैं, उन्हें काटने के बाद जो अनाज प्राप्त होता है, वह फसल कहलाती है।

प्रश्न 6.
चावल के बीज को क्या कहते हैं?
उत्तर:
चावल के बीज को धान कहते हैं।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
किसान रामदीन कौन-से गाँव का था?
उत्तर:
किसान रामदीन सुंदरपुर गाँव का था।

उचित विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

प्रश्न 1.
उचित विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

  1. रामदीन नामक एक ………… रहता था। (किसान/व्यापारी)
  2. उसके चारों बेटे ……………थे। (परिश्रमी/आलसी)
  3. उसे हमेशा बेटों के …………… की चिंता सताया करती थी। (भविष्य/पढ़ाई)
  4. हम दूर …………… पर जा रहे हैं। (तीर्थयात्रा/सैर)
  5. जीवन में ………….. के बिना कुछ भी संभव नहीं (परिश्रम/पैसे)

उत्तर:

  1. किसान
  2. आलसी
  3. भविष्य
  4. तीर्थयात्रा
  5. परिश्रम

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निम्नलिखित वाक्यों के सामने सही ✓ अथवा गलत ✗ के निशान लगाइए:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों के सामने सही ✓ अथवा गलत ✗ के निशान लगाइए:

  1. रामदीन स्वयं तो बहुत परिश्रमी था।
  2. रामदीन अपने बेटों के सच्चेपन से परेशान था।
  3. बेटे पिताजी की तीर्थयात्रा की बात सुनकर नाराज़ हुए।
  4. खेत में नन्हें-नन्हें अंकुर निकल आए।
  5. फसल बहुत अच्छी नहीं हुई।

उत्तर:

प्रश्न 5.
पाठ के आधार पर निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए:

  1. वे चारों अपने घर लौट रहे थे
  2. तुम सब थके हुए क्यों हो
  3. अब तुम्हें खेत में गड़े धन का राज़ समझ में आ गया होगा
  4. हाँ पिताजी
  5. जीवन में परिश्रम के बिना कुछ भी संभव नहीं है

उत्तर:

  1. वे चारों अपने घर लौट रहे थे।
  2. “तुम सब थके हुए क्यों हो?”
  3. “अब तुम्हें खेत में गड़े धन का राज़ समझ में आ गया होगा।”
  4. “हाँ, पिता जी!”
  5. “जीवन में परिश्रम के बिना कुछ भी संभव नहीं है।”

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निम्नलिखित शब्दों से वाक्य बनाइए:

प्रश्न 1.
परिश्रम
उत्तर:
हमें परिश्रम करना चाहिए।

प्रश्न 2.
चिंता
उत्तर:
बच्चों को परीक्षा की चिंता होती है।

प्रश्न 3.
निराश
उत्तर:
कम अंक देखकर निराश मत होना।

प्रश्न 4.
उदास
उत्तर:
कम अंक आने पर राजू उदास हो गया।

प्रश्न 5.
धन्यवाद
उत्तर:
रास्ता दिखाने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
किसान का नाम क्या था?
उत्तर:
किसान का नाम रामदीन था।

प्रश्न 2.
किसान के कितने बेटे थे?
उत्तर:
किसान के चार बेटे थे।

प्रश्न 3.
किसान को किस बात की चिंता थी?
उत्तर:
किसान को बेटों के भविष्य की चिंता थी।

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प्रश्न 4.
किसान के बेटे कैसे थे?
उत्तर:
किसान के बेटे आलसी थे।

प्रश्न 5.
रामदीन और उसकी पत्नी ने कहाँ जाने का विचार किया?
उत्तर:
रामदीन और उसकी पत्नी ने तीर्थयात्रा पर जाने का विचार किया।

प्रश्न 6.
रामदीन के जाने के बाद घर की क्या हालत हुई?
उत्तर:
बेटों के पास का धन और अनाज खतम हो गया।

प्रश्न 7.
हरिनाथ ने रामदीन के बेटों को क्या सलाह दी?
उत्तर:
हरिनाथ ने कहा, “तुम लोगों ने खेत खोद दिया है, अब उसमें बीज भी बो दो।”

प्रश्न 8.
खाली जगह भरिए:

  1. खेत में नन्हें नन्हें …………… निकल आए।
  2. ………….बहुत अच्छी हुई।
  3. ………………… को धन्यवाद दिया।

उत्तर:

  1. अंकुर
  2. फसल
  3. हरिनाथ काका

किसने किससे कहा?

प्रश्न 1.
“हम दूर तीर्थयात्रा पर जा रहे हैं।”
उत्तर:
रामदीन ने अपने बेटों से कहा।

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प्रश्न 2.
“तुम सब थके हुए क्यों हो?”
उत्तर:
हरिनाथ काका ने रामदीन के बेटों से कहा।

प्रश्न 3.
“अब तुम्हें खेत में गड़े धन का राज़ समझ में आ गया होगा।”
उत्तर:
रामदीन ने अपने बेटों से कहा।

प्रश्न 4.
“परिश्रम से ही धन पाया जा सकता है।”
उत्तर:
रामदीन के बेटों ने रामदीन से कहा।

प्रश्न 5.
विभिन्न फसलों के नाम लिखिए:
उत्तर:
बाजरा, जौ, ज्वार, मक्का, चावल, गेहूँ, चना, ग्वार, मूंग, मसूर, मटर, गन्ना, सेब, लालमिर्च, छोटी इलायची, तरबूज, टमाटर, मूली, प्याज, भिंडी आदि।

व्याकरण:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:

  1. गाँव
  2. परिश्रमी
  3. सुबह

उत्तर:

  1. ग्राम
  2. मेहनती
  3. प्रात:

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:

  1. परिश्रमी
  2. इधर
  3. परेशान
  4. दिन
  5. खुशी
  6. सुबह
  7. सामान्य
  8. समाप्त
  9. अच्छी
  10. बेचना

उत्तर:

  1. आलसी
  2. उधर
  3. निश्चित
  4. रात
  5. दुख
  6. शाम
  7. असामान्य
  8. शुरू
  9. बुरी
  10. खरीदना

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प्रश्न 3.
लिंग बदलिए:

  1. बेटा
  2. माता
  3. भाई
  4. बूढ़ा

उत्तर:

  1. बेटी
  2. पिता
  3. बहन
  4. बूढ़ी

प्रश्न 4.
वचनं बदलिए:

  1. बेटा
  2. बूढ़ा
  3. फसल

उत्तर:

  1. बेटे
  2. बूढ़े
  3. फसलें

प्रश्न 5.
पाठ में आए विराम चिह्नों के नाम लिखिए:

  1. “ ”
  2. !
  3. ?

उत्तर:

  1. दोहरा उद्धरण चिह्न।
  2. विस्मय सूचक चिह्न।
  3. प्रश्नवाचक चिह्न।

गड़ा धन Summary in Hindi

कहानी का सारांश:

प्रस्तुत कहानी में बताया गया है कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। मेहनत करने वालों को सफलता ज़रूर मिलती है। मेहनत ही हमारा सच्चा धन होता है। जीवन में मेहनती बनो।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 10 गड़ा धन

शब्दार्थ:

  1. गाँव – कस्बा, छोटी बस्ती (village)
  2. किसान – खेती करनेवाला (farmer)
  3. परिश्रम – मेहनत (hard work)
  4. आलसी – सुस्त, निकम्मा (lazy)
  5. चिंता – फिक्र, व्याकुलता (tension)
  6. उपाय – युक्ति (idea)
  7. तीर्थयात्रा – पवित्र स्थान की यात्रा (pilgrimage)
  8. खुदाई – खोदना (digging)
  9. निराश – उदास (disappointed)
  10. हताश – दुखी (hopeless)
  11. अंकुर – बीज का फलना-फूलना (flower seeds)
  12. निराई – फसल के बीच से फालतू घास, कचरा साफ करना (weeding)
  13. गप्पे – इधर-उधर की फालतू बातें करना (gossip)
  14. अल्हड़ – सीधा – सादा (innocent)
  15. भविष्य – आनेवाला कल (future)
  16. झिझकना – डरते हुए बोलना (hesitate)

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Sanskrit Solutions Anand Chapter 2 अव्ययमाला Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

Sanskrit Anand Std 9 Digest Chapter 2 अव्ययमाला Textbook Questions and Answers

भाषाभ्यास:

श्लोक: 1

1. एकवाक्येन उत्तरत।

प्रश्न अ.
ईश्वरेण श्रोतुं किं दत्तम् ?
उत्तरम् :
ईश्वरेण श्रोतुं कर्णी दत्तौ।

प्रश्न आ.
आस्यं कीदृशम् ?
उत्तरम् :
आस्यं सुहास्यम्।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

प्रश्न इ.
ईश्वरेण विहर्तुं किं दत्तम् ?
उत्तरम् :
ईश्वरेण विहाँ पादयुग्मं दत्तम्।

2. तालिकां पूरयत।

प्रश्न 1.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला 1
उत्तरम् :

किं दत्तम् ?किं कर्तुम् ?किमर्थम् ?
कर्णी दत्तौश्रोतुम्श्रवणार्थम् / श्रवणाय
आस्यं दत्तम्वक्तुम्वचनार्थम् / वचनाय
घ्राणं दत्तम्घ्रातुम्घ्राणार्थम् / प्राणाय
पादयुग्यं दत्तम्विहर्तुम्विहारावम् / विहाराय
नेत्रे दत्तेद्रष्टुम्दर्शनार्थम् / दर्शनाय

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

3. मेलनं कुरुत।

प्रश्न 1.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला 2

श्लोकः 2

1. एकवाक्येन उत्तरत ।

प्रश्न अ.
के दूतत्वं कुर्वन्ति ?
उत्तरम् :
गुणा: दूतत्वं कुर्वन्ति।

प्रश्न आ.
के केतकीम् आजिघ्रन्ति ?
उत्तरम् :
षट्पदा: केतकीम् आजिवन्ति।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

2. सत्यं वा असत्यं लिखत ।

प्रश्न अ.
सज्जना: दूतत्वं कुर्वन्ति।

प्रश्न आ.
षट्पदाः स्वयम् आयान्ति ।

प्रश्न इ.
सज्जनाः केतकीगन्धम् आजिघ्रन्ति ।

3. समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च ।
सज्जनाः, भ्रमरा:, आगच्छन्ति ।

प्रश्न 1.
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च ।
सज्जनाः, भ्रमरा:, आगच्छन्ति ।
उत्तरम् :

  • सज्जनाः – सन्तः, सुजनाः ।
  • भ्रमराः – अलयः, भृगाः, मधुपाः, षट्पदाः।
  • आगच्छन्ति – आयान्ति।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

4. विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
गुणाः, दूरे, आयान्ति।

प्रश्न 1.
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
गुणाः, दूरे, आयान्ति।
उत्तरम् :

  • गुणाः × दोषाः, दुर्गुणाः।
  • दूरे × समीपे, निकटे, निकषा।
  • आयान्ति × गच्छन्ति, यान्ति।

श्लोकः 3

1. एकवाक्येन उत्तरत।

प्रश्न अ.
धेनवः किं भुक्त्वा दुग्धं यच्छन्ति ?
उत्तरम् :
धेनवः शुष्काणि तृणानि भुक्त्वा दुग्धं यच्छन्ति ।

प्रश्न आ.
धेनवः जलाशयात् किं पिबन्ति ?
उत्तरम् :
धेनव: जलाशयात् तोयं पिबन्ति ।

प्रश्न इ.
लोकमातर: का:?
उत्तरम् :
लोकमातरः धेनवः ।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

2. श्लोकात् त्वान्त-अव्यये चित्वा लिखत ।

प्रश्न 1.
श्लोकात् त्वान्त-अव्यये चित्वा लिखत

3. वाक्यत: कर्ता, कर्म क्रियापदं च अन्विष्यत लिखत च ।
दुग्धं यच्छन्ति धेनवः।

प्रश्न 1.
वाक्यत: कर्ता, कर्म क्रियापदं च अन्विष्यत लिखत च ।
दुग्धं यच्छन्ति धेनवः।

4. एकवचने परिवर्तयत।
लोकमातरः धेनवः शुष्काणि तृणानि खादन्ति ।

प्रश्न 1.
लोकमातरः धेनवः शुष्काणि तृणानि खादन्ति ।

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श्लोकः 4

1. श्लोकात् ल्यबन्त-अव्ययानि चिनुत ।

प्रश्न 1.
श्लोकात् ल्यबन्त-अव्ययानि चिनुत ।
उत्तरम् :

त्वान्त अव्यय धातु + त्वा / ध्वा / ट्वा / ट्वा इत्वा / अयित्वाल्यबन्त अव्यय उपसर्ग + धातु + य / त्यतुमन्त अव्यय धातु + तुम् / धुम् / टुम् / डुम् / इतुम्  / अयितुम्
श्रोतुम् घातुम् वक्तुम् द्रष्टुम् ध्यातुम् दातुम् विहर्तुम्
आघ्राय
भुक्त्वा पीत्वा
अकृत्वा अगत्वाअनुत्सृज्य
विहस्य, विहाय
प्रारभ्य
विज्ञाय
सञ्चिन्त्य।प्राप्तुम्।

2. योग्यं रूपं चिनुत ।

प्रश्न अ.
षष्ठी- विहस्य/देवस्य।
उत्तरम् :
देवस्य।

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प्रश्न आ.
चतुर्थी- विहाय/गेहाय।
उत्तरम् :
गेहाय।

प्रश्न इ.
प्रथमा- अहम्/कथम्।
उत्तरम् :
अहम्।

श्लोकः 5

1. एकवाक्येन उत्तरत।

प्रश्न अ.
स्थानभ्रष्टाः के के न शोभन्ते ?
उत्तरम् :
स्थानभ्रष्टा: दन्ताः, केशाः, नखाः, नराः न शोभन्ते।

प्रश्न आ.
किं विज्ञाय मतिमान् स्वस्थानं न परित्यजेत् ?
उत्तरम् :
स्थानभ्रष्टाः दन्ताः, केशाः, नखाः, नराः न शोभन्ते इति विज्ञाय मतिमान् स्वस्थानं न परित्यजेत्।

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2. समानार्थकशब्दैः वाक्यं पुनर्लिखत ।
स्थानभ्रष्टाः दन्ताः केशा: नखाः नरा: न शोभन्ते ।

प्रश्न 1.
समानार्थकशब्दैः वाक्यं पुनर्लिखत ।
स्थानभ्रष्टाः दन्ताः केशा: नखाः नरा: न शोभन्ते ।
उत्तरम् :

  • दन्ताः – रदनाः ।
  • केशा: – कचा:, कुन्तलाः।
  • नखाः – नखर:, शङ्कवः, कररुहाः।
  • नराः – मानवाः, पुरुषाः।

3. श्लोकात प्रथमाविभक्ते: रूपाणि चित्वा लिखत ।

प्रश्न 1.
श्लोकात प्रथमाविभक्ते: रूपाणि चित्वा लिखत ।
उत्तरम् :
प्रथमा – स्थानभ्रष्टाः, दन्ताः, केशाः, नखाः, नराः, मतिमान्, विघ्नविहताः, मध्याः, प्रतिहन्यमानाः, उत्तमजनाः।

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Sanskrit Anand Class 9 Textbook Solutions Chapter 2 अव्ययमाला Additional Important Questions and Answers

विशेषण-विशेष्य- सम्बन्धः ।

विशेषणम्विशेष्यम्
1. सुहास्यम्आस्यम्
2. वसताम्सताम्
3. शुष्काणितृणानि

पृथक्करणम्। तालिकां पूरयत ।

किं दत्तम् ?किं कर्तुम् ?किमर्थम् ?
चित्तं दत्तम्ध्यातुम्ध्यानार्थम् / ध्यानाय
हस्तयुग्मं दत्तम्दातुम्दानार्थम् / दानाय

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

प्रश्न निर्माणं कुरुत।

प्रश्न 1.
गुणाः दूतत्वं कुर्वन्ति।
उत्तरम् :
गुणाः किं कुर्वन्ति?

प्रश्न 2.
केतकीगन्धम् आघ्राय षट्पदाः आयान्ति ।
उत्तरम् :
किं कृत्वा षट्पदा: आयान्ति?

प्रश्न 3.
धेनवः लोकेभ्यः दुग्धं यच्छन्ति।
उत्तरम् :
धेनवः केभ्यः दुग्धं यच्छन्ति?

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प्रश्न 4.
मनुजेन सतां वर्त्म अनुसतव्यम्।
उत्तरम् :
मनुजेन केषां वर्त्म अनुसतव्यम्?

प्रश्न 5.
नीचैः विघ्नभयेन न खलु प्रारभ्यते।
उत्तरम् :
कैः विघ्नभयेन न खलु प्रारभ्यते?

प्रश्न 6.

  1. ईश्वरेण घ्राणं घातुं दत्तम्।
  2. ईश्वरेण द्रष्टुं नेत्रे दत्ते।
  3. ईश्वरेण दातुं हस्तयुग्मं दत्तम्।
  4. ईश्वरेण चित्तं ध्यातुं दत्तम्।

उत्तरम् :

  1. ईश्वरेण घ्राणं किमर्थं दत्तम्?
  2. ईश्वरेण द्रष्टुं के दत्ते?
  3. ईश्वरेण दातुं किं दत्तम्?
  4. ईश्वरेण चित्तं किमर्थ दत्तम्?

विभक्त्यन्तरूपाणि।

  • प्रथमा – गुणाः, षट्पदाः, धेनवः, लोकमातरः, स्वल्पम, बहु, षष्ठी, चतुर्थी, अहम, द्वितीया, नरः, कः, दैवम्।
  • द्वितीया – दूतत्वम्, केतकीगन्धम्, तृणानि, तोयम, दुग्धम्, परसन्तापम, खलमन्दिरम्, वर्त्म, विघ्नभयेन, विनैः, स्वोद्योगम्।
  • चतुर्थी – लोकेभ्यः।
  • पञ्चमी – जलाशयात्, तिलेभ्यः।
  • षष्ठी – सताम्, वसताम्, सताम्, यस्य।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

पद्यांशं पठित्वा जालरेखाचित्रं पूरयत।

1.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला 3

2.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला 4

लेखनकौशलम् :

समानार्थकशब्द योजयित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।

  • नासिका- बालकस्य नासिका दीर्घा। बालकस्य नासा / घोणा दीर्घा ।
  • नेत्रम् – नेत्रे मुखस्य सौंदर्य वर्धयतः। लोचने / नयने मुखस्य सौंदर्य वर्धयतः।
  • षट्पदा:- षट्पदाः रसपानं कर्तुम् आयान्ति। भ्रमराः । भृङ्गाः रसपान कर्तुम् आयान्ति।
  • नराः – नराः स्वस्थानं न त्यजेयुः। मानवाः / मनुष्याः स्वस्थानं न त्यजेयुः।
  • दैवम् – दैवं पुरुषकार्यम् एव अनुसरति। भाग्यं पुरुषकार्यम् एव अनुसरति।
  • वर्त्म – सतां वर्त्म अनुत्सृज्य कार्य कुर्यात्। सतां मार्गम् अनुत्सृज्य कार्यं कुर्यात्।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

व्याकरणम् :

शब्दानां पृथक्करणम्

नामसर्वनामक्रियापदम्विशेषणम्
कर्णी, धेनवःयेनयच्छन्तिसुहास्यम्
नेत्रे, लोकमातर:यस्यशोभन्तेवसताम्
षट्पदाः, लोकेभ्यः,अहम्कुर्वन्तिशुष्काणि
तृणानि, तोयम्, नराःकःआयान्ति
परित्यजेत्

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

समासाः।

समासनामअर्थ:समासविग्रहःसमासनाम्
हस्तयुग्मम्pair of handsहस्तयो: युग्मम्।षष्ठी तत्पुरुष समास

अव्ययमाला Summary in Marathi and English

प्रस्तावना :

सुभाषिते हे संस्कृत भाषेचे ठळक वैशिष्ट्य आहे. सुभाषिते केवळ गेय नसून कमी शब्दांत महत्त्वपूर्ण अर्थ पोहचवतात. प्रस्तुत अव्ययमालेमध्ये केवळ भाषासौंदर्यच दिसत नाही तर धातुंपासून बनणाऱ्या अव्ययांचे प्रयोजन सुद्धा दिसते. ह्यामध्ये प्रत्येक श्लोकात अव्ययांचा वापर केला आहे. ज्यात काही बदल होत नाही ती अव्यये. त्यांपैकी काही अव्यये धातुंपासून बनतात.

Subhashitas or good sayings form the most beautiful part of Sanskrit language. They are not only rhythmic and melodious but convey a very profound meaning in a few words. In this beautiful collection of slokas we shall not only see the beauty of language but also observe the use of avyayas that are derived from dhatus.

This अव्ययमाला has a theme where in each shloka contains some words which are अव्ययs formed from धातुs. अव्ययs are words that don’t change and these are अव्ययs that are formed from धातुs.

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

श्लोकः 1

श्रोतुं ……………………….. पातु ।।1।। [Greatness of the creation of the creator]

श्लोकः : श्रोतुं करें, वक्तुमास्यं सुहास्यं
घातुं घ्राणं पादयुग्मं विहर्तुम्।
द्रष्टुं नेत्रे हस्तयुग्मं च दातुं
ध्यातुं चित्तं येन सृष्टं स पातु।।1।। (शालिनी)
अन्वयः : येन श्रोतुं कर्णी, वक्तुं सुहास्यम् आस्य, घातुं घाणं, विहर्तुं पादयुग्मं, द्रष्टुं नेत्रे, दातुं हस्तयुग्मं ध्यातुं च वित्त सृष्ट सः (ईश्वरः) पातु।

अनुवादः

ऐकण्यासाठी कान, बोलण्यासाठी सुंदर हास्य असलेले तोंड, वास घेण्यासाठी नाक, फिरण्यासाठी दोन पाय, देण्यासाठी दोन हात आणि ध्यान करण्यासाठी मन ज्याने निर्माण केले तो (ईश्वर) (आमचे) रक्षण
करो.

May he (the Lord) protect us who has created two ears to hear, smiling face to speak, a nose to smell, a pair of feet to move around, two eyes to see, a pair of hands to give and a mind to think/contemplate.

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श्लोकः 2.

गुणा: …………………………….. षट्पदाः ।।2।। [Virtues spread on their own]

श्लोकः : गुणा: कुर्वन्ति दूतत्वं दूरेऽपि वसतां सताम्।
केतकीगन्धमाघ्राय स्वयमायान्ति षट्पदाः ।।2।। (शाङ्गधरपद्धतिः) (अनुष्टुभ)
अन्वयः : दूरे वसताम् अपि सतां, गुणा: दूतत्वं कुर्वन्ति। (यथा) षट्पदाः केतकीगन्धम् आघ्राय (मधुपानाय) स्वयम् आयन्ति।

अनुवादः

दूरवर राहणाऱ्या सज्जनांचे गुण (त्यांचे) दूतत्व करतात. (जसे) भुंगे | केवड्याचा सुगंध घेऊन (मध पिण्यासाठी) स्वत:हून येतात.
Virtues become the messengers of the virtuous though residing far away. Just as having smelt the fragrance of Ketaki, the bees themselves come to it.

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श्लोकः  3.

भुक्त्वा ……………. लोकमातरः ।।3।। [Great ones act for the welfare of others]

श्लोकः : भुक्त्वा तृणानि शुष्काणि पीत्वा तोयं जलाशयात्।
दुग्धं यच्छन्ति लोकेभ्यो धेनवो लोकमातरः।।3।। (अनुष्टुभ)
अन्वयः : धेनवः शुष्काणि तृणानि भुक्त्वा जलाशयात् तोयं पीत्वा लोकेभ्य: दुग्धं यच्छन्ति । (ता.) लोकमातर: (खलु)।

अनुवादः

गायी सुके गवत (चारा) खाऊन, जलाशयातील पाणी पिऊन लोकांना दूध देतात. (त्या) खरोखरच लोकमाता होत.
Cows who are indeed the mothers of the world give milk to people after eating dry grass and drinking water from the pond.

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Anand Solutions Chapter 2 अव्ययमाला

श्लोकः 4.

यस्य षष्ठी ………….. कथम् ।।5।। [I can’t marry a person who is ignorant.]

श्लोकः : यस्य षष्ठी चतुर्थी च विहस्य च विहाय च।
अहं कथं द्वितीया स्यात्, द्वितीया स्यामहं कथम्।।5।। (अनुष्टुभ्)
अन्वयः : यस्य (कृते) विहस्य (इति) षष्ठी, विहाय (इति) चतुर्थी, अहं कथं च (इति) द्वितीया स्यात् (तस्य) अहं द्वितीया (पत्नी) कथं स्याम्?

अनुवादः

ज्याच्यासाठी विहस्य ही षष्ठी (विभक्ती) आणि विहाय ही चतुर्थी (विभक्ती) आहे (तसेच) अहम्, कथम् ही द्वितीया (विभक्ती) आहे त्याची मी द्वितीया (पत्नी) कशी होऊ?

स्पष्टीकरण वैय्याकरणी वेदवती तिच्या भावी पतीची परीक्षा घेणार होती. गौरांग या तिच्या होणाऱ्या नवऱ्याला तिने विचारले, विहस्य, विहाय आणि अहम् व कथम् ही कोणती रूपे आहेत? त्याला केवळ ‘देव शब्दाची रूपे पाठ असल्यामुळे षष्ठी, चतुर्थी व द्वितीया असे उत्तर दिले. तेव्हा वेदवतीने वरील उत्तर दिले. ती म्हणाली ज्यासाठी अहम् आणि कथम् द्वितीया आहेत, त्याची मी द्वितीया म्हणजेच पत्नी कशी होऊ?

How can I become the wife of a person for whom the word विहस्य is षष्ठी विभक्ति, विहाय is चतुर्थी विभक्ति and अहम् and कथम् are द्वितीया विभक्ति?

Explanation Vedavati, a lady well-versed with grammar wanted to test the groom she would be marrying. In order to test the knowledge of the groom Gaurang, she asked him what the words विहस्य, विहाय and अहम्, कथम् were grammatically. Gaurang had only learnt the forms of the word and that too with great difficulty.

So, for him the words विहस्य and विहाय which are actually अव्ययs seemed to be षष्ठी and चतुर्थी विभक्ति like देवस्य and देवाय respectively and अहम् and कथम् seemed to be द्वितीया विभक्ति like देवम् SoVedavati remarked that she could not become the file meaning wife of such an ignorant person.

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श्लोकः 5.

स्थानभ्रष्टा ………………. परित्यजेत् ।।7।। [Everything has its value only when it is in its right place]

श्लोकः : स्थानभ्रष्टा न शोभन्ते दन्ता: केशा नखा नराः।
इति विज्ञाय मतिमान् स्वस्थानं न परित्यजेत्।।7।। (हितोपदेश:) (अनुष्टुभ्)
अन्वयः स्थानभ्रष्टा: दन्ताः, केशाः, नखा: नराः च न शोभन्ते इति विज्ञाय मतिमान् (नर:) स्वस्थानं न परित्यजेत्।

अनुवादः

आपल्या स्थानापासून ढळलेले दात, केस, नखे आणि पुरुष शोभून दिसत नाहीत, हे जाणून बुद्धिमान माणसाने स्वत:चे स्थान सोडू नये.
Knowing that teeth, hair, nails and people that are not in the right place don’t look good, a wise person would not give up his place.

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सन्धिविग्रहः

  1. स्थानभ्रष्टान – स्थानभ्रष्टाः + न।
  2. वक्तुमास्यम् – वक्तुम् + आस्यम् ।
  3. केतकीगन्धमानाय – केतकीगन्धम् + आघाय।
  4. दूरेऽपि – दूरे + अपि।
  5. स्वयमायान्ति – स्वयम् + आयान्ति।
  6. लोकेभ्यो धेनवो लोकमातरः – लोकेभ्यः + धेनवः + लोकमातरः।
  7. यत्स्वल्पमपि – यत् + स्वल्पम् + अपि ।
  8. विघ्नविहता विरमन्ति – विघ्नविहताः + विरमन्ति।
  9. पुनरपि – पुन: + अपि।
  10. प्रारब्धमुत्तमजना न – प्रारब्धम् + उत्तमजनाः + न।
  11. स्यामहम् – स्याम् + अहम् ।
  12. केशा नखा नरा: – केशा: + नखा: + नराः।
  13. दैवमेवेति – दैवम् + एव + इति।
  14. नरस्त्यजेत् – नरः + त्यजेत्।
  15. कस्तैलम् – कः + तैलम्।
  16. प्राप्तुमर्हति – प्राप्तुम् + अर्हति।

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समानार्थकशब्दाः

  1. कर्णः – श्रोत्रम्, श्रुतिः, श्रवः, श्रवणम्।
  2. आस्यम् – वदनम्, तुण्डम्, आननम्, मुखम्।
  3. प्राणम् – नासिका, गन्धवहा, घोणा, नासा।
  4. विहर्तुम् – भ्रमितुम्।
  5. नेत्रम् – नयनम, लोचनम्, चक्षुः, अक्षः।
  6. हस्त: – करः, पाणिः ।
  7. पादः – चरणः।
  8. चित्तम् – मनः, चेतः, अन्त:करणम्।
  9. पातु – रक्षतु।
  10. तृणानि – शष्पाणि।
  11. धेनवः – गावः।
  12. भुक्त्वा – खादित्वा।
  13. मातर: – जनन्यः।
  14. खलः – दुष्टः, दुर्जनः।
  15. सताम् – सज्जनानाम्।
  16. वर्त्म – मार्गः, अध्वा,
  17. पन्थाः, पथः।
  18. अनुत्सृज्य – अत्यक्त्वा।
  19. स्वल्पम् – अल्पम्, स्तोकम्।
  20. बहु – भूरि, अधिकम्।
  21. मन्दिरम् – (अत्र) गृहम्।
  22. विघ्नम् – सङ्कटम्, प्रत्यूहः ।
  23. पुन: पुन: – वारंवारम् ।
  24. द्वितीया – पत्नी, जाया ।
  25. विहस्य – हसित्वा ।
  26. विहाय – त्यक्त्वा ।
  27. प्राप्तुम् – लब्धम्।
  28. अनुद्यमः – आलस्यम्।
  29. सताम् – सज्जनानाम्।
  30. प्रारभ्य – आरभ्य।

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विरुद्धार्थकशब्दाः

  • शुष्काणि × आणि।
  • खलः × सुजनः।
  • स्वल्पम् × बहु।
  • नीचा: × उत्तमाः।
  • प्रारभ्य × समाप्य।
  • प्रारब्धम् × समाप्तम्।
  • परित्यजन्ति × स्वीकृर्वन्ति।
  • अनुद्यमः × उद्यमः।

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शब्दार्थाः

  1. आस्यम् – mouth – तोंड
  2. ध्राणम् – nose – नाक
  3. घातुम् – to smell – वास घेण्यासाठी
  4. पादः – foot/leg – पाय
  5. युग्मम् – pair – जोडी
  6. नेत्रे – eyes – डोळे
  7. दातुम् – to give – देण्यासाठी
  8. चित्तम् – mind – चित्त
  9. विहर्तुम् – to wander – फिरण्यासाठी
  10. सृष्टम् – created – निर्माण केले
  11. षट्पदाः – bees – भुंगे
  12. केतकी – fragrance of Ketaki – केवड्याचा
  13. गन्धम् – (Screw pine) – सुवास
  14. गुणाः – virtues – गुण
  15. दूतत्वम् – as a messenger – दूताचे काम
  16. सताम् – of good people – सज्जनांचे
  17. तृणानि – grass – गवत
  18. शुष्काणि – dry – सुकलेले
  19. तोयम् – water – पाणी
  20. धेनवः – cows – गायी
  21. अकृत्वा – without doing – न करून
  22. परसन्ताप: – troubling others – दुसऱ्याला त्रास, पीडा
  23. अगत्वा – without going – न जाता
  24. खलमन्दिर – abode of the wicked – दुष्टाचे घर
  25. अनुत्सृज्य – without leaving – न सोडता
  26. सताम् – of good people – सज्जनांचा
  27. वर्ती – road, path – मार्ग
  28. विहस्य – having smiled – हसून
  29. बिहाय – having left – सोडून
  30. द्वितीया – second, (here) wife – दुसरी, (इथे)पत्नी
  31. विघ्न – obstacle – अडथळा
  32. विघ्नविहता: – due to obstacles – अडथळ्यांनी हरलेले
  33. प्रतिहन्यमानाः – hammered – मारा झालेले
  34. मध्यमाः – mediocre – मध्यम प्रतीचे लोक
  35. स्थानभ्रष्टा: – not in the proper place – स्थानापासून ढळलेले
  36. विज्ञाय – after knowing – जाणून
  37. मतिमान् – intelligent – बुद्धिमान
  38. दैवम् – fortune – नशीब
  39. सञ्चिन्त्य – thinking – विचार करून
  40. नरः – man – मनुष्य
  41. अनुद्यमेन – without effort – प्रयत्नशिवाय

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत

Balbharti Maharashtra State Board Class 5 Hindi Solutions Sulabhbharati Chapter 12 बचत Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 5 Hindi Sulabhbharati Solutions Chapter 12 बचत

5th Standard Hindi Digest Chapter 12 बचत Textbook Questions and Answers

1. सोच समझकर दैनिक उपयोग करो:

प्रश्न 1.
सोच समझकर दैनिक उपयोग करो:

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत

Hindi Sulabhbharati Class 5 Solutions Chapter 12 बचत Additional Important Questions and Answers

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

प्रश्न 1.
क्या आपके घर में बिना ज़रूरत के भी बिजली पंखा चलता रहता है?
उत्तरः
नहीं।

प्रश्न 2.
क्या आपने भोजन बर्बाद होते हुए देखा है ? कहाँ ?
उत्तरः
हाँ! शादी, उत्सव, मेला इत्यादि स्थानों पर।

प्रश्न 3.
क्या आप दाँत साफ करते समय नल खुला छोड़ देते
उत्तरः
नहीं।

प्रश्न 4.
क्या आप कभी अपनी कॉपी के पन्ने फाड़ते हैं? क्यों?
उत्तरः
नहीं, क्योंकि हमें कॉपी की बचत करनी चाहिए।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत

प्रश्न 5.
क्या आप पैसे जमा करते हैं? यदि हाँ, तो उसे कहाँ रखते हैं?
उत्तर:
हाँ, गुल्लक में।

प्रश्न 6.
पानी की बचत कैसे कर सकते हैं? कोई दो उपाय बताइए?
उत्तरः
1. जब आवश्यकता न हो तो नल बंद कर देना चाहिए।
2. बोतल में बचे हुए पानी को फेंकने की बजाय पेड़- पौधों में डाल देना चाहिए।

सही विकल्प के सामने ✓ और गलत के सामने ✗ का निशान लगाइए:

प्रश्न 1.
आपकी कॉपी में लिखते हुए गलती हो गई तो ……………………
(क) पन्ना फाड़कर फेंक देंगे।
(ख) गलत शब्द काटकर, आगे लिखेंगे।
उत्तरः
गलत शब्द काटकर, आगे लिखेंगे।

प्रश्न 2.
आपको रूमाल धोने के लिए कहा जाए तो ……………….
(क) एक बाल्टी पानी का उपयोग करेंगे।
(ख) दो मग पानी में धुल जाएगा।
उत्तरः
दो मग पानी में धुल जाएगा।

प्रश्न 3.
आपका घर ऐसे स्थान पर है, जहाँ पर प्राकृतिक हवा खूब अच्छी बहती है तो …………………
(क) खिड़की दरवाज़े खुले रखकर पंखा बंद रखेंगे।
(ख) खिड़की दरवाज़े बंद करके पंखा चलाएँगे।
उत्तरः
खिड़की दरवाजे खुले रखकर पंखा बंद रखेंगे।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत

प्रश्न 4.
यदि आपके पास पैसे आते हैं तो ………………
(क) आप अपनी मनपसंद चीज़ खरीदेंगे।
(ख) अपनी गुल्लक में डालेंगे।
उत्तरः
अपनी गुल्लक में डालेंगे।

प्रश्न 5.
आप अभ्यास – कक्ष में पढ़ने के लिए ………………..
(क) टेबल-लैंप का प्रयोग करेंगे।
(ख) ट्यूब लाइट का प्रयोग करेंगे।
उत्तरः
टेबल-लैंप का प्रयोग करेंगे।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित परिस्थितियों के लिए दो चित्र दिए गए हैं, अनुचित चित्रों पर × का निशान बनाइए:
1. कार धोने के लिए
Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत 1
2. एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए
Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत 2
3. खाना खाते समय बच जाने पर
Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत 3
4. स्कूल से लौटते समय बोतल में पानी बच जाने पर
Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत 4
उत्तरः

  1. बाल्टी और मग
  2. साइकिल
  3. कुत्ता
  4. गमला

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत

एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
अनाज की बचत कैसे कर सकते हैं?
उत्तर:
जितनी ज़रूरत हो, उतना ही खाना परोसें। बचे हुए खाने को गरीबों में बाँटा जा सकता है।

प्रश्न 2.
अन्न कौन उगाता है? और कहाँ ?
उत्तर:
अन्न किसान खेतों में उगाता है।

प्रश्न 3.
घर में पानी की बचत कैसे हो सकती है?
उत्तर:
दाल, सब्जी, चावल धोने के बाद निकला पानी पौधों में डालने से पानी की बचत कर सकते हैं।

प्रश्न 4.
पानी का उपयोग कहाँ होता है?
उत्तर:
पीने, कपड़े धोने, नहाने और खाना पकाने में पानी का उपयोग होता है।

प्रश्न 5.
अगर पानी न हो तो क्या होगा?
उत्तर:
जीवन मुश्किलों से भर जाएगा।

प्रश्न 6.
पैसों की बचत कैसे होगी?
उत्तर:
बच्चों, अपनी जेब खर्च से कुछ रुपये रोज़ बचाकर गुल्लक में डालकर पैसों की बचत कर सकते हैं। फिजूल खर्च कम करके पैसे बचाए जा सकते हैं।

प्रश्न 7.
कागज़ के क्या उपयोग हैं?
उत्तर:
कागज़ लिखने के काम आता है। कागज़ के छोटे बैग बनते हैं।

प्रश्न 8.
कागज़ की बचत कैसे होगी?
उत्तर:
नोट बुक पूरी भरने के बाद ही नई खरीदें। जितना कम कागज़ का उपयोग होगा, उतने अधिक पेड़ कटने से बच जाएँगे।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत

प्रश्न 9.
बिजली के क्या उपयोग हैं?
उत्तर:
बिजली के कारण हमें पंखों से हवा मिलती है और बल्ब से रोशनी मिलती है।

प्रश्न 10.
बिजली की बचत कैसे होगी?
उत्तर:
दिन के समय लाइट बंद रखें। खिड़कियाँ खुली रखें। सूरज की रोशनी अंदर आने दें। वॉशिंग मशीन में कपड़े न सुखाएँ। धूप में सुखाएँ।

व्याकरण:

प्रश्न 1.
निम्न कोष्ठकताले शब्दों से वाक्य बनाइए:
(अन्न, पेन्सिल, पत्ता, बच्चे, प्लास्टिक, भविष्य, सब्जी, स्कूल, विभिन्न, बल्ब)
उत्तर:

  1. हमें अन्न की बचत करनी चाहिए।
  2. पेन्सिल से कॉपी में लिखो।
  3. पत्ता पेड़ से गिरा।
  4. स्कूल में बच्चे हैं।
  5. मेरे पास प्लास्टिक की बोतल है।
  6. भविष्य के लिए पैसों की बचत करो।
  7. राम को कोई भी सब्जी दो, वह खा लेता है।
  8. बच्चे रोज़ सुबह स्कूल जाते हैं।
  9. बगीचे में विभिन्न फूल हैं।
  10. बल्ब से रोशनी मिलती है।

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए:

  1. अनाज
  2. दुनिया
  3. जीवन
  4. समय
  5. बारिश
  6. स्कूल
  7. विभिन्न

उत्तर:

  1. अन्न
  2. संसार
  3. ज़िंदगी
  4. वक्त
  5. बरसात
  6. विद्यालय
  7. अलग

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत

प्रश्न 3.
विपरीत अर्थ नाले शब्द लिखिए:

  1. आबाद
  2. छोटा
  3. अँधेरा
  4. दिन

उत्तर:

  1. बरबाद
  2. बड़ा
  3. उजाला
  4. रात

बचत Summary in Hindi

पाठ का परिचयः

प्रस्तुत पाठ के द्वारा अन्न, जंगल, बिजली, पानी और पैसों के महत्त्व के बारे में बताया गया है। साथ ही यह भी संदेश दिया गया है कि हमें इन सब चीज़ों की बचत करनी चाहिए। अपने जीवन को सुंदर बनाना चाहिए।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 12 बचत

शब्दार्थ:

  1. बचत – बचाना (saving)
  2. बरबाद – खराब करना (waste)
  3. महत्त्व – अहमियत (importance)
  4. गमला – (flowerpot)
  5. समीप – नज़दीक (near)

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम

Balbharti Maharashtra State Board Class 5 Hindi Solutions Sulabhbharati Chapter 9 नीम Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 5 Hindi Sulabhbharati Solutions Chapter 9 नीम

5th Standard Hindi Digest Chapter 9 नीम Textbook Questions and Answers

1. कोष्ठक में दिए वर्गों से रिक्त स्थान भरोः

प्रश्न 1.
कोष्ठक में दिए वर्गों से रिक्त स्थान भरोः
(डे, णों, की, ना, मैं, थ, सू, हा, कि)
…………. ने, कप …………. , ह………. म, अ ……… ज, …………. कान, ……….. रज, क ………….. नी, …….. र ……….. ।
उत्तर:

  1. मैं
  2. ड़े
  3. की
  4. ना
  5. सू
  6. हा
  7. कि, णों

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम

Hindi Sulabhbharati Class 5 Solutions Chapter 9 नीम Additional Important Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
आपने कौन-कौन से वृक्ष देखे हैं? उनके नाम बताइए।
उत्तर:
आम, बरगद, पीपल, अशोक, देवदार, चीड़, पेरू आदि वृक्ष देखे हैं।

प्रश्न 2.
वृक्ष हमें क्या देते हैं?
उत्तर:
वृक्ष हमें फल, फूल, छाया, दवाइयाँ और लकड़ी देते हैं।

प्रश्न 3.
रात के समय पेड़ों के नीचे क्यों नहीं जाना चाहिए?
उत्तर:
पेड़ दिन में ऑक्सीजन देते हैं और रात में कार्बन डाय ऑक्साइड छोड़ते हैं, इसलिए रात में पेड़ों के नीचे नहीं जाना चाहिए।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए:

प्रश्न 1.
नीम की शीतल छाया किसके कारण है?
उत्तर:
नीम की शीतल छाया उसकी घनी पत्तियों के कारण है।

प्रश्न 2.
नीम की सूखी पत्तियों से हमें क्या लाभ होता है?
उत्तर:
नीम की सूखी पत्तियाँ जलाने से मक्खी, मच्छर भाग जाते हैं।

प्रश्न 3.
कविता में किसकी कहानी के चलने की बात की गई है?
उत्तर:
कविता में सूरज, तारे, धरती, चाँद के चलने की बात की गई है।

प्रश्न 4.
नीम ने क्या ठानी है?
उत्तर:
नीम ने हमेशा सबको सुख देने की ठानी है।

प्रश्न 5.
सूखी पत्तियों के धुएँ से क्या दूर भागता है?
उत्तर:
सूखी पत्तियों के धुएँ से मक्खी, मच्छर दूर भागते हैं।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम

प्रश्न 6.
इस कविता में कौन-से पेड़ के बारे में बताया गया है?
उत्तर:
इस कविता में नीम के पेड़ के बारे में बताया गया है।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में लिखिए:

प्रश्न 1.
नीम के पत्तों का स्वाद कैसा होता है?
उत्तर:
कड़वा

प्रश्न 2.
नीम के फल को क्या कहते हैं?
उत्तर:
निबौरी (निंबोली)

प्रश्न 3.
निम्नलिखित वाक्यों के सामने सही ✓ अथवा गलत × के निशान लगाइए:

  1. मैं तो केवल डॉक्टर हूँ।
  2. मेरी छाया शीतल नहीं है।
  3. मेरी सूखी पत्तियाँ ऊनी कपड़े और अनाज को खराब होने से बचाती हैं।
  4. हमें पेड़ को काट देना चाहिए।
  5. सूरज की किरणों से मिलकर नीम का पेड़ हवा शुद्ध करता है।

उत्तर:

  1. ×
  2. ×
  3. ×

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पत्तों के आधार पर पौधों / वृक्षों के नाम लिखिए:
Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम 1
Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम 2
उत्तर:

  1. पीपल का पेड़
  2. बरगद का पेड़
  3. गुड़हल का पेड़
  4. गुलाब का पौधा
  5. केले का पेड़
  6. आम का पेड़

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम

प्रश्न 5.
किन्हीं चार सब्ज़ियों के नाम लिखिए:
उत्तर:

  1. भिंडी
  2. करेला
  3. फूलगोभी
  4. बैंगन

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:

  1. गरमी
  2. नीचे
  3. सुख
  4. शुद्ध
  5. दूर
  6. थकान

उत्तर:

  1. सरदी
  2. ऊपर
  3. दुख
  4. अशुद्ध
  5. पास
  6. चुस्त-दुरुस्त (तरो-ताज़ा)

प्रश्न 7.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

  1. ना मैं ……………… , ना मैं ……………….. ।
  2. ना मैं ………….. …………..
  3. मैं तो केवल एक ………….. हूँ।
  4. नाम है मेरा ………………. ।
  5. मेरी ………….. पत्ती डालो।
  6. ………….. , ………….. बचा लो।
  7. सुखी पत्ती के ………….. से।
  8. ……………….., ………………. दूर भगा लो।

उत्तर:

  1. डॉक्टर, ओझा
  2. वैद्य – हकीम
  3. पेड़
  4. नीम
  5. सूखी
  6. ऊनी कपड़े, अनाज
  7. धुएँ
  8. मक्खी , मच्छर।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम

प्रश्न 8.
सही जोड़ियाँ मिलाइए:

(अ)(ब)
1. घनी पत्तियों के कारण(क) हवा शुद्ध कर देता
2. गरमी और थकान मिटी(ख) मैं इतने सुख दे देता
3. नहीं काटना मुझको तुम(ग) जो मेरे नीचे आया
4. सूरज की किरणों से मिलकर(घ) शीतल है मेरी छाया

उत्तर:

  1. शीतल है मेरी छाया
  2. जो मेरे नीचे आया
  3. मैं इतने सुख दे देता
  4. हवा शुद्ध कर देता।

व्याकरण:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए

  1. पेड़
  2. कपड़ा
  3. अनाज
  4. शीतल
  5. सुख
  6. शुद्ध
  7. कहानी

उत्तरः

  1. वृक्ष
  2. वस्त्र
  3. अन्न
  4. ठंडा
  5. आराम
  6. साफ
  7. कथा

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:

  1. एक
  2. सूखी
  3. दूर
  4. शीतल
  5. नीचे
  6. सुख
  7. धरती

उत्तरः

  1. अनेक
  2. गीली
  3. पास
  4. उष्ण
  5. ऊपर
  6. दुख
  7. आसमान

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम

प्रश्न 3.
वचन बदलिए:

  1. पत्ती
  2. कपड़ा
  3. मक्खी
  4. किरण
  5. तारा

उत्तर:

  1. पत्तियाँ
  2. कपड़े
  3. मक्खियाँ
  4. किरणे
  5. तारे

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्द देखकर अपनी कॉपी में तीन बार लिखिए:
उत्तर:
डॉक्टर, ओझा, वैद्य-हकीम, पेड़, पत्ती, कपड़े, धुएँ, मक्खी, मच्छर, छाया, मैं, शुद्ध, चाँद, ठानी।

नीम Summary in Hindi

कविता का अर्थ:

प्रस्तुत कविता नीम के बारे में है। इस कविता में नीम के पेड़, पत्ते तथा फल के महत्त्व एवं उपयोग की जानकारी दी गई है।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 9 नीम

शब्दार्थ:

  1. ओझा – तांत्रिक
  2. वैद्य – हकीम, आयुर्वेदिक उपचारक (vaidya)
  3. शीतल – ठंडी (cold)
  4. छाया – छाँव (shade)
  5. थकान – थक जाना (tiredness)
  6. ठानी – तय करना (to decide)
  7. मक्खी – छोटा कीड़ा (fly)
  8. घनी – बहुत सारी (thick)
  9. शुद्ध – असली (pure)

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 7 बधाई कार्ड

Balbharti Maharashtra State Board Class 5 Hindi Solutions Sulabhbharati Chapter 7 बधाई कार्ड Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 5 Hindi Sulabhbharati Solutions Chapter 7 बधाई कार्ड

5th Standard Hindi Digest Chapter 7 बधाई कार्ड Textbook Questions and Answers

1. देखो, सुनो और बनाओ

प्रश्न 1.
देखो, सुनो और बनाओ

Hindi Sulabhbharati Class 5 Solutions Chapter 7 बधाई कार्ड Additional Important Questions and Answers

1. कार्ड लिखते समय संबोधन, अभिवादन तथा समापन के संबंध में निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:

संबंधसंबोधनअभिवादनसमापन
1. अपने से बड़ों कोपूजनीय, आदरणीय, माननीय, परमपूज्यसादर प्रणाम, चरण स्पर्श, नमस्कारआपका पुत्र, आज्ञाकारी
2. अपने से छोटों कोप्रिय, चिरंजीवी, आयुष्यमानप्रसन्न रहो, सुखी रहोसस्नेह, तुम्हारा शुभचिंतक
3. अपने मित्र, सहेली कोबहन, सखी, मित्र, भाई, बंधुनमस्ते, सप्रेम नमस्कारतुम्हारा भाई, मित्र, तुम्हारी सखी

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 7 बधाई कार्ड

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

प्रश्न 1.
किन अवसरों पर बधाई दी जाती है?
उत्तर:
विवाह, जन्मदिन, तरक्की आदि अवसरों पर बधाई दी जाती है।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए:

प्रश्न 1.
बधाई – कार्ड क्यों लिखा गया है?
उत्तर:
दादाजी को जन्म दिन की बधाई देने के लिए बधाई – कार्ड लिखा गया है।

प्रश्न 2.
बधाई – कार्ड किसे लिखा गया है?
उत्तर:
बधाई – कार्ड दादाजी को लिखा गया है।

प्रश्न 3.
बधाई – कार्ड लिखने वाला कौन है?
उत्तर:
बधाई – कार्ड लिखने वाला पोता है।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 7 बधाई कार्ड

प्रश्न 4.
बधाई – कार्ड में किन शब्दों में अभिवादन किया गया
उत्तर:
बधाई – कार्ड में ‘सादर प्रणाम’ इन शब्दों में अभिवादन किया गया है।

प्रश्न 5.
पाठ में किसका जन्मदिन है?
उत्तर:
पाठ में दादाजी का जन्मदिन है।

सही जोड़ियाँ मिलाइए:

प्रश्न 1.
सही जोड़ियाँ मिलाइए:

(अ)(ब)
1. पिता(अ) नवासा / नवासी या नाती / नतिनी
2. मामा(आ) भतीजा / भतीजी
3. चाचा(इ) पोता / पोती
4. दादा(ई) भांजा / भांजी
5. नाना(उ) पुत्र / पुत्री

उत्तर:

  1. पुत्र / पुत्री
  2. भांजा / भांजी
  3. भतीजा / भतीजी
  4. पोता / पोती
  5. नवासा / नवासी या नाती / नतिनी

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 7 बधाई कार्ड

प्रश्न 2.
लिंग बदलिए:

  1. बेटा
  2. भांजा
  3. भतीजा
  4. पोता
  5. नवासा या नाती

उत्तरः

  1. बेटी
  2. भांजी
  3. भतीजी
  4. पोती
  5. नवासी या नतिनी

बधाई कार्ड Summary in Hindi

पाठ का स्पष्टीकरणः

बधाई – कार्ड अपने मित्र, सहेली या संबंधियों को लिखे जाते हैं। जैसे – जन्मदिन की बधाई, परीक्षा में प्रथम आने की बधाई, मित्र या सहेली के भाई या बहन के विवाह पर बधाई। बधाई द्वारा छोटे रूप में अपनी बात दूसरों तक पहुंचाई जाती है। कार्ड पर पते का होना जरूरी है। कार्ड लिखते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
1. कार्ड पर केवल एक वाक्य में या दो तीन शब्दों में अपनी बात कहें।
2. सरल शब्दों का प्रयोग करें।
3. बहुत अधिक बातें ना लिखें।।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 7 बधाई कार्ड

शब्दार्थ:

  1. बधाई – अभिनंदन (congratulations)
  2. किनारा – सिरा (border)
  3. टिकलियाँ – सितारे (sequence)
  4. कैंची – काटने का साधन (scissor)
  5. सामग्री – सामान (material)
  6. परीक्षा – इम्तहान (exam)
  7. संबोधन – (salutation)
  8. गोंद – चिपकाने का पदार्थ (glue)
  9. प्रतियोगिता – स्पर्धा (competition)
  10. अभिवादन – स्वागत (greeting)
  11. समापन – अंत (end)
  12. पता – ठिकाना (address)

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 6 पेटूराम

Balbharti Maharashtra State Board Class 5 Hindi Solutions Sulabhbharati Chapter 6 पेटूराम Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 5 Hindi Sulabhbharati Solutions Chapter 6 पेटूराम

5th Standard Hindi Digest Chapter 6 पेटूराम Textbook Questions and Answers
1. विरामचिह्नों को पहचानो, पढ़ो और समझो:

पूर्णविराम (।), अल्पविराम (,), प्रश्नवाचक (?), विस्मयादिबोधक (!), अर्धविराम (;)
1. अंगूर मिलते हैं?
2. मैं…..!
3. आधा दर्जन केले, एक किलो सेब ।
4. नहीं – नहीं; आज मेरा उपवास है ।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 6 पेटूराम

Hindi Sulabhbharati Class 5 Solutions Chapter 6 पेटूराम Additional Important Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

प्रश्न 1.
आपकी माता जी उपवास के दिन क्या खाती हैं?
उत्तर:
माता जी फल, साबूदाना, राजगीरा, चिक्की आदि चीजें खाती हैं।

प्रश्न 2.
क्या आप ईश्वर की वंदना करते हैं? कैसे?
उत्तर:
हाँ, सुबह-सुबह नहाकर हम हाथ जोड़कर ईश्वर की वंदना करते हैं। अगरबत्ती और दीया जलाते हैं और प्रसाद भी बाँटते हैं।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए:

प्रश्न 1.
आज किसका उपवास है ?
उत्तर:
आज पेटूराम का उपवास है।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 6 पेटूराम

प्रश्न 2.
पेटूराम ने कितने अंगूर मँगवाए?
उत्तर:
पेटूराम ने आधा किलो अंगूर मँगवाए।

प्रश्न 3.
पेटूराम ने कितना मेवा मँगवाया?
उत्तर:
पेटूराम ने एक पाव मेवा मँगवाया।

प्रश्न 4.
पेटूराम ने एक किलो क्या मँगवाया?
उत्तर:
पेटूराम ने एक किलो सेब मँगवाए।

प्रश्न 5.
पेटूराम ने कौन-कौन से फल मँगवाए?
उत्तर:
पेटूराम ने अंगूर, केले, सेब आदि सभी फल मँगवाए।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में लिखिए:

प्रश्न 1.
पेटूराम ने कितने केले मँगवाए?
उत्तर:
आधा दर्जन।

प्रश्न 2.
पेटूराम ने आधा लीटर क्या मँगवाया?
उत्तर:
दूध।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 6 पेटूराम

प्रश्न 3.
उपवास के दिन थोड़ा बहुत कौन खा लेता है?
उत्तर:
पेटूराम।

प्रश्न 4.
पेटूराम कौन से दिन अधिक नहीं खाता?
उत्तर:
व्रत के दिन।

प्रश्न 5.
पेटूराम ने आधा लीटर दूध के साथ क्या मँगवाया?
उत्तर:
रबड़ी।

4. निम्नलिखित वाक्यों के सामने सही ✓ अथवा गलत ✗ का निशान लगाइए:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों के सामने सही ✓ अथवा गलत ✗ का निशान लगाइए:

  1. पेटूराम का उपवास था, इसलिए भोजन नहीं किया।
  2. पेटूराम ने एक किलो अंगूर मँगवाए।
  3. पेटूराम ने उपवास के दिन कुछ नहीं खाया।
  4. पेटूराम ने आधा दर्जन केले मँगवाए।
  5. पेटूराम ने रबड़ी मँगवाने से इनकार कर दिया।

उत्तर:

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 6 पेटूराम

5. निम्नलिखित विराम चिह्नों के लिए पाठ में से वाक्य चुनकर लिखिए।

प्रश्न 1.
पूर्ण विराम (।)
उत्तर:
1. चलिए भोजन तैयार है।
2. आप भोजन कीजिए।

प्रश्न 2.
प्रश्नवाचक चिह्न (?)
उत्तरः
1. क्या आप भोजन नहीं करेंगे?
2. उपवास में कुछ तो लेते होंगे?

प्रश्न 3.
अल्प विराम (,)
उत्तर:
1. हाँ, थोड़ा बहुत खा लेता हूँ।
2. आधा दर्जन केले, एक किलो सेब।

प्रश्न 4.
अर्ध विराम ( ; )
उत्तर:
नहीं-नहीं; आज मेरा उपवास है।

प्रश्न 5.
विस्मयादिबोधक चिह्न (!)
उत्तर:
इतना अधिक भोजन करेंगे!

प्रश्न 6.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

  1. “चलिए, ………….. तैयार है।”
  2. “आज मेरा ………….. है।”
  3. “फिर …………. कैसा?”
  4. “………….. मिलते हैं?”
  5. “………. दर्जन केले, एक किलो ………… |”
  6. ………….. …………….. मेवा, सवा पाव ……….. |”
  7. “…………… लीटर दूध और ………….. बस।”
  8. “और कोई ………….
  9. “…………. के दिन मैं अधिक नहीं खाता।”

उत्तरः

  1. भोजन
  2. उपवास
  3. संकोच
  4. अंगूर
  5. आधा, सेब
  6. एक पाव, मिठाई
  7. आधा, रबड़ी
  8. आज्ञा
  9. व्रत

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 6 पेटूराम

प्रश्न 7.
दिए गए पर्यायों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए।
1. पेटूराम खाना नहीं खाएंगे, क्योंकि

  • उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
  • उनका उपवास है।
  • वे नाराज हैं।

उत्तर:
उनका उपवास है।

व्याकरण:

इस पाठ में विराम चिह्नों का प्रयोग किया गया है। विराम का अर्थ है ‘रुकना’, बातचीत करते समय बात को अच्छी तरह से समझाने के लिए थोड़ा रुकना पड़ता है। रुकने की इसी प्रक्रिया का नाम ‘विराम’ है। इन्हीं के द्वारा हम प्रश्न पूछने, आश्चर्य, पूर्णता आदि भावों को दिखाते हैं।

प्रश्न 1.
विराम चिह्न के प्रकार निम्नलिखित हैं:

  1. पूर्ण विराम ।
  2. अल्पविराम ,
  3. प्रश्नवाचक ?
  4. विस्मयादिबोधक !
  5. अर्ध विराम ;
  6. उद्धरण चिह्न “ ”
  7. योजक चिह्न –

उत्तर:

  1. पूर्ण विराम full stop (।) : वाक्य पूरा होने पर आखिर में इसे लगाते हैं।
  2. अल्प विराम comma (,): वाक्य में जहाँ थोड़ी देर रुकना हो, वहाँ अल्प विराम लगाते हैं।
  3. प्रशनवाचक चिह्न sign of interrogative (?): जब प्रश्न पूछा जाता है, तब यह चिह्न लगता है।
  4. विस्मयादिबोधक sign of exclamation (!): खुशी, क्रोध, घृणा आदि भाव प्रकट करने के लिए उस शब्द के अंत में यह चिह्न लगता है।
  5. अर्ध विराम semi colon (;) : जब अल्पविराम से थोड़ा कम रुकने की जरूरत हो, तब यह चिह्न लगता है।
  6. उद्धरण चिह्न inverted comma ” “: इसका प्रयोग किसी व्यक्ति के द्वारा कही गई बातों के लिए होता है।
  7. योजक चिह्न Hyphen (-): दो शब्दों के बीच में इसका उपयोग होता है। उदाहरण के लिए पाप-पुण्य, हानि-लाभ, माता-पिता आदि।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 6 पेटूराम

प्रश्न 2.
नीचे दिए गए विराम चिह्नों के नाम लिखिए:

  1. ,
  2. ?
  3. !
  4. ;
  5. ” “

उत्तर:

  1. पूर्ण विराम
  2. अल्पविराम
  3. प्रश्नवाचक
  4. विस्मयादिबोधक
  5. अर्धविराम
  6. उद्धरण चिह्न
  7. योजक चिह्न।

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

  1. वाक्य पूरा होने पर आखिर में ………… लगता है।
  2. वाक्य में जहाँ थोड़ी देर रुकना हो, वहाँ …………… लगता है।
  3. प्रश्न पूछने के लिए ………….. लगता है।
  4. खुशी, क्रोध, घृणा आदि भावों के लिए ……………… लगता है।

उत्तर:

  1. पूर्ण विराम
  2. अल्प विराम
  3. प्रश्नवाचक
  4. विस्मयादिबोधक

प्रश्न 4.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

(अ)(ब)
1. अर्ध विराम(अ) ,
2. उद्धरण(ब) –
3. योजक(क) “ “
4. अल्प विराम(ड) ;

उत्तर:

(अ)(ब)
1. अर्ध विराम(ड) ;
2. उद्धरण(क) “ “
3. योजक(ब) – –
4. अल्प विराम(अ) ,

पेटूराम Summary in Hindi

पाठ का स्पष्टीकरणः

प्रस्तुत पाठ के द्वारा विरामचिह्नों से पहचान कराई गई है।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 6 पेटूराम

शब्दार्थ:

  1. भोजन – खाना (food)
  2. उपवास – व्रत (to fast)
  3. संकोच – हिचक (hesitation)
  4. आज्ञा – इजाज़त (permission)
  5. मेवा – काजू, बादाम, अखरोट आदि (dry fruit)
  6. आधा किलो – (half kilogram) 500 ग्राम

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 2 बूँदें

Balbharti Maharashtra State Board Class 5 Hindi Solutions Sulabhbharati Chapter 2 बूँदें Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 5 Hindi Sulabhbharati Solutions Chapter 2 बूँदें

5th Standard Hindi Digest Chapter 2 बूँदें Textbook Questions and Answers

1. कविता में आए हुए लयात्मक शब्दों को ढूँढ़कर सुनाओ।

प्रश्न 1.
कविता में आए हुए लयात्मक शब्दों को ढूँढ़कर सुनाओ।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 2 बूँदें

2. बूंदें क्या-क्या करती हैं, बताओ ।

प्रश्न 1.
बूंदें क्या-क्या करती हैं, बताओ ।

पूरी कविता उचित हाव-भाव, लय, गति, अभिनय के साथ बार-बार सुनाएँ । दो-दो पंक्तियाँ सुनाकर विद्यार्थियों से दोहरवाएँ । कविता का सामूहिक, गुट, एकल रूप में पाठ करवाएँ । कविता प्रश्नोत्तर वारा समझाएँ । परिचित कविता उनसे कहलवाएँ ।

प्रश्न 1.
सुनो और दोहराओ:

Hindi Sulabhbharati Class 5 Solutions Chapter 2 बूँदें Additional Important Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

प्रश्न 1.
आपका पसंदीदा मौसम कौन-सा है?
उत्तर:
मेरा पसंदीदा मौसम बारिश है।

प्रश्न 2.
बारिश की आवाज़ कैसी होती है?
उत्तर:
बारिश की आवाज़ रिमझिम – रिमझिम होती है।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 2 बूँदें

प्रश्न 3.
बूंदें किसमें मिल जाती हैं?
उत्तर:
बूंदें नालों, नदियों, सागर में मिल जाती हैं।

प्रश्न 4.
वर्षा में भीगने से बचने के लिए हम किन चीज़ों का प्रयोग करते हैं?
उत्तर:
वर्षा में भीगने से बचने के लिए हम छाता या रेनकोट का प्रयोग करते हैं।

प्रश्न 5.
बादल कब गरजते हैं?
उत्तर:
वर्षा के समय बादल गरजते हैं।

प्रश्न 6.
वर्षा कौन-से महीने में आती है?
उत्तर:
वर्षा जून के महीने में आती है।

निम्नलिखित प्रश्नों के एक शब्द में उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
बूंदें कैसे गाती हैं?
उत्तर:
रिमझिम।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 2 बूँदें

प्रश्न 2.
खेतों, बागों और मैदानों में हरियाली कौन फैलाता है?
उत्तर:
बूंदें।

प्रश्न 3.
गरमी से तपते लोगों को बूंदें क्या पहुँचाती हैं?
उत्तर:
शीतलता।

नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में पूर्ण लिखिए:

प्रश्न 1.
बूंदें धरती पर कैसे आती हैं ?
उत्तर:
बूंदें धरती पर रिमझिम-रिमझिम गाती हुई आती हैं।

प्रश्न 2.
बूंदें कहाँ से आकर सागर में मिल जाती हैं?
उत्तर:
बूंदें धरती के नालों, नदियों से होती हुई आकर सागर में मिल जाती हैं।

प्रश्न 3.
बूंदें किनका मन हरषाती हैं?
उत्तर:
बूंदें मेंढक, मोर, पपीहा और कोयल इन सभी के मन को हरषाती हैं।

प्रश्न 4.
पुरवाई के रथ पर चढ़कर बूंदें क्या करती हैं?
उत्तर:
पुरवाई के रथ पर चढ़कर बूंदें इठलाती और मुसकाती हैं।

प्रश्न 5.
‘बूंदें’ कविता में आनेवाले पक्षियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
‘बूंदें’ कविता में आनेवाले पक्षी मोर, पपीहा और कोयल हैं।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 2 बूँदें

4. कविता में आए हुए लयात्मक शब्दों को ढूँढ़कर लिखिए:
उदा. आती – गाती

प्रश्न 1.
1. इठलाती
2. फैलाती
उत्तर:
1. हरषाती
2. मुसकाती

प्रश्न 5.
बूंदें क्या-क्या करती हैं?
उत्तर:
बूंदें खेतों, बागों, मैदानों में हरियाली फैलाती हैं। गरमी से तपते लोगों को शीतलता पहुँचाती हैं। पशु-पक्षियों के साथ-साथ मनुष्य के मन को भी आनंद से भर देती हैं।

प्रश्न 6.
कोष्टक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(नदियों, सागर, बागों, मैदानों, हरियेली, बूंदे, धरती)

1. रिमझिम – रिमझिम गाती ……………………
…………………………. पर हैं आती बँदें।
2. खेतों. ………………………., ……………………….. में,
……………… फैलाती बूंदें।
3. धरती से नालों, ……………… में,
…………………… से मिल जाती बूंदें।
उत्तर:
1. बूंदें, धरती
2. बागों, मैदानों, हरियाली
3. नदियों, सागर

प्रश्न 7.
निम्नलिखित प्राणियों की बोलियाँ लिखिए:

  1. मेंढक
  2. मोर
  3. कोयल
  4. पपीहा
  5. चिड़िया
  6. कौआ

उत्तर:

  1. टर्र-टर्र
  2. क्वें-क्वें
  3. कुहू-कुहू
  4. पीहू-पीहू
  5. ची-चीं
  6. काँव-काँव

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 2 बूँदें

प्रश्न 8.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

(अ)(ब)
1. गरमी से तपते(अ) मुसकाती बूंदें
2. शीतलता पहुँचाती(आ) रथ पर चढ़कर
3. मेंढक, मोर(इ) हरषाती बूंदें
4. सबका मन(ई) पपीहे, कोयल
5. पुरवाई के(उ) बूंदें
6. इठलाती(ऊ) लोगों को

उत्तर:

  1. लोगों को
  2. बूंदें
  3. पपीहे, कोयल
  4. हरषाती बूंदें
  5. रथ पर चढ़कर
  6. मुसकाती बूंदें

व्याकरण:

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन – रूप लिखिए:

  1. बूंद
  2. नाला
  3. पपीहा
  4. कोयल
  5. छाता
  6. बच्चा
  7. नदी
  8. धरती
  9. रथ
  10. चिड़िया
  11. घोड़ा
  12. पत्ता
  13. डाली
  14. लड़की

उत्तर:

  1. बूंदें
  2. नाले
  3. पपीहे
  4. कोयल
  5. छाते
  6. बच्चे
  7. नदियाँ
  8. धरती
  9. रथ
  10. चिड़ियाँ
  11. घोड़े
  12. पत्ते
  13. डालियाँ
  14. लड़कियाँ

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए:

  1. धरती
  2. बाग
  3. नदी
  4. सागर
  5. शीतल
  6. पपीहा
  7. तपते
  8. मुसकाना

उत्तर:

  1. जमीन
  2. बगीचा
  3. सरिता
  4. समुद्र
  5. ठंडा
  6. चातक
  7. गरमाते
  8. हँसना

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 2 बूँदें

प्रश्न 3.
लिंग बदलिए:

  1. मोर
  2. मेंढक
  3. घोड़ा
  4. लड़की

उत्तर:

  1. मोरनी
  2. मेंढकी
  3. घोड़ी
  4. लड़का

प्रश्न 4.
विपरीत अर्थ के शब्द लिखिए:

  1. धरती
  2. आती
  3. गरमी
  4. शीतलता
  5. मिलना
  6. हर्ष
  7. बाढ़

उत्तरः

  1. आकाश
  2. जाती
  3. ठंडी
  4. उष्णता
  5. बिछड़ना
  6. शोक
  7. सूखा

प्रश्न 5.
बिन्दु’या चंद्र बिंदु’लगाकर शब्द लिखिए:

  1. बूद
  2. खेतो
  3. बागो
  4. मैदानो
  5. नालो
  6. मेढक
  7. चाद
  8. पाच
  9. चोच

उत्तर:

  1. बूंद
  2. खेतों
  3. बागों
  4. मैदानों
  5. नालों
  6. मेंढक
  7. चाँद
  8. पाँच
  9. चोंच

बूँदें Summary in Hindi

कविता का सारांशः

बारिश की बूंदों के साथ वातावरण में परिवर्तन होता है। बारिश की बूंदें चारों तरफ हरियाली फैलाती हैं। गरमी से परेशान लोगों को शीतलता देती हैं। पशु-पक्षियों को भी आनंदित करती हैं। पुरवाई के रथ पर चढ़कर ये बूंदें इठलाती और मुसकाती हुई आती हैं। बारिश की ये बूंदें नालों-नदियों से होती हुई सागर में मिलती हैं।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 2 बूँदें

शब्दार्थ:

  1. बूंदें – वर्षा की बूंदें (raindrops)
  2. धरती – ज़मीन (land)
  3. खेत – कृषि – भूमि (field)
  4. बाग – बगीचा (garden)
  5. शीतल – ठंडा (cool)
  6. पपीहा – एक पक्षी (cuckoo)
  7. हरषाना – खुश करना (to make happy)
  8. पुरवाई – पूरब से आनेवाली हवा (eastern breeze)
  9. इठलाना – इतराना
  10. मुसकाना – हँसना (smile)
  11. रिमझिम – बूंदों की आवाज़
  12. नाला – पानी निकलने का छोटा रास्ता
  13. नदी – सरिता (river)
  14. सागर – समुद्र (sea)
  15. तपना – अधिक गरमी लगना

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

Balbharti Maharashtra State Board Class 5 Marathi Solutions Sulabhbharati Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 5 Marathi Sulabhbharati Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

5th Standard Marathi Digest Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे Textbook Questions and Answers

1. एका वाक्यात उत्तरे लिहा.

प्रश्न (अ)
विठ्ठलचा जन्म कोठे झाला?
उत्तर:
विठ्ठलचा जन्म जमखंडी गावी झाला.

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

प्रश्न (आ)
विठ्ठल कोणकोणते खेळ खेळत असे?
उत्तर:
विठ्ठल हुतुतू, खो-खो, सुरपारंब्या हे खेळ खेळत असे.

प्रश्न (इ)
विठ्ठलच्या आजोबांनी दुष्काळाच्या वेळी गोरगरिबांना कोणती मदत केली?
उत्तर:
विठ्ठलच्या आजोबांनी दुष्काळाच्या वेळी गोरगरिबांना मक्याचे दाणे वाटले.

प्रश्न (ई)
महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे यांनी आयुष्यभर कोणते कार्य केले?
उत्तरः
महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे यांनी आयुष्यभर समाजसुधारणा करण्याचे कार्य केले.

2. योग्य पर्याय ‘✓’ निवडून लिहा.

प्रश्न 1.
गोरगरीब लोक विठ्ठलला आशीर्वाद देत असत, कारण ……………………..
(अ) तो वेगवेगळ्या प्रकारचे खेळ खेळत असे.
(आ) तो आजोबांबरोबर गोरगरिबांना मक्याचे दाणे वाटत असे.
उत्तरः
कारण तो आजोबांबरोबर गोरगरिबांना मक्याचे दाणे वाटत असे.

प्रश्न 2.
जेवताना एके दिवशी भिकारी दाराशी आला, तेव्हा ……………………..
(अ) विठ्ठलने जेवणाचे ताटच त्या भुकेलेल्या माणसाला दिले.
(आ) भुकेलेल्या माणसाला निघून जायला सांगितले.
उत्तरः
तेव्हा विठ्ठलने जेवणाचे ताटच त्या भुकेलेल्या माणसाला दिले.

3. खालील शब्दांचे विरुद्धार्थी शब्द लिहा.

प्रश्न 1.
खालील शब्दांचे विरुद्धार्थी शब्द लिहा.
(अ) जन्म
(आ) आवड
उत्तरः
(अ) मृत्यू
(आ) नावड

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

4. कंसात दिलेल्या शब्दांचे विरुद्ध अर्थ असलेले शब्द वापरून खालील वाक्ये पूर्ण करा.

प्रश्न 1.
कंसात दिलेल्या शब्दांचे विरुद्ध अर्थ असलेले शब्द वापरून खालील वाक्ये पूर्ण करा.
(अ) डोंगर पर्वतापेक्षा ………………. आहे. (मोठा)
(आ) हरवलेला चेंडू सापडल्याने मला खूप ……………… झाला. (दुःख)
(इ) ससा हा प्राणी ……………….असतो. (धीट)
(ई) राजूला ……………….कपडे आवडत नाहीत. (सैल)
(उ) वीणा …………….. चालते. (भरपूर)
उत्तरः
(अ) लहान
(आ) आनंद
(इ) भित्रा
(ई) घट्ट
(उ) हळूहळू

5. खालील शब्द वाचा व असेच लिहा.
विठ्ठल, अण्णासाहेब, हुतुतू, धार्मिक, संस्कार, दुष्काळ, महर्षी, ध्यास, आयुष्यभर, हृदय.

6. तुमच्या परिसरात एखादी दानशूर व्यक्ती राहते का? ती व्यक्ती संकटाच्या वेळी इतरांना कोणती मदत करते, याची माहिती मिळवा. वर्गात सांगा.

• खाली दिलेले वाक्य वाचा व दिलेल्या चाररेघांमध्ये वळणदार अक्षरांत लिहा.
Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे 1

Marathi Sulabhbharati Class 5 Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे Additional Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
एका शब्दात उत्तरे लिहा.

  1. अण्णासाहेबांच्या वडिलांचे नाव काय होते?
  2. अण्णासाहेबांच्या आईचे नाव काय होते?
  3. विठ्ठलचे वडील कोणत्या वृत्तीचे होते?
  4. विठ्ठलच्या आजोबांचे नाव काय होते?
  5. विठ्ठलच्या मळ्यात कोणते पीक आले होते?
  6. विठ्ठलजेवायला बसला असताना तेथे कोण आले?
  7. विठ्ठल रामजी शिंदे यांनी कोणत्या गोष्टीचा अखंड ध्यास घेतला?

उत्तर:

  1. रामजी
  2. यमुनाबाई
  3. धार्मिक
  4. वसंतराव
  5. मका
  6. भिकारी
  7. समाजसुधारणेचा

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

एका वाक्यात उत्तरे लिहा.

प्रश्न 1.
विठ्ठलचा जन्म कोठे झाला?
उत्तर:
विठ्ठलचा जन्म जमखंडी गावी झाला.

प्रश्न 2.
विठ्ठल कोणकोणते खेळ खेळत असे?
उत्तर:
विठ्ठल हुतुतू, खो-खो, सुरपारंब्या हे खेळ खेळत असे.

प्रश्न 3.
विठ्ठलच्या आजोबांनी दुष्काळाच्या वेळी गोरगरिबांना कोणती मदत केली?
उत्तर:
विठ्ठलच्या आजोबांनी दुष्काळाच्या वेळी गोरगरिबांना मक्याचे दाणे वाटले.

प्रश्न 4.
महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे यांनी आयुष्यभर कोणते कार्य केले?
उत्तरः
महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे यांनी आयुष्यभर समाजसुधारणा करण्याचे कार्य केले.

प्रश्न 5.
लहानपणीच्या खेळांमध्ये विठ्ठलचे कोणते गुण दिसून येत असत?
उत्तर:
लहानपणीच्या खेळांमध्ये विठ्ठलचे धीटपणा व सोशीकता हे गुण दिसून येत असत.

प्रश्न 6.
लहानग्या विठ्ठलच्या मनावर कोणता संस्कार उमटला होता?
उत्तर:
लहानग्या विठ्ठलच्या मनावर ‘माणसामाणसांत भेद करणे योग्य नाही’, हा संस्कार उमटला होता.

प्रश्न 7.
छोटा विठ्ठल चार वर्षांचा असताना दक्षिण भारतात काय झाले?
उत्तर:
छोटा विठ्ठल चार वर्षांचा असताना दक्षिण भारतात महाभयंकर दुष्काळ पडला.

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

प्रश्न 8.
विठ्ठल यांना लोकं कोणत्या नावाने आजही ओळखतात?
उत्तर:
विठ्ठल यांना लोकं अण्णासाहेब शिंदे’ या नावाने आजही ओळखतात.

प्रश्न 9.
रिकाम्या जागा भरा.

  1. विठ्ठल यांचा जन्म …………………… गावी झाला.
  2. लहानग्या विठ्ठलला अत्यंत आवड होती.
  3. त्यांचे वडील ……………….. वृत्तीचे होते.
  4. सर्व ………….. लोक त्यांच्या घरी येत असत.
  5. दक्षिण भारतात महाभयंकर ……………………… पडला होता.
  6. विठ्ठलच्या ………. मक्याचे चांगले पीक आलेले होते.
  7. आजोबा वसंतराव ………………….. होते
  8. लोक विठ्ठलचे ……………………… करत व …………………… देत.

उत्तर:

  1. जमखंडी
  2. खेळाची
  3. धार्मिक
  4. जातिधर्मांचे
  5. दुष्काळ
  6. मळ्यात
  7. दानशूर
  8. कौतुक, आशीर्वाद

योग्य पर्याय निवडून लिहा.

प्रश्न 1.
विठ्ठलच्या हृदयावर
(अ) संत एकनाथांच्या भारुडाचा ठसा उमटला होता.
(आ) संत तुकारामांच्या अभंगवाणीचा ठसा उमटला होता.
उत्तरः
संत तुकारामांच्या अभंगवाणीचा ठसा उमटला होता.

प्रश्न 2.
विठ्ठल ……………………. खेळात सदैव पुढे असे.
(अ) हुतूतू, खोखो
(आ) कबड्डी, लंगडी
उत्तरः
हुतूतू, खोखो

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

प्रश्न 3.
आयुष्यभर विठ्ठलने ध्यास घेतला.
(अ) लेखनाचा ध्यास घेतला
(आ) समाजसुधारणेचा ध्यास घेतला
उत्तरः
समाजसुधारणेचा ध्यास घेतला

थोडक्यात उत्तरे लिहा.

प्रश्न 1.
वडिलांच्या धार्मिक वृत्तीचा व घरातील वातावरणाचा परिणाम विठ्ठलवर कसा झाला होता?
उत्तर:
विठ्ठलचे वडील धार्मिक वृत्तीचे होते. त्यांच्या धार्मिक वृत्तीचा विठ्ठलवरही परिणाम झाला होता. सर्व जातिधर्मांचे लोक त्यांच्या घरी येत असत. माणसामाणसांत भेद करणे योग्य नाही, याचा संस्कार घरातील वातावरणामुळे लहानग्या विठ्ठलच्या मनावर उमटला.

प्रश्न 2.
विठ्ठलचा दयाळूपणा कोणत्या प्रसंगावरून दिसून येतो?
उत्तर:
एकदा विठ्ठल जेवायला बसला होता. समोर ताट होते. तेवढ्यात एक भिकारी दाराशी आला. विठ्ठलाने क्षणाचाही विचार न करता आपल्या समोरील ताट त्या भुकेल्या भिकाऱ्याला दिले. या प्रसंगावरून विठ्ठलाचा दयाळूपणा दिसून येतो.

प्रश्न 3.
पाठात आलेल्या तुकारामांच्या अभंगाचा अर्थ लिहा व समजून घ्या.
उत्तर:
हा अभंग साधु म्हणजेच सज्जन माणसांच्या लक्षणाविषयी आहे. यात म्हटले आहे की, जे गरिबीने पिडलेले व गांजलेले आहेत, त्यांना आपला मानणारा जो आहे, तोच सज्जन आहे. देव त्यांच्याच ठायी आहे. देव तिथेच आहे. देवळात किंवा मूर्तीत नाही.

प्रश्न 4.
विठ्ठलचे कोणकोणते गुण या पाठात दिसून येतात?
उत्तर:
लहानपणीच्या खेळांमध्ये विठ्ठलचा धीटपणा व सहनशीलता दिसून येते. धार्मिकता, दयाळूपणा, समाजाविषयी आस्था हे गुण विठ्ठलच्या वाढत्या वयात दिसून येतात.

प्रश्न 5.
आजोबांचा दानशूरपणा विठ्ठलमध्ये कोणत्या गोष्टींवरून दिसून येतो?
उत्तर:
विठ्ठल चार वर्षांचा असताना दक्षिण भारतात महाभयंकर दुष्काळ पडला होता. पण त्यांच्या मळ्यात मात्र मक्याचे चांगले पीक आलेले होते. त्याचे आजोबा दानशूर होते. रोज सकाळी ते कट्ट्यावर बसत व गोरगरिबांना मक्याचे दाणे वाटत असत. त्यावेळी विठ्ठलही त्यांना या कामात मदत करत असे, या गोष्टीवरून आजोबांचा दानशूरपणा विठ्ठलमध्ये दिसून येतो.

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

व्याकरण व भाषाभ्यास:

प्रश्न 1.
खालील शब्दांचे विरुद्धार्थी शब्द लिहा.

  1. दानशूर
  2. लहान
  3. दुष्काळ
  4. दयाळू
  5. भेद
  6. चांगले
  7. गरीब
  8. कौतुक
  9. धार्मिक
  10. आशीर्वाद

उत्तरः

  1. कंजूष
  2. मोठे
  3. सुकाळ
  4. दुष्ट
  5. साम्य
  6. वाईट
  7. श्रीमंत
  8. निंदा
  9. अधार्मिक
  10. शाप

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिहा.

  1. गाव
  2. आई
  3. वडील
  4. सदैव
  5. भेदः
  6. मन
  7. गरीब
  8. कौतुक
  9. आयुष्य

उत्तर:

  1. खेडे
  2. जननी
  3. बाबा, पिता
  4. नेहमी
  5. फरक
  6. चित्त
  7. दरिद्री
  8. स्तुती
  9. जीवन

प्रश्न 3.
लिंग बदला.

  1. वडील
  2. छोटा
  3. आजोबा
  4. भिकारी

उत्तरः

  1. आई
  2. छोटी
  3. आजी
  4. भिकारीण

प्रश्न 4.
वचन बदला.

  1. गाव
  2. आवड
  3. वृत्ती
  4. घर
  5. जात
  6. भेद
  7. मन
  8. पीक
  9. दाणा
  10. मदत
  11. ताट
  12. ठसा
  13. कार्य

उत्तर:

  1. गावे
  2. आवडी
  3. वृत्ती
  4. घरं/घरे
  5. जाती
  6. भेद
  7. मने
  8. पिके
  9. दाणे
  10. मदत
  11. ताटे
  12. ठसे
  13. कार्ये

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

प्रश्न 5.
कंसात दिलेल्या शब्दांचे विरुद्ध अर्थ असलेले शब्द वापरून खालील वाक्ये पूर्ण करा.

  1. त्या वर्षी गावात ……………………… पाऊस पडला. (अल्प)
  2. सोनालीने ……………………….. वाकून पाहिले (बाहेर)
  3. साठवून ठेवलेल्या …………………….. गवताला आग लागली. (ओल्या )
  4. राहुलने …………………………… गणित सोडवले. (सोपे)
  5. राजा …………………….. आहे. (कंजूष)
  6. बाबांनी आईच्या बोलण्याकडे ………………………… केले. (लक्ष)
  7. कार्यक्रमाचा ………………………… चांगला झाला. (सुरुवात)
  8. गुढीपाडव्याच्या दिवशी आम्ही सोन्याची …………………. केली. (विक्री)

उत्तरः

  1. अती
  2. आत
  3. सुक्या
  4. कठीण
  5. दानशूर
  6. दुर्लक्ष
  7. शेवट
  8. खरेदी

प्रश्न 6.
पुढील देशभक्तांच्या घोषणा लिहा.
उत्तरः

देशभक्तघोषणा
1. महात्मा गांधीकरो या मरो।
2. लोकमान्य टिळकस्वराज्य हा माझा जन्मसिद्ध हक्क आहे आणि तो मी मिळवणारच.
3. नेताजी शुभाषचंद्र बोसतुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आझादी दूंगा ।
4. लालबहादूर शास्त्रीजय जवान, जय किसान।
5. चाचा नेहरूआराम हराम है।
6. इंदिरा गांधी गरीबी हटाओ।

पुढील उतारा वाचून त्याखालील प्रश्नांची उत्तरे लिहा.

प्रश्न 1.
महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे यांचा जन्म कर्नाटकातील जमखंडी गावात 23 एप्रिल 1873 रोजी झाला.महर्षी शिंदे यांनी सामाजिक व धार्मिक कार्यात आपले आयुष्य वेचले. महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे यांनी अस्पृश्यता व सामाजिक समानता घडवून आणण्यासाठी प्रयत्न केले. महर्षी शिंदे यांच्यावर जॉन स्टुअर्ट मिल स्पेन्सर हर्बर्ट आणि मॅक्सम्युलर या इंग्रजी विचारवंतांचा प्रभाव होता. विठ्ठल शिंदे यांनी कलाशाखेच्या पदवीचे शिक्षण पुणे येथील फर्ग्युसन महाविदयालयात घेतले. महात्मा गांधी व महाराजा सयाजीराव गायकवाड यांच्याबरोबर विठ्ठल शिंदे यांनी काम केले. 2 जानेवारी 1944 रोजी विठ्ठल शिंदे यांचे निधन झाले.

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

प्रश्न 2.
महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे यांचा जन्म केव्हा व कुठे झाला?
उत्तर:
महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे यांचा जन्म कर्नाटकातील जमखंडी गावात 23 एप्रिल 1873 रोजी झाला.

महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे Summary in Marathi

पक्ष्यपरिचय:

महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे यांच्या जीवनकार्याविषयी माहिती प्रस्तुत पाठात सांगितली आहे.

Maharashtra Board Class 5 Marathi Solutions Chapter 27 महर्षी विठ्ठल रामजी शिंदे

शब्दार्थ:

  1. सदैव – नेहमी (always, ever)
  2. धीटपणा – साहसी, धैर्यशाली (courageous, fearless)
  3. सहनशीलता- सोशिकता (tolerance)
  4. धार्मिक – पुण्यवान, सदाचारी (religious)
  5. वृत्ती – आचरण, वागणूक (behaviour, conduct)
  6. परिणाम – प्रभाव (an effect, an impression)
  7. भेद – फरक, भिन्नता (a discrimination)
  8. उमटणे – स्पष्ट दिसणे (to be clear)
  9. महाभयंकर – भितिदायक (fearful, dreadful)
  10. दुष्काळ – अन्नाची टंचाई, दुर्भिक्ष (a famine)
  11. मळा – बागाईत, भाजी पिकवण्याचे ठिकाण (a vegetable garden)
  12. दानशूर – उदार मनाचा (generous, liberal)
  13. आशीर्वाद – शुभेच्छा, दुवा (blessings)
  14. भिकारी – भिक मागून जगणारा (a beggar)
  15. दयाळूपणा – दुसऱ्यावर दया करण्याचा स्वभाव, प्रेमळपणा (kindness)
  16. अभंगवाणी – काव्यरचनेचा एक प्रकार (a species of verse)
  17. हृदय – मन (heart)
  18. आयुष्य – जीवितकाळ (life-time)
  19. समाजसुधारणा – समाजहितासाठी आरंभलेले कार्य (social service)
  20. अखंड – अविरत (continuous, an ending)
  21. ध्यास – अतिशय उत्कट इच्छा (a great longing)
  22. कार्य – योगदान, एखादया क्षेत्रात घातलेली भर/ कामगिरी (a contribution to the enrichment of a certain field)

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 1 नंदनवन

Balbharti Maharashtra State Board Class 5 Hindi Solutions Sulabhbharati Chapter 1 नंदनवन Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 5 Hindi Sulabhbharati Solutions Chapter 1 नंदनवन

5th Standard Hindi Digest Chapter 1 नंदनवन Textbook Questions and Answers

1. देखो, बताओ और कृति करो:

प्रश्न 1.
देखो, बताओ और कृति करो:

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 1 नंदनवन

Hindi Sulabhbharati Class 5 Solutions Chapter 1 नंदनवन Additional Important Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

प्रश्न 1.
अपने आस-पास दिखने वाले प्राणियों के नाम बताइए?
उत्तर:
बिल्ली, कुत्ता, गाय, गधा, भैंस आदि।

प्रश्न 2.
गाय क्या खाती है?
उत्तर:
गाय घास खाती है।

प्रश्न 3.
तितली किस पर मँडराती है?
उत्तर:
तितली फूलों पर मँडराती है।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 1 नंदनवन

प्रश्न 4.
भेड़ से हमें क्या मिलता है?
उत्तर:
भेड़ से हमें ऊन मिलता है।

प्रश्न 5.
भेड़िए की तरह दिखनेवाले किसी अन्य प्राणी का नाम बताइए।
उत्तर:
भेड़िए की तरह दिखनेवाला दूसरा प्राणी कुत्ता है।

प्रश्न 6.
चित्र में कौन क्या कह रहा है? जोड़ियाँ मिलाइए:

(अ)(ब)
1. तोता(अ) नाचो – गाओ।
2. तितली(आ) नमस्ते!
3. खरगोश(इ) हम सब साथ हैं।
4. भेड़िया(ई) कतार में चलो।
5. हाथी(उ) स्वागत है।

उत्तर:

  1. नमस्ते!
  2. स्वागत है।
  3. नाचो – गाओ।
  4. हम सब साथ हैं।
  5. कतार में चलो।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 1 नंदनवन

पाठ्यपुस्तक पृष्ठ क्र. 2 के चित्र को देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

प्रश्न 1.
जंगल में कितने प्राणी दिखाई दे रहे हैं?
उत्तर:
पाँच।

प्रश्न 2.
स्वागत कौन कर रहा है?
उत्तर:
तितली।

प्रश्न 3.
नंदनवन में कितने वृक्ष दिख रहे हैं?
उत्तर:
तीन।

प्रश्न 4.
चित्र में पेड़ के पीछे कौन खड़ा है?
उत्तर:
हाथी।

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 1 नंदनवन

सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

प्रश्न 1.
सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(खुशहाली, रंग-बिरंगी, हरा-भरा, सफेद, पौधे-पेड़, हरा)

  1. तोते का रंग ……………..’ होता है।
  2. तितली ……………. होती है।
  3. खरगोश ………………… रंग का होता है।
  4. ……………… लगाओ ………………….. बचाओ।
  5. जंगल …………….. होगा, तभी चारों तरफ ………… होगी।

उत्तर:

  1. हरा
  2. रंग-बिरंगी
  3. सफेद
  4. पौधे, पेड़
  5. हरा-भरा, खुशहाली।

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

 (अ)(ब)
1. शेर(अ) टर्र – टर्र
2. बिल्ली(आ) हिनहिनाना
3. बंदर(इ) म्याऊँ – म्याऊँ
4. मेंढक(ई) दहाड़ना
5. घोड़ा(उ) गुटर –  गूँ
6. कबूतर(ऊ) चिल्लाना

उत्तर:

  1. दहाड़ना
  2. म्याऊँ – म्याऊँ
  3. चिल्लाना
  4. टर्र – टर्र
  5. हिनहिनाना
  6. गुटर – गूँ

Maharashtra Board Class 5 Hindi Solutions Chapter 1 नंदनवन

प्रश्न 3.

 (अ)(ब)
1. मोर(अ) कुहू – कुहू
2. कौआ(आ) टर्र – टर्र
3. तोता(इ) ची – चीं
4. चिड़िया(ई) गुटर – यूँ
5. कबूतर(उ) टें – टें
6. मेंढक(ऊ) काँव – काँव
7. कोयल(ए) क्वें – क्वें

उत्तर:

  1. क्वें – क्वें
  2. काँव – काँव
  3. टें -टें
  4. ची – चीं
  5. गुटर – गूँ
  6. टर्र – टर्र
  7. कुहू – कुहू।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

Balbharti Maharashtra State Board Class 9 Sanskrit Solutions Aamod Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

Sanskrit Aamod Std 9 Digest Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः Textbook Questions and Answers

भाषाभ्यास:

श्लोकः 1

1. एकवाक्येन उत्तरत।

प्रश्न अ.
विपर्ययः कस्मिन् शब्दे दृश्यते ?
उत्तरम् :
विपर्ययः ‘साक्षराः’ इति पदे दृश्यते।

प्रश्न आ.
विपर्यय: कस्मिन् शब्दे न दृश्यते ?
उत्तरम् :
विपर्ययः ‘सरस’ इति पदे न दृश्यते।

प्रश्न इ.
मानवाः कीदृशाः भवेयुः?
उत्तरम् :
मानवा: साक्षराः भवेयुः।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

प्रश्न ई.
मानवाः कीदृशाः न भवेयु:?
उत्तरम् :
मानवा: राक्षसाः न भवेयुः।

2. कोष्टकं पूरयत।

प्रश्न 1.
कोष्टकं पूरयत।
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः 1
(सरसत्वम्, राक्षसत्वम्, विपरीतत्वम्)
उत्तरम् :
1. राक्षसत्वम्
2. सरसत्वम्

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

3. समानार्थकशब्द लिखत ।
राक्षसः, सरसः

प्रश्न 1.
समानार्थकशब्द लिखत ।
राक्षसः, सरसः
उत्तरम् :

  • राक्षस: – असुरः।
  • सरस: – रसपूर्णः।

4. सन्धिविग्रहं कुरुत।

प्रश्न 1.
अ) विपरीतोऽपि = …………..
आ) विपरीताश्चेत् = प्रलोकः
उत्तरम् :
अ) विपरीतोऽपि – विपरीतः + अपि।
आ) विपरीताश्चेत् – विपरीताः + चेत्।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

श्लोकः 2

2. 1. एकवाक्येन उत्तरत।

प्रश्न अ.
वृक्षाग्रवासी कः?
उत्तरम् :
पक्षिराजः वृक्षाग्रवासी।नारिकेलं वृक्षाग्रवासी।

प्रश्न आ.
कः पक्षिराजः?
उत्तरम् :
गरुडः पक्षिराजः अस्ति ।

प्रश्न इ.
क: त्रिनेत्रधारी?
उत्तरम् :
शङ्करः त्रिनेत्रधारी। नारिकेलं त्रिनेत्रधारी।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

प्रश्न ई.
कः शूलपाणिः ?
उत्तरम् :
शङ्करः शूलपाणिः।

प्रश्न उ.
क: जलं बिभर्ति ?
उत्तरम् :
घट: मेघः च जलं बिभर्तः। नारिकेलं जलं बिभर्ति।

प्रश्न ऊ.
कः त्वम्वस्त्रं धारयति ?
उत्तरम् :
सिद्धयोगी त्वम्वस्त्र धारयति। नारिकेलं त्वग्वस्वं धारयति।

2. शब्दसमूहस्य कृते एकं संक्षेपशब्द लिखत ।

प्रश्न 1.
अ) यः वृक्षस्य अग्रभागे निवसति – ……………
आ) पक्षिणां राजा – ……………
इ) यस्य त्रीणि नेत्राणि – …………..
ई) शूलं पाणौ यस्य सः – ……………
उ) यः त्वग्वस्त्रं धारयति – …………….
उत्तरम् :
अ) यः वृक्षस्य अग्रभागे निवसति – वृक्षाग्रवासी।
आ) पक्षिणां राजा – पक्षिराजः।
इ) यस्य त्रीणि नेत्राणि – त्रिनेत्रधारी।
ई) शूलं पाणौ यस्य सः – शूलपाणिः।
उ) य: त्वग्वस्त्रं धारयति . त्वग्वस्त्रधारी।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

3. योग्यं पर्यायं चिनुत –

प्रश्न 1.
अ. पक्षिराजः वृक्षाग्रे (वसति/न वसति)।
आ. घटः त्रीणि नेत्राणि (धारयति/न धारयति)।
इ. शूलपाणिः जलं (बिभर्ति न बिभर्ति)।
ई. नारिकेलं त्वग्वस्त्रं (धारयति/न धारयति)।
उत्तरम् :
अ. पक्षिराज: वृक्षाग्रे वसति।
आ. घट: त्रीणि नेत्राणि न धारयति।
इ. शूलपाणि: जलं न बिभर्ति।
ई. नारिकेलं त्वग्वस्वं धारयति।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

4. समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।

प्रश्न 1.
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
उत्तरम् :

  • पक्षिराज: – गरुडः।
  • शूलपाणिः – शङ्करः।
  • जलम् – तोयम्।
  • मेष: – जलदः।
  • वृक्षः – तरुः।
  • सिद्धयोगी – तपस्वी।

श्लोकः 3.

1. कः कं वदति? ‘पत्रं लिख।’

प्रश्न 1.
कः कं वदति? ‘पत्रं लिख।’
उत्तरम् :
पिता पुत्रं वदति।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

2. एकवाक्येन उत्तरत।

प्रश्न अ.
केन आज्ञा दत्ता?
उत्तरम् :
तातेन आज्ञा दत्ता।

प्रश्न आ.
केन आज्ञा न लजिता ।
उत्तरम् :
पुत्रेण आज्ञा न लङ्घिता।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

प्रश्न इ.
पत्रं केन लिखितम् ?
उत्तरम् :
पुत्रेण पत्रं लिखितम्।

3. विशेषण-विशेष्य-अन्वितिं पूरयत ।

प्रश्न 1.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः 2
उत्तरम् :
1. कथितः
2. पत्रम्

4. सन्धिविग्रहं कुरुत।

प्रश्न 1.
ममाज्ञया, पितुराज्ञा
उत्तरम् :

  • ममाज्ञया – मम + आज्ञया।
  • पितुराज्ञा – पितुः + आज्ञा।

5. श्लोकात् ‘क्त’ प्रत्ययान्तरूपाणि (क.भू.धा.वि.)
चिनुत लिखत च।
उत्तरम् :

  1. कथितम्
  2. लिखितम्
  3. लक्षिता

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

श्लोकः 4.

1. क्रमानुसारं रचयत।

प्रश्न 1.
अ. त्रि-अक्षरयुक्ते शब्दे ‘य’ मध्ये तिष्ठति ।
आ. शब्दस्य आरम्भे ‘न’ विद्यते।
इ. शब्दस्य अन्ते अपि ‘न’ विद्यते।
उत्तरम् :
आ. शब्दस्य आरम्भे ‘न’ विद्यते,
अ. त्रि-अक्षरयुक्ते शब्दे ‘य’ मध्ये तिष्ठति।
इ. शब्दस्य अन्ते अपि ‘न’ विद्यते।

2. प्राप्तम् उत्तरम्  – [ ] [ ] [ ]

प्रश्न 1.
प्राप्तम् उत्तरम्  – [ ] [ ] [ ]

3. सन्धिं कुरुत।

प्रश्न 1.
अ. तस्य + आदिः (अ + आ) ………….
आ. तस्य + अन्तः (अ + अ) ………..
इ. तव + अपि (अ + अ) ………..
ई. अपि + अस्ति (इ + अ) ……….
उत्तरम् :
अ. तस्यादिर्न – तस्य + आदि: + न।
आ. तस्यान्तः – तस्य + अन्तः।
इ. तवाप्यस्ति – तव + अपि + अस्ति।
ई. ममाप्यस्ति – मम + अपि + अस्ति।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

4. श्लोकात् षष्ठ्यन्तपदानि चिनुत लिखत च।

प्रश्न 1.
श्लोकात् षष्ठ्यन्तपदानि चिनुत लिखत च।

श्लोकः 5.

1. तालिकापूर्ति कुरुत।

प्रश्न 1.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः 3
मञ्जूषा-(सज्जनस्य,धीवरः,लुब्धकः,मृगस्य,मीनस्य, पिशुन:)
उत्तरम् :
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः 5

2. अधोदत्तवाक्यानि श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुन: लिखत।

प्रश्न अ.
हरिणः शष्पाणि भक्षयति तथापि व्याधः तस्य शत्रुः भवति।
उत्तरम् :
मृगः शष्पाणि भक्षयति तथापि लुब्धकः तस्य वैरी भवति।

प्रश्न आ.
मत्स्य: जलं पिबति तथापि धीवरः तस्य रिपुः भवति।
उत्तरम् :
मीन : तोयं पिबति तथापि धीवर: तस्य वैरी भवति।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

प्रश्न इ.
सत्पुरुषः निःस्पृहः वर्तते तथापि दुर्जनः तस्य अरि: भवति।
उत्तरम् :
सज्जन : निस्पृहः वर्तते तथापि पिशुन: तस्य वैरी भवति।

श्लोकः 6.

1. एकवाक्येन उत्तरत।

प्रश्न अ.
कस्याः नद्याः वर्णनं सुभाषिते वर्तते?
उत्तरम् :
गङ्गानद्या: वर्णनं सुभषिते वर्तते।

प्रश्न आ.
शतचन्द्रं नभस्तलं कुत्र शोभते ?
उत्तरम् :
गढ़ानद्या: चञ्चलतरे वारिणि शतचन्द्रं नभस्तलं शोभते।

2. विशेषणैः जालरेखाचित्रं पूरयत ।

प्रश्न 1.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः 4
उत्तरम् :

  1. प्रतिबिम्बितम्
  2. शतचन्द्रम्
  3. तारकायुक्तम्

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3. विशेषणं लिखत।

प्रश्न 1.
विशेषणं लिखत।
1. …………. वारिणि।
2. ……………नभस्तलम्।
उत्तरम् :
1. चञ्जलतरे वारिणि।
2. तारकायुक्तम् नभस्तलम्।

4. गङ्गा इति शब्दस्य अमरपङ्क्तिं लिखत।

प्रश्न 1.
गङ्गा इति शब्दस्य अमरपङ्क्तिं लिखत।
उत्तरम् :
गङ्गा – जाह्नवी, भागीरथी जहुतनया, विष्णुपदी।

श्लोकः 7.

1. रिक्तस्थानं पूरयत।

प्रश्न 1.
अ. त्वं धनिनां ………………………. मुहुः न ईक्षसे।
आ. त्वं मृषा चाटून् न ……………. ।
इ. त्वं एषां ………………. न शृणोषि।
ई. त्वं तान् प्रति …………….. न धावसि।
उ. त्वं काले बालतृणानि …………..।
ऊ. त्वं …………….. निद्रासि।
ऋ. हे कुरङ्ग, तद् …………………. ब्रूहि।
ऋ. भवता किं नाम तपः …………………….।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

2. प्रश्ननिर्माणं कुरुत।

प्रश्न अ.
त्वं धनिनां वक्त्रं मुहुः न ईक्षसे।
उत्तरम् :
त्वं किं मुहुः न ईक्षसे?

प्रश्न आ.
त्वं निद्रागमे निद्रासि।
उत्तरम् :
त्वं कदा निद्रासि?

3. समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
वदनम्, असत्यम्, शष्पम्, स्वापः, मृगः, पश्यसि

प्रश्न 1.
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
वदनम्, असत्यम्, शष्पम्, स्वापः, मृगः, पश्यसि
उत्तरम् :

  • वक्त्रम् – मुखम, तुण्डम्, वदनम्
  • मृषा – असत्यम्, मिथ्या।
  • तृणम् – शष्पम्
  • निद्रा – स्वापः, शयनम्।
  • मृगः – हरिणः।
  • ईक्षसे – पश्यसि

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4. श्लोकात् षष्ठ्यन्तपदे चिनुत लिखत च।

प्रश्न 1.
श्लोकात् षष्ठ्यन्तपदे चिनुत लिखत च।
उत्तरम् :
तस्य, तव, मम

Sanskrit Aamod Class 9 Textbook Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः Additional Important Questions and Answers

एकवाक्येन उत्तरत।

प्रश्न 1.
सरसत्वं कदा न मुञ्चति?
उत्तरम् :
‘सरस’ इति पदस्य अक्षराणां क्रम: विपरीतं क्रियते चेत् अपि तस्य सरसत्वं न मुञ्चति।

प्रश्न 2.
‘साक्षरा’ इति पदं विपरीतं क्रियते चेत् किं भवति?
उत्तरम् :
‘साक्षरा’ इति पदं विपरीतं क्रियते चेत् ‘राक्षसा’ इति भवति।

प्रश्न 3.
गङ्गायाः वारिणि किं शोभते?
उत्तरम् :
गङ्गायाः वारिणि तारकायुक्तं शतचन्द्रं नभस्तलं शोभते।

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प्रश्न 4.
मृगाः किं खादन्ति?
उत्तरम् :
मृगाः तृणानि खादन्ति।

प्रश्न 5.
मीनाः कुत्र विहरन्ति?
उत्तरम् :
मीनाः जले विहरन्ति।

प्रश्न 6.
सज्जनानां का वृत्तिः?
उत्तरम् :
सन्तोषः इति सज्जनानां वत्तिः।

प्रश्न 7.
अस्याः प्रहेलिकाया: उत्तरं किम् ?
उत्तरम् :
‘नयन’ इति अस्याः प्रहेलिकायाः

प्रश्न 8.
पुत्रेण कस्य आज्ञा न लचिता?
उत्तरम् :
पुत्रेण पितु: आज्ञा न लड़िता।

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प्रश्न 9.
कुरङ्गः किं न ईक्षते?
उत्तरम् :
कुरङ्गः धनिनां वक्त्रं न ईक्षते।

प्रश्न 10.
कुरङ्गः किं न शृणोति?
उत्तरम् :
कुरङ्ग: गर्ववचः न शृणोति।

प्रश्न 11.
कुरङ्गः किं खादति?
उत्तरम् :
कुरङ्गः बालतृणानि खादति।

प्रश्न 12.
कुरङ्गः किं न बूते?
उत्तरम् :
कुरङ्गः मृषा चाटून् न बूते।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

लकारं लिखत।

  • मुशति – मुच्-मुक् धातुः षष्ठगण: उभयपदम् अत्र परस्मैपदं लट्लकार : प्रथमपुरुष: एकवचनम्।
  • ईक्षसे – ईक्ष् धातुः प्रथमगण; आत्मनेपदं लट्लकार: मध्यमपुरुषः एकवचनम्।
  • खादसि – खाद् धातुः प्रथमगणः परस्मैपदं लट्लकार: मध्यमपुरुष: एकवचनम्।
  • पे – दूधातुः द्वितीयगण: उभयपदम् अत्र आत्मनेपदं लट्लकार: मध्यमपुरुष: एकवचनम्।
  • शृणोषि – शु धातुः पञ्चमगणः परस्मैपदं लट्लकार: मध्यमपुरुष: एकवचनम्।
  • धावसि – धाव् धातुः प्रथमगणः परस्मैपदं लट्लकार: मध्यमपुरुषः एकवचनम्।
  • शोभते – शुभ् धातुः प्रथमगण: आत्मनेपदं लट्लकार: प्रथमपुरुषः एकवचनम्
  • तिष्ठति – ‘स्था-तिष्ठ्’ धातुः प्रथमगण: परस्मैपदं लट्लकार: प्रथमपुरुषः एकवचनम्।
  • जानाति – ‘ज्ञा’ धातुः नवमगण: उभयपदम् अत्र परस्मैपदं लट्लकार: प्रथमपुरुष: एकवचनम्।
  • लिख – लिख् धातुः षष्ठगणः परस्मैपद लोट्लकार: मध्यमपुरुष: एकवचनम्

विभक्त्यन्तपदानि।

  • प्रथमा – वृक्षाप्रवासी, पक्षिराजः, त्रिनेत्रधारी, त्वग्वसधारी, सिद्धयोगी, घटः, मेघः, वैरिणः, पिशुनाः, तृणम्, जलम्, सन्तोषः, प्रतिबिम्बितम्, तारकायुक्तम्, शतचन्द्रम्, नभस्तलम्।
  • द्वितीया – वक्त्रम्, चाटून, तान, बालतृणानि।
  • तृतीया – आशया, भवता।
  • षष्ठी – सज्जनानाम्, वृत्तीनाम्, धनिनाम्, एषाम्।
  • सप्तमी – जगति, चञ्चलतरे, वारिणि।

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प्रश्ननिर्माणं कुरुत।

प्रश्न 1.

  1. पितुः आज्ञा न लाविता।
  2. पत्रं लिख।
  3. बालतृणानि खादसि।
  4. त्वं मृषा चाटून् न बूषे।
  5. तारकायुक्तं शतचन्द्रं नभस्तलं शोभते।
  6. गङ्गायाः वारिणि नभस्तलं प्रतिबिम्बितम्।

उत्तरम् :

  1. कस्य आज्ञा न लविता?
  2. किं लिख?
  3. त्वं किं खादसि?
  4. त्वं किं न बूषे?
  5. कीदृशं नभस्तलं शोभते?
  6. नभस्तलं कुत्र प्रतिबिम्बितम्?

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पद्यांशं पठित्वा जालरेखाचित्रं पूरयत।

प्रश्न 1.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः 6
उत्तरम् :
1. राक्षसाः
2. सरस

प्रश्न 2.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः 7
उत्तरम् :

  1. वक्षाग्रवासी
  2. जलं बिभ्रन्
  3. त्वग्वस्त्रधारी
  4. त्रिनेत्रधारी

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प्रश्न 3.
Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः 8
उत्तरम् :

  1. धनिनां वक्त्रस्य ईक्षणम्,
  2. धनिनां गर्ववचस: श्रवणम्,
  3. धनिनां प्रति आशया धावनम्,
  4. मृषा चाटूभाषणम्

समानार्थकशब्दं योजयित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।

  • पुत्र – पत्रं लिख। तनय, पत्रं लिख।
  • नभस् – नभः शोभते। गगनं शोभते।
  • वैरिन – जगति वैरी निष्कारणम् अस्ति। जगति शत्रुः निष्कारणम् अस्ति।

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व्याकरणम् :

नाम – तालिका।

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सर्वनाम – तालिका।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः 11

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

धातु – तालिका।

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समासाः।

समस्तपदम्अर्थ:समासविग्रहःसमासनाम
पक्षिराजःking of birdsपक्षिणां राजा।षष्ठी तत्पुरुष समास।
मृगमीनसज्जनानाम्of deers, fishes and noble onesमृगा: च मौना: च सज्जनाः च, तेषाम्।इतरेतर द्वन्द्व समास।
लुब्धकधीवरपिशुना:hunters, fishermen and wicked onesलुब्धकाः च धीवरा: च पिशुनाः च, तैः।इतरेतर द्वन्द्व समास।
नभस्तलम्surface of skyनभस: तलम्।षष्ठी तत्पुरुष समास।

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

धातुसाधितविशेषणानि।

धातुसाधित – विशेषणम्विशेष्यम्
लिखितम्पत्रम्
लङ्घिताआज्ञा
बिभ्रन्मेघः
तप्तम्तपः

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काव्यशास्त्रविनोदः Summary in Marathi and English

प्रस्तावना :

काव्यशास्त्रविनोद म्हणजे काव्य आणि शास्त्र यांच्याद्वारे केलेले मनोरंजन.
हा शब्द –
‘काव्यशास्त्रविनोदेन कालो गच्छति धीमताम्।
व्यसनेन च मूर्खाणां निद्रया कलहेन वा।।’
या श्लोकात आला आहे. याचा अर्थ असा – बुद्धिमान लोक काव्य आणि शास्त्र यांद्वारे मनोरंजन करण्यात वेळ वापरतात. तर मूर्ख लोक व्यसन, झोप, भांडण यांत वेळ घालवतात. संस्कृत भाषा सुभाषितांनी नटलेली आहे. काही सुभाषिते इतकी चमत्कृतीपूर्ण असतात की ती समजण्यासाठी आपल्या बुद्धीला ताण द्यावा लागतो. ती सुभाषिते समजायला अवघड असली तरी मनोरंजकसुद्धा असतात.
टीप : – या पद्यातील श्लोक हे माध्यमभाषेत भाषांतरासाठी आहेत आणि त्यांचे स्पष्टीकरणसुद्धा अपेक्षित आहे.

काव्यशास्त्रविनोद means amusement derived from poetry and science. This phrase is a part of the shlok
‘काव्यशास्त्रविनोदेन कालो गच्छति धीमताम्।
व्यसनेन च मूर्खाणां निद्रया कलहेन वा।।’
This means wise people spend their time in deriving amusment through poetry and scriptures but foolish spend their time in addiction, sleep or quarrel. We know that Sanskrit abounds in subhashitas.

Some Subhashitas are so marvellous that understanding them requires us to tickle over brain cells. These are not only challenging but also amusing at times. Note:- These shlokas are for writing the meaning in medium of answer and explanation to them is also expected.

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

श्लोकः – 1

साक्षरा …………….. मुञ्चति ।।1।।
श्लोकः : साक्षरा विपरीताश्चेद् राक्षसा एव केवलम्।
सरसो विपरीतोऽपि सरसत्वं न मुञ्चति ।।1।।
स्पष्टीकरणम् : साक्षरा: इति पदं विपरीतक्रमेण पठितं चेत् ‘राक्षसाः’ इति भवति। परं ‘सरसः’ इति पदं यथानुक्रमं वा विपरीतक्रमेण पठितं चेत् ‘सरसः’ इत्येव भवति। अत्र कविकल्पना एवं कविकौशलं विभाति।

अनुवादः

‘साक्षर’ हा शब्द उलट केला तर ‘राक्षस’ असा होतो. पण ‘सरस’ हा शब्द उलट केला तरी तो त्याचा सरसपणा सोडत नाही.
स्पष्टीकरण – ‘साक्षर’ मनुष्य जर विपरीत असेल तर तो राक्षसाप्रमाणे वागतो. म्हणजे तो त्याच्या ज्ञानाचा विपरीत वापर करून विघातक कृत्य करतो. पण ‘सरस’ म्हणजे उत्तम प्रवृत्तीचा मनुष्य संवेदनशील असतो. त्याचे वर्तन सरळ अथवा विपरीत परिस्थितीमध्ये सुद्धा बदलणार नाही.

The word ‘साक्षराः’ (literate) if reversed, becomes ‘राक्षसा:’ that is demons. But the word ‘सरस’ which means sensitive or filled with emotion doesn’t leave its sensitivity though reversed.

Explanation – This is poetic imagination which itself is the creativity of the poet. The poet says those who have only bookish knowledge whom we refer to as ‘pothi pandits’ if he is rubbed the wrong way will become evil like demons. Just as intelligent man has created weapons using science which is the wrong usage of knowledge.

On the other hand, a connoisseur is sensitive and even in difficult conditions, he still remains happy, because the word Rasa means आनंद i.e happiness, Rasika is always happy and also makes others happy.

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श्लोकः – 2

वृक्षाग्रवासी ………….. न मेघः।
श्लोकः : वृक्षानवासी न च पक्षिराज:
त्रिनेत्रधारी न च शूलपाणिः।
त्वग्वत्रधारी न च सिद्धयोगी
जलं च विभन्न घटोन मेघः।।

स्पष्टीकरणम् : सः वृक्षस्य अग्रे वसति किन्तु पक्षिराजः गरुडः न। तस्य त्रीणि नेत्राणि सन्ति किन्तु सः शूलपाणिः शङ्कर: न। सः वल्कलसदृशं वस्त्रं धारयति किन्तु स: सिद्धयोगी न। सः जलं धारयति किन्तु सः न घटः न च मेषः। अस्य उत्तरं वर्तते नारिकेलफलम्।

अनुवादः

तो वृक्षाच्या टोकावर राहतो पण पक्षीराज (गरुड) नाही. तीन डोळे आहेत पण शंकर नाही. वल्कले धारण करतो पण योगी नाही. पाणी धारण करतो पण घडा नाही व ढगही नाही.

स्पष्टीकरण – हे सुभाषित प्रहेलिका प्रकारातील आहे. प्रहेलिका म्हणजे कोडे. या कोड्याचे उत्तर आहे नारळ, नारळ झाडाच्या टोकावर असतो. त्याला तीन डोळे असतात, त्याला शेंडी असते आणि आत पाणी असते.

It lives on the top of the tree but is not the king of birds (garuda/eagle). It has three eyes but is not the one who holds the Trident (Shiva). It wears barkgarments but is not an accomplished ascetic (yogi), and it holds water but is neither a pot nor a cloud.

Explanation – This is a riddle or prahelika the answer to which is a coconut. A coconut grows on the top of the tree, it has three eyes below the tuft of coin on top, it has bark garments which is the coir and it has water in it.

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श्लोकः – 3

तातेन ……………… लड़िता।।3।।
श्लोकः : तातेन कथितं पुत्र पत्रं लिख ममाज्ञया।
न तेन लिखित पत्रं पितुराज्ञा न लड्डिता ।।3।।
स्पष्टीकरणम् : तातेन कथितं, “हे पुत्र, मम आज्ञया पत्रं लिख।” तेन पुत्रेण पत्रं न लिखितम्। तथापि पितुः आशा न लकिता। अर्थसङ्गतिः न दृश्यते। यदि ‘न तेन’ इति एकपदं क्रियते ‘नतेन’ इति पदेन अर्थबोधः भवति। नतेन नाम नमस्वभावेन पुत्रेण पत्रं लिखितम्। अपि च पितुः आज्ञा न लविता।

अनुवादः

वडिलांनी मुलाला सांगितले ‘माझ्या आज्ञेने पत्र लिही!’ त्याने पत्र लिहिले नाही आणि वडिलांची आज्ञा मोडली नाही. स्पष्टीकरण – हा श्लोक ‘कूटश्लोक’ या सुभाषितप्रकाराचे उदाहरण आहे. ‘न तेन’ हा शब्द एकत्र ‘नतेन’ असा वाचला तर ‘त्या नम्र मुलाने’ असा अर्थ होतो. संस्कृत भाषेमधील विभक्तिप्रत्यय व शब्द चमत्कृती येथे दिसून येते.

The father said, “O son, write a letter by my order. He did not write the letter nor did he disobey the father’s order.

Explanation – In this shloka the word has to be read as one word ‘1’ which means ‘by the modest one.’ So, the son who was modest wrote the letter and therefore did not disobey the father’s order. This is an example of a कूटश्लोक.

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श्लोकः – 4

न तस्यादिर्न ……………. स पण्डितः।
श्लोकः : न तस्यादिर्न तस्यान्त; यो मध्ये तस्य तिष्ठति।
तवाप्यस्ति ममाप्यस्ति यो जानाति स पण्डितः ।।4।।
स्पष्टीकरणम् : कूटप्रश्न: अयम्।
अस्य उत्तरम् – तस्य आदिः न , तस्य अन्त:न, तस्य मध्ये यः तिष्ठति (तत्) तव अपि अस्ति, मम अपि अस्ति।

अनुवादः

त्याच्या सुरुवातीला ‘न’, त्याच्या शेवटी ‘न’ वमध्ये ‘य’ आहे. तुझ्याकडेही आहे. माझ्याकडेही आहे. जो जाणतो तो पंडित आहे.
स्पष्टीकरण – हा सुभाषिताचा ‘कूटप्रश्न’ प्रकार आहे. ‘नयन’ हे त्याचे उत्तर आहे. कारण यात ‘न’ हे अक्षर सुरुवातीला आणि शेवटी येते तसेच ‘य’ हे अक्षर मध्ये येते.

It doesn’t have a beginning nor does it have an end and it stays in the middle. You too have it and I too have it, the one who knows this is a scholar. Explanation – This is an example of prahelika where the answer is ‘नयन’ means eye’. ‘न’ is at the beginning ‘न’ is at the end and ‘य’ is in the middle which is ‘नयन’.

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श्लोक: – 5

मृगमीनसज्जनानां ……………… जगति ।।5।।
श्लोकः : मृगमीनसज्जनानां तृणजलसन्तोषविहितवृत्तीनाम्।
लुब्धकधीवरपिशुना निष्कारणवैरिणो जगति ।।5।।

स्पष्टीकरणम् : मृगाः तृणानि खादन्ति। मत्स्या: जले विहरन्ति। साधवः सन्तोषं यच्छन्ति। परम् अस्मिन् जगति लुब्धकाः मृगान् धीवरा: मत्स्यान्
तथा दुष्टा: साधून निष्कारणमेव पीडयन्ति। अत्र यथासङ्ख्य – अलङ्कारः विद्यते।

अनुवादः

हरीण, मासा व सज्जन अनुक्रमे गवत, पाणी व समाधान यांवर जगतात तरीही या जगात अनुक्रमे शिकारी, कोळी व दुर्जन हे विनाकारणच त्यांचे वैरी आहेत.

स्पष्टीकरण – हा श्लोक यथासंख्य अलंकाराचे उदाहरण आहे. या अलंकारात कर्तुपदे, कर्मपदे तसेच क्रियापदे वेगवेगळ्या चरणांत गुंफलेली असतात. प्रस्तुत श्लोकात जगातील एक सत्य गोष्ट – ‘दुर्जनांचे सज्जनांना विनाकारण छळणे’ सांगितली आहे.

Deer, fish, and good people have grass, water, and satisfaction respectively for their livelihood. Yes, in this world, the hunter, fisherman and the wicked for no reason make enmity with these.

Explanation – In the Shloka, we see how the poet has beautifully used यथासंख्य अलंकार where the words मृग, तृण and लुब्धक go together मीन, जल and धीवरgo together and सज्जन, संतोष and पिशुन go together. The thought conveyed in the shloka is that people with bad intention for no reason trouble those who are innocent and who don’t otherwise harm others.

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श्लोकः – 6

गङ्गायाश्चञ्चलतरे ………………. नभस्तलम्।।6।।
श्लोकः : गङ्गायाश्चलतरे वारिणि प्रतिबिम्बितम्।
शोभते तारकायुक्तं शतचन्द्रं नभस्तलम् ।।6।।
स्पष्टीकरणम् । गङ्गायाशजलतरे वारिणि प्रतिबिम्बितम् तारकायुक्तं शतचन्द्र नभस्तलम् शोभते। शतचन्द्र नभस्तलम्। इति काचन समस्या वर्तते। आकाशे चन्द्राणां शतं कथं शक्यते? इत्येषा समस्या।
समस्यापूर्तिः- गङ्गानद्याः जलं कल्लोलयुक्त विद्यते। यदा गगने तारकाः चन्द्रमा: च विलसन्ति तदा चन्द्रमसः शतं प्रतिबिम्बानि गङ्गानद्याः जले दृश्यन्ते । तदा कवि: कल्पनां करोति, ‘नभः शतचन्द्रम्’ इव दृश्यते।

अनुवादः

गंगेच्या चंचल पाण्यामध्ये प्रतिबिंबित झालेले आकाश जणू काही चांदण्यांनी व शेकडो चंद्रांनी युक्त असल्याप्रमाणे शोभून दिसत आहे.
स्पष्टीकरण – ही समस्यापूर्ती आहे. ‘शतचन्द्रं नभस्तलम्’ ही समस्या म्हणजे कोडे आहे. त्याचे उत्तर कवी असे देतो, आकाशात तर शंभर चंद्र असणे शक्य नाही, पण गंगेच्या लाटांवर जेव्हा चांदण्या व चंद्राने भरलेल्या आकाशाचे प्रतिबिंब पडते तेव्हा एकाचवेळी पाण्यात असंख्य चंद्र असल्याचे (पडल्याचे) भासते.

Hundred moons look beautiful along with stars in the sky reflected in the trembling waters of the Ganga.

Explanation – This shloka is an example of समस्यापूर्त where the last part ‘शतचन्द्रं नभस्तलम्’ is given and poets have to compose a shloka to make it meaningful. Now, this is really not possible.

So, to justify this sentence, the poet very beautifully says that the reflection of the moon is seen in the shaking waters of Ganga and this appears as if there are hundreds of moons. The reflection of the moon in the sky with many stars when seen in the trembling river water makes one see hundred moons.

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

श्लोक: – 7

यद्वक्त्रं महरीक्षसे ……………. तप्त तपः ।।7।।
श्लोकः : यद्क्वं मुहुरीक्षसे न धनिनां दूषे न चाटून मृषा
नैषां गर्ववचः शृणोषि न च तान् प्रत्याशया धावसि ।
काले बालतृणानि खादसि परं निद्रासि निद्रागमे
तन्मे बूहि कुरङ्ग कुत्र भवता किं नाम तप्तं तपः ।।7।।

स्पष्टीकरणम् : हे कुरङ्ग, यत् त्वं धनिकानां वक्वं मुहुः न ईक्षसे, मृषा चाटून न दूषे, एषां गर्ववचः न शृणोषि, प्रत्याशया च तान प्रति न धावसि काले बालतृणानि खादसि परं निद्रागमे निद्रासि। तत् मे बूहि, भवता किं नाम तपः तप्तम्? एषा कुरङ्गान्योक्तिः वर्तते। सज्जनान् उद्दिश्य एषा अन्योक्तिः।

अनुवादः

अरे हरिणा ! तू धनिकांचे तोंड पुन्हा पाहत नाहीस, उगाच खोटी स्तुती करीत नाहीस, त्यांचे गर्वपूर्ण बोलणे ऐकत नाहीस. त्यांच्या दिशेने आशेने धावत (जात) नाहीस, योग्यवेळी कोवळे गवत खातोस, झोप आल्यावर झोपतोस! मला सांग बरे असे कोणते तप तू केले आहेस?

स्पष्टीकरण – प्रस्तुत श्लोकामध्ये स्थितप्रज्ञ माणसाविषयी हरणाचे रूपक घेऊन भाष्य केले आहे. ही अन्योक्ती असून हरणाच्या रूपकातून मनस्वी माणसाला कवी विचारत आहे की, त्याने असे काय साध्य केले आहे ज्यामुळे त्याला श्रीमंत माणसांवर अवलंबून रहावे लागत नाही. मनस्वी माणसे साधे पण स्वावलंबी आयुष्य जगतात हे या अन्योक्तीतून कवीला सांगायचे आहे.

Oh deer, tell me what penance has been performed by you because of which you do not have to see the face of the rich again and again, nor speak false pleasing words, you do not have to listen to their words filled with pride, not do you have to run behind them with greed. You eat tender grass at the proper time and sleep when you are sleepy.

Explanation – In this Shloka which is अन्योक्ति, the poet is not just addressing the deer and asking the deer how it has such a carefree life but is actually asking the man who leads a carefree life what has he done to get such a life where he doesn’t have to depend on the rich for everything. Generally, one has to depend on the wealthy for everything and per this he needs to please them. But there are those who lead simple lives and don’t have to do so.

Maharashtra Board Class 9 Sanskrit Aamod Solutions Chapter 14 काव्यशास्त्रविनोदः

सन्धिविग्रहः

  • घटोन – घट: + न।
  • यो मध्ये – यः + मध्ये।
  • गङ्गायाश्चञ्चलतरे – गङ्गायाः + चलतरे।
  • नभस्तलम् – नभः + तलम्।
  • मुहुरीक्षसे – मुहुः + ईक्षसे।
  • तन्मे – तद् + मे।
  • नैषाम् – न + एषाम्।
  • यद्वक्त्रम् – यत् + वक्वम्।

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समानार्थकशब्दाः

  1. तपः – तपस्या।
  2. दानव: – दैत्यः ।
  3. धनी – धनिक्, श्रीमत्, बहुधनः ।
  4. वच: – वाणी, भाषा।
  5. वारि – जलम, तोयम, आपः।
  6. तारका – नक्षत्रम्, तारा, ज्योतिः।
  7. चन्द्रः – हिमांशुः, इन्दुः, विधुः, सुधांशुः, सोमः ।
  8. तृणानि – शष्याणि।
  9. संतोषः – तुष्टिः।
  10. मीन: – मत्स्यः ।
  11. पिशुन: – दुर्जनः।
  12. लुब्धक: – व्याधः।
  13. सज्जनः – सुजनः, सत्पुरुष।
  14. वैरिणः – शत्रवः, रिपवः।
  15. कुरङ्ग – मृगः, हरिणः, सारङ्गः।
  16. पण्डितः – ज्ञानी, विद्वान्।
  17. तातः – पिता, जनक:
  18. पुत्रः – तनयः, सूनुः आत्मजः

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विरुद्धार्थकशब्दाः

  1. मृषा × सत्यम्।
  2. धनी × निर्धनः।
  3. चञ्चलम् × स्थिरम्।
  4. सज्जनः × दुर्जनः।
  5. पिशुनः × सत्पुरुषः।
  6. निष्कारण × सकारण।
  7. वैरी × मित्रम्।
  8. आदिः × अन्तः
  9. पण्डित: × मूढः।
  10. लहिता × अनुसता।
  11. नतः × गर्विष्ठः, उध्दतः।
  12. विपरीत: × सरलः।
  13. सरस: × नीरसः।

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शब्दार्थाः

  1. विपरीत – reverse order – उलट क्रमाने
  2. मुञ्चति – does not leave – सोडत नाही
  3. सरसत्वम् – best qualities – रसिकता, रसाळपणा
  4. साक्षरा: – literate – साक्षर
  5. राक्षसा: – demons – दानव
  6. चेत् – if – जर
  7. वृक्षाग्रवासी – one who resides on top of the tree – वृक्षाच्या टोकावर राहणारा
  8. पक्षिराज: – king of birds, eagle – पक्ष्यांचा राजा, गरुड
  9. त्रिनेत्रधारी: – I having three eyes, Shiva – तीन डोळे असणारा, शंकर
  10. सिद्धयोगी – ascetic – योगी
  11. शूलपाणि: – the one who holds त्रिशूल in hand – त्रिशूलधारी (शंकर)
  12. त्वग्वस्त्रम् – clothes of bark – वल्कल
  13. घट: – pot – घडा
  14. मेघः – cloud – ढग
  15. बिभ्रत् – holds – धारण करणारा
  16. तात: – father – वडील
  17. आज्ञया – by order – आज्ञेवरून
  18. पत्रम् – letter – पत्र
  19. लहिता – crossed – मोडली
  20. आदिः – beginning – सुरुवात
  21. अन्त – end – शेवट
  22. मध्ये – in the middle – मध्ये
  23. जानाति – knows – जाणतो
  24. पण्डित: – intelligent, scholar – हुशार
  25. तिष्ठति – stands – राहते
  26. मृगः – deer – हरीण
  27. सज्जनः – good person – सज्जन
  28. मीन: – fish – मासा
  29. लुब्धकः – hunter – शिकारी
  30. ग्धीवरः – fisherman – कोळी
  31. पिशुन: – wicked – दुर्जन
  32. निष्कारण – without reason – निष्कारण
  33. जगति – in the world – ह्या जगात
  34. वैरिणः – foes, enemies – शत्रु
  35. चञ्चल – unsteady – चंचल, हलणारे
  36. प्रतिबिम्बित – reflected – प्रतिबिंबित झालेले
  37. तारकायुक्त – full of stars – चांदण्यानी युक्त
  38. नभः – sky – आकाश
  39. वक्त्रम् – mouth – तोंड
  40. मुहु – again and again – पुनः पुनः
  41. चाटून् – flatter – स्तुती
  42. मृषा – false – खोटे
  43. गर्ववचः – speech filled with pride – गर्वाने बोलणे
  44. प्रत्याशया – with greed – आशेने
  45. बालतृणानि – grass – कोवळे गवत
  46. ब्रुहि – tell me – सांग
  47. कुरङ्ग – o deer – हे हरिणा
  48. तपः – penance – तप